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शू पुएर

Shú pǔ'ěr · 熟普洱

शू पुएर के उत्पादन में सबसे महत्वपूर्ण चरण **त्वरित किण्वन (गीला ढेर लगावल - वो डुई - 渥堆, Wò Duī)** ह।

  • प्रकार: पोस्टफर्मेंटेड चाय। ई है चा (黑茶, hēichá - “करिया चाय”) श्रेणी में आवेला, लेकिन तकनीक आ उत्पत्ति के खासियत के चलते एकरा अलग समूह में रखल जाला
  • श्रेणी: चीन के प्रसिद्ध चाय।
  • उत्पत्ति: चीन, युन्नान प्रांत (云南, Yúnnán)। लगभग पूरा शू पुएर एही प्रांत में बनावल जाला।
  • भूगोलीय समन्वय: युन्नान प्रांत 21° से 29° उत्तरी अक्षांश आ 97° से 106° पूर्वी देशांतर के बीच बा।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • इतिहास: शू पुएर एगो अपेक्षाकृत नया तरह के चाय ह। एकर बनावे के तकनीक वो डुई - 渥堆, Wò Duī - “गीला ढेर लगावल” १९७० के दशक में कुनमिंग आ मेंघाई चाय फैक्ट्री में विकसित कइल गइल। एकर उत्पत्ति पुएर के बढ़त माँग के कारण भइल, काहें कि शेंग पुएर के प्राकृतिक पकाव में बहुत साल लाग जाला।

  • नाँव:

    • “शू” (熟) - तइयार, पाकल, बनावल। ई त्वरित किण्वन प्रक्रिया के ओर इशारा करेला, जेकरा से चाय में पुरान शेंग पुएर जइसन गुण आ जाला।
    • “पुएर” (普洱) - युन्नान के एगो शहरी जिला के नाँव, जवन ऐतिहासिक रूप से पुएर के व्यापार के केंद्र रहल। अब ई नाँव पूरा चाय प्रकार खातिर इस्तेमाल होला।
  • सांस्कृतिक महत्व: शू पुएर अपना गहिर स्वाद, सस्ता दाम आ स्वास्थ्य लाभ के चलते जल्दिये लोकप्रिय हो गइल। ई चीन के चाय संस्कृति के अनिवार्य हिस्सा बन गइल आ दुनिया भर में एकर ढेर चाहे वाला हो गइल।

3. वानस्पतिक बिबरन आ कच्चा माल:

  • किसिम: शू पुएर बनावे खातिर मुख्य रूप से बड़ पत्ता वाला किसिम युन्नान दा ये झोंग (云南大叶种, Yúnnán Dàyèzhǒng - “बड़ युन्नान पत्ता”), आ एकर किसिम आ अन्य स्थानीय किसिम इस्तेमाल होला, जे Camellia sinensis var. assamica प्रजाति के होला।
  • पेड़ के उमिर: शेंग पुएर से उल्टा, शू पुएर खातिर पेड़ के उमिर ओतना मायने ना रखेला। छोट झाड़ी से लेके बड़ आ पुरान पेड़ तक के कच्चा माल इस्तेमाल होला। लेकिन, कुछ उत्पादक पुरान पेड़ (लाओ शू) या प्राचीन पेड़ (गु शू) के कच्चा माल से बढ़िया शू पुएर बनावेलन, जेकर दाम आ स्वाद पर जरूर असर पड़ेला।
  • तोड़ाई: बसंत से लेके पतझड़ तक तोड़ाई हो सकेला।
  • तोड़ाई के मानक: चाय के क्वालिटी के हिसाब से, या त कल्ली आ एक-दू गो ऊपरी पत्ता तोड़ल जाला, या फिर ढेर पाकल पत्ता (२-४ पत्ता)। शू पुएर खातिर शेंग के तुलना में अक्सर ढेर पाकल कच्चा माल इस्तेमाल होला।
  • कच्चा माल के जरूरत: स्वस्थ, बिना नोकसान वाला पत्ता इस्तेमाल होला।

4. टेरुआर आ उगावे के खासियत:

  • युन्नान प्रांत: चीन के दक्खिन-पच्छिम में, म्यांमार, लाओस आ वियतनाम के सीमा पर स्थित। पहाड़ी भूभाग, बिबिध जलवायु आ समृद्ध वनस्पति खातिर मशहूर बा। युन्नान के चाय के पेड़ Camellia sinensis के जन्मस्थान मानल जाला।
  • उगावे के ऊँचाई: चाय बगान 800 से 2000 मीटर आ एकरे ऊपर के ऊँचाई पर बा।
  • माटी: बिबिध, लेकिन मुख्य रूप से उपजाऊँ लाल माटी आ पियर माटी, जैविक पदार्थ आ खनिज से भरपूर।
  • जलवायु: ऊँचाई आ क्षेत्र के हिसाब से उपोष्णकटिबंधीय से लेके समशीतोष्ण तक। ढेर नमी, बेसी बारिस, बार-बार कोहरा आ दिन-रात के तापमान में बड़ अंतर बिसेसता ह। औसत सालाना तापमान 15 से 22°C के बीच रहेला।

5. बनावे के तकनीक:

शू पुएर के उत्पादन में सबसे महत्वपूर्ण चरण त्वरित किण्वन (गीला ढेर लगावल - वो डुई - 渥堆, Wò Duī) ह।

  • तोड़ाई (采摘 - cǎi zhāi): ऊपर बतावल गइल बा।
  • मुरझावल (萎凋 - wěidiāo): तोड़ल पत्ता के पातर परत में खुला हवा में या अच्छा हवादार जगह पर फइला दिहल जाला। मकसद पत्ता से कुछ नमी हटा के ओकरा नरम बनावल ह।
  • “हरियरी मारल” (杀青 - shā qīng): ऊँच तापमान पर भून के एंजाइमी प्रक्रिया रोके खातिर। एह चरण में पत्ता के बेसी सूखावल ना चाहीं। शू पुएर खातिर ई चरण हरियर चाय के तुलना में कम तीव्र हो सकेला।
  • मरोड़ल (揉捻 - róuniǎn): हाथ से या मशीन (रोलर) से पत्ता के मरोड़ल जाला ताकि कोशिका ढाँचा टूटे आ रस निकले।
  • गीला ढेर लगावल (渥堆 - Wò Duī): शू पुएर बनावे के सबसे महत्वपूर्ण चरण। मरोड़ल पत्ता के बड़ ढेर (स्किर्ड) में 50 सेमी से 1 मीटर चाहे ओकरा से ऊँच जमा कइल जाला, पानी से गीला कइल जाला आ कपड़ा से ढाक दिहल जाला। एह ढेर में सूक्ष्मजीव के गतिविधि, गर्मी आ नमी के चलते त्वरित किण्वन प्रक्रिया होला, जे ४५ से ६० दिन, कबो-कबो एकरा से बेसी चल सकेला। ढेर लगावे के दौरान चाय मास्टर नियमित रूप से ढेर के पलटत आ मिलावत रहेलन, तापमान, नमी आ किण्वन के डिग्री पर नियंत्रण रखत। एह चरण में बड़ अनुभव आ कौशल चाहीं।
  • सूखावल (烘干 - hōnggān): किण्वन पूरा होखे के बाद चाय के सूखा के नमी हटावल जाला आ ऑक्सीकरण रोकल जाला। सूखावे के काम धूप में या बिसेस सुखावे वाला अलमारी में हो सकेला।
  • छाँटल (分级 - fēnjí): कच्चा चाय (माओ चा - 毛茶) के आकार आ क्वालिटी के हिसाब से छाँटल जाला।
  • दबाके बनावल (压制 - yāzhì): बैकल्पिक चरण। शू पुएर ढीला रूप (माओ चा) में या दबाके बेचल जा सकेला। सबसे आम दबाव रूप:
    • ब्लिन (饼茶, Bǐngchá): गोल चपटा रोटी, आमतौर पर वजन 357 ग्राम।
    • किर्पिच (砖茶, Zhuānchá): आयताकार ईंट।
    • टो चा (沱茶, Tuóchá): घोंसला, कटोरी के आकार।
    • अन्य रूप: वर्ग, मशरूम, कद्दू इत्यादि।
  • रखरखाव: तइयार शू पुएर फौरन बेचल जा सकेला, लेकिन अक्सर एकरा स्वाद आ सुगंध सुधारे खातिर कुछ समय (कुछ महीना से लेके कई साल) ले रखल जाला।

6. संवेदी लक्षण:

  • सूखा पत्ता के रूप: रूप (ढीला या दबावल) आ इस्तेमाल कच्चा माल पर निर्भर। ढीला शू पुएर बिबिध आकार के कल्ली आ पत्ता के मिलल-जुलल रूप ह, मरोड़ल या टूटल। दबावल - ब्लिन, किर्पिच, कटोरी वगैरह के रूप में कस के दबावल पत्ता। रंग गहिरा भूरा से लेके लगभग करिया ले, सोनहरा या ललछौंहा छींट (टिप्स) के साथ।
  • सूखा पत्ता के सुगंध: बिसेस “मिट्टी जइसन”, “लकड़ी जइसन” सुगंध, जेह में मेवा, सूखा फल, चॉकलेट, आलूबुखारा, कपूर के नोट, कबो-कबो मशरूम या “तहखाना जइसन” बारीकियाँ। सुगंध के तीव्रता आ किसिम कच्चा माल के क्वालिटी, बनावे के तकनीक आ पुरान होखे के डिग्री पर निर्भर करेला।
  • अर्क के सुगंध: भरपूर, गहिर, लकड़ी, मेवा, चॉकलेट के नोट प्रमुख, सूखा फल, कैरामेल के छाया, कबो-कबो हल्का धुआँ जइसन।
  • स्वाद: भरल, गहिर, गाढ़, चिकनाहट लिहले, आमतौर पर कड़वाहट आ कसैलापन रहित (अगर चाय सही से बनावल जाए आ बेसी देर ना रखल जाए)। स्वाद में लकड़ी, मेवा, चॉकलेट, मिट्टी जइसन नोट, सूखा फल, कैरामेल, मसाला के बारीकी। बाद के स्वाद लमहर, हल्का मीठ।
  • अर्क के रंग: गहिरा अम्बर से लेके गहिरा भूरा, लगभग करिया, सुरुआती पानी डालाई में अपारदर्शी, बाद में ढेर पारदर्शी आ हल्का हो जाला। रंग कच्चा माल के क्वालिटी, बनावे के तकनीक आ भिगोवे के समय पर निर्भर करेला।
  • चाय के फोकवा (भिगोवल पत्ता): साबुत या टूटल पत्ता, बिक्री रूप के हिसाब से, गहिरा भूरा रंग के।

7. रासायनिक संरचना:

त्वरित किण्वन (गीला ढेर लगावल) के दौरान शू पुएर में जटिल जैवरासायनिक बदलाव होला, जेकरा से एकर बिसेस स्वाद, सुगंध आ स्वास्थ्य लाभ मिलेला।

  • पॉलीफेनॉल: शू पुएर में पॉलीफेनॉल, जइसे कैटेचिन के मात्रा शेंग पुएर से कम होला, लेकिन ई ढेर ऑक्सीकृत रूप (थियाफ्लेविन, थियारूबिगिन) में होला।
  • एमिनो एसिड: मुक्त एमिनो एसिड के मात्रा आमतौर पर शेंग पुएर से कम होला।
  • ऐल्केलॉइड: कैफीन, थियोब्रोमीन, थियोफिलीन। कैफीन के मात्रा अलग-अलग हो सकेला।
  • एसेंशियल ऑइल: किण्वन के दौरान एसेंशियल ऑइल के संरचना बहुत बदल जाला, शू पुएर के बिसेस “मिट्टी जइसन” सुगंध बनावेला।
  • पिगमेंट: गहिरा रंग के पिगमेंट, पॉलीफेनॉल ऑक्सीकरण उत्पाद, ढेर मात्रा में।
  • सूक्ष्मजीव: गीला ढेर लगावे के दौरान किण्वन में बिबिध सूक्ष्मजीव (बैक्टीरिया, फंगस) हिस्सा लेवेलन, जे शू पुएर के स्वाद, सुगंध आ गुण पर असर डालेला।
  • विटामिन: C, समूह B, E, K.
  • खनिज: पोटैशियम, फ्लोरीन, मैग्नीशियम, मैंगनीज, लोहा।

8. स्वास्थ्य के लाभ:

  • गरमाहट के असर: शू पुएर में जोरदार गरमाहट पैदा करे के गुण होला, एही से ई ठंडा मौसम में खास अच्छा लागेला।
  • पाचन सुधार: पाचन के उत्तेजित करेला, खाना, खासकर चिकनाहट वाला आ भारी, के पचावे में मदद करेला। पाचन गड़बड़ी, एसिडिटी में फायदेमंद। चीन में खाना के बाद शू पुएर अक्सर पीयल जाला।
  • टॉनिक असर: स्फूर्ति देला, थकान हटावेला, काम करे के क्षमता बढ़ावेला, ध्यान लगावे में मदद करेला, लेकिन शेंग पुएर से नरमी से काम करेला।
  • वजन घटावे: मेटाबॉलिज्म तेज करेला, चरबी तोड़े में मदद करेला, भूख नियंत्रित करेला। वजन घटावे के डाइट में अक्सर इस्तेमाल होला।
  • डिटॉक्स: शरीर से बिसैला पदार्थ बाहर निकाले, लीवर साफ करे, त्वचा सुधारे में मदद करेला।
  • दिल-धमनी तंत्र: “खराब” कोलेस्ट्रॉल (LDL) घटावे, धमनी देवाल मजबूत करे, दबाव सामान्य करे में मदद कर सकेला।
  • एंटीऑक्सीडेंट असर: बुढ़ापा धीमा करे, कई बेमारी के खतरा घटावेला।
  • जीवाणुरोधी आ वायरसरोधी असर: संक्रमण से लड़े के शरीर के क्षमता बढ़ावेला।
  • खून में शक्कर सामान्य करे: कुछ शोध बतावेलन कि शू पुएर खून में शक्कर लेवल सामान्य करे में मदद कर सकेला।

9. चाय बनावे के तरीका:

  • पानी के तापमान: 95-100°C (उबलत पानी)।

  • चाय के मात्रा: 150-200 मिली पानी खातिर 5-7 ग्राम।

  • बरतन: सबसे बढ़िया इसिंग माटी के चायदानी होला, काहें कि ई गर्मी अच्छा से रोकेला आ चाय के पूरा खिले देला। गाइवान (ढक्कन वाला कप) या चीनी माटी के बरतन भी इस्तेमाल हो सकेला।

  • प्रक्रिया:

    1. बरतन गरम करे: चायदानी या गाइवान के उबलत पानी से धो लीं।
    2. चाय धोवल (तेज पानी डालाई): चाय बरतन में डालीं, उबलत पानी डालीं आ फौरन पानी बहा दीं। एह से चाय पर जमल धूर साफ हो जाई आ ऊ बनावे खातिर तइयार हो जाई। शू पुएर, खासकर दबावल, खातिर ई चरण बहुत जरूरी बा।
    3. पहिला बनावट: चाय में उबलत पानी डालीं आ कुछ सेकेंड से 1-2 मिनट (पहिला पानी डालाई) ले भीगे दीं, चाय के उमिर आ चाहल गाढ़ापन के हिसाब से। नया शू पुएर जल्दी बनेला, पुरान ढेर देर में।
    4. अर्क प्याला में बाँटीं: चायदानी या गाइवान से अर्क के पूरा चाहाय (निकासी पात्र) में उड़ेल दीं, फिर प्याला में बाँट दीं।
    5. दोबारा बनावल: शू पुएर के कई बेर (5-7 बेर, कबो-कबो एकरा से बेसी) बनावल जा सकेला, हर अगिला पानी डालाई के साथ भीगे के समय 10-30 सेकंड धीरे-धीरे बढ़ावत जाईं। हर डालाई के साथ चाय के स्वाद आ सुगंध बदलत जाई।

महत्वपूर्ण बारीकी:

  • बेसी देर ना रखीं: बहुत लमहर भीगे से चाय के स्वाद बेसी कसैला भा “मिट्टी जइसन” हो सकेला।
  • चाय के सुनीं: आपन अनुभव के हिसाब से समय बदलीं, जब तक चाहल गाढ़ापन ना आ जाए।
  • पुरान शू पुएर खातिर: आग पर पकावे के तरीका इस्तेमाल कइल जा सकेला ताकि एकर स्वाद आ सुगंध पूरा तरह से खुल सके।

10. संरक्षण:

शू पुएर, शेंग से उल्टा, लमहर समय ले पुरान होखे खातिर ना बनल, हालाँकि एकरा बिना गुण खोवले काफी समय ले रखल जा सकेला।

  • जगह: सूखा, अँधेरा, अच्छा हवादार जगह, कमरा के तापमान पर।
  • डिब्बा: सबसे बढ़िया मूल पैकेजिंग (अगर ऊ कागज या बाँस के हो) भा माटी/सिरेमिक के डिब्बा जेकर ढक्कन कस के बंद होखे। टीन के डिब्बा भी इस्तेमाल हो सकेला, लेकिन सुनिश्चित करीं कि ओहमें कवनो दूसर गंध ना होखे।
  • चाय के दुश्मन: नमी, सीधा धूप, दूसर गंध, तापमान में तेज बदलाव।

11. दाम आ नकली सामान:

शू पुएर के दाम बहुत बड़ दायरा में हो सकेला, कुछ डॉलर प्रति ब्लिन/किर्पिच से लेके कई सौ आ हजार डॉलर ले दुर्लभ संग्रहालय नमूना खातिर। दाम निर्भर करेला:

  • कच्चा माल के क्वालिटी: कल्ली वाला कच्चा माल (जइसे गोंगटिंग) के दाम ढेर पाकल पत्ता से बेसी होला।
  • पेड़/झाड़ी के उमिर: पुरान पेड़ (लाओ शू) आ प्राचीन पेड़ (गु शू) के कच्चा माल महँगा होला।
  • उगावे के क्षेत्र: कुछ क्षेत्र, जइसे मेंघाई, प्रतिष्ठित मानल जाला।
  • उत्पादक के कौशल: चाय फैक्ट्री या निजी उत्पादक के अनुभव आ प्रतिष्ठा।
  • उत्पादन बरिस: कुछ विंटेज शू पुएर बहुत महँग हो सकेला।
  • माँग: कुछ ब्रांड आ प्रकार के ऊँच माँग दाम पर असर डालेला।

नकली से कइसे बचीं:

  • बिस्वास जोग बिक्रेता से खरीदीं: बढ़िया प्रतिष्ठा वाला बिसेस चाय दुकान खोजीं, जे अपना गहकी के कदर करे आ चाय के उत्पत्ति, तोड़ाई बरिस, उत्पादक के बारे में सही जानकारी दे सके।
  • बहुत कम दाम से सावधान: शक पैदा करे वाला कम दाम लगभग हमेशा नकली के पक्का निसानी ह, खासकर दबावल पुएर खातिर।
  • रूप ध्यान से देखीं: आकार, रंग, पत्ता/कल्ली के साबुतपन पर धियान दीं। ई ऊपर दिहल बिबरन के अनुरूप होखे के चाहीं। बेसी टूटल पत्ता, धूर, दूसर मिलावटी चीज निम्न क्वालिटी के निसानी ह।
  • सुगंध के परख करीं: सूखा चाय में बिसेस “मिट्टी जइसन”, लकड़ी जइसन सुगंध, मेवा, सूखा फल, चॉकलेट के नोट के साथ होखे के चाहीं। कमजोर, बेरंग, बासी या अजनबी गंध वाला चाय से बचीं। कृत्रिम सुगंध, जे कबो-कबो बेईमान बिक्रेता इस्तेमाल करेलन, आमतौर पर बहुत तेज, अप्राकृतिक गंध से पकड़ में आ जाला।
  • अर्क आ चाय के फोकवा जाँचीं: अर्क के रंग गहिरा अम्बर से गहिरा भूरा, पारदर्शी होखे के चाहीं। चाय के फोकवा में साबुत, लचकदार गहिरा भूरा पत्ता होखे के चाहीं।
  • पैकेजिंग पर धियान दीं: पैकेजिंग (खासकर दबावल पुएर के) सफा, बिना नोकसान के होखे के चाहीं। ओहमें उत्पादक, उत्पादन बरिस, उत्पत्ति क्षेत्र के जानकारी (हालाँकि ई भी नकली हो सकेला) लिखल होखे के चाहीं।
  • “गोंगटिंग” पुएर आ पुरान पेड़ के चाय खरीदत खास सावधान रहीं: ऊँच दाम के चलते ई सबसे बेसी नकली बनेला।

12. शू पुएर के प्रकार:

शू पुएर के कई आधार पर बाँटल जा सकेला:

  • रूप के हिसाब से:

    • ढीला (माओ चा): बिना दबावल चाय।
    • दबावल: ब्लिन (बिन चा), किर्पिच (चुआन चा), टो चा (छोट घोंसला), कद्दू, मशरूम वगैरह।
  • कच्चा माल के हिसाब से:

    • गोंगटिंग (宫廷, Gōngtíng - “महल के”): कोमल कल्ली आ ऊपर के पत्ता से बनल। स्वाद में सबसे कोमल आ नफीस मानल जाला।
    • बड़ पत्ता से: ढेर खुरदरा आ गहिर स्वाद।
    • कल्ली आ पत्ता के मिलावट: टिप्स आ पत्ता के बिबिध अनुपात।
  • उमिर के हिसाब से:

    • नया शू पुएर: 3 साल ले पुरान। स्वाद हल्का तेज हो सकेला, “मिट्टी जइसन” नोट साफ।
    • पुरान शू पुएर: 3 साल आ ओकरा से ढेर। स्वाद ढेर नरम, गोल, सूखा फल, मेवा, चॉकलेट के रंगत आवेला।
  • क्षेत्र के हिसाब से: मेंघाई, लिनचांग, सिमाओ (पुएर) वगैरह। हर क्षेत्र के टेरुआर अपन खासियत देवेला, जे चाय के स्वाद आ सुगंध पर असर डालेला।

  • फैक्ट्री/उत्पादक के हिसाब से: ढेर सारी चाय फैक्ट्री आ निजी उत्पादक शू पुएर बनावेलन। सबसे परसिद्ध: मेंघाई चाय फैक्ट्री (勐海茶厂, Měnghǎi Chá Chǎng), स्यागुआन फैक्ट्री (下关茶厂, Xiàguān Chá Chǎng) आ अउरी।

13. रोचक तथ्य:

  • “गीला ढेर लगावल”: “वो डुई” तकनीक (गीला ढेर लगावल) - ई शू पुएर के शेंग से मुख्य अंतर ह। एही से शू पुएर अपन बिसेस स्वाद आ सुगंध पावेला।
  • तेज “पुरान होखे”: शू पुएर, शेंग से उल्टा, बढ़िया स्वाद खातिर लमहर समय ले ना रखे के पड़ेला। ई बनावे के फौरन बाद पीये लायक होला।
  • “मिट्टी के स्वाद”: ढेर नया पुएर प्रेमी शू पुएर में बिसेस “मिट्टी जइसन” स्वाद महसूस करेलन। ई सामान्य बा आ त्वरित किण्वन के परिणाम ह। समय के साथ, सही रखरखाव पर, ई स्वाद नरम हो सकेला आ बदल सकेला।
  • फायदेमंद सूक्ष्मजीव: शू पुएर के किण्वन में फायदेमंद सूक्ष्मजीव हिस्सा लेवेलन, जे आंत के सूक्ष्मजीव तंत्र पर अच्छा असर डाल सकेला।

14. पीये के संस्कृति:

  • गोंगफू चा: शू पुएर, खासकर बढ़िया आ पुरान, गोंगफू चा बिधि - पारंपरिक चीनी चाय समारोह - से बनावे खातिर उपयुक्त बा।
  • बरतन: बनावे खातिर सबसे बढ़िया गाइवान या छोट इसिंग माटी के चायदानी इस्तेमाल करीं।
  • खाना के साथ मेल: शू पुएर चिकनाहट आ भारी खाना, आ कुछ मिठाई के साथ बढ़िया मेल खाला।
  • दिन के समय: ई चाय दिन के कवनो भी समय पीयल जा सकेला, लेकिन खासकर दुपहरिया खाना के बाद आ साँझ के चाय खातिर बढ़िया लागेला।

निष्कर्ष:

शू पुएर एगो अनोखा चाय ह, जेकर समृद्ध इतिहास, बिसेस “मिट्टी जइसन” सुगंध, गहिर, हल्का मीठ स्वाद आ ढेर सारा स्वास्थ्य लाभ बा। ई सादा किसान के पेय से लेके दुनिया के सबसे लोकप्रिय आ माँग वाला चाय में से एगो बने के लमहर सफर तय कइले बा। पुरान शेंग पुएर के तुलना में एकर सस्ता होखल एकरा नया आ अनुभवी चाय प्रेमी दुनो खातिर बढ़िया बिकल्प बनावेला। असली शू पुएर के स्वाद चाखल माने चाय के आनंद के नया पहलू खोजल, ऊ गर्मी आ आराम महसूस करल जे ई अनोखा पेय देवेला, आ युन्नान प्रांत के पुरान चाय संस्कृति के छुअल।