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सोंगफेंग ल्वीचा
Sōngfēng lǜchá · 松峰绿茶
सोंगफेंग ल्वीचा (松峰绿茶, Sōngfēng lǜchá) — हुबेई के एगो हरियर चाय, जेकर नाम मिंग वंश के संस्थापक झू युआनझांग (朱元璋) ने 1368 मँ अपने हाथ से रखले रहे। एहे जगह पर, सोंगफेंगशान (松峰山, “चीड़ के चोटी वाला पहाड़”) के तरहटी मँ, प्राचीन चाय गाँव यांग्लोउदोंग (羊楼洞, Yánglóudòng) मँ, 1391 के मशहूर इम्पीरियल आदेश “罢造龙团,唯采茶芽以进” (दबाकर…
सोंगफेंग ल्वीचा (松峰绿茶, Sōngfēng lǜchá) — हुबेई के एगो हरियर चाय, जेकर नाम मिंग वंश के संस्थापक झू युआनझांग (朱元璋) ने 1368 मँ अपने हाथ से रखले रहे। एहे जगह पर, सोंगफेंगशान (松峰山, “चीड़ के चोटी वाला पहाड़”) के तरहटी मँ, प्राचीन चाय गाँव यांग्लोउदोंग (羊楼洞, Yánglóudòng) मँ, 1391 के मशहूर इम्पीरियल आदेश “罢造龙团,唯采茶芽以进” (दबाकर बनल चाय के पत्ती के छोड़ दीं, खाली चाय के कल्ली चुन के ले आईं) लागू भइल रहे — इहे आदेश दबावल चाय के जुग खतम कइलस आरू ढीला-ढाला हरियर पत्ती वाला चाय के जुग शुरू कइलस। यांग्लोउदोंग बाद मँ 14,000 किमी लमहर “महान चाय मार्ग” (万里茶道) के शुरुआती बिंदु बनल — हुबेई से मंगोलिया के रस्ते मॉस्को आरू यूरोप तक। 2015 मँ अंतर्राष्ट्रीय चाय समिति यांग्लोउदोंग के “दुनिया के पहिला चाय नगर” (世界茶业第一古镇) के खिताब दिहलस। सोंगफेंग ल्वीचा — चिबी के मशहूर ईंटनुमा चाय (青砖茶) के हरियर “जुड़वाँ” ह, जेकर जनम उहे पहाड़ मँ आरू उहे हजार साल पुरान परंपरा मँ भइल ह।
1. वर्गीकरण आरू उत्पत्ति:
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प्रकार: हरियर चाय (绿茶, lǜchá) जेह मँ पीयर प्रसंस्करण के तत्व भी बा: उत्पादन चक्र मँ “初包闷黄” (chūbāo mènhuáng, “पहिला लपेटाई जे पीयरपन लावे खातिर होला”, 40–48 घंटा) के चरण शामिल बा — इ हरियर आरू पीयर चाय के बीच के सीमांत तकनीक ह। औपचारिक रूप से एकरा हरियर चाय के रूप मँ वर्गीकृत कइल जाला। आकार — “चीड़ के सुई” (松针形, sōngzhēn xíng), घुमावदार।
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श्रेणी: इतिहासी नामवर चाय, जेकर नाम सम्राट झू युआनझांग (1368) ने रखले। “चीन के दस प्रसिद्ध चाय” (全国十大名茶, 1958) में शामिल रहल। दू बेर “मंत्रालय स्तरीय उत्कृष्ट उत्पाद” (部优产品, 1982, 1985) के खिताब पवलस। हुबेई के “चू चाय सोना कप” (楚茶杯金奖, 2023) के पुरस्कार मिलल। 10 से अधिक एशियाई आरू अफ्रीकी देस में निर्यात होला।
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उत्पत्ति: चीन; हुबेई प्रांत (湖北, Húběi); शहरी काउंटी चिबी (赤壁市, Chìbì Shì, पुरान नाँव — पुची, 蒲圻), जे स्यानिनिंग शहरी जिला (咸宁市, Xiánníng Shì) के हिस्सा ह। उत्पादन के केंद्र — गाँव यांग्लोउदोंग (羊楼洞镇, Yánglóudòng Zhèn), जे सोंगफेंगशान (松峰山) पहाड़ के तरहटी मँ, हुनान, हुबेई आरू ज्यांगशी के संगम पर बसल बा। यांग्लोउदोंग — “दुनिया के पहिला चाय नगर” (世界茶业第一古镇, 2015 से), महान चाय मार्ग (万里茶道源头) के शुरुआती बिंदु।
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भूगोलीय निर्देशांक: ~29°30′–30°00′ उत्तरी अक्षांश, 113°30′–114°00′ पूर्वी देशांतर (चिबी क्षेत्र, “सोना समानांतर” 30° उ.अ.)।
2. इतिहास आरू सांस्कृतिक महत्व:
- इतिहास:
सोंगफेंग चाय के इतिहास, असल मँ, ढीला हरियर चाय के एगो श्रेणी के जनम के कहानी ह। चिबी (पुरान पुची) के चाय परंपरा 2,000 साल से भी पुरान बा। तांग वंश के समय इहाँ “चाय आंगन” (园户, yuánhù) के रूप मँ चिह्नित कइल गइल रहे, आरू यांग्लोउदोंग के “दोंग चाय” (洞茶, dòngchá) शाही भेंट (贡茶) बन गइल।
उ अइसन किंवदंती घटना, जवन सोंगफेंग के शाही नाँव से जोड़ेले, युआन वंश के आखिरी दिनन मँ घटल: झू युआनझांग (朱元璋, 1328–1398), भविष्य के मिंग वंश के संस्थापक, सैन्य अभियान के दौरान अपनी सेना के साथे पुची मँ रुकल। सिपाहियन के पेट दरद से परेशान रहले; यांग्लोउदोंग के स्थानीय चाय उत्पादक उनका के पुची के हरियर चाय चढ़वले — आरू दरद गायब हो गइल। 1368 मँ मिंग वंश के स्थापना के बाद, कृतज्ञ झू युआनझांग चाय के नाँव “सोंगफेंग” (松峰, “चीड़ के चोटी”) रखले आरू जवन पहाड़ पर उ बढ़ल, ओकर नाँव सोंगफेंगशान धरवले।
लेकिन सबसे खास बात 1391 मँ (होंग्वू शासन के 24वाँ साल) घटल: झू युआनझांग मशहूर आदेश “罢造龙团,唯采茶芽以进” — “दबाकर बनल चाय के पत्ती के छोड़ दीं, खाली चाय के कल्ली चुन के ले आईं” जारी कइले। इ आदेश सदियन से चलल आवत दबावल चाय (团茶, tuánchá) के परंपरा खतम कइलस आरू ढीला-ढाला पत्तीदार हरियर चाय (散茶, sǎnchá) के जुग शुरू कइलस जे आजो जारी बा। यांग्लोउदोंग उ जगहन में से एगो बनल जहाँ नया फॉर्मैट — भुनल ढीला हरियर चाय — व्यवहार में लागू कइल गइल।
चिंग वंश के समय यांग्लोउदोंग एगो अंतर्राष्ट्रीय चाय मंडी बन गइल: 2 वर्ग किमी से भी कम इलाका मँ 200 से अधिक चाय कंपनी सक्रिय रहली, आबादी 40,000 से ऊपर हो गइल, आरू शहर के “छोटका हान्कोउ” (小汉口) के उपनाम मिलल। इहाँ से महान चाय मार्ग (万里茶道, Wànlǐ Chádào) शुरू होत रहे — 14,000 किमी लमहर व्यापार मार्ग, जे हुबेई से मंगोलिया होते रूस आरू यूरोप तक जात रहे। कार्ल मार्क्स अपने काम “चीन-रूसी चाय व्यापार पर” मँ यांग्लोउदोंग के ईंट चाय के जिक्र कइले, आरू लेनिन खुद यांग्लोउदोंग के चाय व्यापारी लिउ जुन्ज्होउ (刘峻周) से भेंट कइले। 1956 मँ यांग्लोउदोंग देस भर मँ बचावल गइल तीन चाय कारखानन में से एगो रहल। 2015 मँ अंतर्राष्ट्रीय चाय समिति एकरा “दुनिया के पहिला चाय नगर” (世界茶业第一古镇) के खिताब दिहलस।
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नाम: 松峰 (Sōngfēng) — “चीड़ के चोटी” — उ नाँव ह जे खुद झू युआनझांग पहाड़ आरू चाय दुनू के दिहले। 松 (sōng) — चीड़, मजबूती आरू लमहर उमिर के प्रतीक; 峰 (fēng) — चोटी, शिखर; 绿茶 (Lǜchá) — “हरियर चाय”। पूरा अरथ: “चीड़ के चोटी के हरियर चाय”।
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सांस्कृतिक महत्व: सोंगफेंग ल्वीचा उ चंद चाय सब में से एगो ह जेकर नाँव वंश के संस्थापक रखले। यांग्लोउदोंग — खाली उत्पादन के जगह ना ह, बलुक “बिस्व चाय धरोहर” ह: एकर पाथरदार गली सब, जहाँ सदियन से एकपहिया गाड़ी “जिगोंगचे” (鸡公车) ईंट चाय ढोवत चलत रहे, युनेस्को (万里茶道申遗) मँ महान चाय मार्ग के नामांकन खातिर प्रस्तावित होखे के सूची मँ शामिल हो गइल बाड़ी। सोंगफेंग फैक्ट्री के बगले 2,600 वर्ग मीटर के “चीनी ईंट चाय संग्रहालय” (中国青砖茶博物馆) स्थित बा। चिबी — उ शहर ह जहाँ मशहूर “लाल चट्टान के लड़ाई” (赤壁之战, 208 ई.) भइल रहे, रोमांस ऑफ़ द थ्री किंगडम्स के एगो मुख्य लड़ाई, जेकर लुओ गुआनझोंग गुणगान कइले। एह तरह, एक ही शहर चीन के इतिहास के दू सबसे बड़ “लड़ाइयन” से जुड़ल बा: सैन्य (208 ई.) आरू चाय के (1391 ई.)।
3. वनस्पति विवरण आरू कच्चा माल:
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किस्म / कल्टीवार: मुख्य — यांग्लोउदोंग समूह किस्म (羊楼洞群体种, Yánglóudòng Qúntǐzhǒng) — सदी पुरान स्थानीय मध्यम-छोट पत्ती वाला किस्म Camellia sinensis var. sinensis। पेड़ 30 साल से अधिक पुरान। अतिरिक्त — एच्चा 1 (鄂茶1号, Èchá 1 Hào) आरू फुदिंग दा बाई चा (福鼎大白茶) — अगेती पाक जाए वाला क्लोन किस्म, जिनकर नया कोंपल निकले के क्षमता बढ़िया ह। 100 कोंपल “कल्ली + एगो पत्ती” के वजन — ~45 ग्राम। कोमलता के लमहर दौर (持嫩期, chí nèn qī) — यांग्लोउदोंग किस्म के एगो लच्छन ह।
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तोड़ाई: बसंत — मार्च के अंत से अप्रैल ले। “नौ निषेध” (九不采, jiǔ bù cǎi) के बहुत सख्त मानक लागू होला: बारिश के, ओस वाली, बैंगनी, रोगी, कीट-क्षतिग्रस्त, बेडौल, खोखला, फटल कोंपल आरू क्षतिग्रस्त शीर्ष वाली कोंपल ना तोड़ल जाई।
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तोड़ाई मानक: श्रेष्ठतम किस्म — एक्कल कल्ली (≥90 %)। पहिला — कल्ली + एगो आधा-खुलल पत्ती (≥80 %)। दूसरा — कल्ली + दू गो पत्ती।
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कच्चा माल के जरूरत: कोमल, पूरा कोंपल, “नौ निषेध” मानक के अनुरूप।
4. टेरवार (भू-भाग) आरू खेती केरौ खासियत:
चिबी मुफुशान पर्वतमाला (幕阜山, Mùfùshān) के उत्तरी तरहटी मँ, तीन प्रांत (हुनान, हुबेई, ज्यांगशी) के संगम पर, 30° उत्तरी अक्षांश के “सोना चाय समांतर” पर स्थित बा।
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उगले के ऊँचाई: 300–600 मी (सोंगफेंगशान पहाड़ के दक्खिनी ढाल)।
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जलवायु: उत्तरी उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र। औसत सालाना तापमान 16.8 °C; बरखा 1560 मिमी/साल; बादल-कुहे वाला दिन के पर्याप्त हिस्सा; बिखरल रोशनी — एमिनो एसिड बढ़ावे खातिर पर्याप्त।
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माटी: पीयर-भूअर दोमट (黄棕壤), pH 4.5–6.5, जस्ता आरू सेलेनियम से समृद्ध। प्राकृतिक सिंचाई — सोंगफेंगशान के पहाड़ी झरना।
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पारिस्थितिकी: जंगल के हिस्सा — >72 %. इलाका “चीन के प्राकृतिक ऑक्सीजन बार” (中国天然氧吧) के रूप मँ प्रमाणित। हवा मँ ऋणात्मक आयन के उच्च मात्रा। चाय बागान चीड़ के जंगल से घिरल बाड़ें — एही से पहाड़ के नाँव परल। चाय बागान के पानी सोंगफेंगशान के ढलान से बहेवाला पहाड़ी झरना से आवेला, जे मनुख के असर से अछूत बा। मुफुशान पर्वतमाला के निकटता एगो प्राकृतिक जलवायु अवरोध बनावेला जे नमी रोक लेला आरू लगातार कुहे पैदा करेला — एमिनो एसिड के संचय खातिर आदर्श स्थिति।
5. उत्पादन तकनीक:
सोंगफेंग ल्वीचा एगो अनोखा तकनीक से बनेला जेह मँ “闷黄” (मेन्हुआंग, “लपेट के पीयर करब”) के चरण शामिल बा, जे पीयर चाय सब खातिर बिसेस होला, लेकिन इहाँ एकर उपयोग अखरोट जेसन महक बनावे खातिर होला, ना कि परंपरागत “पीयर करब” खातिर।
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फैलाव (摊放 — tān fàng): मानक।
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हरियराहट स्थिर करब (杀青 — shāqīng): झुकल कढ़ाई (斜锅, xiéguō) मँ — तापमान भुनाई के दौरान 100–120 °C से गिर के 80 °C हो जाला। झुकल कढ़ाई — एगो दुर्लभ तरकीब ह, जे क्रमिक प्रभाव देला: पत्ती के ऊपरी हिस्सा अधिका गरम होला, निचला हिस्सा कोमल।
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ठंढा करब (摊凉 — tān liáng): सुखावे से पहिले गरमी उपचार रोकल जाला।
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शुरुआती सुखाई (初焙 — chū bèi): 50–60 °C पर।
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पहिला लपेटाई / “पीयर करब” (初包闷黄 — chū bāo mèn huáng): 40–48 घंटा — खास चरण. चाय के कपड़ा या कागज मँ लपेट के गरम आरू नम वातावरण मँ रखल जाला। सूक्ष्मजीव आरू किण्वक प्रक्रिया अखरोट के खास महक (栗香) बनावेली आरू तीखापन कोमल कर लेली। इ चरण सोंगफेंग के पीयर चाय (मेंगदिंग हुआंग या, जुन्शान यिन्झेन) से मिलावेला, लेकिन इहाँ एकर मकसद अलग बा — महक खातिर, रंग खातिर ना।
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दोबारा सुखाई (复焙 — fù bèi): पहिला “पीयर करब” के परिणाम तय करेला।
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दूसरा लपेटाई (复包 — fù bāo): 20 घंटा — छोट बा, महक के अंतिम स्थिरता खातिर।
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तिहरी अंतिम सुखाई (足火三焙 — zú huǒ sān bèi): 50–55 °C पर, तीन क्रमिक गरमाई — नमी के मात्रा ≤5 % सुनिश्चित करेला आरू “पक्का अखरोट” महक (熟栗香) बनावेला।
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भंडारण — जिप्सम संरक्षण विधि (石膏贮藏法, shígāo zhùcáng fǎ): यांग्लोउदोंग के परंपरागत तरीका: चाय के जिप्सम के टुकड़ा साथ बंद डब्बा मँ रखल जाला, जे नमी सोख लेला आरू वातावरण स्थिर करेला। इ तरीका महक के असाधारण बचत देला।
6. ऑर्गेनोलेप्टिक विशेषताएँ (स्वाद-गंध-रूप):
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सूखल पत्ती के बाहरी रूप: पातर, सम-सम, घुमावदार “चीड़ के सुई” (针芽状, zhēnyá zhuàng), घन आरू एकरंग (紧细匀整)। रंग — पन्ना हरियर, तेलहर चमकदार (翠绿油润)।
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सूखल पत्ती के महक: अखरोट (栗香, lì xiāng) — प्रमुख सुर, ऊँच आरू तेज। शुद्ध हरियर (清香) — अतिरिक्त पृष्ठभूमि। “पक्का अखरोट” (熟栗香) — तिहरी अंतिम सुखाई के परिणाम।
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चाय के रस के महक: अखरोटी-हरियर, ऊँच आरू स्थिर। ठंढा होखे पर — मीठ “रोटी” सुर।
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स्वाद: ताजा (鲜爽) आरू एकरे संगे गाढ़-भंड़ारी (醇厚, chúnhòu) — असामान्य मेल, जे मानक हरियर चाय खातिर सामान्य ना होला आरू “闷黄” चरण से समझाइल जाला। चीपचीपापन आरू “देह” सामान्य से अधिका। लमहर मीठ बाद-स्वाद (回甘, huígān)।
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रस के रंग: साफ, शुद्ध आरू चमकीला (清澈明亮)।
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टिकाऊपन: दूसरा किस्म खातिर 5+ डुबाई — बढ़िया संकेतक, जे पानी मँ घुलनशील पदार्थ के ऊँच मात्रा (≥45 %) के कारण बा। श्रेष्ठतम आरू पहिला किस्म कच्चा माल के सघनता के कारण अउरी अधिका टिक सकेला।
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चाय के पेंदी (डुबावल पत्ती): कोमल हरियर, एक-समान, ताजा आरू जीवंत (嫩绿匀齐鲜活)।
7. रासायनिक संरचना:
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पॉलिफेनॉल (茶多酚): ≥30 % (पहिला किस्म) — ऊँच स्तर, जे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट सक्रियता देला।
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पानी मँ घुलनशील पदार्थ (水浸出物): ≥45 % (श्रेष्ठतम किस्म) — हरियर चाय सब में सबसे ऊँच स्तरन में से एगो, जे रस के असाधारण “घनापन” के संकेत देला।
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अमीनो एसिड (氨基酸): ताजगी सुनिश्चित करे खातिर पर्याप्त स्तर। L-थियानीन प्रमुख बा।
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एल्केलॉइड: कैफीन — संतुलित, जे टॉनिक प्रभाव देला।
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खनिज: जस्ता आरू सेलेनियम — मुफुशान पर्वतमाला के भू-रासायनिक चिह्न। पोटाशियम, मैंगनीज, फ्लोरीन।
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विटामिन: विटामिन C, विटामिन B समूह, विटामिन E।
8. फायदेमंद गुण:
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पाचन में सहायता: इतिहासी गुण जे झू युआनझांग के कथा में दर्ज बा: चाय सिपाहियन के पेट दरद से राहत दिहलस। पॉलिफेनॉल आरू टैनिन जठरांत्र गतिशीलता के उत्तेजित करेला।
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एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा: पॉलिफेनॉल (≥30 %) मुक्त कण के प्रभावशाली निष्प्रभावीकरण देला।
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टॉनिक प्रभाव: कैफीन + L-थियानीन — कोमल, लमहर स्फूर्ति।
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संज्ञानात्मक कार्य: L-थियानीन मस्तिष्क के अल्फा-तरंग गतिविधि उत्तेजित करेला।
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जरूरी: बतावल गइल गुण आम आँकड़ा पर आधारित बाड़ें आरू चिकित्सकीय सलाह ना ह। खाली पेट पियल सलाहित ना ह। ताजा चाय “आग उतारे” खातिर 7 दिन रखल जाव। खोलला के बाद — 10 दिन भीतर पी लीं।
9. चाय बनावे के तरीका:
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पानी के तापमान: 80–85 °C। खउलत पानी इस्तेमाल ना करीं (>85 °C पत्ती “झुलसा” देला आरू मटियार रस देला)।
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चाय के मात्रा: 3 ग्राम प्रति 150 मिली (अनुपात 1:50)।
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बर्तन: काँच के गिलास (ऊपरी भराई तरीका, 上投法) या सफेद चीनी मिट्टी के गैवान (बीच भराई तरीका, 中投法)।
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प्रक्रिया (काँच के गिलास): 80–85 °C पर पानी डालीं, फिर चाय डालीं। पहिला रस — 30 सेकंड। हर अगिला — +10 सेकंड।
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प्रक्रिया (गैवान): 1/3 पानी डालीं, चाय डालीं, “महक जगावे” (摇香, yáo xiāng) खातिर हिलवाईं, पूरा भर के डाल दीं। 2–3 मिनट खड़ा रहे दीं।
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ध्यान दीं: पानी डालत घरी धार कप के देवार के सहारे (沿杯壁缓流) दीं, बीच मँ ना — एह से रोआँ “उड़” ना जाई आरू रस मटियार ना होई।
10. भंडारण:
- तापमान: 0–5 °C (रेफ्रिजरेटर) या परंपरागत जिप्सम संरक्षण विधि (石膏贮藏法)।
- डब्बा: बंद; परंपरागत विधि मँ — प्राकृतिक जिप्सम (石膏, shígāo) के टुकड़ा साथ मिट्टी के मटकी। जिप्सम प्राकृतिक डीह्यूमिडीफायर के काम करेला: एकर क्रिस्टलीय ढाँचा डब्बा के भीतर हवा से नमी सोख लेला, नमी के उ स्तर पर बनावे रखेला जे ऑक्सीकरण रोके ला लेकिन चाय के जादे सूखावे ना। इ विधि, सदियन पहिले यांग्लोउदोंग के चाय उत्पादकन द्वारा विकसित, असरदारी मँ आधुनिक वैक्यूम पैकेजिंग के बराबर बा।
- रोशनी: पूरा अंधेर।
- अवधि: खोलला के बाद — बढ़िया महक खातिर 10 दिन। बंद रूप मँ — 12 महीना ले।
11. कीमत आरू नकली सामान:
सोंगफेंग ल्वीचा — मध्यम आरू उच्च-मध्यम कीमत खंड के चाय ह। श्रेष्ठतम किस्म (एक्कल कल्ली) — 500 युआन/जिन से; पहिला — 200–400 युआन/जिन; दूसरा — बेसी सस्ता।
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नकली से कइसे बचीं:
- उत्पत्ति जाँचीं — यांग्लोउदोंग, चिबी, हुबेई।
- अखरोट के महक (栗香/熟栗香) — “闷黄”-प्रसंस्करण के पहचान। ना होखे — सामान्य हरियर चाय से बदलाव के चिह्न।
- आकार — “चीड़ के सुई”, घन आरू समान। बेडौल पत्ती — सोंगफेंग ना ह।
- स्वाद — एकरे संगे ताजा आरू गाढ़ (鲜爽 + 醇厚)। खाली “ताजा” बिना “गाढ़पन” के — साधारण हरियर चाय ह।
12. रोचक तथ्य:
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जे आदेश चाय के दुनिया बदल देले: झू युआनझांग के 1391 के आदेश “罢造龙团,唯采茶芽以进” — चाय उद्योग के इतिहास के सबसे असरदार दस्तावेजन में से एगो। इ 500 साल के दबावल चाय के जुग खतम कइलस आरू ढीला-ढाला पत्ती के जुग शुरू कइलस। यांग्लोउदोंग उ जगहन में से रहल जहाँ इ बदलाव सबसे पहिले लागू भइल।
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मार्क्स आरू लेनिन: कार्ल मार्क्स “चीन-रूसी चाय व्यापार पर” मँ यांग्लोउदोंग के ईंट चाय के जिक्र कइले। लेनिन खुद यांग्लोउदोंग के व्यापारी लिउ जुन्ज्होउ से भेंट कइले। सोंगफेंग आरू ईंट चाय — एके जगह के “हरियर आरू करिया जुड़वाँ” ह।
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14,000 किमी चाय मार्ग: महान चाय मार्ग, जे यांग्लोउदोंग से शुरू होत रहे, हुबेई से हान्कोउ होते, हान्शुई नदी के संगे स्यांग्यांग तक, फिर झांगज्याकोउ (या बाओटोउ) से मंगोलिया आरू फिर — क्याख्ता से रूस, मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग आरू यूरोप तक जात रहे। कुल लमाही — 14,000+ किमी।
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“छोटका हान्कोउ”: शिखर काल (19वीं सदी) मँ छोटकहाँ यांग्लोउदोंग (क्षेत्रफल <2 वर्ग किमी) मँ 200 से अधिक चाय कारखाना आरू 40,000 निवासी रहले — चाय कारोबार के अइसन घनापन जेकर दुनिया के इतिहास मँ सानी ना। शाही नक्शा “दा चिंग ह्वांग्यू च्वांतू” (《大清皇舆全图》) मँ यांग्लोउदोंग के उहे फॉन्ट मँ लिखल गइल जवन हान्कोउ आरू वूचांग के — गाँव खातिर अभूतपूर्व सम्मान।
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हरियर चाय में “पीयर करब”: चरण “初包闷黄” (40–48 घंटा.) सोंगफेंग के पीयर चाय से जोड़ेला, लेकिन इहाँ एकर उपयोग अखरोट के महक बनावे खातिर होला, ना रंग बदले खातिर। इ हरियर आरू पीयर चाय के बीच एगो तकनीकी “पुल” ह।
13. दोसर हुबेई हरियर चाय सब से तुलना:
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एन्शी यू लू (恩施玉露, Ēnshī Yùlù): हुबेई। भाप से बनल (蒸青), आकार “चीड़ के सुई”। महक — “समुंदरी”, बिना अखरोट के। सोंगफेंग — भुनल “पीयर करब” सहित, साफ अखरोट प्रोफाइल आरू अधिक “देह” वाला। दूनू — “चीड़ के सुई”, लेकिन तकनीक मूल रूप से अलग।
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सान्श्या लोंग जिंग (三峡龙井, Sānxiá Lóng Jǐng): हुबेई, यीचांग। चपटा, भुनल। बाँस के कोयला (三峡辉锅) से अखरोट के महक। सोंगफेंग — घुमावदार, “पीयर करब” से अखरोट के महक। दूनू — “गरम” प्रोफाइल वाला, लेकिन महक बने के तरीका अलग।
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देंगकुन ल्वी चा (邓村绿茶, Dèngcūn Lǜchá): हुबेई, यीचांग। क्लासिक भुनल हरियर, घुमावदार आकार। प्रोफाइल अधिक “मानक”, बिना “पीयर करब” के। सोंगफेंग — स्वाद मँ अधिक “गहराई” आरू “गाढ़पन” वाला।
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मेंगदिंग ह्वांग या (蒙顶黄芽, Méngdǐng Huáng Yá): सीच्वान। पूरा “पीयर करब” वाला क्लासिक पीयर चाय। महक — “अनाज”, “रोटी”; स्वाद — कोमल आरू “सूखल”। सोंगफेंग — औपचारिक रूप से हरियर, साफ “हरियर” ताजगी वाला, लेकिन आंशिक “पीयर करब” से अखरोट “गहराई” वाला।
अंत में:
सोंगफेंग ल्वीचा — उ चाय ह जेकर जनम इतिहास के एगो मोड़ पर भइल: इहाँ, चीड़ के चोटी वाला पहाड़ पर, हजार साल पुरान “ड्रैगन ईंट” के दफनावल गइल आरू ढीला हरियर पत्ती के जनम भइल, जइसन आज हम जानीला। बादशाह के दिहल नाम, “पीयर करब” के तकनीक जे हरियर ताजगी के भीतर अखरोट के गहराई पैदा करेला, आरू पता — यांग्लोउदोंग, “दुनिया के पहिला चाय नगर”, जहाँ से 14,000 किलोमीटर चाय मार्ग मॉस्को आरू लंदन के मेज तक जात रहे — इ सब मिल के सोंगफेंग के खाली चाय ना, बलुक चाय सभ्यता के एगो जिंत स्मारक बना देला। 80 °C पर पानी डालीं, धार गिलास के देवार से लगा के दीं — आरू उहे चाय पीयीं, जे साढ़े छह सदी पहिले भविष्य के सम्राट के सिपाहियन के ठीक कइले रहे।