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रोउ गुइ

Ròu guì · 肉桂

रोउ गुइ के उत्पादन एगो जटिल प्रकिया ह जेह में बहुत कौशल के जरूरत पड़ेला। एह में उलून चाय बनावे के परंपरागत चरण आ वूईशान उलून के बिसेसता, खासकर **लकड़ी के कोइला पर लम्बा समय तक भूनाई** शामिल बा।

  • प्रकार: मजबूत ऑक्सीकरण उलून (गहिरा उलून), खासकर जोरदार भूनाई के साथ।
  • श्रेणी: चीन के बिसेस चाय, “चार गो महान कुल्टीवार” (四大名枞, Sì Dà Míng Cōng) में गिनल जाला जे वूई परबत (वूईशान) के ह। बाकी तीन: दा होंग पाओ (大红袍, Dà Hóng Páo), तिए लुओहान (铁罗汉, Tiě Luóhàn) आ बाई जी गुआन (白鸡冠, Bái Jī Guān)।
  • उत्पत्ति: चीन, फुजियान प्रांत (福建, Fújiàn), वूईशान परबत (武夷山, Wǔyí Shān), वूईशान सहरी जिला। सबसे नीक मानल जाए वाला चाय “झेंग यान” (正岩, Zhèng Yán) – “असली चट्टान” इलाका में उगावल जाला।
  • भूगोलीय निर्देशांक: 27°43’ उत्तर अक्षांश, 117°41’ पूरब देशांतर।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्त्व:

  • इतिहास: रोउ गुइ के बहुते पुरान इतिहास बा, कई सदी पुरान। मानल जाला कि इ मिंग राजघराना (1368–1644) के समय से चिन्हाल गइल रहे, आ किंग (1644–1912) काल में एकर ब्यापक परसार भइल।
  • नाम:
    • “रोउ” (肉) – मांस, मांसल। कुछ लोग मानेला कि इ शब्द चाय के समृद्धि आ घनापन के संकेत देला। दोसर लोग एकर संबंध चाय के पत्ती के लरजिला रंग से जोड़ेला।
    • “गुइ” (桂) – दालचीनी, तेजपत्ता नियर पेड़। ई चाय के खास मसालेदार दालचीनी नियर सुगंध के ओर इशारा करेला।
  • सांस्कृतिक महत्त्व: रोउ गुइ वूईशान उलून के एगो आधारस्तंभ ह, ताकत आ आग के रूप। एकर जोरदार, यादगार सुगंध, समृद्ध स्वाद आ तगड़ा असर खातिर एकर बहुत कदर कइल जाला।

3. वनस्पति बिबरन आ कच्चा माल:

  • किसिम: रोउ गुइ चाय बनावे खातिर एकही नाँव के चाय झाड़ी के किसिम इस्तेमाल होला – रोउ गुइ (肉桂, ròu guì)। इ किसिम के बिसेसता:
    • बिचला आकार के पत्ती: रोउ गुइ के पत्ती बिचला आकार के, अंडाकार रूप के होला।
    • गहिरा हरियर पत्ती के रंग: पत्ती गहिरा हरियर होला।
    • पत्ती के घना बनाबट: पत्ती के तह घन, मांसल होला।
    • साफ सुगंध: रोउ गुइ किसिम के तेज, मसालेदार सुगंध झाड़ी के बढ़ती के दौर में ही दिखाई पड़े लागेला।
  • तुड़ाई: बसंत में, आमतौर पर अप्रैल के अंत से मई के सुरुआत में होला।
  • तुड़ाई के मानक: एगो कली आ दू-तीन ऊपरी पत्ती लेबल जाला।
  • कच्चा माल पर माँग: ऊँच बा, खाली सेहतमंद, बिना नोकसान वाला पत्ती इस्तेमाल होला।

4. टेरोइर आ खेती के बिसेसता:

  • वूईशान परबत: ई एगो अनोखा पहाड़ी इलाका बा जे लाल बलुआ पत्थर से बनल बा, एकर खास “चट्टानी” परिदृश्य बा। चाय के झाड़ी चट्टान के दरार में, छोट-छोट जमीन के टुकड़ा पर उगेला जे पहाड़ी चोटी, नदी आ झरना से घिरल होला।
  • ऊँचाई: समुंद्र तल से 500-1000 मीटर या ओकरा से ऊपर।
  • माटी: वूईशान के खास पहिचान एकर अनोखा माटी (“झेंग यान” – “असली चट्टान” के माटी)। लाल माटी, खनिज से भरपूर, जेह में बलुआ पत्थर आ कंकड़ मिलल रहेला। ई पानी के निकास बढ़िया से करेला आ चाय के एगो बिसेस “खनिज” स्वाद देला जेकरा के “यान युन” (岩韵, yányùn) कहल जाला – “चट्टान के धुन”।
  • जलवायु: उपोष्णकटिबंधीय मानसूनी, हल्का जाड़ा आ गरम गर्मी वाला। ढेर नमी, खूब बरखा, अक्सर कुहासा जे चाय के झाड़ी के तपत घाम से बचावेला आ पत्ती में सुगंधित पदार्थ जमा करे में मदद करेला।
  • “झेंग यान” (正岩, Zhèng Yán): “असली चट्टान” – संरक्षित क्षेत्र के दिल, जहाँ मानल जाला कि सबसे बढ़िया, “प्रामाणिक” रोउ गुइ पैदा होला। ई सकरी घाटी ह जेकर चट्टान ऊँच आ खड़ा होला, जहाँ चाय के झाड़ी दरार में छोट जमीन पर उगेला। इहाँ उगे के हालात सबसे मुश्किल होला, जेकरा चलते चीनी लोग के अनुसार चाय के खास कीमत बढ़ जाला।
  • “बान यान” (半岩, Bàn Yán): “आधा-चट्टान” – “झेंग यान” के आसपास के इलाका, जहाँ के हालात कुछ कम चरम लेकिन फिर भी काफी मुश्किल होला।
  • “झोउ चा” (洲茶, Zhōu Chá): “द्वीपीय चाय” – संरक्षित क्षेत्र से बाहर समतल जमीन पर उगावल चाय। एकरा के सबसे कम मूल्यवान मानल जाला।

5. उत्पादन के तकनीक:

रोउ गुइ के उत्पादन एगो जटिल प्रकिया ह जेह में बहुत कौशल के जरूरत पड़ेला। एह में उलून चाय बनावे के परंपरागत चरण आ वूईशान उलून के बिसेसता, खासकर लकड़ी के कोइला पर लम्बा समय तक भूनाई शामिल बा।

  • तुड़ाई (采摘 – cǎi zhāi): ऊपर बतावल गइल बा।
  • मुरझान (萎凋 – wěidiāo): तोड़ल पत्ती के कई घंटा खुला हवा में (धूप या छाँव में मुरझान) या भीतर रख के सुखावल जाला। मुरझान के ई प्रकिया काफी लमहर चल सकेला।
  • हिलाय-डुलाय (摇青 – yáo qīng): पत्ती के बाँस के टोकरी में धीरे-धीरे हिलाय आ उलटाय जाला ताकि ऑक्सीकरण सुरू हो सके। ई चरण कई बेर बीच-बीच में पत्ती के आराम दे के दोहरावल जाला।
  • ऑक्सीकरण (发酵 – fājiào): पत्ती के हिलाय-डुलाय आ आराम के दौरान होखे वाला ऑक्सीकरण के प्रकिया। रोउ गुइ मजबूत ऑक्सीकरण वाला उलून में आवेला, लेकिन ऑक्सीकरण के मात्रा उत्पादक आ चाय के खेप के हिसाब से बदल सकेला।
  • ‘हरियाली मारल’ (杀青 – shā qīng): ऑक्सीकरण रोके खातिर ऊँच तापमान पर भूनाई।
  • बटोरल (揉捻 – róuniǎn): पत्ती के लम्बाई में बट के पट्टी नियर रूप देहल जाला।
  • सुखाई (烘干 – hōnggān): पानी हटावे खातिर सुरुआती सुखाई।
  • कोइला पर भूनाई (焙火 – bèihuǒ): ई वूईशान उलून के उत्पादन के खास चरण ह, जेह में रोउ गुइ भी शामिल बा। चाय के बिसेस टोकरी में सुलगत कोइला के ऊपर धीरे-धीरे भूनल जाला। ई प्रकिया कई घंटा चाहे दिन ले चल सकेला, आ तापमान आ समय के मास्टर बड़े सफाई से नियंत्रित करेला। कोइला पर भूनाई से रोउ गुइ के एगो खास “धुँआर” सुगंध आ “आग्नेय” स्वाद मिलेला, आ साथे-साथ भंडारण के दौरान एकर परिपक्व होखे में भी मदद मिलेला। भूनाई के मात्रा हल्का से ले के तेज तक हो सकेला।
  • छँटाई (分级 – fēnjí): तइयार चाय के आकार आ गुणवता के हिसाब से छाँटल जाला।
  • आराम: भूनाई के बाद चाय के कुछ समय आराम दिहल जाला ताकि स्वाद आ सुगंध संतुलित हो सके।
  • फेर से भूनाई: कबो-कबो दोबारा, हल्का भूनाई कइल जाला।

6. इंद्रियबोध के बिसेसता (संवेदी बिसेसता):

  • सूखल पत्ती के रूप: बड़-बड़, लमहर बटल पत्ती, गहिरा भुअर, लगभग करिया, ललछौह आभा लिए। पत्ती घन, मजबूत, तेलियायल देखाई पड़ेला। कबो-कबो तेज भूनाई के कारण हल्का भूअर परत देखाई पड़ सकेला।
  • सूखल पत्ती के सुगंध: बहुत तेज, खास, मसालेदार, साफ दालचीनी के नोट के साथ, आ “आग” (भूनाई) के नोट, लकड़ी, चॉकलेट, फल (सूखल फल) आ फूल के बारीक-बारीक गंध।
  • पानी के सुगंध: समृद्ध, गहिर, लपेट लेवे वाला, दालचीनी के मुख्य नोट, भूनाई, सूखल मेवा, चॉकलेट, कारमेल, मसाला के महक।
  • स्वाद: बहुत समृद्ध, घन, तेलियायल, हल्का कसैला आ कुलीन कड़वाहट के साथ जे जल्दीए लमहर, मीठ बाद के स्वाद में बदल जाला। स्वाद के गुलदस्ता में दालचीनी, मसाला, “आग” (भूनाई), लकड़ी, चॉकलेट, फल (सूखल आलूबुखारा, खुबानी, किसमिस), अखरोट के बारीक नोट साफ दिहले। बिसेस “चट्टान के धुन” (“यान युन”) मौजूद रहेला।
  • पानी के रंग: गहिरा अंबर से ले के लाल-भुअर, कान्याक जइसन, पारदर्शी, साफ, तेलियायल चमक के साथ। पानी के रंग ऑक्सीकरण आ भूनाई के मात्रा पर निर्भर करेला।
  • चाय के तली (भिजल पत्ती): पूरा, घन, लचकदार पत्ती गहिरा भुअर ललछौह आभा के साथ, चाय बनावे के दौरान खुलेला।

7. रासायनिक संगठन:

रोउ गुइ, वूईशान के अउरी उलून चाय नियर, निम्नलिखित से भरपूर होला:

  • पॉलीफेनॉल: पॉलीफेनॉल के भरपूर मात्रा, जेह में कैटेचिन, थियाफ्लेविन, थियारूबिजिन शामिल बा।
  • अमीनो एसिड: कई किसिम के अमीनो एसिड, एल-थियानिन (L-theanine) समेत।
  • अल्केलॉइड: कैफीन, थियोब्रोमिन, थियोफिलिन।
  • आवश्यक तेल: आवश्यक तेल से भरपूर, खासकर सिनेमल्डिहाइड (cinnamaldehyde), यूजेनॉल (eugenol), जे खास सुगंध के कारण बनेला।
  • विटामिन: सी, बी समूह, ई, के।
  • खनिज: पोटैशियम, फ्लोरीन, मैग्नीशियम, मैंगनीज, लोहा, सेलेनियम।

8. फायदेमंद गुण:

  • गरमाहट पैदा करे वाला असर: रोउ गुइ में साफ गरमाहट के असर होला, एही खातिर ई जाड़ा के दिन में खास तौर पर बढ़िया लागेला।
  • पाचन में सुधार: पाचन के तेज करेला, खाना खासकर चिकनाहट के पचावे में मदद करेला।
  • तरोताजा करे वाला असर: ताकत देला, दिमाग साफ करेला, काम करे के शक्ति आ ध्यान एकट्ठा करे के ताकत बढ़ावेला।
  • एंटीऑक्सीडेंट असर: कोशिका के मुक्त कण से होखे वाला नुकसान से बचावेला, बूढ़ होखे के प्रक्रिया के धीमा करेला।
  • हृदय-रक्तवाहिका तंत्र: “खराब” कोलेस्ट्रोल के मात्रा कम करे, नस के देवार मजबूत करे, दबाव सामान्य करे में मदद कर सकेला।
  • बिस निकाले: शरीर से गंदगी आ बिस साफ करे में मददगार।
  • मूड सुधारे: रोउ गुइ अइसन चाय ह जे गरमाहट, आरामदायक आ खुशी के एहसास देला। थकान, तनाव या अवसाद के हालत में ई पीये खातिर बहुते सलाह दिहल जाला।

9. चाय बनावे के तरीका:

  • पानी के तापमान: 90–95°C (खउलत पानी इस्तेमाल करे के सलाह ना दिहल जाला)।
  • चाय के मात्रा: 150–200 मिली पानी खातिर 5–7 ग्राम।
  • बर्तन: सबसे बढ़िया गाइवान (परंपरागत चीनी ढक्कनदार कप) या यिशिंग माटी के केतली। यिशिंग माटी छिद्रदार होला आ बढ़िया से “साँस लेवेला”, जेकरा चलते चाय पूरा तरीका से खुल सकेला। यिशिंग के केतली चाय के सुगंध “जमा करे” लेला, एही खातिर एकरा के खाली वूईशान उलून खातिर इस्तेमाल करे के सलाह दिहल जाला।
  • प्रकिया:
    1. बर्तन गरम करीं: गाइवान या केतली के खउलत पानी से खँगारीं ताकि बर्तन गरम हो जाए आ चाय बनावे खातिर तइयार हो सके।
    2. चाय के धोवल (झटपट पानी ढरकावल): गाइवान में चाय रखीं, थोड़हन गरम पानी डालीं आ तुरते पानी उड़ेल दीं। ई चरण पत्ती पर से धूर हटावे आ चाय के “जगावे” में मदद करेला, ताकि ई खुले खातिर तइयार हो सके।
    3. पहिला बेर चाय बनावल: चाय में गरम पानी (90–95°C) डालीं आ 1–3 मिनट ले पकावे दीं। पहिला बेर के समय छोट हो सकेला, लगभग 30–60 सेकंड, खासकर अगर चाय बढ़िया गुणवता के होखे।
    4. चाय के कप में बाँटीं: गाइवान या केतली से चाय के पूरा पानी चाहाय (न्याय के बर्तन) में ढरका लीं, फेर कप में बाँट दीं। ई एह खातिर जरूरी बा कि सब कप में एक जइसन मजबूती के चाय मिले।
    5. बार-बार चाय बनावल: रोउ गुइ के 5–7 बेर, कबो-कबो ओकरा से बेसी बेर बनावल जा सकेला, हर बाद के बेर में पानी पकावे के समय 30–60 सेकंड बढ़ावत जाईं। हर बेर स्वाद आ सुगंध नया रूप लेई।

जरूरी बात:

  • बेसी ना पकावे दीं: बहुत देर तक पकावले से चाय के स्वाद कसैला आ कड़वा हो सकेला।
  • चाय के सुनीं: अपना अनुभव के हिसाब से चाय के मजबूती के हिसाब से पकावे के समय घटा-बढ़ा लीं।
  • चाय पर ध्यान दीं: पानी के रंग, सुगंध, पत्ती के खुले पर गौर करीं। एह से रउरा चाय के चरित्र के बेहतर समझ पाईं आ बनावे के बढ़िया तरीका चुन पाईं।

10. भंडारण:

रोउ गुइ, खासकर तेज भूनल चाय, भंडारण के हालात के मामला में हरियर या हल्का ऑक्सीकरण वाला उलून से कम माँग वाला होला। फिर भी, एकर समृद्ध स्वाद आ सुगंध बचावे खातिर सलाह बा:

  • जगह: चाय के सूखा, अँधेरा, ठंढा जगह राखीं, जहाँ तापमान में अचानक बदलाव ना होखे।
  • बर्तन: हवाबंद बर्तन इस्तेमाल करीं, सबसे बढ़िया होई:
    • मिट्टी के कलसी या चीनी माटी के जार: ई चाय के सुगंध बढ़िया से बचावेला आ स्वाद पर कौनों असर ना डालेला।
    • माटी के जार: इहो उपयुक्त बा, लेकिन ध्यान दीं कि एकरा में कौनो बाहरी गंध ना होखे।
    • धातु (टिन) के डब्बा: इस्तेमाल क सकत बानी, लेकिन ध्यान दीं कि ई खाद्य पदार्थ खातिर बनल होखे।
    • मोट पेपर पैकेट: छोटका समय के भंडारण खातिर उपयुक्त।
  • चाय के दुसमन: चाय के संपर्क से बचाईं:
    • सीधा धूप: ई उपयोगी पदार्थ के बरबाद करेला आ सुगंध खराब कर देला।
    • नमी: चाय गील हो सकेला आ ओह में फफूंद लाग सकेला।
    • बाहरी गंध: चाय में आसानी से गंध लाग जाला, एही खातिर एकरा के मसाला, कॉफी, मछरी आ अउरी तेज गंध वाला चीज से अलग राखीं।

11. मूल्य आ नकली (दाम आ नकल):

रोउ गुइ एगो महँग चाय ह, खासकर अगर इ “झेंग यान” संरक्षित क्षेत्र से आवे। एकर दाम बहुत बड़ा दायरा में हेरफेर क सकेला, 100 ग्राम के कई दहाई डॉलर से ले के कई सौ डॉलर, आ कबो-कबो ओकरा से बहुते बेसी, जेकर कारन बा:

  • उत्पत्ति: “झेंग यान” (“असली चट्टान”) के चाय “बान यान” से बहुत बेसी कीमती मानल जाला।

11. मूल्य आ नकली (जारी):

  • कच्चा माल के गुणवता: चुनल कली आ जवान पत्ती या बेसी पकल कच्चा माल इस्तेमाल भइल बा।
  • उत्पादक के कौशल: चाय उत्पादक मास्टर के अनुभव आ प्रतिष्ठा के असर दाम पर बहुते पड़ेला।
  • भूनाई के मात्रा आ गुणवता: अनुभवी मास्टर दुआरा कइल गइल जटिल, कई चरण के कोइला भूनाई चाय के कीमत बहुते बढ़ा देला।
  • चाय के उमिर: कुछ शौकीन बूढ़ हो चुकल रोउ गुइ पसंद करेला, जे समय के साथ नया स्वाद आ सुगंध के नोट पकड़ेला।
  • दुर्लभता: कुछ दुर्लभ किसिम या मिश्रण बहुत महँग हो सकेला।
  • माँग: रोउ गुइ के ऊँच माँग एकर दाम पर भी असर डालेला।

रोउ गुइ के ऊँच दाम आ लोकप्रियता के चलते, बाजार में दुर्भाग्य से बहुते नकली आ अनुकरण मौजूद बा। नकली से बचे के तरीका:

  • खाली जाँचल-परखल बिक्रेता से खरीदीं: अइसन बिसेस चाय दोकान खोजीं जेकर प्रतिष्ठा बढ़िया हो, जे अपना ग्राहक के कदर करेला आ चाय के उत्पत्ति, तुड़ाई के साल, उत्पादक के बारे में सही जानकारी दे सके। ऊ लोग एकर असलियत आ गुणवता के गारंटी भी दे सकेला।
  • बहुत कम दाम से सावधान रहीं: संदिग्ध रूप से कम दाम लगभग हमेशा नकली के पक्का संकेत होला। असली रोउ गुइ सस्ता ना हो सकेला। याद राखीं, चमत्कार ना होखेला।
  • ध्यान से बाहरी रूप देखीं: पत्ती के आकार, रंग, पूरा होखे पर ध्यान दीं। ऊ ऊपर दिहल बिबरन के अनुसार होखे के चाहीं। ढेर टूटल पत्ती, धूर, बाहरी मिलावट के होखल निचला गुणवता चाहे नकली के पहिचान ह।
  • सुगंध के जाँचीं: सूखा चाय में समृद्ध, जटिल सुगंध होखे के चाहीं जेह में दालचीनी, भूनाई, सूखल फल के खास नोट होखे। कमजोर, बेजान, बासी या बाहरी गंध वाला चाय से बचीं। बनावटी सुगंध, जे कबो-कबो बेईमान बिक्रेता इस्तेमाल करेला, आमतौर पर बहुत तेज, अप्राकृतिक गंध से पहिचानल जा सकेला।
  • पानी आ चाय के तली के जाँचीं: पानी के रंग गहिरा अंबर से लाल-भुअर, पारदर्शी, तेलियायल चमक वाला होखे के चाहीं। चाय के तली पूरा, लचकदार, गहिरा भुअर रंग के पत्ती से बनल होखे के चाहीं।
  • “झेंग यान” के रोउ गुइ खरीदत घरी खास सावधानी बरतल जाव: उत्पादन के सीमित मात्रा आ ऊँच माँग के चलते, एह क्षेत्र के चाय सबसे बेसी नकली होखे के खतरा रहेला।

12. रोचक तथ्य:

  • “रोउ गुइ सुगंध के राजा, शुई शियान स्वाद के राजा”: चीन में इहे बोलल जाला, एह दुनो मसहूर वूईशान उलून के मुख्य खूबी पर जोर देहल जाला।
  • “सात बेर रोउ गुइ बनाव, दालचीनी के सुगंध ओतने ले ना होई गायब”: ई कहावत रोउ गुइ के सुगंध के स्थायित्व आ कई बेर चाय बनावे के एकर क्षमता के बारे में बतावेला।
  • जाड़ा के मौसम के चाय: अपना गरमाहट के असर के चलते, रोउ गुइ खासकर पतझड़ आ जाड़ा में बढ़िया लागेला।
  • खाना के संगे जोड़: रोउ गुइ मांसाहारी पकवान, पेस्ट्री, मिठाई, अखरोट के साथ बढ़िया बइठेला।

13. दोसर चट्टानी उलून साथ तुलना:

  • दा होंग पाओ (大红袍, Dà Hóng Páo – बड़का लाल चोगा): अक्सर रोउ गुइ से तुलना होला काहें कि दुनो के उत्पत्ति के जगह एक्के नियन बा। दा होंग पाओ में आमतौर पर बेसी जटिल आ बहुमुखी स्वाद होला जेह में नोट के बड़ा स्पेक्ट्रम रहेला, जबकि रोउ गुइ दालचीनी के उज्जर, मुख्य सुगंध से अलग पहिचान राखेला।
  • शुई शियान (水仙, Shuǐ Xiān – पानी नरगिस): एगो अउरी मसहूर वूईशान उलून। शुई शियान में आमतौर पर स्वाद में बेसी फूल आ क्रीम के नोट होला, जबकि रोउ गुइ में मसालेदार आ “आग्नेय” नोट।
  • तिए लुओहान (铁罗汉, Tiě Luóhàn – लोहा अरहंत): इहो वूईशान परबत में बनेला। तिए लुओहान में आमतौर पर बेसी तगड़ा, कसैला स्वाद होला जेह में साफ खनिज के नोट होला, जबकि रोउ गुइ बेसी मीठ आ सुगंधित होला।

14. रोउ गुइ के किस्म:

उगे के जगह, तुड़ाई के समय, प्रसंस्करण के तकनीक आ भूनाई के मात्रा के हिसाब से रोउ गुइ के कई किसिम मौजूद बा:

  • झेंग यान रोउ गुइ (正岩肉桂): सबसे मूल्यवान आ महँग, “असली चट्टान” संरक्षित क्षेत्र से आवेला। सबसे साफ “चट्टानी” चरित्र (“यान युन”) वाला।
  • बान यान रोउ गुइ (半岩肉桂): “आधा-चट्टान” क्षेत्र में बनेला जे “झेंग यान” के चारो ओर बा। एकरो कदर बा, लेकिन ई थोड़ा कम परिष्कृत मानल जाला।
  • झोउ चा रोउ गुइ (洲茶肉桂): “द्वीपीय” रोउ गुइ जे संरक्षित क्षेत्र के बाहर समतल जमीन पर उगावल जाला। दाम के हिसाब से सबसे सुलभ।
  • निउ लान केंग रोउ गुइ (牛栏坑肉桂): “गोरू के बाड़ा के दालचीनी”। बहुत दुर्लभ आ महँग किसिम, एकर कच्चा माल “झेंग यान” क्षेत्र के एगो सकरी घाटी निउ लान केंग से एकट्ठा होला। मानल जाला कि एह घाटी के चाय में खास तगड़ा सुगंध आ स्वाद होला।
  • लाओ रोउ गुइ (老肉桂): बूढ़ हो चुकल रोउ गुइ जे कई साल चाहे दसकन से रखल होला। एकर गहिरा आ बेसी जटिल स्वाद खातिर कदर कइल जाला।

निष्कर्ष के रूप में:

रोउ गुइ वूईशान उलून के एगो उज्जर, करिशमाई परतिनिधि ह, असली “आग्नेय” चाय जेकर सुगंध आ स्वाद में दालचीनी के मुख्य नोट होला। एकर समृद्ध, गरमाहट देवे वाला चरित्र, कई बेर चाय बनावे के क्षमता आ शरीर पर फायदेमंद असर एकरा के दुनिया भर के चाय पारखी लोग के बीच सबसे पसंदीदा आ माँग वाला चाय में से एक बना दिहले बा। असली रोउ गुइ के स्वाद लेवे के मतलब बा चीन के प्राचीन चाय परंपरा के छुअल, वूईशान के चट्टान के ताकत आ ऊर्जा के महसूस कइल आ चाय के आनंद के नया, अविस्मरणीय आयाम खोजल। ई चाय ओह लोग खातिर बा जे ताकत, गहिराई आ उज्जर, यादगार अनुभव के कदर करेला।