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जिउक्यू होंग मेइ

Jiǔqū hóng méi · 九曲红梅

जिउक्यू होंग मेइ — झेजियांग प्रान्त के अट्ठाइस गो परसिद्ध चायन में एकमात्र लाल चाय ह, जेकरा कविताई उपनाँव मिलल बा — “हरियर समुन्दर में एक ठो लाल बिंदु” (万绿丛中一点红)। लगभग दू सौ बरिस के इतिहास वाला ई गोंगफू-होंगचा, फूजियान के लाल चाय परम्परा अउर हाङ्गचौ के पच्छिमी उपनगरीय क्षेत्र के बिसेस टेरवार के संगम से पैदा भइल। एकर…

जिउक्यू होंग मेइ — झेजियांग प्रान्त के अट्ठाइस गो परसिद्ध चायन में एकमात्र लाल चाय ह, जेकरा कविताई उपनाँव मिलल बा — “हरियर समुन्दर में एक ठो लाल बिंदु” (万绿丛中一点红)। लगभग दू सौ बरिस के इतिहास वाला ई गोंगफू-होंगचा, फूजियान के लाल चाय परम्परा अउर हाङ्गचौ के पच्छिमी उपनगरीय क्षेत्र के बिसेस टेरवार के संगम से पैदा भइल। एकर बहुत महीन, मछरी पकरे वाला काँटा नियर मुड़ल पत्ती, मानिक जइसन लाल रंग के अरक, अउर लाल बेर के फूल (मेहुआ) जइसन महक एकरा सीहू के चाय संस्कृति के परिचायक बना देले बा, ठीक ओही तरे जइसे महान लोंगजिंग चाय।

1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:

  • प्रकार: चीनी लाल चाय (红茶, hóngchá), पूरा तरे से आक्सीकृत (किण्वित)।
  • श्रेणी: गोंगफू-होंगचा (工夫红茶, gōngfū hóngchá) — परम्परागत मास्टर-तकनीक से बनल लाल चाय। चीन के एतिहासिक परसिद्ध चाय (历史名茶) में गिनल जाला। हाङ्गचौ के दस गो परसिद्ध चाय “नव हरियर, एक लाल” (九绿一红) के लिस्ट में एकमात्र लाल चाय ह।
  • उत्पत्ति: चीन, झेजियांग प्रान्त (浙江省, Zhèjiāng shěng), हाङ्गचौ नगर (杭州市, Hángzhōu shì), सीहू जिला (西湖区, Xīhú qū), श्वाङ्पु कस्बा (双浦镇, Shuāngpǔ zhèn)। मुख्य उत्पादक गाँव: हुबू (湖埠), श्वाङ्लिंग (双灵), चाङ्यू (张余), फङ्जिया (冯家), लिङ्शान (灵山), शचिङ (社井), रन्च्याओ (仁桥), शाङ्याङ (上阳), स्यायाङ (下阳)। पारम्परिक रूप से सबसे नीक मानल जाए वाला चाय हुबू गाँव के दाऊसिन पहाड़ (大坞山) से आवेला।
  • भूगोलीय निर्देशाङ्क: लगभग 30°10′ उत्तर अक्षांश, 120°05′ पूरब देशान्तर (श्वाङ्पु क्षेत्र, हाङ्गचौ के दक्खिन-पच्छिमी उपनगर, छ्यान्थाङ्च्याङ नदी के किनारे)।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • इतिहास: जिउक्यू होंग मेइ के रचना छिङ राजवंश (清同治年间, 1862–1874) के सम्राट थोङ्ची के शासनकाल में भइल रहे, मतलब एकर उत्पादन इतिहास लगभग डेढ़-दू सौ बरिस पुरान ह। चाय के आगमन थाइफिङ विद्रोह (太平天国, 1850–1864) से जुड़ल बा: जब फूजियान प्रान्त के ऊईशान इलाका युद्ध के चपेट में आ गइल, तब तेरह गो किसान-चाय उत्पादक परिवार उत्तर के ओर भाग के आइल अउर दाऊसिन बेसिन, जवन आजुओ श्वाङ्पु कस्बा ह, में आ बसल। उ लोग पहाड़ी ढाल साफ कइल, चाय के झाड़ी लगवलन, अउर आपन लाल चाय बनावे के अनुभव के आधार पर स्थानीय कच्चा माल से नया उत्पाद बनावे लगलन। धीरे-धीरे तकनीक ई क्षेत्र के अनुकूल होत गइल, आ एही तरे जनमल एक अनोखा लाल चाय — जिउक्यू होंग मेइ।

चाय के जल्दिये पहिचान मिल गइल। 1886 में एकरा पनामा अन्तर्राष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी में स्वर्ण पदक मिलल। 1915 में पनामा बिस्व मेला (巴拿马万国博览会) में सोना पदक। 1926 में फिलाडेल्फिया बिस्व प्रदर्शनी के पुरस्कार। 1928 में सांघाई में आयोजित चीनी राष्ट्रीय सामान प्रदर्शनी में बिसेस पुरस्कार, जहाँ “नव युग के चाय सन्त” ऊ च्वेशुङ (吴觉农, Wú Juénóng) आपन बिसेसज्ञ राय में लिखलन: “हाङ्गचौ के लाल चाय रंग, सुगन्ध आ स्वाद में उत्तम ह, बस अफसोस कि दाम बहुत बेसी ह।” 1929 में चाय पहिला सीहू मेला (首届西湖博览会) के बिसेस पुरस्कार जीतलस, आ ओह जमाना के दस गो परसिद्ध चीनी चाय में सामिल भइल।

1937 में हाङ्गचौ पर जापानी कब्जा के बाद उत्पादन चौपट हो गइल। चाय बागान बंजर हो गइलन, आ जब तक चीन जनबादी गणतन्त्र के स्थापना भइल, इलाका गहिरा सङ्कट में रहे। 1950-60 के दसक में धीरे-धीरे सुधार सुरू भइल: किसान लोग सहकारी समिति गठित कइल, नया किसिम आ मशीनीकरण लागू कइल। हालाँकि, 1990 के दसक में सीहू लोंगजिंग के जबरदस्त व्यापारिक सफलता के बीच, स्थानीय अधिकारी “लाल से हरियर हो जाइए” (以红改绿) के नीति लागू कइले, आ जिउक्यू होंग मेइ बिलुप्त होखे के कगार पर पहुँच गइल। पुनरुद्धार 2000 के दसक में सुरू भइल: 2000 में ब्यापार चिह्न पञ्जीकृत भइल, 2003 में “झेजियांग के हरियर उत्पाद” के प्रमाणपत्र मिलल, आ 2006 अउर 2009 में निर्माण तकनीक के हाङ्गचौ अउर झेजियांग प्रान्त के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर रजिस्टर में दर्ज कइल गइल। 2016 में जिउक्यू होंग मेइ हाङ्गचौ में G20 शिखर बैठक के सरकारी चाय के रूप में परोसल गइल, आ ओकरा बाद ऊचन में तिसरा आ चउथा बिस्व इन्टरनेट सम्मेलन (2016, 2017) में सेवा कइल गइल।

  • नाँव: नाँव तीन गो अर्थपूर्ण हिस्सा से बनल बा। “जिउक्यू” (九曲) — “नव मोड़” — एक साथ ऊईशान पहाड़ के परसिद्ध जिउक्यूसी धारा (九曲溪), जहाँ से चाय के संस्थापक आइल रहले, अउर दाऊसिन इलाका के “नव मोड़ अउर अठारह टेढ़-मेढ़” (九曲十八弯) वाली स्थानीय घुमावदार नदी के इशारा करेला। “होंग” (红) — “लाल” — चाय के प्रकार देखावेला। “मेइ” (梅) — “मेहुआ बेर” — लाल बेर के फूल जइसन खास सुगन्ध से जुड़ल बा। चाय के एतिहासिक नाँव जिउक्यू होंग (九曲红), जिउक्यू ऊलोंग (九曲乌龙) अउर लोंगजिंग होंग (龙井红) से भी जानल जाला।

  • सांस्कृतिक महत्व: परसिद्ध बौद्ध भिक्षु अउर सुलेखक होंगी (弘一法师, Hóngyī fǎshī), जे ली शूथोंग (李叔同) के नाँव से बेसी जानल जालें, एह चाय के गुणगान एह पंक्तियन से कइलन: “सफेद जेड के प्याला में — अकीक रंग, लाल होंठ आ जीभ के नीचे — मेहुआ के सुगन्ध” (白玉杯中玛瑙色,红唇舌底梅花香)। जिउक्यू होंग मेइ सीहू लोंगजिंग के साथे पच्छिमी झील के चाय संस्कृति के मसहूर जोड़ी “एक लाल, एक हरियर” (一红一绿) बनावेला, जे हाङ्गचौ चाय परम्परा के पूर्णता आ सन्तुलन के परतीक ह।

3. बनस्पति बिबरन आ कच्चा माल:

  • किसिम / कल्टीभार: मुख्य रूप से स्थानीय जनसङ्ख्या किसिम (群体种, qúntǐ zhǒng) Camellia sinensis var. sinensis — ऊहे झाड़ी-जनसङ्ख्या जवना से सीहू लोंगजिंग बनेला, एहमे काम में लिहल जाला। ई छोट-मझोला पत्ता वाला झाड़ीदार प्रकार (灌木型中小叶种) ह, सीधा बढ़े वाला, मझोला घनत्व के डाढ़ वाला। पत्ता लम्बा-अण्डाकार, कली आ नया पत्ता पियर-हरियर, खूब रोयेंदार होला। तीन गो पत्ता वाला सयकड़ा कली के वजन — लगभग 71 ग्राम। पौधा में बहुत हिम सहनशक्ति अउर जोरदार कोंपल बाढ़ होला।
  • तोड़ाई: सबसे नीमन तोड़ाई समय गूयू (谷雨, “अनाज के बरखा”, आमतौर पर 20 अप्रैल) के आसपास होला, जवन लोंगजिंग से कुछ बाद के बा। मजेदार बात कि, अधिकतर चाय से उल्टा, जिउक्यू होंग मेइ के बहुत जल्दी, छिङमिङ से पहिले के तोड़ाई सबसे नीक ना मानल जाला — पत्ता के आदर्श पकाव गूयू तक आवेला।
  • तोड़ाई मानक: सुरूआती खुलाव के दसा में एक ठो कली आ दू गो पत्ता (一芽二叶初展, yī yá èr yè chū zhǎn)। पत्ता ना तो बहुत कोमल होखे के चाहीं ना मोट-राढ़ — ईहे पकाव के मात्रा सुगन्ध आ शरीर के बेजोड़ सन्तुलन देला।
  • कच्चा माल के आवश्यकता: पूरा, साफ पत्ता, बिना क्षति आ मोट डङ्खी के। तोड़ाई से प्रोसेसिङ सुरू होखे के बीच जरूरत के मुताबिक कम से कम देर होखे। बढ़िया दरजा खातिर सय बरिस से बेसी उमिर के पुरान चाय पेड़ से कोंपल चुनल जाला।

4. टेरवार आ खेती के बिसेसता:

  • थल-आकृति आ लैण्डस्केप: उत्पादन क्षेत्र दाऊसिन बेसिन (大坞盆地) में बसल बा, जवन निचला पहाड़ से घिरल बा। “नव मोड़ अउर अठारह टेढ़-मेढ़” वाला थल-आकृति कई गो सूक्ष्म-जलवायु कोना पैदा करेला। पूरब ओर से इलाका के सीमा छ्यान्थाङ्च्याङ नदी (钱塘江) बनावेला, जेकर भाप से सबेरे-साँझ लगातार बादर आ कुहेसा बनल रहेला।
  • उगाही ऊँचाई: समुन्द्र तल से 100 से 500 मीटर। सबसे नीक बागान दाऊसिन पहाड़ के ढाल पर बा।
  • औसत सालाना तापमान: लगभग 16–17°C। जलवायु उपोष्णकटिबन्धीय मानसूनी, हल्का जाड़ा अउर गरम-नम गर्मी वाली।
  • बरखा: लगभग 1400–1500 मिमी सालाना, ऊँच सापेक्षिक नमी के साथे।
  • माटी: बलुआही अम्लीय माटी (沙质土壤, pH 4.5–5.5), उरबर, जेकर पानी निकास बढ़िया होला। आसपास के पहाड़ घन जङ्गल से ढँकल बाड़े, जे चाय बागान के हवा से बचावेला आ बिखराइल रोशनी देला।
  • पारिस्थितिकी: 2008 में उत्पादन क्षेत्र के हिस्सा श्वाङ्लिंग गाँव के “च्याङ्नान पारिस्थितिक चाय गाँव” (江南生态茶村) के दरजा मिलल, जे प्राकृतिक पर्यावरण के असाधारण गुणबत्ता के पुष्टि करेला।

5. उत्पादन तकनीक:

जिउक्यू होंग मेइ गोंगफू-होंगचा के क्लासिकी तकनीक से बनेला, जेकरा में चार गो मुख्य चरण होला। एकर बेजोड़ बिसेसता ह — बहुत महीन, मुड़ल पत्ती के आकृति हासिल करे खातिर बिसेस घुमाव कौशल अउर किण्वन पर सावधान नियन्त्रण के जरूरत पड़ेला।

  • सुखवाई / मुरझवाई (萎凋, wěidiāo): ताजा तोड़ल पत्ता के बाँस के ट्रे पर पातर परत में बिछा दिहल जाला। मुरझवाई के दौरान पत्ता से समान रूप से नमी घट जाला, कोशिका देवाल नरम पड़ जाला, स्फीति दाब घट जाला। तीखा घास जइसन गन्ध हट जाला, आ पत्ता लचकीला हो जाला, जवन बिना टूटले आगे के घुमाव खातिर जरूरी बा। अवधि तापमान अउर हवा के नमी पर निर्भर करेला।

  • घुमाव / मरोड़ (揉捻, róuniǎn): मुरझाइल पत्ता के मशीनी तौर पर घुमाव कइल जाला, जेकरा से कोशिका बनावट टूट जाला आ कोशिका रस सतह पर आ जाला। एही चरण में जिउक्यू होंग मेइ के मसहूर “मछली काँटा” आकृति बन सुरू होला: बहुत महीन, घुमावदार पत्ती, चाँदी के काँटा नियर, जवन आपस में अँगूठी नियर जुड़ सकेला। घुमाव से बाद के आक्सीकरण खातिर एन्जाइम सभ के समान बितरण भी सुनिश्चित होला। घुमाव के बीच-बीच में “गोला तोड़ल” (搓散, cuōsàn) — चिपकल पत्ती के अलग कइल जाला।

  • किण्वन/आक्सीकरण (发酵, fājiào): लाल चाय के रंग, स्वाद अउर सुगन्ध तय करे वाला प्रमुख चरण। घुमाइल पत्ता के उपयुक्त तापमान (आमतौर पर 25–30°C) अउर नमी के दसा में रखल जाला। पोलिफेनोल-आक्सीडेज के किरिया से केटेचिन आक्सीकृत हो के थीफ्लेविन अउर थीरूबीगिन में बदल जाला। पत्ता धीरे-धीरे हरियर से सोनहरा-पियर आ लाल-भूरा रंग में बदले ला, फूल-फल के सुगन्ध उभरे ला। परम्परागत रूप से प्राकृतिक किण्वन के तरीका इस्तेमाल होखे; आधुनिक इकाई तापमान आ नमी के नियन्त्रण वाला स्वचालित कक्ष लगावे लीं।

  • सूखवाई (干燥, gānzào): दू गो चरण में होला। पहिला — “सुरूआती आँच” (毛火, máo huǒ): बेसी तापमान पर तेज सूखवाई जे एन्जाइम के निस्क्रिय करे आ आक्सीकरण रोक दे। दूसरा — “पूरा आँच” (足火, zú huǒ): कम तापमान पर धीमी सूखवाई, जवन नमी के अन्तिम रूप से हटा के सुगन्ध के पूरा तरे से खुलावे खातिर होला। “पूरा आँच” के चरण में चीड़ के गोन्द जइसन हल्का सुगन्ध अउर शहद के मिठास वाला खास नोट बनेला।

  • छँटाई (分级, fēnjí): तइयार चाय के छान के दरजा में बाँट दिहल जाला। एकसमान, सजातीय लॉट चुनल जाला जेकरा में सोनहरा टिप्स के बेसी अंश होखे।

6. इन्द्रिय-संवेदी बिसेसता:

  • सूखा पत्ता के बाहरी रूप: जिउक्यू होंग मेइ के पहिचान-चिह्न एकर अनोखा आकृति ह। पत्ती बहुत महीन, बार नियर, कस के घुमाइल होला, सुघड़ मोड़ में, जवन मछरी पकड़े के काँटा नियर या चाँदी के कफ-लिङ्क जइसन लउकेला; हाथ से पकड़ले पर ई आपस में जुड़ के अँगूठी नियर “गुच्छा” बना लेला। रंग — गाढ़, तेलिया-करिया, प्राकृतिक चमक वाला (乌润), सोनहरा नरम रोयें (金毫) से भरपूर।
  • सूखा पत्ता के सुगन्ध: भरपूर, बहुपरती: शहद अउर कारामेल के स्पष्ट नोट, जेकरा पीछे फूलदार छटा, लाल बेर (मेहुआ) के फूल के सुगन्ध के याद दियावेला। ऊँच दरजा में आर्किड (兰花香) के महीन नोट अउर चीड़ के गोन्द के हल्का, बमुश्किल पकड़ में आवे वाला धुआँ-नीमा सङ्केत होला।
  • अरक के सुगन्ध: ऊँच अउर टिकाऊ, शहद के मिठास, लाल बेर के फूलदारपन अउर पाकल फल के बारीकी के मेल। सुगन्ध कई गो लहर में खुलेला: पहिला चुल्लू — चमकीला फूलदार नोट; बीच के — गरम शहद-कारामेल; अन्तिम — हल्का काठ-मीठ।
  • स्वाद: गाढ़ अउर भरपूर, स्पष्ट प्राकृतिक मिठास अउर “मखमली” बनावट वाला। स्वाद में पाकल शहद, लाल फलन अउर कारामेल के सङ्केत महसूस होला। कसैलापन हल्का अउर सुखद, जवन जल्दिये लम्बा मीठ बाद-स्वाद (回甘, huígān) में बदल जाला। बढ़िया दरजा में खास “गूईयुआन स्वाद” (桂圆汤味) — गोल मिठास, जवन लोंगन के याद दियावेला।
  • अरक के रंग: चटक लाल, चमकदार, पारदर्शी अउर साफ, प्याला के किनारे पर बिसेस सोनहरा किनार (金圈, jīnquān) — बेसी थीफ्लेविन सामग्री के निशानी आ गुणबत्ता के सूचक।
  • चाय के तली (पकावल पत्ता): चटक लाल, एक समान रङ्गल, पत्ती कोमल, साबुत, छोटहन “फूल” (红艳成朵) के रूप में खुलल। बढ़िया दरजा में — नरम, लचकीला, देखाई देवे वाली चमक वाला।

7. रासायनिक सङ्घटन:

  • पोलिफेनोल: कच्चा माल में चाय पोलिफेनोल के मात्रा — लगभग 25.6% (सूखा पदार्थ के हिसाब से)। पूरा किण्वन के प्रक्रिया में केटेचिन के बड़ा हिस्सा थीफ्लेविन (茶黄素, cháhuángsù) अउर थीरूबीगिन (茶红素, cháhóngsù) में बदल जाला, जवन अरक के लाल रंग, स्वाद के “मखमलीपन” अउर सोनहरा किनार बनावेला। थीफ्लेविन आ थीरूबीगिन के अनुपात गुणबत्ता के प्रमुख सूचक ह: थीफ्लेविन के अंश जेतना बेसी, अरक ओतने चमकीला अउर “जीवन्त” रही। पोलिफेनोल के आक्सीकरण उत्पादन के कुल मात्रा — सूखा वजन के 5–15%।
  • अमीनो अम्ल: कुल मात्रा — लगभग 3.5%, जवन लाल चाय खातिर अपेक्षाकृत ऊँच ह। L-थीनिन (L-茶氨酸) प्राकृतिक मिठास, स्वाद के हल्कापन अउर “ताजगी” (鲜爽感) देला। अमीनो अम्ल के ऊँच मात्रा लोंगजिंग झाड़ी के जनसङ्ख्या किसिम के गुणबत्तापूर्ण कच्चा माल से जुड़ल बा।
  • एल्कालोइड: कैफीन (咖啡碱) — सूखा वजन के 2–4%, जवन ताजगी देवे वाला असर देला। थियोब्रोमीन अउर थियोफिलिन कम मात्रा में मौजूद रहेला, आ हल्का-उत्तेजक किरिया के पूरक बनेला।
  • केटेचिन: मूल कच्चा माल में केटेचिन के कुल मात्रा — लगभग 11.3%। किण्वन के बाद एकर बड़ा हिस्सा बदल जाला, लेकिन बचल केटेचिन एन्टी-आक्सीडेन्ट क्षमता बनवले रहेला।
  • वाष्पशील सुगन्धित यौगिक: सुगन्ध के प्रमुख घटक — लिनालूल (芳樟醇, fāngzhāngchún), जेरानियोल (香叶醇, xiāngyèchún), बेन्जाल्डिहाइड, फेनिलएसेटाल्डिहाइड अउर मेथिल सैलिसिलेट। इहे सबके मेल खास “मेहुआ-शहद” सुगन्ध प्रोफाइल बनावेला।
  • भिटामिन: भिटामिन C (किण्वन में आंशिक रूप से नष्ट), B₁, B₂, P (रूटिन), PP (निकोटिनिक अम्ल)।
  • खनिज: पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, मैङ्गनीज़, जस्ता, फ्लोरीन, सेलेनियम।

8. उपयोगी गुण:

  • ताजगी आ बुद्धि-सङ्गत असर: कैफीन आ L-थीनिन के मेल हल्का, स्थाई स्फूर्ति देला, बिना उत्तेजना के तेज शिखर के, एकाग्रता आ प्रतिक्रिया के गति सुधारेला।
  • एन्टी-आक्सीडेन्ट रक्षा: थीफ्लेविन, थीरूबीगिन आ बचल केटेचिन मुक्त मूलक सभ के बेअसर करेला, कोशिका आक्सीकरण तनाव कम करेला।
  • पाचन सहायता: चाय पोलिफेनोल अउर जैविक अम्ल हल्का तरीका से गैस्ट्रिक रस के स्राव आ पाचन नलिका के गतिशीलता के उत्तेजित करेला, वसायुक्त भोजन पचावे में आसानी करेला। गरम लाल चाय पेट खातिर आरामदेह होला।
  • हृदय-रक्तनली सहायता: शोध आँकड़न के मोताबिक, लाल चाय के नियमित मध्यम सेवन LDL कॉलेस्ट्रॉल के स्तर घटावे आ रक्तनली लचक सुधारे में मददगार हो सकेला।
  • जीवाणुरोधी किरिया: पोलिफेनोल कई गो रोगकारक जीवाणु के बाढ़ रोकेला, जेकरा से रोग प्रतिरोधक क्षमता आ मुँह के सेहत के सहारा मिलेला।
  • गरमाहट के असर: लाल चाय के चीनी आहारशास्त्र में पारम्परिक रूप से “गरम” प्रकृति (性温) के मानल जाला आ “ठण्डा” तासीर वाला लोग खातिर, पतझड़-जाड़ा के मौसम में, आ ताकत बहाल करे खातिर सिफारिश कइल जाला।
  • भावनात्मक खुशहाली: L-थीनिन में हल्का चिन्ता-नाशक असर होला, जबकि मेहुआ के गरम मीठ सुगन्ध आरामदेह इन्द्रीय प्रभाव डालेला।

9. पकावे के तरीका:

  • पानी के तापमान: 90–95°C। बहुत कोमल बसन्तिया लॉट खातिर, जवना में टिप्स के बेसी अंश होखे, 85–90°C तक घटा सकत बानी।
  • चाय के मात्रा: 4–5 ग्राम पर 100–120 मिली (गोंगफू-तरीका); 2–3 ग्राम पर 200–250 मिली (प्याला में भिगवले या यूरोपीय तरीका)।
  • बासन: सफेद चीनी माटी के गाइवान (盖碗) 100–120 मिली के — सुगन्ध खुलावे आ अरक के रंग देखे खातिर आदर्श। चीनी माटी के चायदानी भी ठीक बा। पारदर्शी काँच के प्याला बहुत महीन पत्ती के “नाच” के आनन्द लेवे के मऊका देला। पाकल, गाढ़ लॉट खातिर बैगनी चिकनी माटी के ईशिङ चायदानी चल सकेला।
  • प्रक्रिया:
    1. गाइवान या चायदानी के उबलत पानी से गरम करीं, पानी फेंक दीं।
    2. चाय डालीं, बासन के हल्का-फुल्का हिलाके हिलाईं, ताकि गरमी सूखा पत्ता के सुगन्ध खोले — साँस ले के आकलन करीं।
    3. धुलाई (润茶): इच्छा अनुसार — पत्ता के “जगावे” खातिर 1–2 सेकेण्ड खातिर जल्दी से पानी डाल के तुरन्त फेंक दीं।
    4. पहिला चुल्लू: पानी डालीं, 5–8 सेकेण्ड भिगाके रखीं, चाहाई (公道杯) में छान लीं।
    5. अगिला चुल्लू: हर चुल्लू के साथे 3–5 सेकेण्ड समय बढ़ावत जाईं।
    6. चुल्लू के सङ्ख्या: गुणबत्तापूर्ण चाय खातिर 6–8 भरपूर चुल्लू; बढ़िया दरजा 10 तक टिक जाला।
    7. यूरोपीय तरीका से: 200 मिली के प्याला खातिर 2–3 ग्राम, 3–4 मिनट भिगाईं।

10. भण्डारण:

जिउक्यू होंग मेइ पूरा किण्वित चाय ह, जेकरा चलते एकर भण्डारण में अच्छा स्थिरता होला, फिर भी बुनियादी नियम के पालन जरूरी बा। चाय के हवाबन्द डिब्बा में रखे के चाहीं (टिन या जस्ता के डिब्बा के भीतर एलुमिनियम के थैला), जवन रोशनी, नमी आ बाहरी गन्ध से बचावल होखे। आदर्श तापमान — 10–25°C; फ्रिज में राखे के जरूरत ना ह आ सुझाव ना दिहल जाला। सही दसा में भण्डारण अवधि — 18–24 महीना; एह दौरान चाय ताजगी आ सुगन्ध के चमक बनवले रहेला। कुछ गाढ़ लॉट जवना में बेसी आँच के स्तर होखे, 2–3 बरिस तक “आराम करे” पर बेहतर हो जालें: सुगन्ध गहिर हो जाला, स्वाद गोल। पैक खोले के बाद चाय के 2–3 महीना के भीतर इस्तेमाल करे के सलाह दिहल जाला।

11. दाम आ नकली:

जिउक्यू होंग मेइ के दाम के दायरा काफी चाकर बा। घरेलू चीनी बाजार में अनुमानित कीमत: बिसेस दरजा (特级) — 500 ग्राम खातिर 700 युआन से सुरू, पहिला दरजा (一级) — लगभग 400 युआन, दूसरा दरजा (二级) — लगभग 250 युआन। दाम पर परभाव डाले वाला कारक: टेरवार (दाऊसिन पहाड़ के चाय बेसी दाम वाली), मौसम आ तोड़ाई मानक (टिप्स के अंश), हाथ से काम या मशीनी प्रोसेसिङ, चाय झाड़ी के उमिर (पुरान पेड़ — प्रीमियम खण्ड), पुरस्कार स्थिति आ ब्राण्ड जुड़ाव।

  • नकली से कइसे बचीं:
    1. सीहू, श्वाङ्पु क्षेत्र से पुष्ट उत्पत्ति वाला बिस्वासू आपूर्तिकर्ता से खरीदीं।
    2. आकृति के आकलन करीं: असली जिउक्यू होंग मेइ के अनोखा बहुत महीन “काँटा जइसन” रूप होला, पत्ती पकड़ले पर आपस में जुड़ जाला — एकर नकल करे मुश्किल बा।
    3. सुगन्ध साफ, उत्कृष्ट, मेहुआ आ शहद के नोट वाली होखे के चाहीं, बिना रासायनिक तीखापन या सीलन के।
    4. अरक — चटक लाल, पारदर्शी, साफ सोनहरा किनार वाला; धुँधला या फीका अरक निम्न गुणबत्ता के सङ्केत करेला।
    5. “पुरस्कार विजेता” या “बिसेस” दरजा खातिर शकपूर्ण रूप से कम दाम — बदलवानी के पक्का निशानी।

12. रोचक तथ्य:

  • जिउक्यू होंग मेइ उन चुनिन्दा लाल चायन में से ह, जिनकर कच्चा माल ओही झाड़ी से आवेला, जवन परसिद्ध हरियर सीहू लोंगजिंग देला। एह तरे, “एक लाल, एक हरियर” (一红一绿) — असल में एकहे बागान के दू गो चाय ह, लेकिन एकदम बिलोम प्रोसेसिङ तकनीक के साथे।

  • लिङ्शान इलाका के स्थानीय लोककथा परम्परा में एक ठो सुन्नर किम्वदन्ती बा: आलोंग (阿龙, “छोटकी ड्रैगन”) नाँव के लड़िका गलती से जादुई मोती निगल गइल आ करिया ड्रैगन (乌龙) में बदल गइल। आपन माई-बाप से अलग ना हो पावे के कारन, उ हर मोड़ पर पीछे मुड़-मुड़ के देखत रहे, धारा में नीचे बहत-बहत — एही तरे “नव मोड़” वाली घुमावदार नदी बनल। बाद में एकरे किनारे बनल लाल चाय के नाँव “जिउक्यू ऊलोंग” पड़ल, फिर “जिउक्यू होंग मेइ” — बेर के फूल जइसन सुगन्ध के कारन।

  • हाङ्गचौ में G20 शिखर बैठक (2016) अउर ऊचन में तिसरा आ चउथा बिस्व इन्टरनेट सम्मेलन में ई चाय सरकारी प्रोटोकॉल पेय के रूप में चुनल गइल, हाङ्गचौ के लाल चाय के बिस्व नेता लोग के सोझा पेश करत।

  • जिउक्यू होंग मेइ के निर्माण तकनीक झेजियांग प्रान्त (2009) के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर रजिस्टर में दर्ज बा, जवन जीवित शिल्प परम्परा के रूप में एकर मोल पर जोर देला।

  • परसिद्ध बौद्ध गुरू आ शिक्षाविद् होंगी (ली शूथोंग, 1880–1942), सुरूआती गणतान्त्रिक चीन के सबसे चमकदार सांस्कृतिक हस्ती में से एक, एह चाय पर समर्पित कविताई दोहा छोड़ गइलन, जवन एकर “पहिचान-चिह्न” बन गइल।

13. अन्य लाल चायन से तुलना:

  • चङ्शान स्याओचाउङ (正山小种, Zhèngshān Xiǎozhǒng): ऊईशान, फूजियान के लाल चाय — परम्परा के आदि-भूमि, जवन जिउक्यू होंग मेइ के जिनगी दिहलस। स्याओचाउङ, खासकर धुआँ लगावल रूप, चीड़ के धुआँ (松烟香) के स्पष्ट सुगन्ध अउर बेसी गाढ़, तेलिया शरीर खातिर जानल जाला। जिउक्यू होंग मेइ — बहुते बेसी सुघड़ आ “सुगन्धित” चाय: एकर सुगन्ध बेसी महीन, शरीर हल्का, आ पत्ती के रूप अनोखा।

  • छी होंग (祁红, Qí Hóng) — छीमन होंगचा: आन्हूई के परसिद्ध लाल चाय। छी होंग “छीमन सुगन्ध” (祁门香) — आर्किड-फल, गुलाब के नोट वाली — खातिर मसहूर बा। जिउक्यू होंग मेइ के तुलना में, एकर पत्ती के रूप बेसी मानक (महीन, सीधी पट्टी), स्वाद — नरम अउर कम “शहद वाला”। जिउक्यू होंग मेइ आकृति के देखल जाए वाला विलक्षणता में एकरा से बेसी ह, जबकि सुगन्ध प्रोफाइल में छी होंग के “गुलाब-आर्किड” के मुकाबले “मेहुआ-शहद” के ओर झुकल बा।

  • द्यानहोंग (滇红, Diānhóng): बड़हन पत्ता वाली किसिम Camellia sinensis var. assamica से बनल युन्नान के लाल चाय। द्यानहोंग — ताकतवर, भरपूर शरीर, कोको अउर सूखा फल के नोट, सोनहरा टिप्स वाला। जिउक्यू होंग मेइ चरित्र में एकर ठीक बिलोम ह: नाजुक, सुघड़, सुघड़ “चाँदी” रूप आ बेसी हल्का बनावट वाला, छोट पत्ता वाली किसिम से बनल।

  • जिउचङ शान होंगचा (九层山红茶): आधुनिक थाइवानी लाल चाय, ऊँच पहाड़ पैदा। बेसी स्पष्ट फल मिठास अउर थाइवानी टेरवार के खास “पहाड़ी” ताजगी खातिर अलग पहिचान रखेला। जिउक्यू होंग मेइ — बेसी “क्लासिकी” चरित्र, मेहुआ-सुगन्ध आ मास्टर घुमाव के जोर।

निष्कर्ष में:

जिउक्यू होंग मेइ — विरोधाभास के चाय: जुद्ध-बरबाद ऊईशान के सरनारथी से जनमल, ई छ्यान्थाङ्च्याङ के किनारे आपन अलग पहिचान पा गइल, बिस्मृति के दौर झेललस आ सबसे बड़ अन्तर्राष्ट्रीय शिखर बैठक सभ के प्रोटोकॉल पेय बन के बिस्व मञ्च पर वापस आइल। एकर बहुत महीन, चाँदी के कुण्डली जइसन मुड़ल पत्ती, सोनहरा किनार वाला मानिक अरक आ बहुत-परती सुगन्ध — मेहुआ के पहिला फूलदार लहर से लेके गरम शहद के अन्तिम छोर तक — एक साथे सुघड़ अउर गहिर चाय अनुभव रचेला। ई चाय एह लोग खातिर आदर्श बा जे लाल चाय में ताकत आ जोर ना, बलुक सुन्दरता, जटिलता आ इतिहास के मोल करेला। आपन चिर-सङ्घी — हरियर सीहू लोंगजिंग — के सङ्गे जिउक्यू होंग मेइ दक्खिनी सोंग राज्य के प्राचीन राजधानी के चाय संस्कृति के पूर्णता के रूप धरे सन्तुलित जोड़ी बनावेला।