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लोंगजी होंग चा
Lóngjí hóngchá · 龙脊红茶
लोंगजी होंग चा एगो लाल चाय ह जवन कि परबती इलाका लोंगजी (龙脊, "ड्रैगन के रीढ़") में बनल होला, जिला लोंगशेंग, गुआंगशी-जुआंग स्वायत्त परदेस। एकर कच्चा माल 100 से 500 साल के उमिर वाला जंगली आ अध-जंगली गाछ-नुमा चाय के पेड़ सभ के पतई होला, जवन कि लोंगजी के मसहूर चाउर के सीढ़ीनुमा खेतन के ढाल पर उगल बाड़ें — चीन के सभसे…
लोंगजी होंग चा एगो लाल चाय ह जवन कि परबती इलाका लोंगजी (龙脊, “ड्रैगन के रीढ़”) में बनल होला, जिला लोंगशेंग, गुआंगशी-जुआंग स्वायत्त परदेस। एकर कच्चा माल 100 से 500 साल के उमिर वाला जंगली आ अध-जंगली गाछ-नुमा चाय के पेड़ सभ के पतई होला, जवन कि लोंगजी के मसहूर चाउर के सीढ़ीनुमा खेतन के ढाल पर उगल बाड़ें — चीन के सभसे फोटोजेनिक जमीन-आसमानी नजारा में से एगो। ई चाय “पुरान गाछन से परबती चाय” (古树红茶, gǔshù hóngchá) के एगो दुर्लभ उदाहरन बा, जहाँ ऊँच परबती कुहासा वला बन के टेरुअर आ बड़हन-पतई किसिम मिल के अइसन लाल चाय बनावे ला जेकर गहिर, मखमली सवाद आ हल्का-फुल्का धुआँ के महक होला।
1. बरगीकरन आ उतपत्ती:
- किसिम: लाल चाय (红茶, hóngchá) — पूर्ण रूप से फरमेंटेड/ऑक्सीडाइज्ड।
- श्रेणी: चीन के छेत्रीय लाल चाय; पुरान गाछन से बनल चाय (古树红茶, gǔshù hóngchá)।
- उतपत्ती: चीन, गुआंगशी-जुआंग स्वायत्त परदेस (广西壮族自治区, Guǎngxī Zhuàngzú Zìzhìqū); नगर जिला गुइलिन (桂林市, Guìlín Shì); लोंगशेंग बहुराष्ट्रीय स्वायत्त जिला (龙胜各族自治县, Lóngshèng Gèzú Zìzhìxiàn)। मुख्य उतपादन छेत्र — कस्बा लोंगजी (龙脊镇, Lóngjǐ Zhèn) आ ओकरा से सटल कस्बा जियांगदीजियांग (江底乡, Jiāngdǐ Xiāng), लोंगशेंग (龙胜镇, Lóngshèng Zhèn) बाड़ें।
- भूगोलीय निर्देशांक: ≈ 25.8° उत्तरी अक्षांश, 110.1° पूरबी देशांतर (लोंगजी कस्बा के संदर्भ)।
2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:
- इतिहास: लोंगजी परबतन में चाय खेती के इतिहास एक हजार साल से अधिका बा। बाइदू बाइके आ जगहिया इतिहास के मुताबिक, जुआंग (壮族, Zhuàngzú) आ याओ (瑶族, Yáozú) जाति के लोग चाय के गाछ उगावे के सुरुआत करीब सोंग बंस (宋朝, Sòng Cháo) के अंत में कइलें, जब परबती गाँव के रहवासी जंगल से बड़हन-पतई वाला जंगली चाय के गाछ आपन बारी-बगइचा में ले अइलें। चिंग बंस के सम्राट चियानलोंग (乾隆, Qiánlóng, 1735–1796) के कार्यकाल में लोंगजी के चाय सम्राट के भेंट (贡茶, gòngchá) बनल – एह बात के गवाही एगो पाथर के सतंभ देला जवन लोंगजी कस्बा के दुआंझाई (段寨) गाँव में अस्थापित बा। फिर भी, अधिकतर इतिहास में लोंगजी के चाय हरियर चाय के रूप में बनल। जगही कच्चा माल से लाल चाय (होंग चा) जानबूझ के बहुते बाद में बनावल जाए लागल — 2010 के दसक के सुरुआत में, जब बाजार में पुरान गाछन से लाल चाय के माँग बढ़ल। 2014 में लोंगशेंग जिला में 13 चाय के कारखाना चालू रहलें, आ उतपादन के छेत्र 2000 हेक्टेयर तक पहुँच गइल। 2015 में चीन के कृषि मंत्रालय लोंगजी के चाय के भौगोलिक संकेत के रक्षा वाला उतपाद (农产品地理标志, nóngchǎnpǐn dìlǐ biāozhì) के रूप में पंजीकृत कइलस।
2024 ले लोंगशेंग जिला में 40 से अधिका चाय उद्यम चालू रहलें, जेह में से करीब 30 लोंगजी कच्चा माल से बनल माल में बिसेसग्यता रखत रहलें। सूखल चाय के सालाना उतपादन 300 टन से अधिका रहल, जेह में से करीब 100 टन खाली लोंगजी चाय (लाल आ करिया) रहल। जिला में चाय बगान के कुल छेत्र 13,000 म्यू (≈ 870 हेक्टेयर) से अधिका बा, आ चाय उतपाद के कुल कीमत 10 करोड़ युआन पहुँचल। लोंगजी चाय के मसहूर करे में मुख्य भूमिका निभवलें परंपरा के उत्तराधिकारी शिए फूफू (谢福复, Xiè Fùfù), जे “लोंगजी चा वेन्हुआ ल्यूयू चान्ये” (龙脊茶文化旅游产业有限公司) कंपनी के मुखिया हईं आ लोंगशेंग के “छोट टेरुअर” से बाहर ब्रांड के सक्रिय रूप से बढ़ावा देत बाड़ें।
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नाँव: “龙脊” (Lóngjǐ) — शाब्दिक अर्थ “ड्रैगन के रीढ़” — एगो परबत श्रेणी आ मसहूर चाउर के सीढ़ीनुमा खेतन के नाँव। जगहिया लोग बादर में पड़ल एह घुमावदार सीढ़ीनुमा खेतन के “ड्रैगन के रीढ़” कहे ला। “红茶” (hóngchá) — लाल चाय। पूरा नाँव — “ड्रैगन के रीढ़ के लाल चाय”।
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सांस्कृतिक महत्व: लोंगजी होंग चा लोंगशेंग के बहुराष्ट्रीय परबती समुदायन के संस्कृति से अटूट रूप से जुड़ल बा। लोंगजी के चाय पानी, चाउर आ चाउर के शराब के साथे “लोंगजी के चार गो खजाना” (龙脊四宝, Lóngjǐ Sì Bǎo) में गिनल जाले। हर साल लोंगजी पुरान चाय उत्सव (龙脊古茶祭祀大典) मनावल जाला जेह में अनुष्ठानिक भेंट, परंपरागत हाथ से बने के परदरसन आ चाय अनुष्ठान सामिल बा — ई उत्सव छेत्र के अमूर्त सांस्कृतिक बिरासत के हिस्सा ह। लोंगजी के चाय गाछ बागानी फसल ना ह, बलुक अध-जंगली बन के बिसालकाय गाछ हईं, जिनहन से पतई तूरे खातिर गाछ पर चढ़े के पड़ेला — एही से ई मूल रूप से “台地茶” (táidì chá — “सीढ़ीनुमा/बागानी चाय”) से अलग बा।
3. बनस्पति बिबरन आ कच्चा माल:
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किसिम / खेती: लोंगजी बड़हन-पतई चाय (龙脊大叶种, Lóngjǐ Dàyè Zhǒng), जेकरा लोंगशेंग लोंगजी चा (龙胜龙脊茶) भी कहल जाला। ई Camellia sinensis के छोट-गाछी बड़हन-पतई किसिम सभ के समूह (小乔木大叶种, xiǎo qiáomù dàyè zhǒng) में आवेला। एकरा “चीनी चाय बिज्ञान शब्दकोश” (《中国茶学辞典》, Zhōngguó Cháxué Cídiǎn) में चीन के 28वाँ चुनिंदा चाय गाछ के किसिम के रूप में दर्ज़ बा। बिसेसता: मजबूत अंकुर फूटे के छमता, बड़हन-मोट कलिका, घन-गूदेदार पतई। गाछ 5–9 मीटर तक बढ़े लें; लोंगजी परबतन में सभसे पुरान “चाय राजा” (茶王, cháwáng) नमूना सभ के उमिर 500 साल से अधिका बा, आ 150 साल से अधिका उमिर वाला गाछन के गिनती 3000 से अधिका बा, कुछ अंदाज अनुसार पूरा भू-दृश्य छेत्र में 30,000 से अधिका।
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तुड़ाई: खाली साल में एक बेर — अप्रैल-मई (चिंगमिंग, 清明, आ गुयू, 谷雨, के समय)। सालाना एक बेर के तुड़ाई जगहिया उतपादक लोग के एगो सिद्धांत ह, जेकरा से कच्चा माल के उँच गुणबत्ता आ पुरान गाछन के पारिस्थितिक तंत्र पर कम से कम परभाव सुनिश्चित होला।
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तुड़ाई के मानक: एक कली आ दू गो पतई (一芽二叶, yī yá èr yè) — मुख्य मानक। बेहतरीन लॉट खातिर — एक कली आ एक पतई (一芽一叶, yī yá yī yè)।
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कच्चा माल के जरूरत: पतई सिरिफ गाछ-नुमा चाय के पेड़न से तोड़ल जाला (ना कि झाड़ीदार बागान से); कच्चा माल ताजा, साबुत, हाथ से तोड़ल होखे के चाहीं।
4. टेरुअर आ उगाई के बिसेसता:
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उगाई के ऊँचाई: 800–1000 मीटर आ एकरे से ऊपर — मुख्य चाय बगान के छेत्र। कुछ जंगली गाछ 1200 मीटर के ऊँचाई तक मिल सकेलें।
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जलवायु: उप-उष्णकटिबंधीय मानसूनी। सालाना औसत तापमान 18.1°C। पालारहित काल 314 दिन। सालाना बरखा 1500–2400 मिमी। सालाना औसत धूप के समय खाली 1223.3 घंटा — उप-उष्णकटिबंधीय खातिर कम, जवन लगातार बादर आ कोहरा के कारण होला। सापेक्ष हवा में नमी — करीब 82%। दिन-रात के तापमान में साफ अंतर। इलाका के बिसेसता सूत्रबद्ध बा: “晴日早晚遍野茶,阴雨连天满山云” — “साफ दिन में सबेरे आ साँझ — चाय खेत क्षितिज ले, बरखा आ बादर में — पहाड़ बादरन में डूबल रहेला”।
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माटी: हल्का अम्लीय (pH 5.8–6.9), गहिर, भुरभुर, उँच जैविक मात्रा वाली। परबती बन माटी, सदियन से गिरल पतई के सँचित जैविक पदार्थ से भरपूर।
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जल संसाधन: लोंगशेंग जिला के भूभाग 480 से अधिका नदी-नाला से पार कइल बा; मुख्य जलमार्ग — जुनजियांग नदी (浔江, Xúnjiāng)। जलभृत बिलकुल साफ बा — जिला में बड़हन उद्योग नइखे, भारी धातु के उत्सर्जन नइखे।
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कृषि तकनीक: पुरान चाय गाछ पारंपरिक अरथ में खेती ना कइल जालें — ई अध-जंगली बन के माहौल में बिना रसायनिक खाद आ सिंथेटिक कीटनाशक के उगेलें। परबती बन के पारिस्थितिक तंत्र खुदे कीटन से रक्षा करेला आ सदियन से गिरल पतई के माध्यम से पोषण देला। तुड़ाई हाथ से होला, अक्सर गाछ पर चढ़ के। कई गो खेत लोंगजी किसिम के जीन पूल बचावे खातिर नर्सरी बनावे आ उतपादन बढ़ावे खातिर नया घन बोआई वाला जमीन तइयार करे पर काम करत बाड़ें।
5. उतपादन तकनीक:
लोंगजी होंग चा गोंगफू-लाल चाय के क्लासिक तकनीक से बनावल जाला, जवन पुरान गाछन से बड़हन-पतई कच्चा माल के खासियत के मुताबिक ढालल गइल बा।
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तुड़ाई (采摘, cǎizhāi): गाछ-नुमा चाय पेड़न से हाथ से तुड़ाई; “कली + 1–2 पतई” मानक के कोमल कोंपरन के चुनाई।
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मुरझाई (萎凋, wěidiāo): ताजा पतई के बाँस के ट्रे पर छाँह में प्राकृतिक रूप से मुरझावे खातिर रखल जाला। मौसम के हिसाब से 12–20 घंटा के समय। लोंगजी किसिम के बड़हन-गूदेदार पतई के छोट-पतई किसिमन के तुलना में ढेर लमहर मुरझाई के जरूरत होला। लक्छ — नमी 60–64% ले घटावल, कोशिका संरचना के नरम कइल।
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मलाई-घुमाई (揉捻, róuniǎn): मुरझावल पतई के मल-घुम के — कोशिका भित्ती टूटेला, रस निकलेला। बड़हन-पतई कच्चा माल खातिर मध्यम दबाव के इस्तेमाल होला ताकि पतई टूट ना जाए।
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फरमेंटेशन/ऑक्सीकरण (发酵, fājiào): मलल-घुमावल पतई के गरम नम कमरा में परत दर परत रखल जाला। ऑक्सीकरण तब ले कइल जाला जब ले घास-फूस के महक पूरी तरह खतम ना हो जाए आ लगातार शहद-फल वाली सुगंध ना आवे लागे। पतई के रंग लाल-ताँबा जइसन हो जाला।
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सूखाई/तपाई (烘干, hōnggān): गरम हवा से या कोइला के आँच पर बाँस के जाली पर प्रोफाइल के स्थिर कइल जाला। कुछ उतपादक देवदार के किरची से हल्का धुआँ देवे के काम करेलें (जइसे झेंग शान श्याओ झोंग के तकनीक में), जवन चाय में एगो महीन धुआँ के सुर देला — ई लोंगजी होंग चा के कुछ लॉटन के बिसेसता ह।
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छँटाई (分级, fēnjí): हिस्सन में बाँटल, खराब पतई के निकालल।
6. अंग-गुण बिसेसता:
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सूखल पतई के बाहरी रूप: बड़हन, घन लपेटल चाय पतई जेह में साफ “मरोड़” वाली बनावट (紧结, jǐnjié) होला। रंग — गहिर भूअर लाली लिहले। सोनहर टिप्स देखलाई पड़ेलीं बाकिर छोट-पतई गोंगफू-चाय से कम — ई बड़हन-पतई किसिम के कारण बा।
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सूखल पतई के सुगंध: गहिर, गरम — शहद, अखरोट, सूखल फल। कुछ लॉट में — हल्का धुआँ के महक आ देवदार के गौण सुर, जवन बन के टेरुअर के बिसेसता से जुड़ल बा।
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चाय पानी के सुगंध: ताकतवर आ बहुपरती। पहिला लहर — शहद-मीठापन लिहले, सूखल फल (छुहारा, किसमिस) के सुर के साथे; दूसर — गहिर लकड़ी-अखरोट के सुर; अंत में — गरम, हल्का धुआँदार “बन” के सुर। प्याला के देवाल पर सुगंध देर तक बनल रहेला।
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सवाद: गाढ़, भरपूर, मखमली बनावट के साथे — ई बड़हन-पतई पुरान गाछन के चाय के सामान्य गुन ह। शुद्ध मिठास कोमल कसैलापन आ खनिज उपसुर के साथे मिलल बा। बाद के सवाद लमहर, गरम करे वाला, शाहबलूत शहद के सुर के साथे होला। ओही छेत्र के बागानी लाल चाय सभ के तुलना में सवाद साफ “बिसाल” आ गहिर बा।
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चाय पानी के रंग: अम्बर से लाल-शाहबलूती ले, पारदर्शी, चमकदार, सोनहर किनारा के साथे।
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चाय के पेंदी (भिंजल पतई): बड़हन, खुलल पतई; रंग — ताँबा-भूअर, एक समान। पतई गूदेदार, लचकदार, साबुत — हाथ से तुड़ाई आ सावधानी भरल प्रोसेसिंग के चिन्हा।
7. रासायनिक संरचना:
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पॉलीफेनोल: पुरान बड़हन-पतई गाछन के कच्चा माल में आमतौर पर छोट-पतई किसिमन के तुलना में पॉलीफेनोल के स्तर ढेर होला। पूर्ण ऑक्सीकरण के दौरान कैटेचिन थियाफ्लेविन आ थियारुबिगिन में बदल जालें, जवन गाढ़ बदन आ चाय पानी के लाल-अम्बर रंग बनावेलें।
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अमीनो अम्ल: L-थियेनाइन आ अन्य अमीनो अम्ल — मात्रा बढ़ल बा, छाँहदार परबती बन के उगाई आ सालाना एक बेर के तुड़ाई (गाछ पूरा साल के पोषक तत्व जमा करेला) के कारण।
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अल्केलाइड: कैफीन — बड़हन-पतई कच्चा माल में मात्रा आमतौर पर छोट-पतई से अधिका होला (अंदाजन 3.5–5%); थियोब्रोमीन, थियोफायलीन — सूच्म मात्रा में।
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विटामिन: बी समूह के विटामिन, सूच्म मात्रा में विटामिन सी, रुटिन (विटामिन P)।
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खनिज: पोटासियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक, सेलेनियम। लोंगजी के परबती बन माटी, सदियन के जैविक पतझड़ से समृद्ध, उँच सूक्ष्म तत्व मात्रा सुनिश्चित करेला।
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अस्थिर तेल आ उड़नशील यौगिक: टेरपेनॉइड अल्कोहल (लिनालूल, गेरानियॉल, नेरोल), एल्डिहाइड, माइलार प्रतिक्रिया के उतपाद सभ के मिश्रण। पुरान गाछन के बन के माहौल सुगंध में बिसेस “बन” आ लकड़ी के सुर ले आवेला, जवन बागानी लाल चाय में दुर्लभ बा।
8. फायदेमंद गुन:
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हल्का ताकतवर्धक: L-थियेनाइन के साथे मिलल ढेर कैफीन एगो साफ बाकिर संतुलित ताकतवर्धक परभाव देला — बेचैनी बिना स्फूर्ति।
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एंटीऑक्सीडेंट सक्रियता: पॉलीफेनोल के उँच स्तर मजबूत एंटीऑक्सीडेंट रक्षा देला।
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पाचन में सहायक: बड़हन-पतई पुरान गाछन के लाल चाय पारंपरिक रूप से टैनिन के उँच मात्रा के कारण पाचन खातिर बिसेस रूप से फायदेमंद मानल जाला।
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गरम करे के परभाव: पारंपरिक चीनी आहार बिज्ञान में पुरान गाछन के लाल चाय “गरम प्रकृति” के उतपाद मानल जाला — ई शरीर के गरम करेला, ची आ रक्त के संचार में सुधार करेला।
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संज्ञानात्मक काम: L-थियेनाइन विश्रांति आ एकाग्रता सुधारे में मदद करेला।
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खनिज भरपाई: परबती बन माटी के भरपूर खनिज संरचना के कारण, चाय में काफी मात्रा में पोटासियम, मैग्नीशियम आ मैंगनीज होला — ई तत्व तंत्रिका तंत्र, हड्डी के ऊतक आ ऊर्जा चयापचय खातिर महत्वपूर्ण बाड़ें।
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त्वचा के दसा: बी समूह के विटामिन के साथे मिलल पॉलीफेनोल के एंटीऑक्सीडेंट गुन ऑक्सीडेटिव तनाव के घटा के त्वचा के सेहत बनावे में मदद करेला।
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रोगप्रतिरोधक छमता बढ़ावल: परबती बन माटी के खनिज धन के कारण चाय पतई में मौजूद जिंक आ सेलेनियम शरीर के रोगप्रतिरोधक कामकाज बनावे में योगदान करेला।
9. चाय बनावे के तरीका:
- पानी के तापमान: 90–95°C।
- चाय के मात्रा: 5–6 ग्राम प्रति 100–120 मिली (गोंगफू बिधि)। पुरान गाछन के बड़हन-पतई चाय में छोट-पतई के तुलना में थोड़ा ढेर कच्चा माल के जरूरत पड़ सकेला।
- बर्तन: चीनी माटी के गाइवान (盖碗) — सुगंध के अधिकतम खोले खातिर। इशिंग के चायदानी — अतिरिक्त कोमलता आ गहिराई देवे खातिर। काँच के चायदानी — बड़हन पतई के खुले के निहारे खातिर।
- प्रक्रिया:
- बर्तन के गरम पानी से गरम करीं।
- चाय डालीं, गरम पतई के सुगंध लीं।
- धोवाई — झटपट पानी डाल के फेंक दीं (2–3 सेकंड)। घन मरोड़ वाली बड़हन-पतई चाय खातिर धोवाई फायदेमंद बा: ई पतई के “जगावेला”।
- पहिला पानी: 10–12 सेकंड।
- दूसरा–चउथा पानी: 10–15 सेकंड।
- पाँचवा पानी से — हर बेर 5–15 सेकंड के बढ़ती करीं।
- गुनवत्ता वाला पुरान कच्चा माल के लोंगजी होंग चा 8–12 पानी तक टिकेला, धीरे-धीरे अउरी गहिर अखरोट आ लकड़ी के सुर खोलत।
10. भंडारण:
- हवाबंद, अपारदर्शी डिब्बा; सूखल, अँधेरहा, ठंढा जगह; तापमान 15–25°C।
- सभसे बढ़िया पिए के समय — 12–24 महीना। निकासी पदार्थ के उँच मात्रा के कारण, पुरान कच्चा माल के बढ़िया लॉट 2–3 साल ले रखल जा सकेला आ “पाकल” जा सकेला, अउरी कोमल, गोलाई लिहले प्रोफाइल हासिल करत।
- फ्रिज में ना राखीं आ तेज गंध वाला चीजन से दूर राखीं।
11. कीमत आ नकली से बचाव:
- कीमत श्रेणी: असली पुरान कच्चा माल से बनल लोंगजी होंग चा — एगो खास पसंद के आ तुलनात्मक रूप से महँग उतपाद ह: मानक लॉट खातिर अंदाजन 200–500+ युआन प्रति 500 ग्राम, “चाय राजा” गाछन के बेहतरीन लॉट खातिर कई हजार युआन ले। कीमत गाछन के उमिर, उगाई के ऊँचाई, तुड़ाई के मानक आ लॉट के मात्रा (सालाना एक बेर के तुड़ाई में मात्रा छोट होला) पर निरभर करेला।
- नकली से कइसे बचीं:
- लोंगशेंग जिला के प्रमाणित उतपादक लोग से खरीदीं। भौगोलिक संकेत “龙脊茶” (AGI2015-02-1699) के लेबल के मौजूदगी — मुख्य सूचक ह।
- पतई के मूल्यांकन करीं: बड़हन, साबुत, घन लपेटल चाय पतई — पुरान कच्चा माल के चिन्हा; बारीक, टूटल पतई जेह में ढेर धूरि होखे — बागानी चाय के चिन्हा।
- सुगंध जाँचीं: पुरान गाछन के चाय में बन के सुर के साथे गहिर, “बिसाल” सुगंध होला; बागानी नकल — अउरी सपाट आ एकसार।
- भींजल पतई के मूल्यांकन करीं: साबुत, गूदेदार, बड़हन पतई — असली पुरान चाय; छोट, पातर पतई — बदलाव।
- “龙脊古树红茶” के ब्रांड नाँव से संदेहास्पद रूप से कम दाम पर बिकाए वाला उतपाद से सावधान रहीं — असली उतपादन मात्रा सीमित बा।
12. रोचक जानकारी:
- लोंगजी होंग चा सचमुच “गाछ पर तोड़ल चाय” ह: तुड़ाई करे वाला लोग कोमल कोंपरन तक पहुँचे खातिर तना आ डाढ़ के सहारे कई मीटर ऊपर चढ़े लें। एह से तुड़ाई के प्रक्रिया मेहनत भरल आ कुछ हद तक जोखिम भरल हो जाला।
- लोंगजी परबतन में 500 साल से अधिका उमिर के एगो “चाय गाछ-राजा” (茶王) सुरक्षित बा। जगहिया चाय कंपनी सभ के मुताबिक, 150 साल से पुरान गाछ कम से कम 3000 बाड़ें, आ 2025 के अंदाज अनुसार पूरा भू-दृश्य छेत्र में 30,000 से अधिका।
- चिंग काल में जगहिया किसान लोग लोंगजी के चाय के दरबार में भेंट के दर्जा एगो पाथर के सतंभ द्वारा प्रमाणित कइलें, जेकरा गाँव के एगो रहवासी पान त्यानहोंग (潘天红) गुइलिन सरकारी कार्यालय से सचमुच पीठ पर उठा के ले अइल रहलें — ई सतंभ एगो अदालती फइसला खोदल ह जवन किसानन के चाय के खुला बेपार के अधिकार के रक्षा करत रहल, ई आजुओ गाँव में बा (जियानफेंग काल में टूटल)।
- लोंगजी के चाय “四宝” (“चार गो खजाना”) में गिनल जाला — चाउर, पानी आ चाउर के शराब के साथे।
- लोंगजी होंग चा के उतपादन छेत्र बिस्व प्रसिद्ध लोंगजी चाउर के सीढ़ीनुमा खेत (龙脊梯田) के छेत्र से मेल खाला, जवन महत्वपूर्ण कृषि बिरासत के रजिस्टर में सामिल बा — चाय आ चाउर सदियन से एकही भू-दृश्य में सह-अस्तित्व में बाड़ें।
- 2020 में परंपरा के उत्तराधिकारी शिए फूफू “चाय भोजन” (茶膳, chá shàn) के दिसा बिकसित करे सुरू कइलें — लोंगजी चाय के पतई मिला के पकवान: चाय वाला बाँस के चूजा, चाय पतई के सलाद। एह से हर साल सीढ़ीनुमा खेतन के यात्रा करे वाला पर्यटक (2024 में 11.5 लाख से अधिका) के बीच चाय के परचार-प्रसार में मदद मिलल।
- लोंगजी के चाय चीन के कुछ अइसन चाय में से बा जेकरा खातिर “गाछ पर चढ़ाई” के समस्या बा — जगहिया तोड़ाई करे वाला चाय गाछ के तना पर चढ़ाई के कौशल के अभ्यास करेलें, जवन लोंगजी में चाय तोड़ाई करे वाला के पेशा के शारीरिक रूप से अलग बनावेला।
13. दोसर पुरान गाछन के लाल चाय से तुलना:
- द्यान होंग गु शू (滇红古树, Diānhóng Gǔshù): युन्नान के पुरान गाछन के लाल चाय (C. sinensis var. assamica)। आमतौर पर अउरी ताकतवर, माल्टी, चमकदार सोनहर टिप्स के साथे। लोंगजी होंग चा — अउरी महीन, नाजुक, अउरी साफ “बन” के सुर के साथे आ मिठास के तीव्रता कम।
- ईहोंग गोंगफू (宜红工夫, Yíhóng Gōngfū): हुबेई से छोट-पतई किसिम पर आधारित क्लासिक गोंगफू-लाल चाय। लोंगजी से साफ अलग: अउरी महीन मरोड़, अउरी चमकदार शहद के सुगंध, कम साफ “गहिराई” आ खनिजता। ईहोंग — “शहरी”, परिष्कृत; लोंगजी — “परबती”, प्राकृतिक।
- ज्यूचेंग शान होंग चा (九层山红茶): पुरान गाछन से ताइवानी लाल चाय। अवधारणा (जंगली कच्चा माल, सीमित तुड़ाई) में तुलनात्मक, बाकिर एकदम अलग टेरुअर आ अउरी साफ फूल के सुर में भिन्न।
निचोड़ में:
लोंगजी होंग चा चीन के सभसे मौलिक लाल चाय में से एगो ह: हर चाय पतई के पीछे बागानी कृषि तकनीक ना, बलुक “ड्रैगन के रीढ़” के परबतन में इंसान आ बन के सदियन पुरान सह-अस्तित्व बा। बन आ अखरोट के सुर के साथे गहिर, मखमली सवाद, साल में एक बेर पुरान गाछन से तोड़ल बड़हन-गूदेदार पतई — ई सब मिल के लोंगजी होंग चा के आराम से, मनन करे वाला चाय पिये खातिर चाय बनावेला। ई उन मूल्यांकनकर्ता लोग खातिर उपयुक्त बा जे युन्नानी गुशू-लाल चाय के बिकल्प खोजत बाड़ें आ परबती गुआंगशी के कम जानल-मानल बाकिर जीवंत चाय परंपरा से परिचित होखल चाहत बाड़ें।