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निंगहोंग गोंगफू

Nínghóng gōng fū · 宁红工夫

निंगहोंग गोंगफू चीन के एगो सभसे पुरान आ सभसे मशहूर गोंगफू-लाल चाय हवे, जवन जियांगशी प्रान्त के श्युशुई जिला (修水县) में बने ला। “आधुनिक चीनी चाय विज्ञान के पिता” वू ज्युएनोंग (吴觉农, Wú Juénóng) के कहनाम रहे, “निंगहोंग सभसे पहिले के शाखा ह: निंगहोंग चिमेन से नब्बे साल आगे रहल;

निंगहोंग गोंगफू चीन के एगो सभसे पुरान आ सभसे मशहूर गोंगफू-लाल चाय हवे, जवन जियांगशी प्रान्त के श्युशुई जिला (修水县) में बने ला। “आधुनिक चीनी चाय विज्ञान के पिता” वू ज्युएनोंग (吴觉农, Wú Juénóng) के कहनाम रहे, “निंगहोंग सभसे पहिले के शाखा ह: निंगहोंग चिमेन से नब्बे साल आगे रहल; पहिले निंगहोंग रहे, फेर चिहोंग।” 19वीं सदी के अंत में मशहूरी के शिखर पर निंगहोंग लाखों पेटियन में यूरोप आ अमेरिका जात रहे आ अंतर्राष्ट्रीय व्यापारी लोग एकरा “चाय जवन चीन के ताज पहिरवले — दाम जवन दुनिया के ताज पहिरवले” (茶盖中华,价甲天下, chá gài Zhōnghuá, jià jiǎ tiānxià) के खिताब दिहलस।

1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:

  • प्रकार: लाल चाय (红茶, hóngchá) — पूरा तरीका से किण्वित (ऑक्सीकृत)।
  • श्रेणी: चीनी गोंगफू-लाल चाय (工夫红茶, gōngfu hóngchá); इतिहासी रूप से चीन के मशहूर चाय।
  • उत्पत्ति: चीन, जियांगशी प्रान्त (江西省, Jiāngxī Shěng); ज्यूजियांग शहरी इलाका (九江市, Jiǔjiāng Shì); श्युशुई जिला (修水县, Xiūshuǐ Xiàn) — मुख्य उत्पादक (≈80% कुल निंगहोंग मात्रा)। एकरा अलावे पड़ोसी जिला तोंग्गू (铜鼓县) आ वूनिंग (武宁县) में भी बने ला। भौगोलिक संकेत संरक्षण क्षेत्र श्युशुई जिला के 36 प्रशासनिक इकाई सभ के तय करे ला।
  • भौगोलिक निर्देशांक: ≈ 29.0° N, 114.4° E (श्युशुई जिला के केंद्र)। संरक्षित क्षेत्र: 28°47′–29°22′ N, 113°57′–114°56′ E।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • इतिहास: श्युशुई जिला, जवन पुराना समय में यीनिंग (义宁, Yìníng) या फेन्निंग (分宁, Fēnníng) कहल जात रहे, एकर चाय के इतिहास हजार साल से ढेर पुरान बा। उत्तरी सोंग (北宋, Běi Sòng, 960–1127) काल में इहाँ के स्थानीय हरियर चाय श्वांगजिंग (双井茶, Shuāngjǐng Chá) बहुत मशहूर भइल, जवना के कवि ह्वांग तिंगज्यान (黄庭坚, Huáng Tíngjiān, 1045–1105) राजधानी के साहित्यकार लोग के उपहार देत रहले, जेह में सू दोंग्पो (苏东坡) भी रहलें। बाकिर लाल चाय इहाँ बहुत बाद में पैदा भइल। दाओग्वांग (道光, Dàoguāng, 1821–1850) काल में श्युशुई में “गोंगफू” शैली में लाल चाय बने लागल, आ 19वीं सदी के बीच ले निंगहोंग चीन के एगो प्रमुख निर्यात चाय बन गइल। 1890 के दशक ले निंगहोंग के सालाना निर्यात 300,000 पेटी (प्रति 25 जिन / ~12.5 किग्रा) तक पहुँच गइल, जवन देस के कुल चाय निर्यात के दसवाँ हिस्सा से ढेर रहे। जिला में सौ से ढेर चाय कार्यालय (茶行, cháháng) आ व्यापारिक घराना रहे — “झेंझी कंपनी” (振植公司), “जीचांग फर्म” (吉昌行), “ईहे फू” (怡和福), “हेंगफेंग शुन” (恒丰顺) आ अउरी कई गो।

    1897 में पड़ोसी जिला के चाय मास्टर ल्यू ज्यूनझोऊ (刘峻周, Liú Jùnzhōu) निंगहोंग तकनीक जॉर्जिया (कॉकस) ले गइलें, जहाँ बटूमी के चकवा इलाका में 150 हेक्टेयर चाय बागान लगवलें आ लाल चाय उत्पादन शुरू कइलें, जवना के “ल्यू चाय” (刘茶) कहल गइल। 1900 के पेरिस विश्व प्रदर्शनी में “ल्यू चाय” सोन चाँदी के पदक जितलस, आ 1909 में ज़ार सरकार ल्यू ज्यूनझोऊ के ऑर्डर से सम्मानित कइलस — पहिला मामला जब कवनो अइसन विदेशी के सम्मानित कइल गइल जेकरा लगे रूसी नागरिकता ना रहे।

    1904 में मान्ज्यांग (漫江, Mànjiāng) कस्बा के मास्टर लो कुन्हुआ (罗坤化) दरबार खातिर “ताईज़ी चा” (太子茶, Tàizǐ Chá — “युवराज के चाय”) के एगो बैच बनवलें, जवन हान्कोऊ में रूसी व्यापारी लोग के 2 चाँदी ल्यान प्रति जिन में बेचल गइल। 1914 में इहे श्रेणी — “बाई ज़ी हाओ ताईज़ी चा” (白字号太子茶) — शंघाई अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में रखल गइल, जहाँ एकर मोल 48 चाँदी ल्यान प्रति पाउंड लगावल गइल; पाँच गो विदेशी व्यापारिक घराना निंगहोंग के “चाय जवन चीन के ताज पहिरवले — दाम जवन दुनिया के ताज पहिरवले” लिखल एगो स्मारक पट्टिका भेंट कइलें।

    1930 के दशक से भारतीय, सीलोनी आ जापानी चाय के प्रतिस्पर्धा के दबाव में, आ जुद्ध अवुरी सामाजिक उथल-पुथल के पृष्ठभूमि में, निंगहोंग के निर्यात तेजी से घट गइल। 1949 के बाद पुनर्जीवन शुरू भइल: 1958 में श्युशुई में राजकीय चाय कारखाना स्थापित भइल। 1985 में निंगहोंग राष्ट्रीय स्तर पर चिन्हित चाय सभ में शामिल भइल। 2011 में “श्युशुई निंगहोंग चा” (修水宁红茶) के जनवादी गणराज्य चीन के कृषि मंत्रालय (आदेश संख्या 1699) से भौगोलिक संकेत (地理标志, dìlǐ biāozhì) के दर्जा मिलल। 2021 में निंगहोंग गोंगफू के उत्पादन तकनीक राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के विस्तारित सूची में शामिल भइल, आ 2023 में उत्पादन आधार के 2023–2025 अवधि खातिर अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के उत्पादक संरक्षण खातिर राष्ट्रीय प्रदर्शन आधार (国家级非物质文化遗产生产性保护示范基地) के रूप में स्वीकृत कइल गइल।

  • नाँव: 宁 (Níng) — पुराना क्षेत्रीय नाँव “निंगझोऊ” (宁州, Níngzhōu) से, जवना नाँव से निंगहोंग अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जानल जात रहे; 红 (hóng) — “लाल”, पूर्ण किण्वित चाय के चिन्ह; 工夫 (gōngfū) — “हुनर, सावधानी”, ई सावधानी से हाथ से छँटाई आ हर चरण पर सटीक नियंत्रण वाला परंपरागत तकनीक के ओर इशारा करे ला। एही से, “निंगहोंग गोंगफू” के शाब्दिक अरथ ह “निंगझोऊ के लाल चाय, जवन हुनर से बनल बा”।

  • सांस्कृतिक महत्व: निंगहोंग चीनी चाय निर्यात के इतिहास में एगो खास स्थान रखे ला: चिमेन होंग चा (祁红) आ झेंग शान श्याओ झोंग (正山小种) के साथे मिल के ई तीन गो महान लाल चाय बनावे ला जवन चीनी चाय खातिर यूरोपीय बाजार के रास्ता खोललें। अमेरिकी चाय विद्वान विलियम यूकर्स (William Ukers) अपन मोनोग्राफ All About Tea (1935) में लिखलें, “निंगहोंग सुन्नर बाहरी रूप, कसल लपेट, करिया रंग आ लाल-अम्बर रंग के अर्क से अलग पहिचानल जाला, आ ब्लेंड में एकर बहुत ऊँच मोल होला।” एकरा अलावे, निंगहोंग के मास्टर लोग के मार्फत चाय संस्कृति हूबे (यीहोंग उत्पादन), हूनान आ जॉर्जिया में फइलल, जवन व्यापक इतिहासी अरथ में श्युशुई के “गोंगफू-लाल चाय के जनमभूमि” (工夫红茶故乡) बनावे ला।

3. वानस्पतिक विवरण आ कच्चा माल:

  • किसिम / कल्टीवार: पारंपरिक रूप से स्थानीय छोट-पत्ती आ मझोला-पत्ती वाली Camellia sinensis var. sinensis (群体种, qúntǐzhǒng) आबादी इस्तेमाल होले, जवन इतिहासी रूप से श्युशुई के पहाड़ी इलाका में उपजे लीं। पिछला दशकन में देशी आबादी के साथे-साथ क्षेत्रीयकृत चुनल कल्टीवार भी लगावल गइल बाड़ें।
  • तुड़ाई: बसंत–गर्मी। सभसे बढ़िया बैच बसंत के पहिला तुड़ाई (清明前后, Qīngmíng qiánhòu — चिंगमिंग त्योहार के आसपास, अप्रैल के सुरुआत) से आवे लें। गर्मी आ पतझड़ के तुड़ाई से बड़े पैमाना के कोटि खातिर कच्चा माल मिले ला।
  • तुड़ाई मानक: ऊँच दर्जा खातिर “एक कलि आ एक पत्ती” (一芽一叶); मानक खातिर “एक कलि आ दू पत्ती” (一芽二叶); “ताईज़ी चा” जइसन प्रीमियम बैच खातिर शुद्ध कलि (单芽)।
  • कच्चा माल के जरूरत: पूरा, बिना नोकसान पत्ती, डाँठ के कम से कम अंश; ताजगी बहुत महत्वपूर्ण — तुड़ाई से मुरझान खातिर रखे ले 4–6 घंटा से ढेर ना।

4. टेरुआर आ खेती के खासियत:

  • उगाई के ऊँचाई: 200 से 1,200 मीटर तक; सभसे बढ़िया बागान उत्तर में मूफू पहाड़ श्रृंखला (幕阜山脉, Mùfù Shānmài) आ दक्खिन में ज्यूलिंग पहाड़ श्रृंखला (九岭山脉, Jiǔlǐng Shānmài) के ढाल पर, 400–800 मीटर ऊँचाई पर बाड़ें। जिला के अधिकतम ऊँचाई 1,715 मीटर बा।
  • जलवायु: उपोष्णकटिबंधीय आद्र मानसूनी। औसत सालाना तापमान 16.5 °C; सालाना बरखा 1,577 मिमी; पाला-रहित अवधि 247 दिन। श्युशुई के पहाड़ी उच्चावच खड़ी जलवायु क्षेत्रीयता बनावे ला: बादर आ कुहेसा के लगातार आवाजाही, बिखराइल रोशनी, मध्यम धूप। अइसने परिस्थिति — भरपूर नमी, बदरी, दिन-रात के तापमान में अंतर — चाय पत्ती में सुगंधित पूर्ववर्ती, एमिनो एसिड आ पॉलीफेनॉल जमा करे में मदद करे लीं। श्यू नदी (修河, Xiū Hé) पच्छिम से पूरब जिला के पार करे ले आ उपजाऊ बाढ़ मैदान बनावे ले।
  • माटी: 90% रकबा लाल आ पीयर माटी (红壤/黄壤) से तय होला, जेकर pH 4.5–6.5 बा; गहिर उपजाऊ परत, जेह में जैविक पदार्थ, पोटैशियम, मैंगनीज आ लोहा के मात्रा ढेर बा; पानी पारगम्यता नीमन बा। जिला के बन आच्छादन 67.6% बा, जवन नमी के प्राकृतिक संतुलन आ हवा के कटाव से सुरक्षा सुनिश्चित करे ला।
  • कृषि तकनीक: हाथ से तुड़ाई प्रमुख बा; बागान 25° तक ढाल वाला पहाड़ी ढलान पर बाड़ें, जवना के कटाव रोके खातिर सीढ़ीदार बनावल गइल बा। खाद — मुख्य रूप से जैविक; मल्चिंग के उपयोग होला। निंगहोंग खातिर माटी के सबसे उपयुक्त अम्लता pH 4.5–5.5 बा।

5. उत्पादन तकनीक:

निंगहोंग गोंगफू एगो क्लासिकल परंपरागत गोंगफू-लाल चाय हवे, जेकर नाँव सीधे प्रसंस्करण के “हुनर” (工夫) के ओर इशारा करे ला। तकनीकी श्रृंखला:

  • तुड़ाई (采摘, cǎizhāi): सबेरे-सबेरे कोमल कोंपल के हाथ से तोड़ल।
  • मुरझाई (萎凋, wěidiāo): बाँस के रैक पर या हवादार कमरा में; अवधि — 12–18 घंटा। पत्ती के नमी 60–64% तक गिर जाला; पत्ती नरम आ सुगंधित हो जाले, “घास जइसन” गंध खो देले। बड़का उत्पादन खातिर मजबूर हवा संचार वाला स्लॉट मुरझाई (萎凋槽, wěidiāo cáo) के इस्तेमाल होला।
  • लपेटाई (揉捻, róuniǎn): 60–90 मिनट तक दबाव के हेर-फेर के साथे यांत्रिक लपेटाई। पत्ती कसल “धागा निहन” लपेट (条形紧结, tiáoxíng jǐnjié) में बन जाले — निंगहोंग के पहिचान के निशान।
  • किण्वन / ऑक्सीकरण (发酵, fājiào): 24–28 °C तापमान आ 85–95% सापेक्ष आर्द्रता पर। अवधि — 3–5 घंटा, जबले कि पत्ती ताम्र-लाल रंग आ साफ फल-शहद सुगंध ना ले ले। एह चरण में कैटेचिन थियाफ्लेविन आ थियारुबिगिन में ऑक्सीकृत हो जालें।
  • सुखाई (烘干, hōnggān / 干燥, gānzào): दू-चरणीय: पहिला 110–120 °C पर, अंतिम 80–90 °C पर। बचल नमी — 5–6%।
  • छँटाई आ ब्लेंडिंग (分级与拼配, fēnjí yǔ pīnpèi): तइयार चाय छानल जाला, डाँठ से साफ कइल जाला, आकार अनुसार विभाजित कइल जाला आ जरूरत पड़ला पर स्थिर स्वाद प्रोफाइल बनावे खातिर ब्लेंड कइल जाला। छँटाई के ई सावधानी — बार-बार के “गोंगफू” प्रकिरिया — पूरा शैली के नाँव दिहलस।

6. ऑर्गेनोलेप्टिक लच्छन:

  • सूखा पत्ती के बाहरी रूप: कसल, ठोस “धागा निहन” लपेट (紧结, jǐnjié); पतला, लमहर “सुई” (苗锋修长, miáofēng xiūcháng); रंग — गहिरा भूअर से करिया, तेलिया चमक (乌润, wūrùn) लिहले। ऊँच दर्जा में सोनहर टिप्स रहे लें।
  • सूखा पत्ती के सुगंध: मीठ आ ऊँच (甜香高长, tiánxiāng gāocháng); शहद, सूखा फल, ताजा बेकरी आ भुना मेवा के हल्का संकेत।
  • अर्क के सुगंध: बहुपरती: पहिला योजना में — पाकल शहद आ कारमेल; विकास में — खूबानी, सूखा आलूबुखारा, रोटी के पपड़ी के रंग; बाद के गूँज में — हल्का फूलिलपन आ काठ के गरमाहट।
  • स्वाद: मीठ आ कोमल (甜醇, tiánchún); घन, बाकिर भारी ना “शरीर”; मखमली कसैलापन जल्दीए लमहर मीठ बाद-स्वाद (回甘) में बदल जाला। निंगहोंग के खास “शुद्ध मिठास” — गुणवत्ता के एगो प्रमुख चिन्ह ह।
  • अर्क के रंग: लाल-अम्बर, चमकीला आ पारदर्शी (红亮, hóngliàng); सभसे बढ़िया बैच में — प्याली के किनारे पर सोनहर “गोलाई” लिहले।
  • चाय के पेंदी (भिंजावल पत्ती): कोमल लाल, एक समान रंगाईल (浅红, qiǎnhóng); पत्ती नरम, लचकदार, पूरा खुल जाले।

7. रासायनिक संरचना:

भौगोलिक संकेत “श्युशुई निंगहोंग चा” (2011) के तकनीकी जरूरत के अनुसार:

  • पानी में घुलनशील निकासी पदार्थ (水浸出物): 36–40%।
  • पॉलीफेनॉल (茶多酚): 16.5–25% — अपेक्षाकृत मध्यम मान, जवन कोमल, आक्रामक ना कसैलापन सुनिश्चित करे ला।
  • एमिनो एसिड (氨基酸): 5–7% — ऊँच मान, जवन साफ प्राकृतिक मिठास के कारन बतावे ला।
  • कैफीन (咖啡碱): 3–4.5%।
  • थियाफ्लेविन (茶黄素): 1–1.5% — अर्क के चमक आ “जानदारी” देले।
  • थियारुबिगिन (茶红素): 0.7–2% — रंग के गहिराई आ स्वाद के “शरीर” बनावे लें।
  • पानी में घुलनशील पॉलीसैकेराइड (水溶性多糖类): 2.5–3.5% — अर्क के गोलाई आ “तेलियापन” में योगदान करे लें।
  • विटामिन: ग्रुप बी के विटामिन (B₁, B₂), विटामिन C के अंश, विटामिन E।
  • खनिज: पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, लोहा, जस्ता, फ्लोरीन — श्युशुई के लाल आ पीयर माटी से निकलल।

8. फायदेमंद गुण:

  • हल्का टोनिंग: कैफीन (3–4.5%) L-थियानीन के साथे मिल के बिना घबराहट के सहज आ लमहर स्फूर्ति देले।
  • एंटीऑक्सिडेंट सुरक्षा: थियाफ्लेविन आ थियारुबिगिन मुक्त कण सभ के बेअसर करे लें; पॉलीफेनॉल के मध्यम स्तर नियमित सेवन पर निंगहोंग के पेट खातिर नरम बनावे ला।
  • पाचन सहायता: गरम लाल चाय पाचक एंजाइम के स्राव उत्तेजित करे ले आ प्रोटीन अवुरी चिकनाई वाला भोजन पचावे में मदद करे ले।
  • हृदय-रक्तवाहिका तंत्र: पॉलीफेनॉल रक्तवाहिका के लचीलापन में मदद करे लें; चाय के पॉलीसैकेराइड रक्त शर्करा स्तर के सामान्य करे से जुड़ल बाड़ें।
  • गरमाहट देवे वाला असर: अउरी लाल चाय निहन, निंगहोंग पारंपरिक चीनी आहार विज्ञान में “गरम” पेय मानल जाला; खासकर ठंडा मौसम में नीमन।
  • संज्ञानात्मक कार्य: L-थियानीन एकाग्रता आ तनाव घटावे में मदद करे ला।
  • मुँह के सेहत: चाय पत्ती में मौजूद फ्लोरीन दाँत के इनेमल मजबूत करे ला; टैनिन में मध्यम जीवाणुरोधी असर होला।

9. पकावाई:

  • पानी के तापमान: 90–95 °C।
  • चाय के मात्रा: 100–120 मिली पर 4–5 ग्राम (गोंगफू तरीका); 200 मिली पर 3–4 ग्राम (चीनी मिट्टी के चायदानी में यूरोपीय तरीका)।
  • बर्तन: सफेद चीनी मिट्टी के गाइवान (盖碗) — अर्क के चमक आ सुगंध के मूल्यांकन करे देला; चीनी मिट्टी के चायदानी; “आवरणकारी” प्रोफाइल खातिर यीशिंग चायदानी (宜兴紫砂壶)।
  • प्रकिरिया (गोंगफू तरीका):
    1. गाइवान आ चाहाई के खउलत पानी से गरम करीं, पानी फेंक दीं।
    2. चाय डालीं; गरम पत्ती के सुगंध लेईं।
    3. धोवाई जरूरी नइखे; कसल लपेट वाला पत्ती खातिर जल्दी खंगालल (1–2 सेकंड) चल सकेला।
    4. पहिला भिंजाई: 8–12 सेकंड।
    5. 2–4वाँ भिंजाई: 10–15 सेकंड।
    6. 5–7वाँ भिंजाई: 15–25 सेकंड, धीरे-धीरे बढ़ावत।
    7. गुणवत्ता वाला निंगहोंग 7–9 पूरा भिंजाई सह सकेला।
  • यूरोपीय तरीका: 3–4 ग्राम चाय, 200 मिली पानी 90 °C, 3–4 मिनट भींजे के। निंगहोंग कुछ अइसन चीनी लाल चाय में से एगो ह जवन परंपरागत रूप से पच्छिमी बाजार खातिर ब्लेंड में इस्तेमाल होखे; ई आपन आप “पच्छिमी” पकावाई खातिर भी बहुत नीमन बा।

10. भंडारण:

  • हवा बंद अपारदर्शी डिब्बा; बाहरी गंध, रोशनी आ नमी से सुरक्षा।
  • उपयुक्त तापमान — 15–25 °C; सूखा, अँधेर जगह। फ्रिज में राखल सिफारिश ना।
  • सभसे नीमन खपत के अवधि — 12–24 महीना। ऊँच गुणवत्ता वाला बैच सही भंडारण में 2–3 साल “गोल” हो सके लें: कसैलापन नरम हो जाला, कारमेल-शहद के नोट मजबूत हो जालें।

11. दाम आ नकली:

  • दाम श्रेणी: बिसाल दायरा — सुलभ बड़े पैमाना के कोटि (100–300 युआन / 500 ग्राम) से लेके प्रीमियम “ताईज़ी चा” आ हाथ से छँटाई वाला बैच (1,000–3,000+ युआन / 500 ग्राम) तक। दाम के कारक: तुड़ाई मानक, टिप्स के हिस्सा, मौसम (बसंत के पहिला तुड़ाई महँग), हाथ से प्रसंस्करण के स्तर, खास उत्पादक के प्रतिष्ठा।
  • नकली से कइसे बचीं:
    1. भौगोलिक संकेत “修水宁红茶” (जनवादी गणराज्य चीन के कृषि मंत्रालय, 2011) के निशान वाला उत्पाद खरीदीं।
    2. बाहरी रूप के मूल्यांकन करीं: असली निंगहोंग गोंगफू — कसल लपेटल पतला “सुई”, तेलिया चमक लिहले, बिना धूरि आ टूटल टुकड़ा।
    3. सुगंध जाँचीं: साफ, मीठ, ऊँच; खट्टा, जरल या बसावल टोन के अनुपस्थिति।
    4. अर्क के मूल्यांकन करीं: लाल-अम्बर, चमकीला आ पारदर्शी; धुँधलापन या फीकापन घटिया या मिलावटी चाय के चिन्ह ह।
    5. संदेहास्पद रूप से कम दाम से सावधान रहीं, खासकर जब उत्पाद “ताईज़ी चा” या “विशेष दर्जा” के रूप में चिन्हित होखे।

12. रोचक तथ्य:

  • “चीनी चाय विज्ञान के पिता” वू ज्युएनोंग (吴觉农, 1897–1989) बतवलें कि 1934 में आपन लंदन यात्रा के दौरान उहे दुकान में “Ningchow Black Tea” (宁州红茶) लिखल खुदरा पैकिंग देखले, बाकिर भीतर पहिलहीं से चिमेन के चाय रहे: “निंगझोऊ” ब्रांड के मोल एतना ऊँच रहे कि ई चाय से आगे जिंदा रह गइल, जवन ओ समय ले दुर्लभ हो गइल रहे।
  • चाय मास्टर ल्यू ज्यूनझोऊ (刘峻周), जे श्युशुई के आसपास के रहनिहार रहलें, 1897 में निंगहोंग तकनीक कॉकस ले गइलें आ बटूमी (जॉर्जिया) के लगे चाय बागान शुरू कइलें। उनकर “ल्यू चाय” पेरिस विश्व प्रदर्शनी (1900) में सोन चाँदी के पदक जितलस, आ 1909 में ल्यू के तीसरी डिग्री के ज़ारी ऑर्डर से सम्मानित कइल गइल — पहिला विदेशी बिना रूसी नागरिकता के, जेकरा अइसन सम्मान मिलल। जॉर्जिया में आजो ल्यू ज्यूनझोऊ के एगो स्मारक संग्रहालय बा।
  • 1914 में निंगहोंग के सभसे ऊँच दर्जा के एक पाउंड — “बाई ज़ी हाओ ताईज़ी चा” (सफेद मोहर “युवराज के चाय”) — शंघाई अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में 48 चाँदी ल्यान में बिकाइल, जवन ओ जमाना के दर्जनों किलो चाउल के कीमत के बराबर रहे।
  • निंगहोंग मास्टर लोग के तकनीक जियांगशी से बहुत दूर ले फइलल: श्युशुई के मूल निवासी लोग हूबे (यांगलोऊदोंग / 羊楼洞 इलाका), हूनान (लीनश्यांग / 临湘) आ अउरी प्रान्तन में लाल चाय के कारीगरी सिखवले, जवन “यीहोंग गोंगफू” (宜红工夫) आ अउरी कई क्षेत्रीय लाल चाय के नींव रखलस।
  • CCTV-10 टीवी चैनल श्युशुई के 90-कड़ी के डॉक्यूमेंट्री “चाय के रास्ता” (茶叶之路, 2014) के दू गो एपिसोड समर्पित कइलस — एपिसोड 21 “सौ साल के निंगहोंग” (百年宁红) आ एपिसोड 22 “श्युशुई के दिग्गज चाय” (修水传奇茶), जबकि अउरी मशहूर चाय क्षेत्रन के एक-एक एपिसोड मिलल।

13. अउरी गोंगफू-लाल चाय सभ से तुलना:

  • ची मेन होंग चा (祁门红茶, Qímén Hóngchá): सभसे अंतर्राष्ट्रीय रूप से मशहूर जियांगशी-आन्हुई लाल चाय। चिमेन सुगंध में बेसी सूझबूझ वाला, अपन खास “ऑर्किड” गंध (祁门香) आ सुघर, हल्का सूखा प्रोफाइल वाला। निंगहोंग — मीठ, भरपूर, अउरी साफ शहद के नोट आ “आवरणकारी” शरीर वाला। इतिहासी रूप से निंगहोंग चिमेन से लगभग 90 साल पुरान बा।
  • तान्यांग गोंगफू (坦洋工夫, Tǎnyáng Gōngfū): फूआन के फुजियानी गोंगफू-लाल चाय। तान्यांग — बेसी रसीला, फल-फूल के चरित्र लिहले (खासकर आधुनिक “ह्वाग्वोश्यांग” (花果香) संस्करण में)। निंगहोंग — बेसी क्लासिक, सूखा, शहद-रोटी के नोट पर जोर।
  • झेंग शान श्याओ झोंग (正山小种, Zhèngshān Xiǎozhǒng): फुजियानी “छोट किसिम” के लाल चाय, प्रकार में बेसी पुरान, बाकिर औद्योगिक जीवनी में ना। परंपरागत श्याओ झोंग में साफ धुँआ सुगंध (松烟香) आ लोंगान स्वाद होला; आधुनिक — फल-फूल वाला। निंगहोंग में धुँआ के नोट नइखे, बाकिर आधुनिक श्याओ झोंग के साथे गोल मिठास साझा करे ला।
  • द्यानहोंग (滇红, Diānhóng): बड़-पत्ती असमिया कल्टीवार से बनल युन्नानी लाल चाय। द्यानहोंग — काफी बेसी “शक्तिशाली”, कोको, मसाला आ उष्णकटिबंधीय फल के नोट लिहले, पॉलीफेनॉल आ कैफीन के स्तर बेसी ऊँच। निंगहोंग — बेसी नाजुक, हलुक, अउरी शुद्ध “रेशमी” मिठास वाला।

आखिर में:

निंगहोंग गोंगफू चीनी चाय के एगो जिअत किंवदंती ह, जेकर इतिहासी पैमाना चिमेन आ झेंग शान श्याओ झोंग के बराबर बा। दू सौ साल के जीवनी — दरबारी “युवराज के चाय” आ पेरिस के सोन चाँदी के पदक से लेके राष्ट्रीय अमूर्त विरासत के दर्जा ले — निंगहोंग के हर प्याली के एगो बड़का इतिहास के घूँट बना देले। स्वाद में ई चाय अद्भुत सामंजस्य के होले: शहद के मिठास, मखमली कसैलापन, गरम रोटी के सुगंध आ शुद्ध, लमहर बाद-स्वाद। निंगहोंग गोंगफू शैली में आराम से चाय पिये खातिर आदर्श साथी ह, बाकिर ई “पच्छिमी” पकावाई के तरीका में आ ब्लेंड में भी शानदार काम करे ला — एगो परंपरा जेकर जड़ 19वीं सदी के लंदन के विक्टोरियाई बइठकन में जाइल बा।