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सी हू लोंग जिंग

Xīhú lóngjǐng · 西湖龙井

सी हू लोंग जिंग (西湖龙井, Xīhú lóngjǐng) — एक सबसे परसिद्ध चीनी हरियर चाय बा, जे 'दस परसिद्ध चीनी चाय' (中国十大名茶) के सूची में सबसे ऊपर बा। अपना 'चार सिद्धि' — हरियर रंग (色绿), सुगंध (香郁), कोमल स्वाद (味醇) आ सुन्दर आकार (形美) — के साथ ई समतल चाय पच्छिम झील क्षेत्र के चाय संस्कृति के नफासत के मुर्तिमंत करेला आ ई भूगोलीय संकेत…

सी हू लोंग जिंग (西湖龙井, Xīhú lóngjǐng) — एक सबसे परसिद्ध चीनी हरियर चाय बा, जे ‘दस परसिद्ध चीनी चाय’ (中国十大名茶) के सूची में सबसे ऊपर बा। अपना ‘चार सिद्धि’ — हरियर रंग (色绿), सुगंध (香郁), कोमल स्वाद (味醇) आ सुन्दर आकार (形美) — के साथ ई समतल चाय पच्छिम झील क्षेत्र के चाय संस्कृति के नफासत के मुर्तिमंत करेला आ ई भूगोलीय संकेत (地理标志产品) के उत्पाद ह, जेकर सुरक्छा राज्य मानक GB/T 18650 करे ला।

1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:

  • प्रकार: हरियर चाय (बिना किण्वन के)। तली भुनल हरियर चाय (炒青绿茶, chǎoqīng lǜchá) के श्रेणी में आवेला जेकर पत्ती समतल होखे (扁形绿茶, biǎnxíng lǜchá)।

  • श्रेणी: ‘दस परसिद्ध चीनी चाय’ (中国十大名茶, Zhōngguó shí dà míngchá) के सूची में पहिला स्थान पर। भूगोलीय संकेत (地理标志产品, dìlǐ biāozhì chǎnpǐn) के उत्पाद। सन 2008 में एकर उत्पादन तकनीक के चीन के राष्ट्रीय स्तरीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के दोसरका रजिस्ट्री में सामिल कइल गइल, आ सन 2022 में ‘पारम्परिक चीनी चाय उत्पादन तकनीक आ ओकरा से जुड़ल रिवाज’ के नामांकन के तहत यूनेस्को के मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के सूची में सामिल कइल गइल।

  • उत्पत्ति: चीन, झेजियांग प्रांत (浙江, Zhèjiāng), हांगझोउ शहर (杭州, Hángzhōu), पच्छिम झील सीहू (西湖, Xīhú) के आसपास। उत्पादन क्षेत्र सीहू, शियाओशान, युहांग जिला आ हांगझोउ शहर के अउरी 18 प्रशासनिक इकाई सभ के सामिल करेला, जे तीन गो बड़हन क्षेत्र में बँटल बा: सीहू (西湖), च्यानतांग (钱塘) आ युएझोउ (越州)। सिरिफ सीहू क्षेत्र के चाय के पूरा नाँव ‘सी हू लोंग जिंग’ इस्तेमाल करे के अधिकार ह।

  • भूगोलीय निर्देशांक: लगभग 30°15′ उत्तरी अक्छांस, 120°10′ पूरबी देशांतर।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • इतिहास: लोंग जिंग के इतिहास 1200 बरिस से ढेर पुरान बा आ एकरा के एक ठो पुरान मुहावरा ठीक-ठीक बयान करेला: “नाँव सोंग में पड़ल, युआन में परसिद्ध भइल, मिंग में फुलल-फरल, चिंग में पराकाछठा प पहुँचल” (始于宋,闻于元,扬于明,盛于清)। एह क्षेत्र में चाय उत्पादन के पहिला लिखित परमान लू यू (陆羽, Lù Yǔ) के हवे: तांग काल (618–907) में लिखल गइल ‘चाय के ग्रंथ’ (茶经, Chá Jīng) में ऊ हांगझोउ के आसपास तियांझू (天竺) आ लिंगयिन (灵隐) मंदिर में चाय उत्पादन के चरचा करेलें। उत्तरी सोंग काल (960–1127) में एह जगह के चाय ‘शियांगलिन’ (香林茶), ‘बाईयुन’ (白云茶) आ ‘बाओयुन’ (宝云茶) राज दरबार में ‘गोंग चा’ (贡茶, gòngchá — समरपित चाय) के रूप में भेजल जाँय। कवि सू डोंगपो (苏东坡, Sū Dōngpō) हांगझोउ के चाय के आपन कविता में सराहलें। एही उत्तरी सोंग काल में भिक्षु बियांकाई (辩才, Biàncái) लोंगजिंग गाँव के पास शिफेंग (狮峰) पहाड़ी पर चाय के बाग लगवले, जे एह गाँव में चाय उत्पादन के सबसे सुरुआती दसतावेजी रेकार्ड मानल जाला।

    लोंग जिंग के सबसे बड़ परसिद्धि चिंग राजबंस (1644–1912) में मिलल। सम्राट च्यांलोंग (乾隆, Qiánlóng) चारि बेर लोंगजिंग आइल, चाय के कविता लिखलन आ शिफेंग पहाड़ पर हुगोंगमियाओ (胡公庙) मंदिर के पास अठारह गो चाय के झाड़ी सभ के ‘शाही चाय’ (御茶, yùchá) के पद दिहलन — एह झाड़ी सभ के चाय खाली शाही दरबार खातिर होखे।

    आधुनिक काल में लोंग जिंग लगातार परसिद्ध होखत गइल: सन 1915 में एकरा के पनामा-प्रशांत बिस्व प्रदरसनी में सोने के पुरस्कार मिलल। सन 2022 में ‘पारम्परिक चीनी चाय उत्पादन तकनीक आ ओकरा से जुड़ल रिवाज’ (中国传统制茶技艺及其相关习俗) के नामांकन के अंतर्गत सी हू लोंग जिंग के उत्पादन तकनीक के यूनेस्को के मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के सूची में सामिल कइल गइल।

  • नाँव:

    • ‘सी हू’ (西湖) — ‘पच्छिम झील’, चाय के भूगोलीय उत्पत्ति के बतावेला।
    • ‘लोंग जिंग’ (龙井) — ‘ड्रैगन के कुआँ’। कई ठो किंबदंती एह नाँव के बारे में बतावेली सऽ:
      • ड्रैगन के किंबदंती: शिफेंग पहाड़ी के निचला भाग में लोंग जिंग (龙井村, Lóngjǐng Cūn) गाँव में एगो पुरान कुआँ रहे, जेकरा बारे में कहल जाला कि ओह में एगो ड्रैगन रहेला जे बरिसा बोलावे के सक्ती रखत रहे। स्थानीय लोग अकाल के समय में पानी खातिर प्रार्थना करे आवे।
      • पानी के हलचल: एगो अउरी धारना के हिसाब से ई नाँव कुआँ में पानी के असाधारण हलचल से जुड़ल बा: जब पानी हिलावल जाला त सतह प एगो लहरदार डिजाइन बन जाला जे ड्रैगन के हरकत के नियर लागेला।
      • पत्ती के आकार: एगो अउरी ब्याक्खा नाँव के चाय के पत्ती के सुन्दर समतल आकार से जोड़ेला, जे ड्रैगन के शरीर के मोड़ के नियर लागेला।
  • सांस्कृतिक महत्व: लोंग जिंग हांगझोउ आ पूरा झेजियांग प्रांत के परतीक बाटे, ई चीनी साहित्यिक, सौन्दर्यशास्त्रीय आ दार्शनिक परंपरा के अटूट हिस्सा बा। एह चाय के बिदेसी मेहमान लोग के नियमित रूप से राजकीय उपहार के रूप में दिहल जाला। हर साल हांगझोउ में लोंग जिंग के फसल के सुरुआत पर एगो परब होला आ शहर के अनौपचारिक रूप से ‘चाय के राजधानी’ (茶都, chádū) के खिताब मिलल बा।

3. वानस्पतिक बिबरन आ कच्चा माल:

  • किसिम / खेती: सी हू लोंग जिंग के उत्पादन खातिर चाय के झाड़ी Camellia sinensis var. sinensis के कई किसिम के इस्तेमाल होला:

    • लोंगजिंग च्युनतिझोंग (龙井群体种, Lóngjǐng Qúntǐzhǒng) — स्थानीय पारंपरिक किसिम (群体种 — बीया से उगावल जाए वाला)। खराब परिस्थिति के खिलाफ उच्च सहनशक्ति, जटिल बहुस्तरीय सुगंध आ फूल के भरपूर खुसबू देला। तुड़ाई चिंगमिंग (清明, Qīngmíng) के बाद शुरू होला, मतलब अप्रैल के सुरुआत से पहिले ना। जानकार लोग एकर गहिराई आ स्वाद के जटिलता खातिर एकर कदर करेला। एह किसिम के बसंत के चाय में लगभग 3.7% अमीनो अम्ल, 18.5% पॉलिफेनॉल, 12.1% कैटेचिन आ 4.0% कैफीन (सूखल पत्ती में ‘एगो कली, दू गो पत्ती’ के मानक पर) होला।
    • लोंगजिंग 43 (龙井43, Lóngjǐng 43) — क्लोन खेती, जेकरा के चीनी कृषि बिज्ञान अकादमी के चाय अनुसंधान संस्थान बिकसित कइले बा। ई सबसे जलदी (特早生, tè zǎoshēng) तइयार होखे वाला किसिम बा: तुड़ाई मार्च के अंत में शुरू हो जाला। पत्ती एक समान आ सीधा आकार के होली, सुगंध साफ, तेज आ हरियर सेम (豆香, dòuxiāng) के खुसबू होला। आजुकाल्ह ई लोंग जिंग उत्पादन में सबसे बेसी उपजाए जाए वाली किसिम बा।
    • लोंगजिंग चांग ये (龙井长叶, Lóngjǐng Chángyè) — ‘लोंग जिंग के लमहर पत्ती’, एकर पत्ती जादे लमहर होला।
    • जिउकेंग झोंग (鸠坑种, Jiūkēng Zhǒng) — जिउकेंग क्षेत्र के एगो पुरान स्थानीय किसिम, दुर्लभ आ संग्रहकर्ता लोग खातिर कीमती।
  • तुड़ाई: तुड़ाई बसंत के सुरुआत में शुरू होला। चिंगमिंग (清明, Qīngmíng; लगभग 5 अप्रैल) से पहिले तूड़ल चाय सबसे कीमती मानल जाला — अइसन चाय के ‘मिंगच्यान चा’ (明前茶, Míngqián chá) कहल जाला। ई सबसे कोमल कोंपल — पूरा कली भा एगो कली आ एगो बमुश्किल खुलल पत्ती — से बनल होला, एकर सुगंध पातर आ ताजा होला आ ई सबसे उच्च गुणवत्ता के श्रेणी में आवेला। गु यू (谷雨, Gǔyǔ; लगभग 20 अप्रैल) से पहिले तूड़ल चाय — ‘युच्यान चा’ (雨前茶, Yǔqián chá) — एगो कली आ एक भा दू गो पत्ती से बनल होला, एकर स्वाद जादे गाढ़ आ घन होला, साथे साथ कीमत काफी सस्ती होला।

  • तुड़ाई के मानक: परंपरा अनुसार एगो कली आ एक भा दू गो सबसे ऊपर के पत्ती (一芽一叶, yī yá yī yè भा 一芽二叶, yī yá èr yè) तूड़ल जाला। सबसे नीक श्रेणी खातिर — खाली कली आ एगो बमुश्किल खुलल पत्ती, भा फिर खाली कली।

  • कच्चा माल के जरूरत: बहुत ऊँच। खाली कोमल, बिना नोकसान के, एकही आकार के कली आ पत्ती इस्तेमाल होला, मोट पत्ती, डंठल आ मिलावट ना होखे के चाहीं। ताजा तूड़ल कच्चा माल के ओही दिन संसाधित करे के पड़ेला।

4. टेरुआर आ खेती के खासियत:

  • जलवायु: हांगझोउ उपोष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु वाला क्षेत्र में बा। औसत सालाना तापमान — लगभग 16°C, सालाना बरिसा — लगभग 1500 mm, सापेछ नमी — 78% से बेसी। बसंत में ई क्षेत्र अक्सर कुहरा से ढाकल रहेला, दिन-रात के तापमान में 8–12°C के अंतर होला, जे पत्ती में L-थियानाइन (चाय के अमीनो अम्ल) जमा होखे खातिर अनुकूल होला। एह छोट जलवायु के बारे में एगो स्थानीय कहावत बा: “साफ मौसम में — सबेरे-साँझ चारो ओरि कुहरा, बदरी वाला मौसम में — सारा दिन पहाड़ बादर में” (晴时早晚遍地雾,阴雨成天满山云)।

  • खेती के ऊँचाई: समुद्र तल से 100–800 मीटर ऊपर। चाय के बाग लगभग 100–200 मीटर के ऊँचाई पर पहाड़ी ढालन पर बसल बा।

  • माटी: हल्का अम्लीय लाल माटी (红壤, hóng rǎng) pH 4.5–6.0 के साथ, जैविक पदार्थ आ खनिज से भरपूर। माटी के अम्लता आ खनिज संरचना चाय के खास स्वाद प्रोफाइल बनावे में मुख्य भूमिका निभावेला।

  • उत्पादन क्षेत्र आ प्रमुख सूक्ष्म-क्षेत्र (核心产区):

    • शिफेंग शान (狮峰山, Shīfēng Shān) — ‘शेर के चोटी’: लोंग जिंग खातिर सबसे नीक टेरुआर मानल जाला। एह क्षेत्र के चाय के खास रंग बिना पॉलिस के चावल (糙米色, cāomǐ sè) — पीयर-हरियर रंगत, गाढ़ स्वाद आ आर्किड के खुसबू होला।
    • लोंगजिंग चुन / वेंगजियाशान (龙井村/翁家山, Lóngjǐng Cūn / Wēngjiāshān): चाय के ऐतिहासिक उत्पत्ति के जगह। पत्ती समतल, चिकन; स्वाद ताजा, थोर मीठ आ कोमल।
    • मेइजियावू (梅家坞, Méijiāwù): सबसे बड़ चाय गाँव। चाय के रंग पन्ना-हरियर, पत्ती सीधा आ टिकाऊ साफ सुगंध वाला होला।
    • युनची (云栖, Yúnqī): चाय जवना के पत्ती एक समान होला आ सेम के सुगंध उभर के आवेला।
    • हुपाओ (虎跑, Hǔpǎo): चाय जेकर पानी पारदर्शी, हल्का रंग के होला आ मीठ स्वाद देर तक रहेला। स्थानीय हुपाओ झरना के पानी के साथ मिल के ई परसिद्ध ‘हांगझोउ के जुड़वा मोती’ (杭州双绝) बनावेला।

5. उत्पादन तकनीक:

सी हू लोंग जिंग के उत्पादन एगो असली कला ह, जेकरा खातिर बरिसन के अनुभव आ निपुणता के जरूरत होला। अउरी कइयन हरियर चाय सभ के बिपरीत, जे सुई भा सर्पिल में लपटाल होली सऽ, लोंग जिंग के गरम कड़ही के देवाल पर दबा के समतल पत्ती के रूप दिहल जाला। पूरा परकिरिया हाथ से होला, तुड़ाई से ले के अंतिम सुखाई तक।

  • तुड़ाई (采摘 — cǎi zhāi): सबेरे-सबेरे हाथ से तुड़ाई होला। एगो कली आ एक-दू गो पत्ती तूड़ल जाला, एकसमानता आ ताजगी के हिसाब से कच्चा माल के कड़ाई से छाँट के।

  • मुरझाई / बिछाई (摊放 — tān fàng): तूड़ल पत्ती के पातर परत में छाँह में ठंढा जगह प कई घंटा (आमतौर पर 6–12 घंटा) खातिर बिछा के रखल जाला ताकि अतिरिक्त नमी निकल जाए आ सुगंध बिकसित होखे। एह दौरान पत्ती में पानी के मात्रा लगभग 15–20% कम हो जाला।

  • ‘हरियर के मारल’ आ आकार देवल — चिंगुओ (青锅 — qīngguō): मुख्य चरण, जे हरियर ठीक करे (杀青, shāqīng) आ सुरुआती आकार (整形, zhěngxíng) के एक साथ जोड़ेला। पत्ती के 70–80°C तापमान पर गरम लोहा के कड़ही में भूनल जाला। कारीगर हाथ से पत्ती के कड़ही के पेंदा आ देवाल पर दबा के बिसेस समतल रूप देवेला। एह चरण में एंजाइम सभ के आक्सीकरण रुक जाला आ ताजा सुगंध स्थिर हो जाला।

  • नमी वापस आवल — हुईचाओ (回潮 — huícháo): सुरुआती भुनाई के बाद अधपाका माल के ढेरी में जमा के कुछ समय खातिर छोड़ दिहल जाला। डंठल के नमी पत्ती के सतह पर दोबारा फइल जाला, कुल नमी एक समान हो जाला आ पत्ती अगिला संसाधन खातिर जादे लचीली हो जाला।

  • अंतिम भुनाई आ सुगंध निखारल — हुईगुओ (辉锅 — huīguō): कम तापमान — 60°C से नीचे — पर अंतिम भुनाई। एह चरण में अंतिम स्वाद आ सुगंध बनेला: पत्ती चिकन, चमकदार आ घन हो जाला। ठीक एही जगह कारीगर दस गो परंपरागत हाथ के तरीका (十大手法, shí dà shǒufǎ) के नियंत्रित करत सबसे ऊँच निपुणता देखावेला: ‘हिलावल’ (抖, dǒu), ‘रखल’ (搭, dā), ‘दबावल’ (捺, nà), ‘झटकारल’ (甩, shuǎi), ‘धकेलल’ (推, tuī), ‘दबा के पकड़ल’ (扣, kòu), ‘फइलावल’ (拓, tuò), ‘बल देवल’ (压, yā), ‘रगड़ल’ (磨, mó), ‘मरोड़ल’ (搓, cuō)। पूरा परकिरिया में जरा के गंध से पूरा तरह बचल जरूरी बा — जरा के जरा सी गंध भी दोष मानल जाला।

  • छानल (分筛 — fēn shāi): तइयार चाय के छान के आकार के हिसाब से अलग कइल जाला आ चाय के चूरा निकालल जाला।

  • एक सरहा करल आ बारीक काम (挺长头 — tǐng chángtóu): जादे बड़हन कण सभ के डबल-डबल करे खातिर कड़ही में लउटा दिहल जाला।

  • बैच एकट्ठा करल (归堆 — guīduī): एक सरहा कण सभ के मिला के ब्यापारिक पैमाना पर स्थिर गुणवत्ता हासिल कइल जाला।

  • ‘राख गरहन करल’ — बिना बुझल चूना से रखल (收灰 — shōuhuī): आखिरी चरण — तइयार चाय के माटी के बरतन में बिना बुझल चूना (生石灰) के साथ रख के लगभग एक हफ्ता खातिर रखल जाला। चूना बचल-खुचल नमी आ ‘आग के स्वाद’ (火气, huǒqì) के खींच लेवेला, जेकरा से सुगंध साफ आ पातर हो जाला। ई लोंग जिंग खातिर बिसेस परंपरागत तरीका ह।

6. ऑर्गेनोलेप्टिक बिसेसता सब:

  • सूखल पत्ती के बाहरी रूप: समतल, चिकन, एक सरहा, नोकीला पत्ती, जे ‘गौरइया के जीभ’ (雀舌, quèshé) भा ‘तलवार के धार’ के नियर लागेला। आकार एक समान, पत्ती सीधा आ तेज (挺直尖削)। रंग — चमकदार कोमल हरियर (嫩绿光润) से ले के खास पीयर-हरियर ‘बिना पॉलिस के चावल’ (糙米色, cāomǐ sè) तक — आखिरी वाला शिफेंग पहाड़ी के चाय खातिर खास तौर पर बिसेस बा। पत्ती के सतह चिकन, हल्का तेलिय चमक हो सकेला।

  • सूखल पत्ती के सुगंध: ताजा, साफ, हरियर सेम के फूल के बिसेस सुगंध (豆花香, dòuhuā xiāng) — ताजा मटर के फली भा हरियर सेम के याद दियावेला। बसंत के चाय के ऊँच श्रेणी में — कोमल चेस्टनट के सुगंध (嫩栗香, nèn lì xiāng)। आर्किड के याद दियावे वाला हल्का फूल के सुगंध हो सकेला (शिफेंग पहाड़ी के चाय खातिर)। परंपरागत तकनीक तेज ‘आग’ के सुगंध के अनुमति ना देला।

  • पानी के सुगंध: साफ, टिकाऊ, ताजा। ओही सुगंध के परधानता — सेम के फूल के सुगंध, कोमल हरियर मिठास, हल्का चेस्टनट जइसन भुनाई। शिफेंग क्षेत्र के चाय में — आर्किड के खुसबू साफ झलकेला। सुगंध हर बेर पानी डालले पर धीरे-धीरे खुलत जाला।

  • स्वाद: गाढ़, बाकिर नाजुक। ताजगी (鲜爽, xiānshuǎng) महसूस होला — ‘उमामी’ के बिसेस सुगंध, जवन अमीनो अम्ल के उच्च मात्रा के कारन होला। कोमल, लपटावे वाला मिठास (甘醇, gānchún — ‘मधुर कोमलता’) के साथ मीठ स्वाद। बीच के देह, संतुलित (醇厚, chúnhòu — ‘गाढ़ कोमलता’), बिना उग्र कसैलापन के। स्वाद देर तक रहेला, ताजा करेला, मिठास लउटत (回甘, huígān)। स्वाद के गुलदस्ता में भूनल चेस्टनट, ताजा हरियरी, आर्किड के सुगंध के अंतर कइल जा सकेला।

  • पानी के रंग: हल्का हरियर, साफ आ पारदर्शी, कोमल पीयर-हरियर रंगत (嫩绿明亮) के साथ। ऊँच श्रेणी के चाय में — बिलकुल स्फटिक जइसन पारदर्शी, ‘जीवंत’।

  • चाय के पैंदी (भीजल पत्ती): एक सरहा, पूरा, लचीली हल्का हरियर रंग के पत्ती आ कली, ‘एगो कली — एगो पत्ती’ के रूप बचल होला। पत्ती कोमल, एक समान, बिना नोकसान के।

7. रासायनिक संरचना:

सी हू लोंग जिंग में जैविक रूप से सक्रिय पदार्थ सभ के उच्च मात्रा के खासियत होला। रासायनिक प्रोफाइल खेती के किसिम, तुड़ाई के मौसम आ संसाधन तकनीक पर निर्भर करेला, फिर भी बिसेस परिमान दिहल जा सकेला:

  • पॉलिफेनॉल (कैटेचिन): चाय के पॉलिफेनॉल के मात्रा सूखल भार के लगभग 13–20% होला। मुख्य घटक — एपीगैलोकैटेचिन गैलेट (EGCG), जे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण देवेला। च्युनतिझोंग किसिम में कैटेचिन के मात्रा लगभग 12.1% बा। सुरुआती बसंत के तुड़ाई आ कोमल तकनीक के कारन, पॉलिफेनॉल आ अमीनो अम्ल के अनुपात (酚氨比, fēn’ān bǐ) मध्यम रूप से कम रहेला, जे बिना उग्र कड़वाहट के बिसेस कोमल मिठास सुनिस्चित करेला।

  • अमीनो अम्ल: उच्च मात्रा — 4.46% तक (चीन के 20 परसिद्ध हरियर चाय सभ पर भइल अध्ययन के हिसाब से — अध्ययन कइल गइल नमूना सभ में सबसे ढेर)। L-थियानाइन (茶氨酸, chá’ānjīsuān) के परधानता ह, जे अमीनो अम्ल प्रोफाइल के 50% से बेसी होला। ठीक L-थियानाइन ताजगी, ‘उमामी’ आ कोमल आरामदायक असर खातिर जिम्मेदार होला।

  • एल्केलॉइड: कैफीन के मात्रा — सूखल भार के लगभग 4.0–4.8% (बैज्ञानिक प्रकासन के हिसाब से — 4.81% तक, चीनी हरियर चाय सभ में से सबसे ढेर आँकड़ा में से एगो)। थियोब्रोमिन आ थियोफिलिन भी कम मात्रा में मौजूद होला।

  • बिटामिन: बिटामिन C — 100–300 mg प्रति 100 g सूखल चाय (‘एगो कली — एगो पत्ती’ मानक के ताजा पत्ती में — 1% से बेसी)। बिटामिन B समूह: B₁ (थायामिन) — ≈0.5 mg/100 g, B₂ (राइबोफ्लेविन) — ≈1.5 mg/100 g, B₃ (पैंटोथेनिक अम्ल) — ≈1.8 mg/100 g, PP (निकोटिनिक अम्ल) — ≈6.5 mg/100 g। एकरे अलावा बिटामिन A, बिटामिन E, फोलिक अम्ल भी होला।

  • खनिज: फ्लोरीन (दाँत के इनेमल के सुरक्षा खातिर), पोटैशियम, मैग्नीशियम, जिंक, लोहा, मैंगनीज, सेलेनियम।

  • आवश्यक तेल आ अउरी घटक: भाप बन के उड़े वाला सुगंधित यौगिक सभ में लिनालूल, गेरानियोल आ अउरी टरपेनॉइड सामिल बा, जे बिसेस फूल-सेम के गुलदस्ता बनावेला। पानी में घुलनिहार शक्कर आ पेक्टिन भी होला, जे पानी के कोमल ‘देह’ देवेला।

  • टिप्पणी: परिमान खेती के किसिम, तुड़ाई के मौसम, बगीचा के ऊँचाई आ संसाधन तकनीक प बहुत निर्भर करेला। च्युनतिझोंग के बसंत चाय में आमतौर पर सबसे ढेर अमीनो अम्ल आ सबसे संतुलित प्रोफाइल होला।

8. फायदेमंद गुण:

  • शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट असर: कैटेचिन, खासकर EGCG, मुक्त मूलक सभ के प्रभावी ढंग से बेअसर करेला, आक्सीकरण तनाव आ कोशिका के बुढ़ाई के परकिरिया के धीमा करेला।

  • टॉनिक असर आ संज्ञानात्मक कार्य में सुधार: कैफीन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के उत्तेजित करेला, एकाग्रता, काम करे के क्षमता आ प्रतिक्रिया के गति बढ़ावेला। एकरे साथे L-थियानाइन कैफीन के असर के नरम कर देला, जेकरा से एगो कोमल, एकसार ऊर्जा के बढ़ती मिलेला जेकरा में तेज उतार-चढ़ाव ना होखे।

  • हृदय-रक्त वाहिका तंत्र के मजबूत बनावल: पॉलिफेनॉल आ बिटामिन C ‘खराब’ कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर के कम करे में मदद करेला, रक्त वाहिका के देवाल के मजबूत करेला आ रक्तचाप के सामान्य बनावेला।

  • पाचन में सुधार: पाचक एंजाइम सभ के स्राव के उत्तेजित करेला, प्रोटीन आ वसा के टूटे में मदद करेला, खाना के बाद पेट भारी लागल पर मददगार होला।

  • एंटीबैक्टीरियल असर: चाय के पॉलिफेनॉल आ टैनिन रोगजनक जीवाणु सभ के बाढ़ के रोकेला, साँस के ताजा करेला (मुँह के बदबू दूर करेला)।

  • चयापचय के समर्थन आ वजन नियंत्रण: कैफीन आ कैटेचिन चयापचय के तेज करेला आ वसा के टूटे में मदद करेला।

  • मूत्रवर्धक असर: थियोब्रोमिन आ थियोफिलिन हल्का मूत्रवर्धक असर करेला, अतिरिक्त तरल पदार्थ के निकासी में मदद करेला।

  • दाँत के सुरक्षा: मौजूद फ्लोरीन दाँत के इनेमल के मजबूत करेला आ दाँत के सड़न के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ावेला।

  • महत्वपूर्ण: सूचीबद्ध गुण हरियर चाय के संरचना के बारे में आम उपलब्ध आँकड़ा पर आधारित बा आ ई कोनो चिकित्सकीय सलाह ना ह।

9. बनावे के तरीका:

  • पानी के तापमान: 80–90°C (ऊँच श्रेणी खातिर सिफारिश — 85°C; उबाल के लगभग ~2 मिनट तक ठंढा होखे दिहल पानी इस्तेमाल करीं)। पानी बहुत ढेर उबलल ना होखे के चाहीं — जादे गरमी नाजुक सुगंध के नष्ट कर देला आ कड़वाहट बढ़ा देला।

  • चाय के मात्रा: 3 ग्राम प्रति 150 मिली पानी।

  • बर्तन: काँच के गिलास (玻璃杯, bōli bēi) — पानी में पत्ती के ‘नाच’ देखे खातिर सबसे नीक बिकल्प। एकरे अलावा सफेद चीनी माटी के गाइवान (白瓷盖碗, bái cí gàiwǎn) 150 मिली मात्रा के भी उपयुक्त बा — ई भीजे के समय के बेसी सटीकता से नियंत्रित करे आ सुगंध के बेहतर आकलन करे के अवसर देवेला।

  • परकिरिया:

    1. बर्तन के गरम पानी से गरम कर लीं, फेंक दीं।
    2. गिलास भा गाइवान में 3 ग्राम चाय डालीं।
    3. मात्रा के 1/3 हिस्सा तक पानी डालीं — बर्तन के हल्का हिला के चाय के ‘भिगो लीं’ (润茶摇香, rùnchá yáoxiāng) आ सुगंध के पहिला सुर खोल लीं।
    4. मात्रा के 7/10 हिस्सा तक पानी डाल दीं।
    5. पहिला बेर भिगो के — 1–2 मिनट।
    6. हर अगिला बेर पानी डालला प — समय 30 सेकंड बढ़ा दीं। चाय 3 पूरा बेर पानी डालला के झेल लेला।
  • टिप्पणी: नया चाय (ताजा फसल) के सेवन से पहिले 1–2 हफ्ता तक रख देवे के सलाह दिहल जाला, ताकि भुनाई के ‘आग के स्वाद’ (火气) निकल जाए — ई पेट पर बोझ कम करेला। खाली पेट कड़क लोंग जिंग पीए के सलाह ना दिहल जाली। ठंढा होख गइल पानी में हल्का धुँधलापन (茶乳凝, chá rǔ níng — ‘चाय के दूधिया तलछट’) एगो सामान्य भौतिक परघटना ह, जे गुणवत्ता के परभावित ना करेला।

10. भंडारण:

  • हवा बंद डिब्बा — चीनी माटी, काँच भा टीन के डिब्बा — में सूखा, ठंढा आ अँधेरा जगह प, तेज गंध से दूर रखीं।
  • भंडारण के सबसे नीक तापमान — 0–5°C (फ्रिज), अलग से खाना वाला जगह, तेज गंध वाला चीज सभ के संपर्क से बचत। बसंत के हरियर चाय सभ के ताजगी बचावे खातिर कम तापमान बहुत जरूरी बा।
  • रोसनी, नमी आ गरमी — हरियर चाय के मुख्य ‘दुसमन’ — से बचावे के चाहीं।
  • परंपरागत तरीका: नमी नियंत्रण खातिर बिना बुझल चूना (भा सिलिका जेल) के साथ माटी के बरतन में भंडारण। चूना के हर 1–2 महीना में बदल देवे के चाहीं; सिलिका जेल के रंग बदलला के बाद बदलीं (सुखा के दोबारा इस्तेमाल कइल जा सकेला)।
  • शर्त अनुसार भंडारण के अवधि — 18 महीना तक, बाकिर अधिकतम आनंद खातिर तुड़ाई के 6–8 महीना के भीतर सेवन करे के सलाह दिहल जाला।

11. कीमत आ नकली:

सी हू लोंग जिंग — दुनिया के सबसे महँग चाय सभ में से एगो ह। कीमत कई ठो मुख्य कारक से तय होला: उत्पादन क्षेत्र (सीहू के मूल क्षेत्र के चाय च्यानतांग आ युएझोउ क्षेत्र के चाय से 30% या बेसी महँग होला), तुड़ाई के समय (मिंगच्यान चा युच्यान चा से कइयन गुना महँग होला), खेती के किसिम (च्युनतिझोंग के कीमत लोंगजिंग 43 से बेसी होला), हाथ या मसीन से संसाधन, आ गुणवत्ता के वर्ग। सीहू क्षेत्र में चाय के बाग के रकबा खाली लगभग 1524 हेक्टेयर बा, जे असली सी हू लोंग जिंग के उत्पादन मात्रा के बहुत सीमित कर देला।

  • नकली से कइसे बचीं:

    • जाँचल-परखल बेचे वाला से खरीदीं, जे गुणवत्तापूर्ण चीनी चाय में बिसेसज्ञ होखसु, आ भूगोलीय संकेत के होलोग्राम के बिसेस कोड से मिलान करसु (असलियत के जाँच खातिर स्कैन होला)।
    • बाहरी रूप के आकलन करीं: असली उच्च गुणवत्ता वाला लोंग जिंग के आकार एक सरहा समतल होला, पत्ती साबुत, बहुत चूरा ना होखे। बिना पीयर रंगत के चमकीला हरियर रंग सीहू क्षेत्र से बाहर के चाय या मसीन उत्पादन के संकेत दे सकेला।
    • सुगंध के आकलन करीं: असली लोंग जिंग के सुगंध ताजा हरियरी आ सेम जइसन होला, बिना तेज बाहरी सुगंध आ ‘रासायनिक’ गंध के।
    • पानी के आकलन करीं: साफ, पारदर्शी, हल्का हरियर। धुँधला भा फीका पानी संदेह के कारन ह।
    • कीमत पर धियान दीं: संदिग्ध रूप से कम कीमत नकली के पक्का चीन्हा ह। जदि ‘सी हू लोंग जिंग’ आम चाय के कीमत पर बेचल जात होखे — त ई लगभग तय बा कि ई बाहरी उत्पादन क्षेत्र के भा पूरा तरह से दोसर क्षेत्र के चाय होखी।
    • बजार में आवे के समय: मूल क्षेत्र के असली सी हू लोंग जिंग मार्च के 20 तारीख से पहिले ना आवेला। मार्च के सुरुआती दिनन में ‘सीहू’ लेबल वाला ‘पहिला तुड़ाई’ — लगभग तय बा कि ई च्यानतांग भा युएझोउ क्षेत्र के चाय होखी।

12. दिलचस्प तथ्य:

  • शिफेंग पहाड़ी (शेर के चोटी) पर हुगोंगमियाओ मंदिर के पास च्यांलोंग सम्राट से पावल ‘शाही’ अठारह गो चाय के झाड़ी आजुओ बढ़त बा आ पाथर के बाड़ से घेराइल बा। एह झाड़ी सभ के चाय बेचल ना जाला — ई परतीक आ पर्यटक आकर्षण बनल बा।

  • लोंग जिंग के भुनाई के परंपरागत ‘दस हाथ के तरीका’ पीढ़ी दर पीढ़ी गुरु से चेला के सौंपल जाला। सबसे नीक कारीगर एक बेर में (लगभग 40–50 मिनट गरम कड़ही पर लगातार हाथ से काम) लगभग 250 ग्राम तइयार चाय भून सकेला। एगो अनुभवी कारीगर एक दिन में 2–2.5 किलो से बेसी तइयार चाय ना बना सकेला।

  • हांगझोउ में चीन के राष्ट्रीय चाय संग्रहालय (中国茶叶博物馆, Zhōngguó Cháyè Bówùguǎn) स्थित बा — देश के अकेल राजकीय संग्रहालय जे चाय संस्कृति के समरपित बा, एकर दू गो परिसर: शुआंगफेंग आ लोंगजिंग बा।

  • हुपाओ झरना (虎跑泉, Hǔpǎo Quán) के पानी के साथ लोंग जिंग के संयोजन के ‘हांगझोउ के जुड़वा मोती’ (杭州双绝) कहल जाला — ई चीनी चाय संस्कृति में सबसे परसिद्ध खान-पान के संयोजन सभ में से एगो बा।

  • मानक GB/T 18650-2008 के अनुसार वर्गीकरण प्रणाली के तहत लोंग जिंग छह गो गुणवत्ता स्तर में बँटल बा: ‘सर्वोच्च’ (特级, tèjí) से ‘पाँचवाँ’ (五级) तक। सी हू लोंग जिंग खातिर उद्योग मानक GH/T 1115-2015 के तहत ‘जिंगपिन’ (精品, jīngpǐn) — ‘श्रेष्ठ कृति’ श्रेणी जोड़ल गइल, जे सर्वोच्च वर्ग से ऊपर बा, सबसे सुरुआती आ कोमल कोंपल से बनल होला।

13. दोसर परसिद्ध चीनी हरियर चाय सभ से तुलना:

  • बी लुओ चुन (碧螺春, Bìluó Chún): जियांगसू प्रांत से। लोंग जिंग के समतलता के बिपरीत, ई कसके सर्पिल में लपटाल होला आ एकरा में बहुत रोम होला। सुगंध जादे फूल-फल वाली, स्वाद — मीठ आ कोमल, फल के उभरल सुर के साथे। लोंग जिंग — जादे ‘संरचनात्मक’, चेस्टनट के भुनाई के साथ।

  • हुआंगशान माओ फेंग (黄山毛峰, Huángshān Máo Fēng): आनहुई प्रांत से। पत्ती ‘चिरई के जीभ’ के आकार में लपटाल होला आ एकरा में बहुत सफेद रोम होला। सुगंध जादे कोमल आ फूल जइसन, स्वाद — नाजुक आ लतीफ, लोंग जिंग से कम गाढ़। लोंग जिंग जादे ‘उमामी’ सुर आ चेस्टनट के स्वाद के साथ अलग बा।

  • लिउआन गुआ प्यान (六安瓜片, Liù’ān Guā Piàn): आनहुई प्रांत से। खासियत ई बा कि ई खाली पत्ती से बनल होला, बिना कली आ डंठल के। आकार — समतल ‘कद्दू के बीया’। सुगंध गाढ़, घास जइसन; स्वाद गाढ़ आ घन, भूनल बीया के सुर के साथे। लोंग जिंग — जादे पातर आ ताजा।

  • ताईपिंग होउ कुई (太平猴魁, Tàipíng Hóu Kuí): आनहुई प्रांत से। बड़हन समतल पत्ती (परसिद्ध हरियर चाय सभ में सबसे बड़) के साथ अलग बा। स्वाद — उभरल आर्किड सुगंध आ गहिर, थोर घास जइसन स्वाद। लोंग जिंग — जादे संघन आ सुगंध में ‘सेम’ वाला।

  • आनजी बाई चा (安吉白茶, Ānjí Bái Chá): झेजियांग प्रांत से। नाँव में ‘सफेद’ शब्द के बावजूद, हरियर चाय सभ में आवेला। अलबिनो कोंपल से बनल होला जेकरा में अमीनो अम्ल के बहुत ढेर मात्रा (6–7%) होला। स्वाद — चमकीला-मीठ, उभरल ‘उमामी’ के साथ। लोंग जिंग के प्रोफाइल चेस्टनट-सेम के जादे जटिल बा, जबकि आनजी बाई चा — पूरा तरह से ‘मीठ ताजगी’।

निचोड़:

सी हू लोंग जिंग खाली एगो पेय ना ह, बलुक एगो जीवित सांस्कृतिक विरासत ह, जेकरा के बिस्व के सबसे ऊँच स्तर पर मान्यता मिलल बा। एकर समतल जेड जइसन पत्ती में हांगझोउ के चाय शिल्पकार सभ के सदियन के निपुणता, पच्छिम झील के अनोखा छोट जलवायु आ आदमी आ प्रकृति के बीच सामंजस्य के दर्शन समाहित बा। ताजा सेम-चेस्टनट के सुगंध, देर तक लउटे वाला मीठ स्वाद के साथ कोमल मधुरता आ स्फटिक नियर पारदर्शी हरियर रंग के पानी — ई सब लोंग जिंग के ओह लोग खातिर आदर्श पसंद बनावेला जे हरियर चाय के प्याला में सफाई आ नफासत के तलास करेला। एके कोमल पानी से बनाईं, जादे गरम ना होखे दीं आ जलदबाजी ना करीं — आ ई चाय आपके ओह शांत सुन्दरता के दरसन कराई जेकर सदियन से चीनी कवि आ सम्राट सभ परसंसा करत रहे लोग।