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तिए लुओहान
Tiě luóhàn · 铁罗汉
तिए लुओहान के उत्पादन एगो जटिल प्रक्रिया बा, जवना में बड़ा कौशल के जरूरत पड़े ला। एह में ऊलोंग चाय बनावे के पारंपरिक चरण अव् वूईशान ऊलोंग के खासियत, खासकर **कोयला पर लमहर भुन्नाई** सामिल बा।
- प्रकार: गजब किण्वित ऊलोंग (गहीर ऊलोंग), आमतौर पर मध्यम भा तगड़ा भुन्ने के स्तर वाला।
- श्रेणी: चीन के प्रसिद्ध चाय, वूई पर्वत के “चार गो महान झाड़ी” (四大名枞, Sì Dà Míng Cōng) में सामिल, साथे दा होंग पाओ (大红袍), बाई जी गुआन (白鸡冠) अव् शुई जिन गुई (水金龟)।
- उत्पत्ति: चीन, फ़ूजियान प्रांत (福建, Fújiàn), वूईशान पर्वत (武夷山, Wǔyí Shān), वूईशान शहरी इलाका। यूनेस्को द्वारा संरक्षित आरक्षित क्षेत्र में उपजल बा। सबसे कीमती चाय उहाँ के बा जवन “झेंग यान” (正岩, Zhèng Yán) – “असली चट्टान” जोन में उगावल जाला।
- भूगोलीय निर्देशांक: 27°43’ उत्तरी अक्षांश, 117°41’ पूर्वी देशांतर।
2. इतिहास अव् सांस्कृतिक महत्व:
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इतिहास: तिए लुओहान सबसे पुरान चट्टानी ऊलोंग में से एक बा। मानल जाला कि ई सोंग राजवंश (960-1279 ई.) के समय पहिलहीं जानल जात रहे, संभवतः एकरा से पहिलहूँ।
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दंतकथा: चाय के नाँव से कई गो कथा जुड़ल बाड़ी सन। एक कथा क हाला कि ई चाय पहिला बेर एगो साधु पावल रहले जे वूई पर्वत में मार्शल आर्ट के अभ्यास करत रहले। उ साधु एतना मजबूत अव् सहनशील रहले जेतना अर्हत (बौद्ध धर्म में अर्हत – उ व्यक्ति जे पूर्ण मुक्ति प्राप्त कइले होखे), अव् जवन चाय उ पियत रहले ओकरा के अउरी ताकत मिलत रहे। एक ठो दोसर कथा के अनुसार, चाय के नाँव एकर पतई के गहीर रंग अव् घन बनावट से जुड़ल बा, जवन लोहा के याद दियावे ला।
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नाँव:
- “तिए” (铁) – लोहा, लोहीय। ई ताकत, मजबूती अव् संभवतः पतई के गहीर रंग के ओर इशारा करे ला।
- “लुओहान” (罗汉) – अर्हत, बुद्ध के प्रबुद्ध शिष्य, जे उच्च आध्यात्मिक विकास पावल होखे अव् अलौकिक क्षमता वाला होखे। लाक्षणिक रूप में – मजबूत, शक्तिशाली आदमी।
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सांस्कृतिक महत्व: तिए लुओहान के वूईशान ऊलोंग में से सबसे “मरदाना” अव् मजबूत मानल जाला। एकर शक्तिशाली स्वाद, स्पष्ट “चट्टानी” चरित्र (“यान युन”), कई बेर पकावे के क्षमता अव् जोरदार टॉनिक प्रभाव खातिर एकर बहुत आदर बा।
3. वानस्पतिक विवरण अव् कच्चा माल:
- किसिम: तिए लुओहान बनावे खातिर एकही नाँव के चाय झाड़ी के किसिम इस्तेमाल होला – तिए लुओहान (铁罗汉, tiě luóhàn)। ई किसिम के खासियत बा:
- मध्यम आकार के पतई: तिए लुओहान के पतई मध्यम आकार, अंडाकार होला।
- गहिरा हरियर रंग के पतई: पतई गाढ़ गहिरा हरियर होला, कबो-कबो लाल रंग के झलक लिहले।
- पतई के घन बनावट: पतई के पट्टी घन, चमड़ा नियर होला।
- तीखा सुगंध: तिए लुओहान किसिम के अलगे तेज, खास सुगंध होला।
- तोड़ाई: तोड़ाई बसंत में, आमतौर पर अप्रैल के अंत – मई के सुरुआत में होला।
- तोड़ाई के मानक: कली अव् ऊपर के दू-तीन गो पतई तूड़ल जाला।
- कच्चा माल के जरूरत: बहुत ऊँच, खाली स्वस्थ, बिना नोकसान के पतई इस्तेमाल होला।
4. टेरुआर अव् खेती के खासियत:
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वूईशान पर्वत: एगो अनोखा पर्वत श्रृंखला, जवन लाल बलुआ पत्थर से बनल बा, एकर खास “चट्टानी” भूदृश्य बा। चाय के झाड़ी चट्टान के दरार में, छोट-छोट जमीन के टुकड़ा पर उगे लीं, जवना के चारो ओर पर्वत चोटी, नदी अव् झरना बाड़ी सन। माटी खनिज से भरपूर होला, जवन चाय के “चट्टानी” चरित्र (“यान युन”) देला।
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उगे के ऊँचाई: समुंद्र तल से 600-1000 मीटर अव् ओकरा से ऊपर।
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माटी: वूईशान के पहचान एकर अनोखा माटी (“झेंग यान” – “असली चट्टान” के माटी) बा। लाल माटी, खनिज से भरपूर, बलुआ पत्थर अव् बजरी के मिलावल। ई पानी के बढ़ियाँ निकास करे ले अव् चाय के खास “खनिजीय” स्वाद देला, जेकरा के “यान युन” (岩韵, yányùn) – “चट्टान के संगीत” भा “चट्टानी धुन” कहल जाला।
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जलवायु: उपोष्ण मानसूनी, गरम जाड़ा अव् गर्मी। अधिक नमी, बहुत बरखा, लगातार कुहासा जवन चाय के झाड़ी के तपत धूप से बचावे ला अव् पतई में सुगंधित पदार्थ जमा करे में मदद करे ला।
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“झेंग यान” (正岩, Zhèng Yán): “असली चट्टान” – आरक्षित क्षेत्र के दिल, जहाँ मानल जाला सबसे नीक तिए लुओहान पैदा होला। ई संकरी घाटी हईं जहाँ सीधा खड़ा चट्टान बाड़ी सन, अव् चाय के झाड़ी दरार में, जमीन के छोट-छोट टुकड़ा पर उगे लीं। इहाँ उगे के हालात सबसे कठिन बा, चीनी लोग के मुताबिक एही से चाय के खास मूल्य मिले ला। “झेंग यान” में खास जगह जहाँ ऐतिहासिक रूप से तिए लुओहान उपजल – ई बा हुई युआन यान (慧苑岩), निउ लान केंग (牛栏坑) अव् दा केंग कोउ (大坑口).
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“बान यान” (半岩, Bàn Yán): “आधा चट्टान” – “झेंग यान” के आसपास के इलाका, जहाँ खेती के हालात थोड़ा कम चरम बाड़े, लेकिन फिर भी काफी कठिन बा।
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“झोउ चा” (洲茶, Zhōu Chá): “द्वीप के चाय” – आरक्षित क्षेत्र से बाहर मैदानी भाग पर उगावल चाय। ई सबसे कम कीमती मानल जाला।
5. उत्पादन तकनीक:
तिए लुओहान के उत्पादन एगो जटिल प्रक्रिया बा, जवना में बड़ा कौशल के जरूरत पड़े ला। एह में ऊलोंग चाय बनावे के पारंपरिक चरण अव् वूईशान ऊलोंग के खासियत, खासकर कोयला पर लमहर भुन्नाई सामिल बा।
- तोड़ाई (采摘 - cǎi zhāi): ऊपर बतावल गइल बा।
- मुरझाई (萎凋 - wěidiāo): तोड़ल पतई के खुला हवा में (धूप भा छाँह में मुरझाई) भा घर के भीतर कई घंटा खातिर पसारल जाला। मुरझाई के प्रक्रिया काफी लमहर हो सके ला।
- हिलाई-डुलाई (摇青 - yáo qīng): पतई के बाँस के ट्रे पर धीरे से हिलावल-डुलावल जाला ताकि ऑक्सीकरण शुरू हो सके। ई चरण कई बेर दोहरावल जाला, बीच में पतई के “आराम” दिहल जाला।
- किण्वन (发酵 - fājiào): ऑक्सीकरण के प्रक्रिया जवन हिलाई-डुलाई अव् “आराम” के दौरान होला। तिए लुओहान गजब किण्वित ऊलोंग में आवे ला, लेकिन किण्वन के स्तर उत्पादक अव् चाय के खास खेप के हिसाब से बदल सके ला।
- “हरियर के मारल” (杀青 - shā qīng): उच्च ताप पर भुन्नाई के जरिये किण्वन प्रक्रिया रोकल।
- बटोराई (揉捻 - róuniǎn): पतई के लमहर मरोड़ल पट्टी के आकार दिहल जाला।
- सुखाई (烘干 - hōnggān): नमी हटावे खातिर सुरुआती सुखाई।
- कोयला पर भुन्नाई (焙火 - bèihuǒ): वूईशान ऊलोंग, जवना में तिए लुओहान भी सामिल बा, के उत्पादन के प्रमुख चरण में से एक। चाय के धीरे-धीरे सुलगत कोयला के ऊपर खास टोकरी में भुनेल जाला। ई प्रक्रिया कई घंटा भा एकरा से भी ढेर दिन चल सके ला, अव् तापमान अव् समय के ध्यान से नियंत्रित कइल जाला। कोयला पर भुन्नाई से तिए लुओहान के खास “धुआँ-नियर” सुगंध अव् “आगिल” स्वाद मिले ला, अव् भंडारण के समय एकर परिपक्व होखे में मदद करे ला। भुन्नाई के स्तर अलग-अलग हो सके ला, मध्यम से तगड़ा तक।
- छँटाई (分级 - fēnjí): तैयार चाय के आकार अव् गुणवत्ता के हिसाब से छाँटल जाला।
- आराम: भुन्नाई के बाद चाय कुछ समय खातिर “आराम” करे ले ताकि स्वाद अव् सुगंध संतुलित हो सके।
- दोबारा भुन्नाई: कबो-कबो दोबारा, हल्का भुन्नाई कइल जाला।
6. ऑर्गेनोलेप्टिक विशेषता:
- सूखल पतई के बाहरी रूप: बड़, लमहर मरोड़ल पतई, गहिरा भूरा, लगभग करिया रंग, लाल रंग के झलक के साथ। पतई घन, मजबूत, देखे में तेलियाहट लिहले।
- सूखल पतई के सुगंध: बहुत गाढ़, बहुआयामी, स्पष्ट “आगिल” (भुन्नाई) के नोट, लकड़ी, मसाला, चॉकलेट, फल (सूखा फल) अव् अखरोट के बारीकियाँ लिहले। खास “चट्टानी” सुगंध (“यान युन”) मौजूद बा।
- काढ़ा के सुगंध: गहिर, घेरेवाला, भुन्नाई, सूखा फल, चॉकलेट, मसाला के प्रमुख नोट के साथ, अखरोट के रंग, कबो-कबो हल्का खट्टापन।
- स्वाद: बहुत समृद्ध, गाढ़, घन, तेलियाह, हल्का कसैलापन अव् उम्दा कड़वाहट के साथ, जवन जल्दिए लमहर, मीठ स्वाद में बदल जाला। गुलदस्ता में “आगिल” (भुन्नाई), लकड़ी, मसाला, चॉकलेट, कैरमेल, फल (सूखा आलूबुखारा, सूखा खुबानी, किशमिश), अखरोट अव् खनिजीय (“चट्टानी”) बारीकियाँ होलीं। तिए लुओहान के स्वाद के अक्सर “शक्तिशाली”, “मरदाना”, “क्रूर” बतावल जाला।
- काढ़ा के रंग: गहिर एम्बर से लाल-भूरा, कॉग्नेक जइसन, पारदर्शी, साफ, तेलियाह चमक के साथ।
- चाय के तली (पकावल पतई): साबुत, घन, लचकदार पतई गहिर भूरा रंग के लाल रंग के झलक लिहले, पकावे के दौरान खुले लीं।
7. रासायनिक संघटन:
तिए लुओहान, दोसर वूईशान ऊलोंग के नियर, इन सब से भरपूर होला:
- पॉलिफेनोल: उच्च मात्रा में पॉलिफेनोल, जवना में कैटेचिन, थियाफ्लेविन, थियारूबिगिन सामिल बा।
- अमीनो एसिड: कई प्रकार के अमीनो एसिड, जवना में L-थियानिन सामिल बा।
- एल्कलॉइड: कैफीन, थियोब्रोमिन, थियोफिलिन।
- आवश्यक तेल: समृद्ध अव् बहुआयामी सुगंध के कारण।
- विटामिन: C, समूह B, E, K।
- खनिज: पोटैशियम, फ्लोरीन, मैग्नीशियम, मैंगनीज, लोहा, सेलेनियम।
8. फायदेमंद गुण:
- टॉनिक प्रभाव: तिए लुओहान में स्पष्ट टॉनिक प्रभाव बा, ई जोश देवे ला, दिमाग साफ करे ला, काम करे के क्षमता अव् एकाग्रता बढ़ावे ला। एकर टॉनिक प्रभाव अउरी अधिकतर ऊलोंग से बेसी मजबूत होला।
- गरम करेवाला असर: ई चाय ठंडा मौसम में बहुत नीक से गरमाई पहुँचावे ला, खून के दौरा में सुधार करे ला।
- पाचन में सुधार: पाचन के उत्तेजित करे ला, खासकर चिकनाहट वाला भोजन के पचावे में मदद करे ला।
- एंटीऑक्सीडेंट काम: कोशिका के मुक्त कण से बचावे ला, बुढ़ापा के प्रक्रिया धीमा करे ला।
- हृदय-संवहन तंत्र: “खराब” कोलेस्ट्रॉल के स्तर घटावे, रक्तवाहिनी के देवाल मजबूत करे, दबाव सामान्य करे में मदद कर सके ला।
- विष निष्कासन: शरीर के अपशिष्ट अव् विष से साफ करे में सहायक।
- मूड बढ़ावे: सामंजस्य, शांति अव् खुशी के एहसास देवे ला।
9. पकावाई:
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पानी के तापमान: 90-95°C (उबलत पानी इस्तेमाल करे के सलाह ना दिहल जाला)।
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चाय के मात्रा: 150-200 ml पानी पर 5-7 ग्राम।
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बरतन: आदर्श बा गाइवान (परंपरागत चीनी ढक्कनदार कप) भा इसिंग माटी के मिट्टी के केतली। इसिंग माटी छिद्रदार होला अव् नीक से “साँस” लेवे ले, जवना से चाय पूरा तरीका से खुल सके ला। इसिंग माटी के केतली चाय के सुगंध “जमा” करे ले, एह से एकरा के खाली वूईशान ऊलोंग खातिर इस्तेमाल करे के सलाह दिहल जाला।
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प्रक्रिया:
- बरतन गरम करे: गाइवान भा केतली के उबलत पानी से धो के गरम करीं, ताकि बरतन तैयार हो सके।
- चाय के धुवाई (तेज़ धार): चाय के गाइवान में रखीं, थोड़ा गरम पानी डालीं अव् तुरंत पानी बहा दीं। ई चरण पतई से धूर-माटी धोवे खातिर होला, अव् साथही चाय के “जगावे” खातिर ताकि ऊ खुले खातिर तैयार हो जाए।
- पहिला पकावाई: चाय में गरम पानी (90-95°C) डालीं अव् 1-3 मिनट खातिर रखीं। पहिला पकावाई के समय छोट रखल जा सके ला, लगभग 30-60 सेकंड, खासकर अगर चाय नीक गुणवत्ता के होखे।
- काढ़ा प्याला में बाँटीं: गाइवान भा केतली से काढ़ा पूरा तरीका से चाहाई (निकासी बरतन) में उड़ेल दीं, फिर प्याला में बाँट दीं। ई एह खातिर जरूरी बा कि सब प्याला में एक समान कड़ापन के काढ़ा पहुँचे।
- दोबारा पकावाई: तिए लुओहान के कई बेर (5-7 बेर, कबो-कबो अउरी ढेर) पकावल जा सके ला, हर बाद के धार के साथ 30-60 सेकंड धीरे-धीरे समय बढ़ावत। हर धार के साथ चाय के स्वाद अव् सुगंध बदलत जाई, नया पहलू से खुलत जाई।
महत्व के बारीकी:
- बेसी देर ना रखीं: बहुत देर तक रखले से चाय के स्वाद कसैला अव् कड़वा हो सके ला।
- चाय के सुनीं: अपना एहसास के देखीं अव् काढ़ा के वांछित कड़ापन के हिसाब से पकावाई के समय में बदलाव करीं।
10. भंडारण:
तिए लुओहान, खासकर जोर से भुनल नमूना, हरियर भा कम किण्वित ऊलोंग के तुलना में भंडारण के हालात पर कम माँग वाला होला। फिर भी, एकर समृद्ध स्वाद अव् सुगंध बनावे राखे खातिर सलाह दिहल जाला:
- जगह: चाय के सूखा, अँधियार, ठंडा जगह पर राखीं, जहाँ तापमान में अचानक बदलाव ना होखे।
- डिब्बा: हवाबंद डिब्बा इस्तेमाल करीं, सबसे नीक होई:
- सिरेमिक भा चीनी माटी के जार: ई चाय के सुगंध नीक से बनावे राखे लीं अव् स्वाद पर असर ना डालीं।
- मिट्टी के जार: ई भी उपयुक्त बा, लेकिन सुनिश्चित करीं कि उनमें कवनो बाहरी गंध ना होखे।
- धातु (टीन) के डिब्बा: चल सके ला, लेकिन ध्यान दीं कि उ खाद्य पदार्थ खातिर बनल होखे।
- मोट कागज के थैली: थोड़ा समय के भंडारण खातिर उपयुक्त।
- चाय के दुश्मन: चाय पर एह सब के पड़े से बचाईं:
- सीधा धूप: ई उपयोगी पदार्थ नष्ट करे ले अव् सुगंध खराब करे ले।
- नमी: चाय सीलन पकड़ के फफूँद लगा सके ला।
- बाहरी गंध: चाय आसानी से गंध सोख ले ले,
11. दाम अव् नकली:
तिए लुओहान एगो महँग चाय बा, खासकर अगर ऊ आरक्षित क्षेत्र “झेंग यान” से होखे। एकर दाम बहुत बड़ा दायरा में बदल सके ला, 100 ग्राम के कई दर्जन डॉलर से ले के ओही वजन के कई सौ डॉलर तक, अव् कबो-कबो एह से भी ढेर, निर्भर करे ला:
- उत्पत्ति: आरक्षित क्षेत्र “झेंग यान” (“असली चट्टान”) के चाय के “बान यान” (“आधा चट्टान”) भा “झोउ चा” (“द्वीप के चाय”) से बहुते ढेर कीमती मानल जाला। सबसे प्रतिष्ठित अव् महँग चाय “झेंग यान” के खास, बहुत प्रसिद्ध घाटी अव् जगह से होला, जइसे कि उ घाटी जहाँ ऐतिहासिक मातृ झाड़ी उगे ले।
- कच्चा माल के गुणवत्ता: चुनल कली अव् जवान पतई इस्तेमाल होला भा पकल कच्चा माल।
- उत्पादक के कौशल: चाय बनावे वाला गुरु के अनुभव अव् प्रतिष्ठा दाम पर काफी असर डाले ला। जानल-मानल गुरु अव् पुरान, नाँव कमावल ब्रांड आमतौर पर ढेर महँग होलें।
- भुन्नाई के स्तर अव् गुणवत्ता: कोयला पर जटिल, बहु-चरणीय भुन्नाई, जवन अनुभवी गुरु करे, चाय के कीमत काफी बढ़ा देला।
- चाय के उमिर: पुरान तिए लुओहान नया से ढेर कीमती मानल जाला।
- दुर्लभता: तिए लुओहान काफी दुर्लभ चाय बा, अव् एकर कुछ किसिम भा खास सफल खेप अउरी दुर्लभ हो सके लीं, एह हिसाब से ढेर महँग।
- माँग: तिए लुओहान के ऊँच माँग भी एकर दाम पर असर डाले ला।
ऊँच दाम अव् पौराणिक दर्जा के कारण, तिए लुओहान के बाजार में, दुर्भाग्य से, बहुत नकली अव् नकल मौजूद बा। नकली से कइसे बचीं:
- खाली भरोसेमंद बिक्रेता से खरीदीं: बढ़िया प्रतिष्ठा वाला खास चाय के दुकान खोजीं, जे अपना ग्राहक के कदर करेलें अव् चाय के उत्पत्ति, तोड़ाई के साल, उत्पादक के बारे में भरोसेमंद जानकारी दे सकेलें। उ लोग एकर असलीयत अव् गुणवत्ता के गारंटी भी दे सकेलें।
- बहुत कम दाम से सावधान रहीं: संदेहास्पद रूप से कम दाम लगभग हमेशा नकली के पक्का निशानी होला। असली तिए लुओहान सस्ता ना हो सके ला। ध्यान राखीं कि चमत्कार ना होला।
- बाहरी रूप ध्यान से देखीं: पतई के आकार, रंग, साबुतपन पर ध्यान दीं। उ सब ऊपर दिहल विवरण से मेल खाए के चाहीं। बहुत मात्रा में टूटल पतई, धूर, बाहरी मिलावट के मौजूदगी निम्न गुणवत्ता भा नकली के निशानी बा।
- सुगंध के आकलन करीं: सूखल चाय में भुन्नाई, सूखा फल, मसाला, चॉकलेट के खास नोट के साथ गाढ़, जटिल सुगंध होखे के चाहीं। कमजोर, बेअसर, बासी भा बाहरी गंध वाला चाय से बचीं। कृत्रिम सुगंधीकरण, जवन कबो-कबो बेईमान बिक्रेता करे लें, आमतौर पर बहुत तेज, अप्राकृतिक गंध से पकड़ में आ जाला।
- काढ़ा अव् चाय के तली के जाँच करीं: काढ़ा के रंग गहिर एम्बर से लाल-भूरा तक, पारदर्शी, तेलियाह चमक के साथ होखे के चाहीं। चाय के तली में साबुत, लचकदार पतई गहिर भूरा रंग के होखे के चाहीं।
- “झेंग यान” के तिए लुओहान खरीदत घरी खास सावधान रहीं: सीमित उत्पादन आयतन अव् ऊँच माँग के कारण, एह जोन के चाय के सबसे ढेर नकली बनावल जाला।
12. रोचक तथ्य:
- “लोहा अर्हत” – चाय के दुनिया के सबसे “मजबूत” नाँव में से एक: ई चाय के शक्तिशाली चरित्र, एकर गाढ़ स्वाद अव् टॉनिक प्रभाव के दर्शावे ला।
- योद्धा खातिर चाय: दंतकथा के अनुसार, तिए लुओहान वूई पर्वत में मार्शल आर्ट के अभ्यास करे वाला साधु लोग के ताकत अव् सहनशीलता देत रहे।
- ठंडा मौसम खातिर चाय: अपना गरम करेवाला प्रभाव के कारण, तिए लुओहान खासकर पतझड़ अव् जाड़ा में बहुत नीक लागे ला।
- भंडारण के बहुत नीक से सहन करे ला: सही भंडारण से, तिए लुओहान साल दर साल बेहतर होत जाला, नया, अउरी गहिर अव् जटिल स्वाद-सुगंध के रंग पकड़त जाला।
13. दोसर चट्टानी ऊलोंग से तुलना:
- दा होंग पाओ (大红袍, Dà Hóng Páo – बड़का लाल चोगा): तिए लुओहान के अक्सर दा होंग पाओ से तुलना कइल जाला। दुनों चाय गजब किण्वित अव् जोर से भुनल ऊलोंग में आवे लीं, दुनों में शक्तिशाली स्वाद अव् सुगंध होला। हालाँकि, तिए लुओहान के “मरदाना” अव् कसैला, अउरी स्पष्ट खनिजीय नोट वाला मानल जाला, जबकि दा होंग पाओ (खासकर मिश्रण) में अक्सर स्वाद के रंग के बड़ा दायरा होला, जवना में फल, फूल अव् कैरमेल सामिल बा।
- रोऊ गुई (肉桂, Ròu Guì – दालचीनी): रोऊ गुई में आमतौर पर दालचीनी के प्रमुख नोट के साथ अउरी चमकदार, मसालेदार सुगंध होला। तिए लुओहान में “चट्टानी”, खनिजीय अव् भुनल नोट के प्रधानता के साथ अउरी संयमित, जटिल सुगंध होला।
- शुई शियान (水仙, Shuǐ Xiān – जल नरगिस): शुई शियान में आमतौर पर स्वाद में अउरी स्पष्ट फूल अव् मलाईदार नोट होला, जबकि तिए लुओहान में अउरी कसैला, “लोहा-नियर” चरित्र अव् तेज स्पष्ट खनिजीय नोट।
- बाई जी गुआन (白鸡冠, Bái Jīguān – सफेद मुरगा के कलँगी): बाई जी गुआन तिए लुओहान से सबसे पहिले अपना अनोखा बाहरी रूप (बसंत में हल्का, लगभग सफेद पतई) अव् सुगंध में अउरी स्पष्ट फूल-फल के नोट के कारण अलग बा।
निष्कर्ष में:
तिए लुओहान एगो पौराणिक चट्टानी ऊलोंग बा, वूईशान पर्वत के “चार गो महान झाड़ी” में से एक। एकर शक्तिशाली, गाढ़ स्वाद जवना में भुन्नाई, सूखा फल, मसाला अव् खनिज के नोट बा, साथही “चट्टानी” रंग वाला गहिर, घेरेवाला सुगंध, सबसे पारखी चाय प्रेमी के दिल भी जीत सके ला। ई मजबूत चरित्र वाला चाय बा, योद्धा-चाय, अर्हत-चाय। ई खाली स्वाद के आनंद ना देला, बल्कि शक्तिशाली टॉनिक प्रभाव, दिमाग के स्पष्टता अव् आंतरिक ताकत के एहसास भी देला। असली तिए लुओहान के चखल एगो दंतकथा के छुअल ह, चट्टानी ऊलोंग के दुनिया में गुणवत्ता के मानक खोजल ह, अव् ई अद्भुत चाय से परिचय के अविस्मरणीय अनुभव पावल ह। ई खास मौका खातिर चाय बा, आराम से, सोच-समझ के चाय पीये खातिर, जब चिंतन के दुनिया में डूबल होखे अव् हर घूँट, स्वाद-सुगंध के हर बारीकी के आनंद लेबे के मन करे। तिए लुओहान – ई चाय बा जे आदर अव् समझ माँगे ला, लेकिन जे लोग एकरा के समय अव् ध्यान देवे खातिर तैयार होला, उ लोग के खुल के इनाम देला।