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रीयुएटान होंगचा

Rìyuètán hóngchá · 日月潭紅茶

जियुएतान होंग चा ताइवान के लाल चाय उत्पादन के गौरव ह, जवन द्वीप के सबसे सुन्दर कोना में से एगो – सन मून झील (日月潭, Rìyuètán) के तीरे – पैदा भइल बा। इ चाय आधा सदी के चयन के फल ह, जवन भारतीय आसाम आ जंगली ताइवानी पर्वतीय चाय के खून के मिला के बनल बा। एकर पहिचान खातिर सबसे खास किसिम बा **टाई चा नं.

जियुएतान होंग चा ताइवान के लाल चाय उत्पादन के गौरव ह, जवन द्वीप के सबसे सुन्दर कोना में से एगो – सन मून झील (日月潭, Rìyuètán) के तीरे – पैदा भइल बा। इ चाय आधा सदी के चयन के फल ह, जवन भारतीय आसाम आ जंगली ताइवानी पर्वतीय चाय के खून के मिला के बनल बा। एकर पहिचान खातिर सबसे खास किसिम बा टाई चा नं. १८ “होंग यू” (紅玉, “लाल जेड”), जवन दुनिया में अकेल किसिम ह जेमे प्राकृतिक दालचीनी आ पुदीना के गंध होला – इ कौनों अउरी चाय बनावे वाला देस में ना पावल जाला।

१. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:

  • प्रकार: लाल चाय (紅茶, hóngchá), पूर्ण रूप से ऑक्सीडाइज्ड (१००% खमीर). यूरोपीय वर्गीकरण में – काला चाय।
  • श्रेणी: ताइवानी लाल चाय सर्वोच्च श्रेणी। ताइवानी लाल चाय उत्पादन के प्रमुख। यूची (魚池) जिला के आधिकारिक रूप से “ताइवान के लाल चाय के जनम भूमि” मानल गइल बा।
  • उत्पत्ति: ताइवान (臺灣, Táiwān), नान्टू काउंटी (南投縣, Nántóu Xiàn), यूची टाउनशिप (魚池鄉, Yúchí Xiāng) – इलाका जे सन मून झील (日月潭, Rìyuètán, माने “सूरज आ चन्द्रमा के झील”) के चारो ओर बा। इ ताइवान के सबसे बड़हन प्राकृतिक झील ह, जवन समुद्र तट से ७४८ मीटर उँचाई प द्वीप के बिचला पहाड़ी हिस्सा में स्थित बा।
  • भूगोलीय निर्देशांक: लगभग २३°५१′ उत्तरी अक्षांश, १२०°५४′ पूर्वी देशांतर।
  • दोसर नाँव: ताइवान होंग चा (臺灣紅茶); खास किसिम के अनुसार: होंग यू (紅玉, “लाल जेड” – टाई चा नं. १८), होंग यून (紅韻, “लाल लय” – टाई चा नं. २१), टाई चा नं. ८ (台茶8號)।

२. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • इतिहास: ताइवान में लाल चाय के इतिहास जापानी उपनिवेश काल (१८९५-१९४५) में शुरू होला। सन १९२५ में जापानी कृषि वैज्ञानिक भारत से आसाम चाय के पौधा के कलम (Camellia sinensis var. assamica) ले आइलें आ इनका के ताइवान के कई गो इलाका – पिंगझेन (平鎮) आ यूची (魚池) में लगवलें। यूची के जलवायु आसाम से मिलत-जुलत रहे, एही से इहँवा सबसे बढ़िया परिणाम मिलल आ ताइवान के गवर्नर-जनरल (臺灣總督府) इहँवा यूची लाल चाय परीक्षण शाखा (魚池紅茶試驗支所) अस्थापित कइलें, जे आजुआ चाय आ पेय सुधार केन्द्र (茶業改良場魚池分場, TRES आगो शाखा) के पूर्वज ह। एही बीच, शोधकर्ता लोग ताइवान के जंगली पर्वतीय चाय (Camellia formosensis) – द्वीप के एगो खास पौधा – के खोज कइलें।

    १९३० के दशक में ताइवानी लाल चाय के सुनहरा जुग रहे: निर्यात ५८ लाख जिन (लगभग ३.५ हजार टन) ले पहुँच गइल (१९३७), चाय जापान आ रूस भेजल जात रहे। दोसरा बिस्व जुद्ध के समय ढेरे शोधकर्ता लोग के जुद्ध ले भेज दिहल गइल; केन्द्र प खाली निदेशक अराई कोकिचिरो (新井耕吉郎) रह गइलें, जे अकेले संग्रह के बचवले रहलें। सन १९४६ में, ताइवान के चीन गणतंत्र के सौंप दियला के बाद, चयनकर्ता लोग एगो बिसाल परियोजना शुरू कइलें: बर्मी बड़का पत्ता वाला आसामी चाय बी-७२९ (मादा कतार) के जंगली ताइवानी पर्वतीय चाय बी-६०७ (नर कतार) से संकरण करल गइल। चयन, परीक्षण आ स्थिरीकरण में पूरा ४८ साल लग गइल – आ सन १९९९ में कार्यकारी युआन नवका किसिम के आधिकारिक नाँव टाई चा नं. १८ (台茶18號) दिहलस आ एकर काव्यमय नाँव “होंग यू” (紅玉, “लाल जेड”) रखलस – काहे कि एकर पानी भरपूर मानिक जइसन लाल रंग के होला।

    भाग्य के बिडम्बना देखीं: ओही सन १९९९ में जिजी भुँईकाँप (921大地震, २१ सितम्बर १९९९, तीव्रता ७.६) यूची के तहस-नहस कर देलस – एकर केन्द्र लगहीं रहे। तबो, इ बिपात एगो मोड़ बनि गइल: पुरइन योजना में चाय उद्योग के जानबूझ के बढ़ावा दिहल गइल, आ होंग यू ताइवान के “लाल पुनर्जागरण” के प्रतीक बनि गइल। सन २००८ में उहे केन्द्र प एगो अउरी किसिम – टाई चा नं. २१ “होंग यून” (紅韻, “लाल लय”) – पैदा कइल गइल।

  • नाँव:

    • “जियुएतान” (日月潭) – “सन मून झील”। इ नाँव झील के आकृति के कारण पड़ल: पूर्वी भाग सूरज (日) नियर, पच्छिमी अर्धचन्द्र (月) नियर लउकेला।
    • “होंग चा” (紅茶) – “लाल चाय”।
    • “होंग यू” (紅玉) – “लाल जेड”, टाई चा नं. १८ के काव्यमय नाँव, जे पानी के रक्तमणि जइसन लाल रंग के ओर इशारा करेला।
  • सांस्कृतिक महत्व: जियुएतान होंग चा – प्रतीक चाय: १९९९ के भूईँकाँप के बाद इलाका के पुनर्जागरण के प्रतीक आ दुनिया में लाल चाय के बीच ताइवानी पहचान के प्रतीक। टाई चा नं. १८ “होंग यू” – ताइवान के अकेल खास किसिम, जवन दुनिया में कतहूँ ना मिले; एकर दालचीनी आ पुदीना के गंध दोसर कच्चा माल प ना बन सकेला। सन मून झील मध्य ताइवान के सबसे बड़हन पर्यटन आकर्षण ह, आ चाय इहँवा के ब्रांड के अभिन्न अंग बनि गइल बा।

३. वानस्पतिक बिबरण आ कच्चा माल:

  • किसिम / कल्टीवार: जियुएतान होंग चा खातिर इस्तेमाल होखे वाला मुख्य किसिम:
    • टाई चा नं. १८ “होंग यू” (台茶18號 紅玉): प्रमुख। बर्मी बड़का पत्ता वाला आसामी चाय बी-७२९ (C. sinensis var. assamica) × जंगली ताइवानी पर्वतीय चाय बी-६०७ (Camellia formosensis) के वर्णशंकर। टीआरईएस आगो केन्द्र प ४८ बरिस के चयन (१९४६-१९९९) से बनल। पत्ता बड़हन, नोकदार टिप्स बहुत होला। बेजोड़ गंध – प्राकृतिक दालचीनी (肉桂香, ròuguì xiāng) आ पुदीना/मेन्थॉल (薄荷香, bòhé xiāng) के महक। एहमे अइसन खास टेर्पेन यौगिक होला जवन दोसर कवनो किसिम में ना मिले। इ खाली ताइवान में उपजाला – दुनिया के खास किसिम।
    • टाई चा नं. २१ “होंग यून” (台茶21號 紅韻): नवका किसिम (२००८)। एहमे जावित्री-शहद के गंध होला जेमे निम्बुए नियर सुगंध होला। नं. १८ से कम प्रचलित बा।
    • टाई चा नं. ८ (台茶8號): सुरुआती आसामी वर्णशंकर (१९३० के दशक)। क्लासिक रूपरेखा – यव-बीज-कैरामेल जइसन, बिना दालचीनी-पुदीना के गंध के। कम इस्तेमाल होला।
    • आसामी किसिम (大葉種): आसामी चाय के शुद्ध कतार, जवन १९२० के दशक में ले आवल गइल। इ “भारतीय” शैली के गाढ़, भरपूर लाल चाय देवेला।
    • ताइवानी जंगली पर्वतीय चाय (臺灣山茶, Camellia formosensis): द्वीप के खास पौधा। कम इस्तेमाल होला, बाकिर एकरा से अलग “जंगली” गुण मिल जाला।
  • तोड़ाई: बसंत से पतझड़ (मार्च-नवम्बर)। सबसे बढ़िया मौसम – गर्मी (जून-अगस्त): गरम आ नम जलवायु से बड़का पत्ता के पौधा जोर से बढ़ेला आ सुगन्धित पदार्थ जमा होला। टाई चा नं. १८ के गर्मी के तोड़ाई “सोना के पैमाना” मानल जाला।
  • तोड़ाई के मानक: एगो कोंपल आ दू-तीन पत्ता (一芽二三葉)। बढ़िया दरजा खातिर हाथ से तोड़ल जरूरी बा (手採, shǒu cǎi)।
  • कच्चा माल के जरूरत: बड़हन, स्वस्थ, बिना खराबी के कोंपल। जल्दी से कारख़ाना पहुँचावल जरूरी।

४. टेरवार आ उगाई के खासियत:

  • सन मून झील: ताइवान के सबसे बड़हन प्राकृतिक झील, समुद्र तट से ७४८ मीटर उँचाई प द्वीप के बिचला भाग के पहाड़न में। चारो ओर उपोष्णकटिबंधीय जंगल से ढँकल पहाड़। इ इलाका के जलवायु – उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय, बहुत नमी आ कोहरा के साथ – आसाम से अद्भुत रूप से मिलत-जुलत रहे, एही से जापानी कृषिविद लोग १९२५ में इहँवा चुनले रहें।
  • यूची टाउनशिप: “मछरी के तालाब” (魚池) – मुख्य चाय उत्पादक इलाका। चाय के बगीचा झील के चारो ओर पहाड़ी ढालन प स्थित बा, अक्सर बाँस के झुरमुट आ जंगल के बीच।
  • उगाई के उँचाई: समुद्र तट से ६००–१,००० मीटर। मुख्य क्षेत्र – ७००–८०० मीटर।
  • जलवायु: उपोष्णकटिबंधीय पर्वतीय मानसूनी। औसत सालाना तापमान २०–२२°C। बरखा ~२,००० मिमी/साल। अधिक नमी ८०–८५%। बार-बार कोहरा, खासकर सबेरे आ शाम। गरम गर्मी, नरम जाड़ा। झील के प्रभाव से दिन-रात के तापमान में बहुत अंतर ना।
  • माटी: उपजाऊ लाल आ लेटेराइट माटी, पानी के निकास बढ़िया, कार्बनिक पदार्थ आ खनिज से भरपूर। हल्का अम्लीय (pH ~४.५–५.५)। बड़का पत्ता वाला आसामी किसिम खातिर एकदम उपयुक्त।

५. उत्पादन तकनीक:

जियुएतान होंग चा के उत्पादन पूर्ण रूप से खमीर भइल लाल चाय के क्लासिक ढाँचा के पालन करेला, बाकिर ताइवानी छाप “शुद्धता” आ “पारदर्शिता” प होला। ताइवानी कारीगर खमीर के एकदम सही संतुलन पाना चाहेला: जेतना गंध के पूरा बिकास खातिर जरूरी होखे, बिना “जलल” भा खरदरापन के।

  • तोड़ाई (採摘 — cǎizhāi): बढ़िया दरजा खातिर हाथ से (手採); आम दरजा खातिर मशीन से।
  • मुरझाई (萎凋 — wěidiāo): धूप भा कमरा में। समय १२-२४ घंटा। बड़का पत्ता वाला आसामी पौधा के पत्ता के छोट पत्ता वाला चीनी किसिम से ढेर देर ले मुरझावे के पड़ेला। नमी के हानि ६०-७०%।
  • मलाई (揉捻 — róuniǎn): मशीन (रोलर) से, बाकिर दबाव प बारीकी से ध्यान दिहल जाला। बड़का आसामी पत्ता – गूदेदार, रसदार; जरूरी बा कि पत्ता के संरचना के खरदरा नष्ट कइले बिना रस एक समान निकले।
  • खमीर / ऑक्सीकरण (發酵 — fājiào): नियंत्रित तापमान (~२५-३०°C) आ नमी (~९०-९५%) में। समय ३-६ घंटा। टाई चा नं. १८ खातिर – कारीगर खास दालचीनी-पुदीना के गंध के आवे के आदर्श खमीर के चिह्न मानेला।
  • सुखाई (烘乾 — hōnggān): सुखावे के कक्ष में गरम हवा से। तापमान १००-११०°C। गंध के बंद करल आ नमी ३-५% ले कम करल। फूजियानी पारंपरिक तरीका से उलट कोयला के गरमी ना दिहल जाला – ताइवानी शैली “अधिक शुद्ध” आ “अधिक पारदर्शी”।
  • छँटाई (分級 — fēnjí): आकार आ गुणवत्ता के हिसाब से अलग-अलग हिस्सा में बाँटल।

६. संवेदी गुण:

गुण मुख्य किसिम – टाई चा नं. १८ “होंग यू” (सबसे प्रचलित आ मशहूर) खातिर बतावल गइल बा:

  • सूखल पत्ता के रूप: मध्यम लम्बाई के धारी, कस के मरोरल, सोना-नारंगी नोकदार टिप्स के साथ। रंग – गाढ़ा भूअर से करिया, तेलिया चमक के साथ। पत्ता छोट-पत्ता वाला चीनी लाल चाय से बड़हन होला – आसामी बंस के धरोहर।
  • सूखल पत्ता के गंध: होंग यू के पहिचान – प्राकृतिक दालचीनी (肉桂香) आ पुदीना/मेन्थॉल (薄荷香) के गंध, जवन दुनिया के अउरी लाल चाय में ना मिले। अउरी महक – कैरामेल, शहद, उष्णकटिबंधीय फल (अनन्नास, आम), हल्का लकड़ी जइसन गंध। गंध भरपूर, टिकाऊ, तुरन्त पहिचान में आवे वाला।
  • पानी के गंध: कई परतदार। पहिला परत – दालचीनी आ पुदीना (ताजा मेन्थॉल के ठंढक)। दूसर – कैरामेल, जरल चीनी, शहद। तीसर – हल्का फल के गंध (अनन्नास, लीची)। ठंढा होखे पर – पुदीना के अंश बढ़ जाला।
  • स्वाद: भरपूर, गाढ़, स्पष्ट “शरीर” के साथ (आसामी रक्त के धरोहर)। प्रमुख स्वाद – दालचीनी, पुदीना, कैरामेल, शहद। कसैलापन मध्यम, “रेशमी”, बिना खरदरापन के। मिठास प्राकृतिक, “जादा मीठ” ना। बाद के स्वाद – लम्बा, पुदीना-दालचीनी के ठंढक आ कैरामेल मिठास के साथ। हुईगां (回甘) – साफ झलकेला।
  • पानी के रंग: गहिरा मानिक-लाल (“लाल जेड”), चटक, पारदर्शी। एही रंग के कारण चाय के नाँव “लाल जेड” पड़ल।
  • चाय के तली (भींजल पत्ता): बड़हन, साबुत, गूदेदार, ताम्र-लाल रंग के पत्ता, लचकदार। आसामी धरोहर – पत्ता चीनी लाल चाय से साफ बड़हन।

७. रासायनिक संरचना:

टाई चा नं. १८ के रासायनिक प्रालेख एकर दो-किसिमी स्वभाव के परिचायक ह – बड़का पत्ता वाला आसामी अंग से पॉलीफेनोल के अधिक मात्रा आ ताइवानी जंगली चाय से अनोखा टेर्पेन यौगिक मिलेला।

  • पॉलीफेनोल (茶多酚): अधिक मात्रा (छोट-पत्ता वाला चीनी किसिम से अधिक, आसामी पूर्वज के कारण)। थियाफ्लेविन आ थियारुबिजिन गहिरा मानिक रंग आ “मखमलीपन” पैदा करेला।
  • अमीनो अम्ल (氨基酸): एल-थियानीन आ अउरी अमीनो अम्ल। मात्रा – मध्यम।
  • क्षाराभ: कैफीन – शुद्ध आसाम से कम मात्रा, ताइवानी जंगली अंग के योगदान के कारण।
  • सुगंधित यौगिक: अनोखा प्रालेख – ट्रान्स-सिनेमिक ऐल्डिहाइड (दालचीनी), मेन्थॉल आ मेन्थोन (पुदीना), लिनालूल, जेरानिओल के अधिक मात्रा। इहे अनुपात से अकेला “दालचीनी-पुदीना” के गुण बनेला, जवन कवनो अउरी चाय के किसिम में ना।
  • विटामिन: सी (आंशिक), बी₁, बी₂, ई।
  • खनिज: पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, लोहा, मैंगनीज, जस्ता।

८. फायदेमंद गुण:

  • हल्का टॉनिक: एल-थियानीन के साथ मिलल कैफीन लगातार, स्थिर ऊर्जा देवेला।
  • प्रतिऑक्सीकारक असर: पॉलीफेनोल के अधिक मात्रा (आसामी धरोहर) से शक्तिशाली प्रतिऑक्सीकारक क्षमता मिलेला।
  • गरमाहट के असर: पूर्ण खमीर वाला लाल चाय – पारंपरिक चीनी दवा के अनुसार “गरम”। दालचीनी-पुदीना के प्रालेख एक साथ गरमी आ ताजगी के एहसास बढ़ावेला।
  • पाचन में मदद: हल्का से पेट के रस के बढ़ावेला; दालचीनी के पारंपरिक रूप से पाचन खातिर फायदेमंद मानल जाला।
  • हृदय-रक्त नली स्वास्थ्य: पॉलीफेनोल आ थियाफ्लेविन रक्त नली के लचक सुधारेला।
  • ताजगी के प्रभाव: मेन्थॉल के अंश हल्का ठंढक के एहसास देवेला – इ चाय गरमी के मौसम में ठंढा पान (冷泡, lěng pào) के रूप में भी बढ़िया।
  • तनाव-रोधी असर: एल-थियानीन शांत एकाग्रता के दशा बनावे में मदद करेला।

९. बनावे के तरीका:

  • पानी के तापमान: ९०–१००°C। बड़का पत्ता वाला आसामी किसिम खदबदात पानी से बढ़िया खुलेला। नाजुक दरजा खातिर – ९०–९५°C।
  • चाय के मात्रा: १००–१२० मिलीलीटर खातिर ४–५ ग्राम (गोंगफू); २००–२५० मिलीलीटर खातिर ३ ग्राम (यूरोपीय ढंग)।
  • बर्तन: चीनी मिट्टी के गाइवान (蓋碗) १००–१२० मिली – सबसे उपयुक्त: निष्पक्ष सामग्री दालचीनी-पुदीना के गंध के बिना बिगाड़े खोलेला। काँच के केतली – “लाल जेड” के मानिक रंग के निहारे के मजा। इसिंग के केतली – इस्तेमाल हो सकेला, बाकिर मेन्थॉल के ताजगी के दबा सकेला।
  • प्रक्रिया: १. बर्तन गरम करीं: गाइवान, चाहाई आ प्याला के खौलत पानी से धो लीं। २. चाय डालीं: गरम गाइवान में ४–५ ग्राम। ३. धोवाई (潤茶): २–३ सेकेंड के झटपट धोवाई – इच्छानुसार। ४. पहिला डाला: १०–१५ सेकेंड। ५. परोसीं: पूरा अरक चाहाई में ढरका दीं। ६. दोबारा बनाईं: ५–८ डाला। समय ५–१० सेकेंड बढ़ाईं। सुरुआती डाला में – चटक दालचीनी आ पुदीना; बिचला में – कैरामेल आ शहद; आखिरी में – नरम लकड़ी जइसन मिठास।
  • ठंढा पान (冷泡茶, lěng pào chá): जियुएतान होंग चा ठंढा पान के रूप में बहुत बढ़िया: ५ ग्राम प्रति ५०० मिली ठंढा पानी, ६–८ घंटा फ्रिज में। ठंढा में दालचीनी-पुदीना के ठंढक खास चटक खुलेला।

१०. भंडारण:

  • डिब्बा: हवाबंद, पारदर्शी ना – टीन के डिब्बा, फॉइल के थैला, माटी के बरतन।
  • दशा: सूखल, ठंढा, अँधेरा जगह, बाहरी गंध से दूर। १५–२५°C, नमी ६०% तक।
  • अवधि: १२–२४ महीना। ताइवानी विशेषज्ञ के अनुसार, होंग यू “पक जाला”: खरीदला के १ साल बाद भंडारण एकर प्रालेख सुधार सकेला, एकरा “अउरी गोल” आ “अउरी मीठ” बना सकेला। बढ़िया दरजा ३ साल ले रखल जा सकेला।
  • फ्रिज जरूरी ना – लाल चाय साधारण दशा में बढ़िया सँभर जाला।

११. दाम आ नकली:

जियुएतान होंग चा – मध्यम आ ऊपरी दाम बरक के चाय। टाई चा नं. १८ “होंग यू” – ७५ ग्राम खातिर ६०० से २,००० एनटीडी (新臺幣) (~१५० ग्राम खातिर १५०–५०० युआन); प्रतियोगिता के दरजा आ हाथ से तोड़ल चाय – बहुत ढेर महँगा। टाई चा नं. ८ आ आसाम – सस्ता।

नकली से कइसे बचीं:

  • उत्पत्ति जाँचीं: असली जियुएतान होंग चा – यूची टाउनशिप (魚池鄉), नान्टू काउंटी से। पैकेट प “魚池鄉” देखीं।
  • दालचीनी-पुदीना के गंध खोजीं: टाई चा नं. १८ खातिर – प्राकृतिक दालचीनी आ मेन्थॉल – ब्रांड के निशान। अगर गंध “साधारण” – मीठ-यव-बीज जइसन बिना दालचीनी के – त इ हो सकेला कि टाई चा नं. ८ भा आसामी चाय होखे, होंग यू ना।
  • पानी के रंग आँकीं: गहिरा मानिक, चटक, पारदर्शी। धुँधला भा गॅदला – निम्न गुणवत्ता के चिह्न।
  • बहुत कम दाम से सावधान: “होंग यू” १०० एनटीडी/७५ ग्राम – संदिग्ध।
  • प्रमाणपत्र पर ध्यान दीं: ताइवानी किसान अक्सर एसजीएस जाँच आ प्रतियोगिता के पुरस्कार के चिह्न देला।

१२. रोचक तथ्य:

  • जनम से पहिले ४८ साल: टाई चा नं. १८ “होंग यू” – दुनिया के चाय इतिहास के सबसे लमहर चयन परियोजना में से एगो के परिणाम। संकरण १९४६ में शुरू भइल, आ नवका किसिम के नाँव खाली १९९९ में मिलल। लगभग आध सदी के चयन, परीक्षण आ धीरज।
  • भुईँकाँप से पैदा भइल चाय: २१ सितम्बर १९९९ के भूईँकाँप “९२१” (एम ७.६), जवन यूची के तबाह कर देलस, उलटा ताइवान के “लाल पुनर्जागरण” के उत्प्रेरक बनि गइल: इलाका के पुनर्निर्माण योजना चाय उद्योग के बढ़ावे प केन्द्रित रहे, आ होंग यू एकर मुख्य प्रतीक बनि गइल।
  • दुनिया के अकेला “दालचीनी-पुदीना” चाय: प्राकृतिक दालचीनी आ मेन्थॉल के गंध – वर्णशंकर “आसाम × ताइवानी जंगली चाय” के आनुवंशिक खासियत ह। दुनिया में अउरी कवनो किसिम में अइसन गंध ना – इ कोनो मिलावल सुगंध ना, बालु पत्ता के प्राकृतिक गुण ह।
  • अराई कोकिचिरो – संग्रह बचावे वाला आदमी: दोसरा बिस्व जुद्ध के दौरान जापानी केन्द्र निदेशक अराई कोकिचिरो (新井耕吉郎) अकेले यूची में चाय के पौधा के संग्रह के बचवले रहें। ओकर प्रयास के बिना ऊ परियोजना संभव ना रहिते जवना से होंग यू पैदा भइल।
  • ठंढा पान – ताइवानी परंपरा: मुख्य भूमि चीन के “गरम गोंगफू” परंपरा से अलग, ताइवानी लोग सक्रिय रूप से ठंढा पान (冷泡茶) करेला – आ होंग यू इ रूप खातिर सबसे बढ़िया चाय में से एगो मानल जाला।

१३. जियुएतान होंग चा के किसिम:

  • टाई चा नं. १८ “होंग यू” (台茶18號 紅玉): प्रमुख। आसाम × ताइवानी जंगली चाय। दालचीनी + पुदीना। सबसे मशहूर आ महँगा। ताइवान के दुनिया के खास किसिम।
  • टाई चा नं. २१ “होंग यून” (台茶21號 紅韻): नवका (२००८)। जावित्री-शहद के गंध निम्बुए के रंगत के साथ। नं. १८ से कम “चमकदार”, प्रालेख में “अधिक शांत”।
  • टाई चा नं. ८ (台茶8號): सुरुआती आसामी वर्णशंकर (१९३० के दशक)। क्लासिक यव-बीज-कैरामेल प्रालेख, बिना दालचीनी-पुदीना के। गाढ़, भरपूर। अधिक सुलभ।
  • यूची आसाम (魚池阿薩姆): शुद्ध आसामी चाय – मजबूत, “अंग्रेजी” शैली। दूध-चीनी के साथ – बढ़िया। सबसे सुलभ।
  • ताइवानी जंगली पर्वतीय चाय (臺灣山茶): Camellia formosensis से। दुर्लभ, छोट दरजा में उत्पादित। अनोखा “जंगली”, घास-फूल वाला प्रालेख। संग्रह दरजा।

अंत में:

जियुएतान होंग चा – एगो खोजे वाला चाय ह: बस एक बेर “लाल जेड” के अबिस्वसनीय दालचीनी-पुदीना के गंध के साथ चख लीं – आ रउरा एकरा के दुनिया के कवनो अउरी लाल चाय से कबो ना भरमाईं। चयनकर्ता लोग के आध सदी के धीरज से, भूईँकाँप के त्रासदी से आ ताइवानी किसानन के अड़ियलपन से पैदा भइल होंग यू – इ एगो जिन्दा सबूत ह कि असल भव्यता खातिर समय लागेला।

ऊ झील के तीरे, जेकर पूरबी आधा भाग सूरज आ पच्छिमी आधा चन्द्रमा के याद दिलावेला, अइसन चाय उगेला जेमे दू गो खून मिल गइल बा: भारतीय आसाम के ताकत आ जंगली ताइवानी पर्वतीय चाय के नफासत। परिणाम – कुछ अइसन जवन अउरी कतहूँ ना: दालचीनी के गरम, मसालेदार गंध, मेन्थॉल के तरोताजी दे वाली ठंढक आ पानी के मानिकी गहिराई, जेकरे खातिर इ चाय के “जेड” कहल गइल। एकरा चखल माने ताइवान के अनोखा चाय धरोहर के छू लीं, जवना के नकल करल ना संभव ह, ना नकली बनावल।