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टाकुआन यून वू
Tǎquán yún wù · 塔泉云雾
टाकुआन यून वू दक्खिनी आन्हुई प्रांत के एगो एतिहासिक हरियर चाय ह, जेकरा "गाओफेंग यून वू" (高峰云雾, Gāofēng Yún Wù — "ऊंच चोटी के बादली कोहरा") के नाँव से भी जानल जाला। एकर इतिहास पूरबी जिन राजवंश से ले के चलल आवेला, जब सुआनचेंग के चाय दरबार में भेंट कइल जात रहे, चिंग राजवंश में एकर खूब बिकास भइल, आ फिर गणराज्य के जुग में…
टाकुआन यून वू दक्खिनी आन्हुई प्रांत के एगो एतिहासिक हरियर चाय ह, जेकरा “गाओफेंग यून वू” (高峰云雾, Gāofēng Yún Wù — “ऊंच चोटी के बादली कोहरा”) के नाँव से भी जानल जाला। एकर इतिहास पूरबी जिन राजवंश से ले के चलल आवेला, जब सुआनचेंग के चाय दरबार में भेंट कइल जात रहे, चिंग राजवंश में एकर खूब बिकास भइल, आ फिर गणराज्य के जुग में लगभग बिलुप्त हो गइल — आ 1950 के दशक में एकर पुनर्जनम भइल। टाकुआन यून वू एगो खास आत्मा वाला चाय ह: घन, महकदार, चटक आर्किड के सुआस आ गहिरा पाछू-स्वाद के साथ, समुंद्र तल से एक हजार मीटर से ढेर ऊँचाई पर पैदा भइल ह, जहाँ बादली साक्षात चाय के झाड़न के छुए ले।
1. वर्गीकरण आरू उत्पत्ति:
- प्रकार: हरियर चाय (बिना किण्वन के), 烘青 (होंगचिंग, hōngqīng — गरम हवा से सुखावे के संग स्थिरीकरण)। एकरा “बिसेस” (特制) होंगचिंग-हरियर चाय के श्रेणी में रखल जाला।
- श्रेणी: एतिहासिक परसिद्ध चाय (历史名茶, lìshǐ míngchá)। “आन्हुई के दस गो परसिद्ध चाय” (安徽十大名茶) में शामिल बा।
- उत्पत्ति: चीन, आन्हुई प्रांत (安徽省, Ānhuī Shěng), सुआनचेंग नगर जिला (宣城市, Xuānchéng Shì), सुआनचो जिला (宣州区, Xuānzhōu Qū), शीकोउ गाँव (溪口镇, Xīkǒu Zhèn)। उत्पादन के कोर — गाओफेंगशान पहाड़ के उत्तर-पश्चिम ढाल (高峰山, Gāofēng Shān), टाकुआन (塔泉), चांगवान (张湾), चुआनवूताई (庄屋台), आरू बाओकेंग (鲍坑), मिलूनटा (密龙塔) गाँव तियानचू प्रशासनिक गाँव (天竺村) में।
- भूगोलीय निर्देशांक: लगभग 30°34′ उ.अ., 118°26′ पू.अ. (शीकोउ इलाका, सुआनचो, निंगगुओ आरू चिंगश्यान के जोड़ के जगह)।
2. इतिहास आरू सांस्कृतिक महत्व:
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इतिहास: सुआनचेंग के इलाका (पुरान सुआनचो, 宣州) चीन के सबसे पुरान चाय उत्पादन करे वाला क्षेत्र में से एक ह। सुआनचेंग के चाय के सबले पहिलका दस्तावेजी सबूत पूरबी जिन राजवंश (东晋, 317–420) के समय के ह: युआन-दी (元帝, 317–322 ई.) के शासन में, सुआनचेंग में पदस्थ वेन च्याओ (温峤, Wēn Qiáo) दरबार में “एक हजार जिन चाय आ तीन सौ जिन मिन भेंट कइलन” (上表贡茶一千斤,供茗三百斤) — ई चीन के इतिहास में दरबारी भेंट के रूप में चाय के सबसे पहिले उल्लेख में से एक बा। एह तरीके से, सुआनचो के चाय उगावे के परंपरा 1700 साल से पुरान बा।
“सुआनचेंग श्यान ची” (《宣城县志》, “सुआनचेंग जिला के इतिहास”) के मोताबिक, शहर से दक्खिन सौ ली के दूरी पर यांगशान पहाड़ (阳山) बा, आ ओकरा से दक्खिन में गाओफेंगशान (高峰山) बा, “जेकर चोटी पर बादली लागल रहेला” (峰冠云表)। पहाड़ के ऊपर एगो आश्रम (庵) रहे जेकरा पर लोहा के खपरा पड़ल रहे, जहाँ “आदमी बानरन के संग रहत रहन” (人多杂猿猴以居)। नीचे टाकुआनान मठ (塔泉庵) रहे, “जेकरे संग परसिद्ध चाय पैदा होखे” (下有塔泉庵并产名茶)। “टाकुआन” (塔泉—“पगोडा स्रोत”) नाँव एह मठ आ ओकरे लगे पहाड़ी झरना से आइल ह। एही से एह काव्यात्मक सूत्र बनल: “塔泉尽头水,高峰云雾茶” — “टाकुआन के उद्गम पर पानी, गाओफेंग के चोटी पर बादली चाय।”
किम्वदंती हवे कि टाकुआन यून वू के सबले बढ़िया जुग चिंग राजवंश में योंगचेंग (雍正, 1723–1735) आ खासकर च्यानलोंग (乾隆, 1736–1795) के शासन में रहे। स्थानीय लोककथा के अनुसार, च्यानलोंग बादशाह एह चाय के चख के कहलन: “天生丽质难自弃,离鼻三尺奇香来” — “जनमजात सुन्नरता अपना के छिपा ना सके — नाक से तीन ची पहिले अलौकिक महक आवे लागे।” गणराज्य के जुग में उत्पादन घट गइल आ चाय लगभग खतम हो गइल। पुनर्जनम 1955 में सुरू भइल। 1980 के दशक में आन्हुई कृषि विश्वविद्यालय के चाय संकाय के प्रोफेसर वांग चेनहेंग (王镇恒, Wáng Zhènhéng) आ फांग शिहुई (方世辉, Fāng Shìhuì) एह तकनीक के पुनर्जीवित आ बेहतर बनावे के बिस्तार से काम कइलन। 1982 में टाकुआन यून वू के राष्ट्रीय परसिद्ध चाय प्रतियोगिता में ऊँच सराहना मिलल। 1986 में — वाणिज्य मंत्रालय के “बेहतरीन गुणवत्ता वाला उत्पाद” (商业部优质产品) के खिताब मिलल। 2002 में — चीन के हरियर खाद्य विकास केंद्र से “हरियर खाद्य” (绿色食品) प्रमाणपत्र मिलल। 2010 में — XVII शंघाई अंतर्राष्ट्रीय चाय संस्कृति समारोह में “चीनी परसिद्ध चाय” (中国名茶) श्रेणी में सोना के पुरस्कार मिलल।
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नाँव: 塔泉 (Tǎquán) — “पगोडा स्रोत”, टाकुआनान मठ (塔泉庵) आ ओकरे दीवार के लगे पहाड़ी झरना के नाँव से। 云雾 (yún wù) — “बादली आ कोहरा”, ऊँच पहाड़ी चाय खातिर एगो क्लासिक उपाधि जे लगातार बादली के जोन में उगेले। वैकल्पिक एतिहासिक नाँव — गाओफेंग यून वू (高峰云雾) — गाओफेंगशान (高峰山, “ऊँच चोटी”) पहाड़ के ओर इशारा करेला।
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सांस्कृतिक महत्व: टाकुआन यून वू आन्हुई के महान चाय परंपरा के कड़ी में हुआंगशान माओफेंग, लिउआन गुआपियान आ ताइपिंग हौकुई के साथ खड़ा बा। सुआनचो इलाका के उल्लेख लू यू के “चाय के सिद्धांत” में बा: “宣城人秦精,常入武昌山采茗” — “सुआनचेंग के एगो आदमी जेकर नाँव चिन चिंग रहे, ऊ वूचांग पहाड़ पर चाय बटोरे खातिर नियमित जात रहे।” ई आन्हुई में चाय बटोरी के सबसे पुरान सबूत में से एक बा। आधुनिक जुग में टाकुआन यून वू चीन के राज्य परिषद (国务院办公厅用茶) खातिर चाय रहल आ कुछ जानकारी के अनुसार ब्रिटिश शाही दरबार खातिर निर्यात भइल। हर साल शीकोउ गाँव में “दक्खिन आन्हुई ऊँच पहाड़ी चाय समारोह” (皖南高山茶叶节) आयोजित होखेला, जेमें टाकुआन यून वू कई बेर पहिला स्थान पा चुकल बा।
3. बनस्पति बिबरन आरू कच्चा माल:
- प्रजाति: Camellia sinensis var. sinensis.
- किसिम / खेती: मुख्य किसिम — शीकोउ लिउये चोंग (溪口柳叶种, Xīkǒu Liǔyè Zhǒng — “शीकोउ के विलो पत्ता”), एगो स्थानीय जनसंख्या रूप (群体种) जेकर पत्ता पातर, लमहर होला, कलियन पर रोवाँ बढ़िया होला आ सुगंधित तत्व के मात्रा ढेर होला। ई मध्य-मौसम के छोट-पत्ता वाला प्रकार ह जे कई सदी से दक्खिन-पच्छिम आन्हुई के पहाड़ी दशा में खुद के ढाल चुकल बा।
- तोड़ाई: पाछू-बसंत — अक्सर चिंगमिंग (清明) के बाद आ गुयू (谷雨, “अनाज बरसात”) से पहिले, मतलब अप्रैल के सुरुआत से अंत ले। बगीचा के ढेर ऊँचाई (1000 मीटर से ऊपर) के कारण बनस्पति देर से सुरू होला — मार्च में गाओफेंगशान पर अकसर बरफ जमल रहेला।
- तोड़ाई के मानक: एगो कली आ दु गो पत्ता जब खुले के सुरुआत होखे (一芽二叶初展)। अंकुर के लंबाई — लगभग 8 सेमी। अंकुर साबुत, ताजा आ एकसमान होखे के चाहीं। “चार गो चुनाव” (四选, sì xuǎn) के सिस्टम लागू बा: बगीचा, झाड़ी, डाल आ कली के चुनाव; आ “आठ गो मनाही” (八不采, bā bù cǎi): बहुत छोट या बड़हन अंकुर ना तूड़ल जाए, बिना कली के पत्ता ना तोड़ल जाए, बरसात में ना तोड़ल जाए, दुपहरी के कड़ा धूप में ना तोड़ल जाए वगैरह।
- तोड़ाई के तरीका: खाली “सहारा दे के चुटकी” (提折采法, tízhé cǎifǎ) — अंकुर के धीरे से तोरल जाला, नाखून से नोचल ना जाला (नाखून से चुटकी के तरीका, 指甲捏采, मना बा)। कच्चा माल साफ बाँस के टोकरी में पहुँचावल जाला, दाबल ना जाला, भीगे ना देहल जाला।
4. क्षेत्रीय बिसेसता आरू उगावे के खासियत:
- उगावे के ऊँचाई: उत्पादन के कोर — गाओफेंगशान पहाड़ के उत्तर-पश्चिम ढाल, समुंद्र तल से लगभग 1155 मीटर ऊपर। ई सुआनचो, निंगगुओ (宁国) आ चिंगश्यान (泾县) के जोड़ पर पहाड़ी समूह के सबसे ऊँच बिंदु में से एक बा।
- जमीन के आकार: पहाड़ी सिलसिला — हुआंगशान के गौड़ (黄山余脉) के बिस्तार। इलाका “बहुत परत वाला” बा: चोटी के बाद गहिरा घाटी, खड़ा ढालन के बीच जलधारा बहत जाले। बगीचा जंगल के ऊपरी पट्टी में, बादली के बीच स्थित बा।
- जलवायु: संतुलित उपोष्णकटिबंधीय। सालाना औसत तापमान — 15,4 °C (न्यूनतम दर्ज — 13,7 °C, अधिकतम — 40 °C)। सालाना बरसात — लगभग 1400 मिमी। पाला-मुक्त अवधि — 229 दिन। छोट दिन (पहाड़ सूरज के छिपा देला) आ स्थाई सबेरे/साँझ के कोहरा गुणवत्ता के खास कारक हवें।
- माटी: गहिर, पानी निकास वाली, अम्लीय (pH ≈ 5,5)। मूल चट्टान — ज्वालामुखी पहाड़ी स्लेट जेमें खनिज के मात्रा ढेर होला।
- पर्यावरण: इलाका में जंगली क्षेत्र — 87% से ढेर। बगीचा चौड़ा-पत्ता आ कोणधारी जंगल के प्राकृतिक संगी में बा, जेमें जैव विविधता भरपूर बा। बिखरल रोशनी (漫射光) सीधा धूप पर हावी रहेला — ई L-थियानाइन के टूटल धीमा करेला आ अमीनो अम्ल जमा करेला, जेकरा से चाय में खास मिठास आ गहिराई आवेला।
5. उत्पादन तकनीक:
टाकुआन यून वू “बिसेस होंगचिंग-हरियर चाय” (特制烘青绿茶) के श्रेणी के प्रतिनिधि ह, मतलब स्थिरीकरण भुंजाई से होला, आ अंतिम सुखाई गरम हवा से (एकदम भुंजाई वाली चाओचिंग-चाय से अलग)। तकनीक में आठ गो चरण शामिल बा आ ई 1980 के दशक में पुनर्जीवित आ बेहतर बनावल गइल परंपरागत तरीका पर आधारित बा:
- तोड़ाई आ फैलाव (鲜叶采摘·摊放, cǎizhāi · tānfàng): तोड़ाई के बाद अंकुर के पातर परत में साफ, ठंढा, हवादार कमरा में बाँस के चटाई पर फैलावल जाला। फैलावे के समय — 4–8 घंटा (अधिकतम 10)। पत्ता के ऊपरी चमक खतम हो जाला, नरम हो जाला, नमी के मात्रा 70–72 % तक गिर जाला, ताजा महक आवे लागे — ई स्थिरीकरण खातिर तइयार होखे के संकेत ह।
- स्थिरीकरण / शाचिंग (杀青, shāqīng): सपाट वोक (平口锅) में दीवार के तापमान 110–200 °C पर कइल जाला (सिद्धांत “पहिले ऊँच, फिर कम”)। हाथ से भुंजाई में एगो बेर के मात्रा — 220–250 ग्रा.। पहिला 1–2 मिनट में — तेजी से गरम करे खातिर धीरे-धीरे चलावल; फिर — ऊँच उछाल के हिलावल (高抛抖翻) जे नमी, घास के गंध हटावे आ जरावे से रोके। लगभग 5 मिनट के बाद पत्ता गहिर हरियर हो जाला, नरम हो जाला, पहिला चाय के महक आवे लागे। नमी — लगभग 60 %। मशीनी स्थिरीकरण भी संभव बा — दुनु मामला में मुख्य सिद्धांत: “पूरा तरीका से भुंजल, एकसमान भुंजल, लाल डंठल आ लाल पत्ता ना होखे, किनारा ना जरले होखे” (杀透杀匀,无红梗红叶,无焦边爆点)।
- मोड़ाई आ आकार देवल (揉捻·做形, róuniǎn · zuòxíng): स्थिरीकरण के बाद ठंढा भइल पत्ता के मोड़-मरोड़ के कॉम्पैक्ट, घन चाय-पत्ती बनावल जाला। दबाव के मात्रा भविष्य के घोल के गहिराई तय करेला। टाकुआन यून वू के कसल, हल्का मोड़ वाला तर्कुरी आकार के चाय-पत्ती में बनावल जाला।
- पहिला सुखाई (初烘, chū hōng): मध्यम तापमान पर आगि के ऊपर सुखावे के सुरुआती काम।
- रखाई / ठंढाई (摊凉, tānliáng): चाय-पत्ती के भीतर बचल नमी के पुनर्वितरण — सुगंध के एकरूपता खातिर बहुत जरूरी चरण।
- दोसर सुखाई (复烘, fù hōng): स्थायी नमी ≤ 7 % तक अंतिम सुखाई। एही चरण में आर्किड के सुर (兰花香) पकड़ में आवेला — टाकुआन यून वू के खास पहचान।
- चुनाई (干茶拣剔, gānchá jiǎntī): हाथ से गलत आकार के पत्ती, कड़ा डंठल आ टूटल टुकड़ा हटावल जाला।
- श्रेणीकरण आ पैकिंग (分级包装, fēnjí bāozhuāng): तइयार चाय के ग्रेड में बाँट के पैक कइल जाला।
6. इंद्रिय-संवेदी बिसेसता:
- सूखल पत्ता के बाहरी रूप: घन, कॉम्पैक्ट, हल्का मोड़ वाली चाय-पत्ती (条紧匀细), मांसल आ वजनी (肥壮重实)। रंग — गहिर हरियर तेलिया चमक के साथ (色绿油润)। सफेद रोवाँ सतह पर भरपूर तरीका से ढकल रहेला, हल्का चाँदी के झलक देवेला (白毫裹身)।
- सूखल पत्ता के महक: चटक आ ताजा, जेमें आर्किड के सुर (兰花香) आ हल्का चेस्टनट के छाया हावी बा।
- घोल के महक: साफ आर्किड के सुगंध (兰花香气明显) — शुद्ध, ऊँच आ टिकाऊ। ई टाकुआन यून वू के “पहचान” ह, जेकरा से ई ढेर आन्हुई हरियर चाय से अलग होखेला।
- स्वाद: घन आ तेलिया (醇厚, chúnhòu), गहिर मिठास के साथ। पाछू-स्वाद — लमहर, साफ मिठास के वापसी (甘甜生津, gāntián shēngjīn) आ ताजगी के एहसास के साथ जे मुँह में कई मिनट ले बनल रहेला। बिसेसता “淡中有回味” (dàn zhōng yǒu huíwèi — “लउकत हल्कापन में — पाछू-स्वाद के गहिराई”) एह चाय के शैली के एकदम सही बयान करेला।
- घोल के रंग: पारदर्शी, चमकीला, हल्का हरियर से पीयर-हरियर ले (清澈明丽)। घोल के सफाई — ऊँच बा।
- चाय के तली (叶底, yèdǐ): पीयर छाया वाला नाजुक हरियर (芽叶嫩黄绿), कोमल, लचकदार, साबुत कली आ पत्ता के साथ।
7. रासायनिक संरचना:
- पॉलीफिनोल (茶多酚): मात्रा — सूखल वजन के लगभग 27,15 % (टाकुआन के कोर क्षेत्र के कच्चा माल के विश्लेषण के आधार पर)। मुख्य अंश — कैटेचिन (EGCG, EGC, ECG)।
- अमीनो अम्ल (氨基酸): बढ़ल मात्रा — सूखल वजन के 4,18 %। ई एगो ऊँच संकेतक ह जे साफ मिठास आ “उमामी” छाया सुनिश्चित करेला। L-थियानाइन — हावी अमीनो अम्ल।
- अल्कालोइड: कैफीन (咖啡碱) — ~2,5–4 %। थियोब्रोमाइन आ थियोफिलिन — अंश मात्रा में।
- पानी में घुलनशील निकासी तत्व (水浸出物): ऊँच मात्रा — आन्हुई हरियर चाय खातिर औसत से ढेर, जे घोल के गाढ़ापन आ “शरीर” के बयान करेला।
- विटामिन: C (एस्कॉर्बिक अम्ल — होंगचिंग-तकनीक के कोमलता के कारण बढ़िया से बचल रहेला), B₁, B₂, E, K।
- खनिज: पोटैशियम, मैंगनीज, जिंक, फ्लोरीन, फास्फोरस।
- आवश्यक तेल आ उड़नशील यौगिक: लिनालूल, लिनालूल ऑक्साइड, नेरोलिडॉल, गेरानियॉल, इंडोल — जटिल आर्किड सुगंध बनावेला। मिथाइल सैलिसाइलेट — ताजा “हरियर” सुर खातिर जिम्मेदार बा।
- बिसेसता: पॉलीफिनोल आ अमीनो अम्ल के अनुपात (27,15 : 4,18 ≈ 6,5 : 1) ऊँच गुणवत्ता वाली हरियर चाय खातिर सबसे बढ़िया क्षेत्र में बा: “शरीर” खातिर पर्याप्त पॉलीफिनोल, लेकिन अमीनो अम्ल कड़वाहट के कम करेला आ मिठास जोड़ेला।
8. फायदेमंद गुन:
- एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा: कैटेचिन के ऊँच मात्रा (खासकर EGCG) मुक्त कण के खिलाफ मजबूत बेअसर करे वाला असर देला, जे कोशिका बुढ़ाई के धीमा करेला।
- टॉनिक आ ध्यान: “कैफीन + L-थियानाइन” के क्लासिक जोड़ी बिना घबराहट के ध्यान के हल्का बढ़ोतरी देला — सबेरे या काम के समय चाय पीये खातिर एकदम सही।
- हृदय-संवहन प्रणाली: पॉलीफिनोल रक्तवाहिनी के दीवार के लचीलापन बनावे राखे आ कोलेस्ट्रॉल के स्तर सामान्य करे में मदद करेला।
- पाचन: हरियर चाय पेट के रस के स्राव आ आँत के गति के उत्तेजित करेला। टाकुआन यून वू अपना घन शरीर के साथ — खाना के बाद चाय खातिर बढ़िया संगी बा।
- इम्यूनिटी: विटामिन सी आ पॉलीफिनोल शरीर के सुरक्षा कामकाज के सहारा देला।
- ज्ञान संबंधी कामकाज: L-थियानाइन मस्तिष्क के अल्फा-तरंग के उत्पादन उत्तेजित करेला, आरामदेह ध्यान आ रचनात्मक सोच के स्थिति में सुधार करेला।
- मुँह के गुहा: फ्लोरीन आ कैटेचिन रोगजनक जीवाणु के बढ़े के रोकेला, दाँत के सड़न के जोखिम घटावेला आ साँस के ताजा करेला।
- महत्वपूर्ण: संवेदनशील पेट वाला के खाली पेट ई चाय ना पीये के सलाह दिहल जाला, काहें कि पॉलीफिनोल के ध्यान देबे लायक मात्रा बा। सबसे बढ़िया — खाना के 30–60 मिनट बाद।
9. पकावे के तरीका:
- पानी के तापमान: 90–95 °C — कई नाजुक हरियर चाय के मुकाबले काफी गरम। टाकुआन यून वू के घन पत्ता के सुगंध आ स्वाद के पूरा खुलावे खातिर ऊँच तापमान के जरूरत होला।
- चाय के मात्रा: 200 मिली (गिलास) खातिर 3–4 ग्रा. या 150 मिली गाइवान खातिर 5 ग्रा.।
- बर्तन: सीधा दीवार वाला पारदर्शी शीशा के गिलास — चाय-पत्ती के बेहतरीन निरखे खातिर सिफारिश कइल जाला। “ऊपर से डाले के तरीका” (上投法, shàngtóu fǎ): पहिले गरम पानी डालल जाला, फिर धीरे से चाय-पत्ती डालल जाला — ई धीरे-धीरे डूबत जाला आ गति के साथ खुलत जाला। चीनी माटी के गाइवान या शीशा के केतली भी उपयुक्त बा।
- प्रक्रिया:
- बर्तन के उबलत पानी से गरम करीं, फिर पानी फेंक दीं।
- गिलास के 2/3 मात्रा तक 90–95 °C के पानी डालीं।
- सूखल पत्ती के धीरे से पानी में डाल दीं।
- पहिला भिगोवल — 1,5–2 मिनट (गिलास)। सुगंध के साँस लीं: पहिला बहावे से आर्किड के सुर खुल जाए के चाहीं।
- पीअत रहीं, दोबारा डाले से पहिले गिलास में लगभग एक तिहाई घोल छोड़ दीं।
- दोबारा डाले के संख्या — 2–3 (गिलास) या 4–6 बहाव (गाइवान, 30–60 सेकंड के हिसाब से, समय बढ़ात जाए)।
10. भंडारण:
- बर्तन: हवा बंद, अपारदर्शी — टीन के डिब्बा या वैक्यूम फॉइल के पैकेट।
- तापमान: 0–5 °C रेफ्रिजरेटर, सख्त हवा बंद होखे के साथ। पैकेट खोले से पहिले — कमरा के तापमान पर ले आइल जाए ताकि ओस ना जमे।
- रोशनी आ नमी: एकदम दुश्मन। रसोई के मसाला, इत्र, दवाई से दूर रखल जाए।
- समयावधि: पूरा स्वाद खातिर 6–12 महीना। होंगचिंग-हरियर चाय भंडारण में चाओचिंग-हरियर से थोड़ा स्थिर होला, लेकिन “नया पीअल जाए” के सिद्धांत पूरा तरीका से लागू बा।
11. कीमत आरू नकली सामान:
- कीमत श्रेणी: आन्हुई हरियर चाय में मध्यम आ मध्यम-उच्च वर्ग। कोर क्षेत्र (टाकुआन गाँव, ऊँचाई ~1155 मी) के चाय आसपास के मैदानी इलाका के उत्पादन से काफी महँगा होला। टाकुआन यून वू “पारखी लोग खातिर चाय” के जगह बनावेला — हुआंगशान माओफेंग के मुकाबले आम जनता खातिर कम जानल जाला, लेकिन गहिर चरित्र के कारण जानकार लोग एकरा के महत्व देला।
- नकली से कइसे बचीं:
- शीकोउ (溪口镇) के उत्पादक से खरीदीं जेकरे पास उत्पत्ति के पुष्टि होखे। “हरियर खाद्य” (绿色食品) प्रमाणपत्र — अतिरिक्त गारंटी बा।
- बाहरी रूप के आँकलन करीं: असली टाकुआन यून वू — कॉम्पैक्ट, घन चाय-पत्ती तेलिया चमक आ भरपूर सफेद रोवाँ के साथ। ढीला, फीका पत्ता — बदलाव के संकेत।
- सुगंध: आर्किड के सुर प्राकृतिक होखे के चाहीं, बिना तीखापन आ “कैरेमल” मिठास के।
- घोल: पारदर्शी, नाजुक हरियर। धुंधलापन या भूरापन लेवे वाला रंग — खतरा के घंटी।
- स्वाद: पहिला घूँट नाजुक लउके, लेकिन पाछू-स्वाद गहिर आ लमहर होखे के चाहीं (淡中有回味)। पाछू-स्वाद के अनुपस्थिति नकली के पकड़ देला।
12. रोचक तथ्य:
- उत्पादन क्षेत्र तीन गो जिला — सुआनचो, निंगगुओ आ चिंगश्यान — के जोड़ पर स्थित बा आ हुआंगशान के परबत श्रेणी (黄山余脉) के बिस्तार बा। असल में, टाकुआन यून वू — हुआंगशान के परसिद्ध चाय के “छोट भाई” ह, जे ओही भूगर्भीय संरचना पर उगेला।
- टाकुआनान मठ (塔泉庵), जे एह चाय के नाँव दिहलस, गाओफेंगशान के ढाल पर रहे। “सुआनचेंग श्यान ची” के मोताबिक, एकर छत लोहा के खपरा (铁瓦) से ढकल रहे, आ निवासी “बानरन के संग रहत रहन” — ई छवि “बानर द्वारा बटोरल चाय” (猴采茶) के किंवदंती से मिलत-जुलत बा, जे आन्हुई के दूसर पहाड़ी इलाका में परचलित बा।
- गणराज्य के जुग में बिलुप्त होखे के बाद, चाय के 1955 में पुनर्जीवित कइल गइल, आ तकनीकी सुधार 1980 के दशक में आन्हुई कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वांग चेनहेंग आ फांग शिहुई द्वारा कइल गइल — एगो दुर्लभ मामला जब शैक्षिक विज्ञान सीधे एगो एतिहासिक चाय के “पुनर्जीवित” कइलस।
- टाकुआन यून वू कुछ समय खातिर “चीनी राज्य परिषद के कार्यालय खातिर चाय” (国务院办公厅用茶) के रूप में भेजल गइल, आ कुछ बैच ब्रिटिश शाही दरबार (出口英国皇室) खातिर निर्यात भइल।
- शीकोउ में सालाना “ऊँच पहाड़ी चाय समारोह” (皖南高山茶叶节) दक्खिन आन्हुई के प्रमुख चाय आयोजन में से एक बा। टाकुआन यून वू समारोह के मूल्यांकन प्रतियोगिता में कई बेर जीत चुकल बा, लगातार तीन साल पहिला स्थान पा चुकल बा।
13. अन्य हरियर चाय से तुलना:
- हुआंगशान माओफेंग (黄山毛峰, Huángshān Máofēng): सबसे परसिद्ध आन्हुई हरियर चाय। माओफेंग — होंगचिंग ह, जइसे टाकुआन यून वू, लेकिन ढेर नाजुक कच्चा माल (कली + पहिला पत्ता) से, “चिरई के जीभ” के मोड़ आकार आ पातर मीठ सुगंध के साथ। टाकुआन यून वू — घन आ “मांसपेशीदार”, ढेर साफ आर्किड सुर आ गहिर पाछू-स्वाद के साथ। माओफेंग — रेशम, टाकुआन — मखमल।
- चिंगश्यान लांश्यांग (泾县兰香, Jīngxiàn Lánxiāng): पड़ोसी चिंगश्यान जिला के हरियर चाय — “आर्किड” परिवार के एगो अउरी प्रतिनिधि। लांश्यांग — आकार में ढेर पातर आ लमहर, पारदर्शी फूल सुगंध के साथ। टाकुआन यून वू — ढेर कॉम्पैक्ट, भारी, शरीर के पूर्णता के साथ।
- लूशान यून वू (庐山云雾, Lúshān Yún Wù): “दस गो महान” में से जियांगशी के “बादली चाय”। ढेर बड़ पत्ता, मोट दीवार वाली चाय-पत्ती, साफ कसैलापन। टाकुआन यून वू — ढेर नाजुक आ सुगंधित, मिठास आ कड़वाहट के बेहतर संतुलन के साथ।
- चिंगतिंग ल्यू श्यू (敬亭绿雪, Jìngtíng Lǜ Xuě): सुआनचेंग के एगो अउरी एतिहासिक हरियर चाय, चिंगतिंगशान पहाड़ से। “बरफ” प्रभाव खातिर जानल जाला — पकावे पर सफेद रोवाँ चाय-पत्ती से अलग हो के बरफ के टुकड़ा जइसन धीरे-धीरे डूबेला। शैली — ढेर हल्का आ ध्यान लगावे वाला। टाकुआन यून वू — ढेर घन, “वजनदार” आ गाढ़।
समापन:
टाकुआन यून वू — एगो किस्मत वाली चाय। हजार मीटर के ऊँचाई पर पैदा भइल, (किंवदंती के अनुसार) खुद च्यानलोंग के गुणगान से सम्मानित, XX सदी के तूफान में बिलुप्त भइल आ वैज्ञानिकन के कोशिश से पुनर्जीवित भइल — ई अपना में ओही “देखे में हल्कापन के पाछे गहिराई” लेके चलेला जे महान आन्हुई चाय के बिसेसता ह। एकर आर्किड सुगंध, घन तेलिया शरीर आ लमहर बढ़त मिठास एकरा उ लोग खातिर एगो खोज बनावेला जे पहिले से माओफेंग आ हौकुई से परिचित हवें आ कुछ नया, लेकिन कम योग्य ना, खोजत बा। एकरा के 90–95 °C पर गरम पानी में बनाईं — हरियर पत्ता के बचावे के आदत के बिपरीत — आ ई उह पूर्णता से जवाब देई जेकर बादल से उम्मीद ना होखे।