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जिन्जिंग माओ जियान

Jīnjǐng máo jiān · 金井毛尖

जिन्जिंग माओ जियान हुनान स्कूल के हरियर चाय के प्रतिनिधि हवे जे माओ जियान (毛尖, máo jiān — "रोमिल सिरा") प्रकार के आवेला आ एकर खास पहिचान "तीन गो हरियर" (三绿, sān lǜ) हवे: सूखा पत्ती के हरियर रंग, हरियर पियल जाए वाला तरल आ हरियर चाय के पेंदी। ई चाय चीन के हुनान प्रांत के चांगशा जिला के जिन्जिंग कस्बा में बनल आ राष्ट्रीय…

जिन्जिंग माओ जियान हुनान स्कूल के हरियर चाय के प्रतिनिधि हवे जे माओ जियान (毛尖, máo jiān — “रोमिल सिरा”) प्रकार के आवेला आ एकर खास पहिचान “तीन गो हरियर” (三绿, sān lǜ) हवे: सूखा पत्ती के हरियर रंग, हरियर पियल जाए वाला तरल आ हरियर चाय के पेंदी। ई चाय चीन के हुनान प्रांत के चांगशा जिला के जिन्जिंग कस्बा में बनल आ राष्ट्रीय स्तर के भौगोलिक संकेत वाला उत्पाद हवे, आ एकर बनावे के तकनीक हुनान प्रांत के अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रजिस्टर में दर्ज बा।

1. वर्गीकरण आरू उत्पत्ति:

  • प्रकार: हरियर चाय (绿茶, lǜchá), फरमेंट ना भइल।
  • श्रेणी: हुनान के क्षेत्रीय हरियर चाय; “हुनान के दस गो परसिद्ध चाय” (湖南十大名茶, 2005) के सूची में सामिल।
  • उत्पत्ति: चीन, हुनान प्रांत (湖南省, Húnán shěng), चांगशा जिला (长沙县, Chángshā xiàn), जिन्जिंग कस्बा (金井镇, Jīnjǐng zhèn)। उत्पादन के केंद्र जिन्जिंग नदी (金井河) आ तोजिया नदी (脱甲河) के संगम वाली पहाड़ी चाय बगीचा में बा।
  • भूगोलीय निर्देशांक: लगभग 28°40′ उत्तरी अक्षांश, 113°–114° पूर्वी देशांतर।

2. इतिहास अउर सांस्कृतिक महत्व:

  • इतिहास: चांगशा जिला के चाय परंपरा तांग राजवंश (618–907) तक जाला: तांग काल के लिखाई में चांगशा क्षेत्र में चाय उत्पादन के रिकॉर्ड मिलेला। सोंग काल में इहाँ बीस से ढेर परसिद्ध चाय के किसिम रहे, जेह में सियानजी (仙芝) आ युजिन (玉津) सामिल रहे। ली शिझेन (李时珍, Lǐ Shízhēn) अपने “बेंचाओ गांगमू” (本草纲目, Běncǎo Gāngmù) में “चू के चाय” के जिकिर कइले बाड़न, जेह में जिन्जिंग के “बाई लू” (白露) भी सामिल रहे, इहो स्थानीय चाय के परसिद्धि के सुरुआती गवाही हवे। चिंग राजवंश के शियानफेंग आ तोंगझी काल (1851–1874) में जिन्जिंग आ गाओच्याओ के लाल चाय खास परसिद्ध भइल, जवन चांगशा-लियुयांग-पिंगजियांग के “लाल चाय क्षेत्र” बनल। बाद में हरियर चाय लाल चाय के पाछे धकेल दिहलस आ जिन्जिंग माओ जियान हरियर श्रेणी के प्रमुख चाय बन गइल। एकर आधुनिक रूप आधिकारिक रूप से 1984 में बनल आ ओही साल एकरा कृषि, पशुपालन आ मछरी मंत्रालय के गुणवत्ता पुरस्कार मिलल। 2005 में ई चाय हुनान के दस बढ़िया चाय में सामिल भइल। 2008 में “जिन्जिंग” (金井牌) ब्रांड हुनान के चाय उद्योग में पहिला “चीन के परसिद्ध ट्रेडमार्क” (中国驰名商标, Zhōngguó chímíng shāngbiāo) बनल। 2016 में एकर बनावे के तकनीक हुनान प्रांत के अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रजिस्टर में शामिल कइल गइल।

  • नाँव: 金井 (Jīnjǐng) — “सोना के कुआँ”, कस्बा के जगह के नाँव, जवन लोकल प्राकृतिक झरना से जुड़ल बा। 毛尖 (Máo Jiān) — “रोमिल सिरा” — जवान कोंपल आ ऊपरी पत्ती से बनल हरियर चाय के श्रेणी के पारंपरिक नाँव हवे, जेह पर सफेद रोम (बाई हाओ, 白毫) होला।

  • सांस्कृतिक महत्व: जिन्जिंग कस्बा के चाय के इतिहास इलाका के आर्थिक इतिहास से गहिर जुड़ल बा: 19वीं सदी में जिन्जिंग के लाल चाय हानकोउ के रास्ता यूरोप आ रूस भेजल जात रहे, आ चाय के व्यापार से स्थानीय व्यापारी वर्ग बनल। 20वीं सदी में हरियर चाय के ओर रुख घरेलू बाजार में बदलाव के जवाब रहे, आ जिन्जिंग माओ जियान जल्दिये “क्षेत्रीय प्रमुख” के जगह बना लिहलस। आज ई चांगशा जिला के चाय संस्कृति के पहचान हवे। जिन्जिंग कस्बा एगो साफ-सुथरा पर्यावरण वाला इलाका के रूप में देखल जाला, जेकरा “चीन के प्राकृतिक ऑक्सीजन बार” (中国天然氧吧) के प्रमाणपत्र मिलल बा। 2023 में “जिन्जिंग” ब्रांड हुनान के चाय ब्रांड सभ में मूल्य के हिसाब से अगुआ स्थान पर रहल। सजावटी चीनी मिट्टी के डिब्बा “चीन लाल” (中国红, “चीनी लाल”) में भरल चाय एगो बेर नीलामी में 100 ग्राम (दू ल्यांग) के पैकिंग खातिर 63,800 युआन में बिकल, जेकरा चलते एकर अनौपचारिक नाँव “हरियर सोना” (绿色金茶) पड़ गइल।

3. वानस्पतिक बिबरण आरू कच्चा माल:

  • किसिम / कल्टीवार: जिन्जिंग के बागान में Camellia sinensis var. sinensis के कई गो किसिम उगावल जाली: मुख्य बाड़ी स — बाई हाओ जाओ (白毫早, Báiháo Zǎo, जल्दी पाके वाला, भरपूर रोम वाला), फूडिंग दा बाई (福鼎大白, Fúdǐng Dà Bái, ढेर कोंपल निकले वाला), झू ये ची (槠叶齐, Zhū Yè Qí) आ शियांगबो ल्यू (湘波绿, Xiāngbō Lǜ)। अधिकतर झाड़ के उमिर तीस साल से ढेर बा। “एक कोंपल – एक पत्ती” मानक के सौ गो कोंपल के वजन लगभग 45 ग्राम होला, आ मैदानी बागान के तुलना में कच्चा माल के कोमलता 7–10 दिन ले बढ़िया रहेला।
  • तोड़ाई: मुख्य तोड़ाई सुरुआती बसंत में; “मिंगछ्यान” (明前, míngqián, चिंगमिंग तिहवार से पहिले) श्रेणी के चाय सबसे बढ़िया मानल जाले। “पाँच निषेध” (五不采, wǔ bù cǎi) के सिद्धांत सख्ती से मानल जाला: बरखा के बाद, कीड़ा से खराब, बैंगनी पत्ती, जादा लमहर आ विकृत कोंपल ना तूड़ल जाला।
  • तोड़ाई के मानक: बिसेस किसिम (特级, tèjí) — मुख्य रूप से 2.0 सेमी से कम लंबाई के पूरा कोंपल; पहिला किसिम — शुरुआती खुले के अवस्था में एक कोंपल आ एक पत्ती (≥80%); दूसरा किसिम — एक कोंपल आ दू गो पत्ती।
  • कच्चा माल के जरूरत: खाली जैविक खेती — सिर्फ जैविक खाद इस्तेमाल होला; बागान स्विस संस्था IMO (Institute for Marketecology) द्वारा जैविक चाय मानक पर प्रमाणित बाड़े।

4. भू-भाग आरू खेती के खासियत:

  • जलवायु अउर भू-रूप: ई इलाका उपोष्णकटिबंधीय मानसूनी नम जलवायु में आवेला। साल भर के औसत तापमान — 17.2 °C, सालाना बरखा — 1,300–1,400 मिमी, पाला रहित दिन — 274। साल में कोहरा वाला दिन 180 से ढेर होला, जवन बिखरल रोशनी देवेला — ई चाय पत्ती में सुगंधित पदार्थ आ एमिनो एसिड जमा होखे के प्रमुख कारक में से एक हवे।
  • उगावे के ऊँचाई: समुंद्र तल से 200–300 मीटर (पहाड़ी इलाका)।
  • माटी: बैंगनी माटी (紫色土, zǐsè tǔ) बहुलता में बा, जेकर pH 5.5–6.5 होला आ पोटैशियम, सिलिकॉन आ सूक्ष्म तत्व से भरपूर होला। जलग्रहण क्षेत्र के जंगल वाला हिस्सा 72–87.6% बा, आ ऑक्सीजन के ऋणात्मक आयन के गाढ़ापन शहर के तुलना में पचास गुना तक पहुँच जाला।
  • खेती के खासियत: चाय बागान के सिंचाई स्थानीय झरना के पानी से होला। कोहरा, अम्लीय उपजाऊ माटी आ तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव के मिलजुल असर एगो खास “चेस्टनट” (अखरोटी) सुगंध पैदा करेला, जे जिन्जिंग माओ जियान के दूसर हुनानी माओ जियान से अलग बनावेला। आसपास के ऊँच जंगल वाला क्षेत्र प्राकृतिक इकोलॉजिकल बाधा बनावेला जे प्रदूषण आ कीड़ा-मकोड़ा के फैलाव रोकेला। बागान पहाड़ी नदीबीच के इलाका में बाड़े जहाँ सुबह के कोहरा घाटी में देर सबेरे तक रुकल रहेला, एह से पत्ती के कई घंटा बिखरल रोशनी मिलेला। ई प्रकाश-संश्लेषण धीमा करेला आ कैटेचिन के तुलना में एमिनो एसिड (खासकर L-थियानीन) जमा करे में मदद करेला, जेकरा चलते स्वाद कोमल आ मिठास बढ़ जाला।

5. उत्पादन तकनीक:

ई तकनीक में छह गो मुख्य चरण बाड़ें, जेह में एगो खास विधि “नियंत्रित तापमान पर रोम उठावे” (适温提毫, shìwēn tíháo) के लेखकीय तरीका जिन्जिंग माओ जियान के अलग पहचान हवे:

  1. ताजा पत्ती बिछावल (鲜叶摊放, xiānyè tānfàng): बाँस के ट्रे पर 4–6 घंटा तक पानी आंशिक रूप से गुमावे आ फिक्सेशन खातिर तइयार करे खातिर।
  2. “हरियर मारल” (杀青, shāqīng): ड्रम में 150 °C पर 5–6 मिनट ले, जे एंजाइमी ऑक्सीकरण रोक देला आ पत्ती के हरियराहट बचावेला।
  3. लपेटल (揉捻, róuniǎn): तीन चरण के प्रक्रिया — “हल्का — कड़ा — हल्का”, 30–60 मिनट ले; कोशिका देवाल टूट जाला आ रस निकलेला जवन पियल जाए वाला तरल के गाढ़ापन देला।
  4. नियंत्रित तापमान पर रोम उठावल (适温提毫, shìwēn tíháo): खास ब्रांड वाला चरण जहाँ पत्ती के एकदम सही तापमान पर संसाधित करके चाय के कण सभ पर सफेद रोम के स्थिर कइल जाला आ सुगंध के ताजगी बनावल जाले। एही तरीका से तइयार चाय के “चाँदी-हरियर” रूप मिलेला।
  5. सूखावल (烘干, hōnggān): लगभग 80 °C पर तब तक जब आर्द्रता ≤6.5% ना हो जाए।
  6. छँटाई (分级, fēnjí): आकार आ गुणवत्ता के हिसाब से चुनल जाला।

6. संवेदी गुण:

  • सूखा पत्ती के रूप: पत्ती पतरी, समान, सर्पिल रूप में लपेटाइल (卷曲似螺), भरपूर सफेद रोम (白毫显露), चाँदी-हरियर रंग जेह में पन्ना के झलक बा। सतह चिकन, चमकीला।
  • सूखा पत्ती के सुगंध: शुद्ध, ऊँच सुगंध जेह में चेस्टनट के खुशबू (栗香, lì xiāng) साफ झलकेला, खासकर बिसेस किसिम में। हाथ से गरम करे पर ताजा फूल-घास के आधार खुल जाला।
  • तरल पियल जाए के सुगंध: टिकाऊ, शुद्ध, ऊपरी हिस्सा में चेस्टनट आ निचला में ताजा हरियराहट। कई बार पानी डाले के बाद भी सुगंध बरकरार रहेला।
  • स्वाद: ताजा (清鲜, qīng xiān), बाद में साफ मिठास — हुईगान (回甘, huígān)। बनावट हल्का बाकिर पानी-पानी ना; एमिनो एसिड के अंश एगो कोमल उमामी जइसन स्वाद देला। सही तरीका से बनावे पर कड़वाहट आ कसैलापन लगभग महसूस ना होला।
  • तरल पियल जाए के रंग: कोमल हरियर, पारदर्शी, चमकदार साफ चमक (嫩绿清澈, nèn lǜ qīngchè)।
  • चाय के पेंदी (बना के बाद के पत्ती): कोमल, समान, चमकीला हरियर, कोंपल आ पत्ती बिना टूटल बचल रहेला।

7. रासायनिक संरचना:

  • पॉलीफेनॉल (कैटेचिन): चाय पॉलीफेनॉल के मात्रा ≥30% (पहिला किसिम खातिर), जवन मजबूत एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि देला। उत्पादक के अनुसार, जिन्जिंग माओ जियान के पॉलीफेनॉल से मुक्त कण हटावे के क्षमता विटामिन E से 18 गुना बेसी बा।
  • एमिनो एसिड (जेह में L-थियानीन): कोहरा भरा सूक्ष्म जलवायु आ छाया के कारण ऊँच स्तर पर, जे मिठास आ स्वाद के “बनावट” बनावेला।
  • पानी में घुलल अंश: ≥45% (बिसेस किसिम), जे घुलनशील पदार्थ के भरपूर मात्रा आ ऊँच निकासी के सूचक बा।
  • एल्केलॉइड: कैफीन, थियोब्रोमीन, थियोफिलिन — गुणवत्ता वाली हरियर चाय खातिर सामान्य सेट, जे हल्की उतेजना देला।
  • सूक्ष्म तत्व: चाय में जिंक (Zn) आ सेलेनियम (Se) के मात्रा बढ़ल होला — ई इलाका के बैंगनी माटी के बिसेस खनिज संरचना के परिणाम हवे।
  • विटामिन: B ग्रुप, विटामिन C (ताजा बसंती कच्चा माल में बहुत ढेर), विटामिन K।
  • इथरियल ऑयल: ड्रम फिक्सेशन आ रोम उठावे के चरण में बने वाला चेस्टनट आ घास के जइसन सुगंधित यौगिक।
  • फ्लोराइड: फ्लोराइड के मात्रा दाँत के इनेमल मजबूत करे आ कैविटी पैदा करे वाला बैक्टीरिया दबावे में मददगार।

8. फायदेमंद गुण:

  1. मजबूत एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा: कैटेचिन मुक्त कण के बेअसर करके कोशिका बुढ़ावा के प्रक्रिया धीमा करेला।
  2. हल्की ताजगी देवे वाला असर: कैफीन आ L-थियानीन के मिलजुल असर बिना नर्वस सिस्टम के जादा उतेजित करे ऊर्जा देला।
  3. हृदय-संवहनी सिस्टम के सहारा: कैटेचिन (खासकर EGCG) धमनी में चरबी जमा होखे के कम करेला, जे एथेरोस्क्लेरोसिस के खतरा घटावेला।
  4. पाचन में सहायक: पॉलीफेनॉल पाचक एंजाइम के स्राव बढ़ाके खाए के बाद चरबी के टूटल आसान करेला।
  5. दाँत के इनेमल मजबूत करे: फ्लोराइड आ कैटेचिन मुँह के बैक्टीरिया के बढ़त रोकेला आ दाँत पर मैल जमा होखे में कमी करेला।
  6. खनिज के पूर्ति: बढ़ल जिंक आ सेलेनियम के मात्रा रोग प्रतिरोधक क्षमता आ त्वचा सेहत के सहारा देला।
  7. दिमागी समर्थन: L-थियानीन एकाग्रता आ सोच के साफगी बढ़ावेला, बेचैनी कम करेला।
  8. चयापचय के सहारा: पॉलीफेनॉल आ कैफीन मिलके थर्मोजेनेसिस उतेजित करेला आ चरबी टूटे के रफ्तार बढ़ावेला, जवन नियमित सेवन से स्वस्थ वजन बनावे में सहायक हो सकेला।

9. चाय बनावे के तरीका:

  • पानी के तापमान: 85 °C (बिसेस किसिम खातिर — 80 °C)। 85 °C से जादा उबलल पानी के सख्त मनाही बा: ई L-थियानीन नष्ट कर देला आ जादा कड़वाहट पैदा करेला।
  • चाय के मात्रा: गिलास विधि खातिर 3 ग्राम प्रति 150 मिली (अनुपात 1:50); गोंगफू शैली में गाइवान खातिर 120 मिली में 5–6 ग्राम।
  • बर्तन: काँच के गिलास — पत्ती के “नाच” देखे खातिर एकदम सही (ऊपरी डाले के विधि — शांग तोउ फा, 上投法 सुझावल जाला, जब चाय पहिले से भरल पानी में डालल जाला)। सफेद चीनी मिट्टी के गाइवान सुगंध के गहिराई से चाखे खातिर। यीशिंग के चायदानी के सलाह ना दिहल जाला — छिद्र वाली माटी महीन सुगंध सोख सकेला।
  • पानी: झरना भा छानल नरम पानी; उच्च खनिज वाला नल के पानी अच्छा ना, काहे कि ई स्वाद बिगाड़ सकेला।
  • प्रक्रिया:
    1. गिलास भा गाइवान के गरम पानी से गरम करीं।
    2. ऊपरी डाले के विधि खातिर: जरूरी तापमान के पानी मात्रा के 7/10 भाग डालीं, ओकरा बाद सावधानी से चाय छिड़क दीं।
    3. पहिला भिगोवे के समय — 30 सेकंड, बाद में — 10 सेकंड बढ़ावत जाईं।
    4. 3–4 बेर पानी डालीं (गिलास) भा 5–6 बेर तक (गाइवान, जब 5–6 ग्राम इस्तेमाल होखे)।

10. भंडारण:

  • बर्तन: हवा-बंद पैकिंग (वैक्यूम बैग भा टाइट ढक्कन वाला टीन के डिब्बा), बाहरी गंध, रोशनी आ नमी से पूरा सुरक्षा।
  • तापमान: लंबा समय खातिर 0–5 °C (फ्रिज) एकदम सही; सही स्थिति में संग्रहण के अवधि — 12 महीना तक। खोले से पहिले पैकिंग के बंद हालत में कमरा के तापमान तक ले आईं, ताकि पत्ती पर नमी ना जमा होखे।
  • खोले के बाद: एक महीना के भीतर इस्तेमाल; फ्रिज में टाइट बंद डिब्बा में रखीं।
  • उत्पादक के सलाह: ताजा बनल चाय के 7 दिन अँधेरा में “आग शांत करे” (醒茶, xǐng chá) खातिर राखल जाए के चाहीं, जेह से भुने के हल्की गर्मी निकल जाए।

11. दाम अउर नकली चाय:

  • दाम के गाइड: बिसेस किसिम (单芽, पूरा कोंपल, हाथ से बनल) — 800 युआन/जिन (500 ग्राम) से ऊपर; पहिला किसिम — 200–500 युआन/जिन; दूसरा किसिम — 100–300 युआन/जिन। सजावटी चीनी मिट्टी के डिब्बा में उपहार सेट ढेर महँगा हो सकेला।
  • दाम के कारक: तोड़ाई के मौसम (मिंगछ्यान, युच्यान से महँगा), तोड़ाई के मानक (पत्ती वाला कोंपल से पूरा कोंपल महँगा), हाथ भा मशीन से बनल, खास साल के उपज।
  • नकली से बचे के उपाय:
    • “जिन्जिंग” ब्रांड के अधिकृत विक्रेता से भा सीधे जिन्जिंग कस्बा के सहकारी समिति से खरीदीं।
    • बनावट जाँचीं: असली चाय में पतरी, सर्पिल लपेटाइल पत्ती होला जेह में ढेर सफेद रोम आ चाँदी-हरियर रंग होला, भूअर दाग ना होखे।
    • सुगंध परखीं: शुद्ध चेस्टनट के सुर, बिना बास, खटास भा धुआँ के गंध के।
    • तरल पियल जाए के रंग देखीं: कोमल हरियर आ पारदर्शी, बिना धुँधलाहट के।
    • “बिसेस किसिम” खातिर संदेहजनक रूप से कम दाम — कच्चा माल बदले के पहिला संकेत।

12. रोचक तथ्य:

  1. “रोम उठावे” के खास तरीका: तकनीक 适温提毫 (shìwēn tíháo) जवन जिन्जिंग माओ जियान बनावे में इस्तेमाल होला, ई चाय के अनोखा जानकारी मानल जाला। एही से तइयार पत्ती पर सफेद रोम के “पाला जइसन” चमक आवेला — एही निशान से हुनान के हरियर चाय में एकरा बिना भूल के पहिचानल जा सकेला।

  2. नीलामी के रिकॉर्ड: “चीन लाल” चीनी मिट्टी के डिब्बा में जिन्जिंग माओ जियान (100 ग्राम) के उपहार सेट 63,800 युआन में नीलाम भइल, जेकरा चलते स्थानीय बोली में “हरियर सोना के चाय के पेड़” उपनाम चलन में आ गइल।

  3. अंतरराष्ट्रीय जैविक प्रमाणन: जिन्जिंग के बागान लगातार कई साल से स्विस संस्था IMO द्वारा जैविक खेती के मानक पर प्रमाणित होता रहल बाड़े — चीन के क्षेत्रीय हरियर चाय खातिर ई एगो दुर्लभ बात हवे।

  4. साहित्य में छाप: ली शिझेन के “बेंचाओ गांगमू” में “चू के सफेद ओस” (楚之茶…白露) के जिकिर मिंग काल में जिन्जिंग इलाका के हरियर चाय के परसिद्धि के एगो ऐतिहासिक गवाही मानल जाला।

  5. पर्यावरण ब्रांड: जिन्जिंग कस्बा “चीन के प्राकृतिक ऑक्सीजन बार” के रूप में प्रमाणित बा — चाय बागान में ऑक्सीजन के ऋणात्मक आयन के मात्रा शहर से 50 गुना बेसी बा। ई हुनान के चुनिंदा चाय क्षेत्र में से हवे जे पारिस्थितिकी आरामगाह आ औद्योगिक चाय उत्पादन के दर्जा एक साथ रखेला।

  6. लाल चाय — भुलाइल पूर्वज: जिन्जिंग माओ जियान से पहिले ई कस्बा मुख्य रूप से लाल चाय खातिर मशहूर रहे, जवन चिंग काल में निर्यात के आधार रहे। 20वीं सदी में लाल से हरियर चाय के ओर रुख पूरा चाय क्षेत्र के विशेषज्ञता बदले के एगो दुर्लभ सफल उदाहरण बनल।

13. अन्य माओ जियान प्रकार के हरियर चाय से तुलना:

  • शिनयांग माओ जियान (信阳毛尖, Xìnyáng Máo Jiān): हनान प्रांत। “चीन के दस परसिद्ध चाय” में एक। सीधा सूई जइसन आकार (जिन्जिंग के सर्पिल से अलग), “पाकल चेस्टनट के छिलका” के सुर वाला चेस्टनट सुगंध। ऊँच तापमान (हाथ के कड़ाही में 160–200 °C) पर फिक्सेशन, पियल जाए वाला तरल जादा गाढ़ आ भरपूर।

  • गूझांग माओ जियान (古丈毛尖, Gǔzhàng Máo Jiān): हुनान प्रांत (शियांगशी)। ढेर रोम वाला सीधा आकार, फूल के झलक वाला ताजा सुगंध। सेलेनियम भरपूर माटी वाला इलाका में ढेर ऊँचाई (800 मी तक) पर उगावल। तकनीक में आठ चरण, हाथ से आकार दिहल जाला।

  • दूयुन माओ जियान (都匀毛尖, Dūyún Máo Jiān): गुईझोउ प्रांत। “चीन के दस परसिद्ध चाय”। 1,000 मी से ऊपर के छोट पत्ती वाला पहाड़ी किसिम से बनल। आकार — कस के लपेटाइल “अँकुसी” जेह पर चाँदी जइसन रोम; स्वाद हल्का आ मिठास भरल, सुगंध ढेर महीन आ नाजुक। पॉलीफेनॉल सामग्री — लगभग 20%, जे जिन्जिंग माओ जियान (≥30%) से काफी कम बा।

  • वेइशान माओ जियान (沩山毛尖, Wèishān Máo Jiān): हुनान प्रांत (निंगशियांग)। खास अंतर: ई पीयर चाय (黄茶) श्रेणी में आवेला, हरियर चाय में ना। एकर बनावे में “धीमा पकावे” (闷黄, mèn huáng) के चरण होला, जवन पियल जाए वाला तरल के नारंगी-पीयर रंग आ चीड़ के राल जइसन धुआँ-सुगंध देला — बिलकुल अलग स्वाद खाका।

  • बाइमा माओ जियान (白马毛尖, Báimǎ Máo Jiān): हुनान प्रांत (शुएफेंग पर्वतमाला)। बाइमा पर्वत श्रेणी के नाँव पर रखल गइल, जेकरे तराई में हुआंगजिन्जिंग (黄金井) घाटी से मिले वाला बागान बाड़ें। पत्ती ढेर ठोस, हल्का मुड़ल; सुगंध ऊँच आ फूलदार; पियल जाए वाला तरल ढेर हल्का, शुद्ध हरियर रंग। 1991 में “हुनान प्रांत के नामित चाय” के दर्जा दिहल गइल।

निष्कर्ष:

जिन्जिंग माओ जियान एगो अइसन चाय हवे जहाँ आधुनिक उत्पादन के तकनीकी सटीकता हुनान के पहाड़ी के सदियन पुरान चाय परंपरा से मिलेला। एकर पहिचान — “तीन गो हरियर” आ शुद्ध मीठ बाद-स्वाद वाला चेस्टनट सुगंध — बैंगनी माटी (जे जिंक आ सेलेनियम से भरपूर बा) के अनोखा भू-भाग, जिन्जिंग घाटी के कोहरा भरा सूक्ष्म जलवायु आ “रोम उठावे” के खास तरीका के परिणाम हवे। ई चाय ओह लोग खातिर बा जे हरियर चाय में कठोर कड़वाहट ना बल्कि कोमल, लगभग मिठाई जइसन मिठास चाहेला जे ताजगी भरल हरियराहट के साथ होखे। नया हरियर चाय पीने वाला लोग खातिर ई चीनी माओ जियान के कोमल आ सरल पहलू खोलेला, आ अनुभवी लोग खातिर हुनान चाय प्रांत के अनदेखल धन के बारे में सोचे के मौका देला।