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जिंगटिंग ल्यू श्वे
Jìngtíng lǜ xuě · 敬亭绿雪
जिंगटिंग ल्यू श्वे चीन क सबसे पुरान ऐतिहासिक हरियर चाय में से एक ह, जेकर निर्माण मिंग राजवंश (Ming dynasty) में भइल आ मिंग अउर चिंग राजदरबार में एकरा कर-चाय (गोंगचा, 贡茶) क दर्जा मिलल। ई चाय, जेकर तकनीक चिंग राजवंश के अंत तक खतम हो गइल रहे आ फेरु 1978 में पुनर्जीवित भइल, हुआंगशान माओ फेंग (黄山毛峰) आ ल्यू आन गुआ प्यान…
जिंगटिंग ल्यू श्वे चीन क सबसे पुरान ऐतिहासिक हरियर चाय में से एक ह, जेकर निर्माण मिंग राजवंश (Ming dynasty) में भइल आ मिंग अउर चिंग राजदरबार में एकरा कर-चाय (गोंगचा, 贡茶) क दर्जा मिलल। ई चाय, जेकर तकनीक चिंग राजवंश के अंत तक खतम हो गइल रहे आ फेरु 1978 में पुनर्जीवित भइल, हुआंगशान माओ फेंग (黄山毛峰) आ ल्यू आन गुआ प्यान (六安瓜片) के संगे अनहुई प्रांत के तीन गो महान चाय सभ में शामिल बा। एकर काव्यात्मक नाँव — “जिंगटिंग पहाड़ के हरियर बरफ” — ऊ सेत कुसुम (बाई हाओ, 白毫) के वजह से मिलल, जे पानी में डारे पर बरफ के टुकड़ा नियर घुमरी करे ला।
1. वर्गीकरण अउर उत्पत्ति:
- प्रकार: हरियर चाय (अनकिण्वित), होंगचिंग (烘青, hōngqīng) — गरम करके सूखावल जाए वाला (बेकिंग सुखाई)।
- श्रेणी: चीन क ऐतिहासिक नामी चाय (历史名茶, lìshǐ míngchá)।
- उत्पत्ति: चीन, अनहुई प्रांत (安徽, Ānhuī), श्वानचेंग शहर (宣城, Xuānchéng), श्वानचोऊ जिला (宣州区, Xuānzhōu Qū), जिंगटिंगशान पहाड़ (敬亭山, Jìngtíng Shān)। उत्पादन के मुख्य क्षेत्र ईफेंग (一峰, Yī Fēng) के प्रमुख चोटी आ ओकरे आसपास के चाय बगान — मिंगशियांगताई (茗香台), शांगशिबा (上十坝) आ 300-500 मीटर के ऊँचाई पर छायादार ढलानन पर अउरी जगहन पर केंद्रित बा।
- भूगोलीय निर्देशांक: लगभग 31°00′ उत्तरी अक्षांश, 118°40′ पूर्वी देशान्तर।
2. इतिहास अउर सांस्कृतिक महत्व:
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इतिहास: जिंगटिंग ल्यू श्वे के निर्माण मिंग राजवंश (1368–1644) में भइल। मिंग आ चिंग राजवंश के शासन काल में ई चाय शाही दरबार के कर-चाय सभ के रजिस्टर में शामिल रहे। “श्वानचेंग जिला क इतिहास” (《宣城县志》, Xuānchéng Xiànzhì) के अनुसार, मिंग-चिंग काल में हर साल दरबार खातिर 300 जिन (लगभग 150 किलो) ई चाय भेजल जात रहे। कांगशी काल (Kangxi) में कवि आ विद्वान शी रुनझांग (施闰章, Shī Rùnzhāng) एह चाय के अपन कविता में गुणगान कइलें, जेकरा से एकर साहित्यिक ख्याति अउरी मजबूत भइल। चिंग राजवंश के अंत तक उत्पादन तकनीक खतम हो गइल। 1972 में जिंगटिंगशान पहाड़ के चाय कारखाना (敬亭山茶场) नुस्खा के पुनर्स्थापना पर काम शुरू कइलस, आ 1978 में तकनीक सफलतापूर्वक पुनर्निर्मित हो गइल। 1976 में प्रसिद्ध साहित्यकार आ सामाजिक कार्यकर्ता गुओ मोरुओ (郭沫若, Guō Mòruò) अपने हाथ से “जिंगटिंग ल्यू श्वे” के सुलेख लिखलें, जवन चाय के बानगी बन गइल। 1983 में चाय के चीन जनवादी गणराज्य के विदेश आर्थिक संबंध मंत्रालय से सम्मान प्रमाणपत्र मिलल। 2010 में जिंगटिंग ल्यू श्वे के निर्माण तकनीक के अनहुई प्रांत के गैर-भौतिक सांस्कृतिक धरोहर के रजिस्टर में शामिल कइल गइल। एह चाय के संग्रह आ प्रसंस्करण के विधि विश्वविद्यालय सभ खातिर चाय बिसेज्ञता के आधिकारिक पाठ्यपुस्तक में सामिल बा।
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नाँव: नाँव के हर अंग एगो अर्थ बतावेला। “जिंगटिंग” (敬亭) — पहाड़ के नाँव; मूल रूप से एकर नाँव झाओटिंगशान (昭亭山, Zhāotíng Shān) रहे, बाकिर पच्छिमी जिन राजवंश के शुरुआत (266 ई.) में सम्राट सीमा झाओ (司马昭) के नाँव के वर्जना से बचावे खातिर एकर नाँव बदल दिहल गइल। “ल्यू” (绿, lǜ) — “हरियर”, चाय के कलिका आ पतई के रंग के ओर इशारा करेला। “श्वे” (雪, xuě) — “बरफ”, सेत कुसुम (बाई हाओ) के बर्णन करेला जवन चाय के पत्ती के भरपूर ढँकले रहेला, जवन पानी में डारे पर अलग होके पानी में घुमरी करे लागेला, जेकरा से गिरत बरफ के टुकड़ा के असर पैदा होला। एगो लोककथा भी बा: एह कथा के अनुसार, ल्यू श्वे (“हरियर बरफ”) एगो लड़की कारीगर के नाँव रहे जे अद्भुत चाय बनावत रही। एगो स्थानीय अधिकारी के अत्याचार से बचे खातिर ऊ चट्टान से कूद गइली, आ ओकर टोकरी से बिखरल चाय के पत्ती पहाड़ के पूरा ढलान पर फैल गइल। लोग ओकरे याद में चाय के नाँव ओकरे नाँव पर रख देहले।
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सांस्कृतिक महत्व: जिंगटिंगशान पहाड़ दक्खिन चीन के सबसे परसिद्ध “काव्य पहाड़” (诗山, Shī Shān) में से एक ह। एकरा के दक्खिन ची राजवंश (Southern Qi) के कवि शिए त्याओ (谢朓, Xiè Tiǎo, 464–499) परसिद्ध कइले रहलें, आ महान ली बाई (李白, Lǐ Bái) एह पहाड़ पर सात बेर चढ़लें आ 45 कविता छोड़ले, जवना में अमर “जिंगटिंग पहाड़ पर अकेले बइठल” (《独坐敬亭山》) शामिल बा। एक हजार से ढेर बरिस ले — छ: राजवंश के काल से चिंग ले — बाई जुयी, दू मू, ओयांग श्यू, हुआंग टिंगज्यान, सू शी आ वेन तियानशियांग समेत 300 से ढेर साहित्यकार एह पहाड़ के गुणगान कइले। एह महान पहाड़ के ढलान पर पैदा चाय शुरू से साहित्यिक परंपरा से अटूट रूप से जुड़ल रहे। चिंग कवि शी रुनझांग एकरा बारे में लिखले: “सेत चीनी माटी के बरतन में छनकेब तs [सुद्ध पानी] से अलग ना करब, मानो फूल के सुगंध पहाड़ी झरना में बहत होखे”। चित्रकार मेई गेंग (梅庚, Méi Gēng) भी चाय के तारीफ कइलें कि एकर “रंग पतझड़ के पानी नियर बा, आ स्वाद ऑर्किड नियर”। जिंगटिंग ल्यू श्वे, हुआंगशान माओ फेंग आ ल्यू आन गुआ प्यान के संगे “अनहुई के तीन गो महान चाय” (安徽三大名茶) के प्रामाणिक तिकड़ी बनावेला।
3. वनस्पति बिबरण आ कच्चा माल:
- किसिम / कल्टीवार: मुख्य कल्टीवार श्वानचेंग ज्यानये (宣城尖叶, Xuānchéng Jiānyè) ह — राज्य मान्यता प्राप्त बीज किसिम (国家级有性系良种)। ई झाड़ीदार रूप (Camellia sinensis var. sinensis) ह जवना में मझोला आकार के पतई आ आधा-फैलल झाड़ी के आदत होला। जवान टहनी पियर-हरियर होला, घना रोआँ से ढँकल रहेला। मानक “कलिका + तीन गो पतई” के 100 कलिका के वजन लगभग 64 ग्राम होला। ई कल्टीवार ठंडा आ सूखा के ऊँच प्रतिरोध खातिर आ टहनी के लमहर कोमलता (持嫩性强, chí nèn xìng qiáng) खातिर जानल जाला।
- तोड़ाई: तोड़ाई हर साल चिंगमिंग (清明, Qīngmíng, अप्रैल के शुरू) से गुयू (谷雨, Gǔyǔ, अप्रैल के बीच-अंत) के बीच होला। तोड़ाई के मानक — “एगो पतई एगो कलिका के गोद में लपटले” (一叶抱一芯): ना खुले वाला या सेहे खुले वाला कलिका जवना में लगभग एक चुन (寸, ~3.3 सेमी) लमहर एगो जवान पतई होला।
- तोड़ाई मानक: बिसेस श्रेणी (तेजी) खातिर — खाली एकल कलिका भा पहिला ना खुलल पतई सहित कलिका; पहिला श्रेणी खातिर — कलिका जवना में एक पतई; दूसरा खातिर — कलिका जवना में दू गो उगत पतई। तोड़ाई के जरूरत चार गो चीन्ह (汉字) में लिखल जाला: “नेन, जुन, जिंग, ची” (嫩、均、净、齐) — कोमलता, एकरूपता, सफाई, बराबरी।
- कच्चा माल के जरूरत: खाली जवान, बेगैरा नोकसान के टहनी, बेगैरा मोट पतई, आकार में एक समान, बाहरी गंध आ मिलावट से मुक्त।
4. क्षेत्रीय पर्यावरण (टेरुआर) आ उगावे के बिसेसता:
- जलवायु आ भू-आकृति: जिंगटिंगशान पहाड़ दक्खिनी अनहुई (皖南山区) के पहाड़ी क्षेत्र आ यांग्त्ज़ी नदी के तटीय मैदान के बीच के संक्रमण क्षेत्र में स्थित बा। जलवायु — उपोष्णकटिबंधीय जवना में साफ चार गो मौसम होला। औसत सालाना तापमान 15–16.8 °C होला। सालाना बरखा 1500–2000 मिमी होला। पाला-मुक्त अवधि 220 दिन से ढेर होला। औसत सालाना हवा में नमी 80% से ढेर होला। जिंगटिंगशान पर जंगल के आच्छादन 96.3% तक पहुँचे ला, जेकरा चलते चाय के झाड़ी के मुख्य रूप से बिखरल रोशनी मिले ला, जवन एमिनो एसिड के संचय में मदद करेला आ टहनी में मोट रेशा के निर्माण के दबा देला।
- उगाए के ऊँचाई: मुख्य चाय बगान समुद्र तल से 300–500 मीटर के ऊँचाई पर स्थित बा। सबसे कीमती कच्चा माल मुख्य चोटी के लगे छायादार (उत्तरी) ढलान पर इकट्ठा होला।
- माटी: माटी बलुआ पाथर के अपक्षय से बनल बा। प्रतिक्रिया — हल्का अम्लीय (pH 4.5–5.0), जवना में ह्यूमस आ खनिज तत्व के उच्च मात्रा, जवना में सेलेनियम आ आयोडीन शामिल बा। अइसन संरचना चाय के भरपूर खनिज प्रोफाइल देला आ बिसेस सुगंध के निर्माण में मदद करेला।
5. उत्पादन तकनीक:
जिंगटिंग ल्यू श्वे के उत्पादन में छह गो क्रमिक चरण शामिल बा। प्रमुख बिसेसता — हाथ से आकार देबे के तकनीक “डाटेंग लीट्याओ” (搭拢理条, dā lǒng lǐ tiáo), जवन बिसेस “गौरइया के जीभ” नियर आकार बनावेला, आ अंत में सोफोरा के लकड़ी के कोइला (槐炭烘笼, huáitàn hōnglóng) पर सुखावल जाला, जवन सुगंध के पक्का करेला आ भंडारण में स्थायित्व सुनिश्चित करेला।
- ताजा पतई के फइलावल (鲜叶摊放, xiānyè tānfàng): एकट्ठा कच्चा माल के बाँस के थार पर पातर परत में 2-3 घंटा खातिर फइला दिहल जाला ताकि अतिरिक्त नमी प्राकृतिक रूप से हट जाए आ सुगंध जाग जाए।
- “हरियरी के मारल” (杀青, shāqīng): ई कड़ाही (वोक) में 130–140 °C तापमान पर होला। हर बेर 200–250 ग्राम कच्चा माल डालल जाला। पहिला 2 मिनट पतई के जोर से झटकारल जाला (抖, dǒu), फेरु झटकारल आ छोट समय खातिर भाप में रखल (闷, mèn) के बीच बदलल जाला। तापमान के सही नियंत्रण बहुते जरूरी बा: जादे गरम होखला पर जरल स्वाद आवेला, कम गरम होखला पर काँचो घास के गंध। ठीक होखला के बाद पतई के ठंडा होखे खातिर फइला दिहल जाला।
- आकार देब (做形, zuòxíng): लगभग 60 °C तापमान पर होला। हाथ के तकनीक “डाटेंग लीट्याओ” (搭拢理條) इस्तेमाल होला: कारीगर चारो उँगली आ अँगूठा के एके संगे काम में लेले, चाय के पत्ती के हथेली में पकड़ के चिकन, सीधा “जीभ” नियर बना देला। दबाव “हल्का — तेज — हल्का” (轻-重-轻) के सिद्धांत पर नियंत्रित होला, जवन कलिका के करियाइल आ टूटे से बचावेला।
- सुरुआती सुखाई (毛烘, máo hōng): 110 °C से शुरू होके धीरे-धीरे तापमान कम (梯度降温, tīdù jiàngwēn) होला। ई चरण आकार के स्थायी करेला आ बचल नमी के बड़का हिस्सा हटा देला।
- अंतिम सुखाई (足烘, zú hōng): 60 °C पर धीमा “गहिर” आँच (暗火慢烘, ànhuǒ mànhōng) पर तब तक होला जब तक नमी के मात्रा ≤5% ना हो जाए। एही चरण में सोफोरा के कोइला के टोकरी इस्तेमाल होला, जवन चाय के सुगंध में बिसेस चेस्टनट के सुर देला।
- छँटाई (分级, fēnjí): तइयार चाय के आकार, पूर्णता आ कुसुम के मात्रा के अनुसार चार गो श्रेणी में बाँट दिहल जाला।
6. इंद्रीजन्य बिसेसता (ऑर्गेनोलेप्टिक):
- सूखल पतई के रूप-रंग: चाय के पत्ती “गौरइया के जीभ” (雀舌形, quèshé xíng) नियर आकार के होला — सीधा, घन, हल्का चिपटा, छुअे में लचकदार। रंग — गहिरा पन्ना-हरियर, भरपूर सेत कुसुम के संगे, जगह-जगह सोनहर चमक (तेजी, 特级) लिहले। पत्ती में टूटल टुकड़ा आ धूरि ना होला। सबसे ऊँच दरजा के चाय खास घन लपेटाई आ चमक से अलग होला।
- सूखल पतई के सुगंध: प्रमुख सुर — भुनल चेस्टनट (板栗香, bǎnlì xiāng), जवना में ऑर्किड के सुर (兰花香, lánhuā xiāng) मिलल बा। जगह के सूक्ष्म जलवायु के अनुसार, हनीसकल के फूल के सुगंध (金银花香, jīnyínhuā xiāng) भी आ सकेला। सुगंध ताजा, साफ, स्थायी होला।
- अर्क के सुगंध: भरपूर आ लमहर, साफ चेस्टनट के कोर, फूल के सुर आ ताजा “हरियर” आधार के संगे। कप ठंडा होखे पर शहद आ अखरोट के सुर खुलेला।
- स्वाद: ताजा (鲜爽, xiānshuǎng), कोमल आ मिलनसार (醇和, chúnhé), साफ मिठास (甘, gān) आ लमहर लउटी मीठ तुरपन (回甘, huígān) के संगे। शरीर मझोला घनत्व के, सही तरीका से बनावे पर बिना कड़वाहट आ जादे कसैलापन के। बिसेस श्रेणी के चाय में ताजा सेम आ क्रीमियत के सुर अउरी उभर के आवेला।
- अर्क के रंग: पियराहूँ रंगत लिहले कोमल-हरियर (嫩绿明亮, nèn lǜ míng liàng), पारदर्शी आ साफ। काँच के गिलास में बनावे पर साफ देखाई पड़ेला कि सेत कुसुम पत्ती से अलग होके पानी में घुमरी करे ला, जवन परसिद्ध “हरियर बरफ” के असर पैदा करेला।
- चाय के तली (बनल पत्ती): कोमल, लचकदार, चमकीला-हरियर पत्ती आ कलिका, जवन घन “गुलदस्ता” (成朵状, chéng duǒ zhuàng) में इकट्ठा बा। एक समान रंग आ पत्ती के पूर्णता कच्चा माल के गुणवत्ता आ सावधानी से प्रसंस्करण के गवाही देला।
7. रासायनिक संरचना:
ई चाय जैविक रूप से सक्रिय पदार्थ के उच्च मात्रा खातिर अलग बा, जवन समृद्ध ह्यूमस माटी आ बिखरल रोशनी के अनुकूलतम स्थिति के कारण होला।
- पॉलीफेनोल (कैटेचिन): चाय पॉलीफेनोल के मात्रा 31.1% बा — हरियर चाय खातिर औसत से काफी ढेर। मुख्य कैटेचिन — एपिगैलोकैटेचिन-3-गैलेट (EGCG), एपिकैटेचिन-3-गैलेट (ECG), एपिगैलोकैटेचिन (EGC)। कुल कैटेचिन सामग्री — 14.7%। आकलन अनुसार एह चाय के पॉलीफेनोल के एंटीऑक्सीडेंट सक्रियता विटामिन E से 18 गुना ढेर होला।
- एमिनो एसिड: मुक्त एमिनो एसिड के सामग्री — 4.3%, जवन हरियर चाय खातिर ऊँच संकेतक ह। मुख्य हिस्सा L-थियानिन (L-茶氨酸, L-chá’ānjīsuān) के होला, जवन बिसेस मिठास, उमामी नियर भरपूर स्वाद, आ कैफीन के संगे तालमेल से “कोमल सतर्कता” खातिर जानल जाला।
- एल्कालॉइड: कैफीन (咖啡碱, kāfēi jiǎn) — मुख्य टॉनिक घटक, L-थियानिन के संगे मिल के काम करेला। थियोब्रोमिन आ थियोफिलिन भी मौजूद रहेला।
- विटामिन: विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) — ताजा कच्चा माल में मात्रा ऊँच रहेला, कोमल बेकिंग सुखाई के कारन आंशिक रूप से बचल रहेला। विटामिन B समूह (B₁, B₂)। विटामिन K।
- खनिज: पोटैशियम, मैंगनीज। फ्लोराइड के मात्रा 200–300 ppm के दायरा में पावल जाला, जवन दाँत के इनैमल के मजबूत करे में मदद करेला। माटी के संरचना सूक्ष्म तत्व — सेलेनियम आ आयोडीन के मौजूदगी सुनिश्चित करेला।
- आवश्यक तेल: सुगंध प्रोफाइल निर्धारण (शाचिंग) आ अंतिम कोइला सुखाई के दौरान बनेला। मुख्य सुगंध बनावे वाला यौगिक में पायराजीन (चेस्टनट सुर), लिनालूल आ जेरानियोल (फूल सुर) शामिल बा।
8. लाभकारी गुण:
- एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा: कैटेचिन के ऊँच मात्रा (31.1% पॉलीफेनोल) मुक्त कण के बेअसर करे के शक्तिशाली क्षमता देला, कोशिका सेहत के समर्थन करेला आ ऑक्सीडेटिव बुढ़ापा के धीमा करेला।
- कोमल टॉनिक असर: कैफीन L-थियानिन के संगे मिल के शांत एकाग्रता के स्थिति पैदा करेला, बिना ऊर्जा के तेज उतार-चढ़ाव के, जवन कॉफी के बिसेसता ह।
- संज्ञानात्मक कार्य के समर्थन: L-थियानिन मस्तिष्क के अल्फा-तरंग के उत्पादन के उत्तेजित करेला, ध्यान एकाग्रता, प्रतिक्रिया गति आ सोच के स्पष्टता में सुधार करेला।
- पाचन के समर्थन: पॉलीफेनोल आ टैनिन पाचक एंजाइम के स्राव के उत्तेजित करेला आ चिकनाई वाला भोजन के पचावे में सुगमता देला। परंपरा अनुसार ई चाय खाना के बाद पियल जाला।
- हृदय-नली सहायता: कैटेचिन ऑक्सीकृत कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर कम करे में, नली के देवाल के लचक बनाए रखे में आ नियमित सेवन पर रक्तचाप सामान्य करे में मदद करेला।
- दाँत इनैमल के मजबूती: 200–300 ppm फ्लोराइड कैटेचिन के जीवाणुरोधी क्रिया (दाँत क्षय पैदा करे वाला बैक्टीरिया Streptococcus mutans के बढ़ती रोके) के संगे मिल के दाँत क्षय रोके में मदद करेला।
- उपापचय के समर्थन: कैटेचिन आ कैफीन एके संगे थर्मोजेनेसिस सक्रिय करेला आ वसा के ऑक्सीकरण उत्तेजित करेला, सेहतमंद वजन बनाए रखे में मददगार।
9. बनावे के तरीका:
- पानी के तापमान: 80 °C (उबलत पानी, 3 मिनट ठंडा भइल)। 85 °C से ढेर ना होखे दीं — जादे गरमी क्लोरोफिल नष्ट कर देला, अर्क पियर हो जाला आ कड़वाहट पैदा हो जाला।
- चाय के मात्रा: 150 मिली पानी खातिर 3 ग्राम (अनुपात 1:50)। गोंगफू विधि खातिर — 120 मिली में 5 ग्राम।
- बरतन: काँच के गिलास (पहिलका अनुभव खातिर सिफारिश — “उड़त बरफ” के असर देखे के मिलेला); सेत चीनी माटी के गैवान (盖碗, gàiwǎn) — सुगंध के मूल्यांकन खातिर सबसे नीक। ईसिंग के चायदानी सिफारिश ना होला: छेददार माटी कोमल चेस्टनट सुगंध के दबा सकेला।
- प्रक्रिया:
- गिलास भा गैवान के गरम पानी से गरम करीं, फेरु पानी फेंक दीं।
- चाय के बरतन के तली में डाल दीं (नीचे से डारे के विधि, 下投法, xiàtóu fǎ)।
- कोमल हरियर चाय खातिर धुलाई जरूरी ना ह। चाहब तs तेज “जगावे वाली” धुलाई कर सकतानी: 1/3 मात्रा पानी डालीं, गिलास के हिलाईं, पत्ती के 10–15 सेकंड खातिर नमी सोखे दीं (摇香润茶, yáo xiāng rùn chá), फेरु ऊपर ले भर देईं।
- पहिला बेर छाने — 1–2 मिनट। अर्क छान लेईं भा पीये लागीं, गिलास में एक तिहाई तरल छोड़त जाईं।
- दूसरा आ तीसरा बेर — 30 सेकंड समय बढ़ाईं। गुणवत्ता वाला जिंगटिंग ल्यू श्वे 3 बेर बनावल सकत बा, सुगंध आ मिठास बनाए रखत।
10. भंडारण:
जिंगटिंग ल्यू श्वे, जइसे कि बेसी कोमल हरियर चाय, ऑक्सीकरण, नमी आ बाहरी गंध के प्रति संवेदनशील होला। सबसे नीक स्थिति — हवाबंद पैकिंग (वैक्यूम पैकेट भा कस के बंद टीन के डिब्बा) फ्रिज में 0–5 °C तापमान पर। खोले से पहिले फ्रिज से निकालल पैकेट के कमरा के तापमान पर 1-2 घंटा बिना खोले रखे के चाहीं — एह से चाय के पत्ती पर नमी के संघनन ना होला। खोलला के बाद 2-4 हप्ता के भीतर चाय के इस्तेमाल करे के सलाह दिहल जाला। हवाबंद पैकिंग में उचित तापमान पर कुल भंडारण समय — 12 महीना तक। गौर करे लायक बा कि कारीगर उत्पादन के लगभग दू हप्ता बाद पहिला स्वाद लेवे के सलाह देला: एह समय में “आग के गरमी” (火气, huǒqì) दूर हो जाला, आ स्वाद कोमल आ गोल हो जाला।
11. कीमत आ नकली:
जिंगटिंग ल्यू श्वे — सीमित उत्पादन मात्रा आ साफ क्षेत्रीय पहिचान वाला चाय ह, जवन एकरा तुलना में ऊँच कीमत निर्धारित करेला। बिसेस श्रेणी (तेजी) के चाय के कीमत 1200 युआन प्रति जिन (500 ग्राम) से शुरू होला; पहिला आ दूसरा श्रेणी काफी सस्ता होला। कीमत के मुख्य कारक: तोड़ाई के समय (चिंगमिंग से पहिले के कच्चा माल महँगा), श्रेणी/ग्रेड, हाथ के मेहनत के हिस्सा आ उत्पादक के ख्याति।
नकली से कइसे बचीं:
- पत्ती के आकार: असली जिंगटिंग ल्यू श्वे के बिसेस “गौरइया के जीभ” नियर आकार होला — सीधा, घन, बिगड़ल ना, भरपूर सेत कुसुम वाला पत्ती। नकली अक्सर ढीला, गैर-एक समान आकार आ टूटल टुकड़ा लिहले लउकेला।
- सुगंध: फूल सुर के संगे प्राकृतिक चेस्टनट सुगंध — प्रमुख चीन्हा। चेस्टनट सुर के कमी, “घास” भा बसियावल गंध कम गुणवत्ता भा दूसर क्षेत्र के कच्चा माल से बदली के ओर इशारा करेला।
- अर्क: पारदर्शी, कोमल-हरियर, बिना धुँधलापन। “उड़त कुसुम” के मौजूदगी नीक संकेत ह। धुँधला भा गहिरा-पियर अर्क पुरान भा घटिया गुणवत्ता के कच्चा माल के गवाही देला।
- कीमत: संदेहास्पद रूप से कम कीमत (अपना के “तेजी” बतावे खातिर 300–400 युआन प्रति जिन से कम) — लगभग गारंटी बदली के।
- स्रोत: जाँचल-परखल बिक्रेता से खरीदल सलाह दिहल जाला जवन भूगोल आ फसल के तारीख के साफ जानकारी दे सके। 2010 से उत्पादन तकनीक अनहुई प्रांत के गैर-भौतिक धरोहर के दर्जा से सुरक्षित बा।
12. रोचक तथ्य:
- जिंगटिंगशान पहाड़, जहाँ ई चाय उपजेला, “दक्खिन चीन के काव्य पहाड़” (江南诗山) कहाला। महान कवि ली बाई एकरा के 45 कविता समर्पित कइलें आ आपन जीवन में सात बेर एकरा पर चढ़लें। ओकर आखिरी दौरा 761 में, मरले से एक साल पहिले भइल रहे।
- पारदर्शी गिलास में बनावे पर जिंगटिंग ल्यू श्वे एगो अनोखा नजारा पैदा करेला: सेत कुसुम चाय के पत्ती से अलग होके पानी में घुमरी करे ला, मानो हरियर जंगल में बरफ के टुकड़ा गिरत होखे। ईहे दृश्य असर चाय के काव्यात्मक नाँव दिहलस।
- जिंगटिंग पहाड़ के नाँव मूल रूप से झाओटिंग (昭亭) रहे, बाकिर 266 ई. में पच्छिमी जिन राजवंश के संस्थापक सीमा झाओ के नाँव के वर्जना के कारन बदल दिहल गइल। ई चीन के स्थान नाँव में ऐतिहासिक “नाँव वर्जना” (避讳, bìhuì) के सबसे परसिद्ध उदाहरण में से एक ह।
- “जिंगटिंग ल्यू श्वे के तोड़ाई आ प्रसंस्करण” के तकनीक के चाय बिसेज्ञता खातिर राष्ट्रव्यापी विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल कइल गइल — श्वानचेंग के एकमात्र चाय जेकरा अइसन सम्मान मिलल।
- जिंगटिंगशान पहाड़ पर जंगल के आच्छादन 96.3% बा, जवन एगो अनोखा सूक्ष्म जलवायु बनावेला: भरपूर बिखरल रोशनी आ स्थायी ऊँच नमी चाय के झाड़ी के पॉलीफेनोल के धीमा उत्पादन के साथ एमिनो एसिड जमा करे के मिलेला — एही से एह चाय के बिसेस मिठास आ कोमलता बा।
13. अनहुई के अउरी हरियर चाय सभ से तुलना:
- हुआंगशान माओ फेंग (黄山毛峰, Huángshān Máo Fēng): अनहुई के दक्खिन में हुआंगशान परबत माला से निकलेला, 700–1200 मीटर ऊँचाई। पत्ती हल्का मरोरल आकार लिहले होला जवना में सोनहर-पियर “माछी-पतई” (鱼叶金黄) होला। सुगंध — ऑर्किड-फूल नियर, हल्लुक आ ऊँच, जिंगटिंग ल्यू श्वे के चेस्टनट सुर से अलग। स्वाद में साफ ताजगी आ शुद्धता होला, शरीर के घनत्व कम।
- ल्यू आन गुआ प्यान (六安瓜片, Liù’ān Guā Piàn): अनोखा बा काहे कि ई खाली पत्ती के फलक (बिना कलिका आ डंठल) से बनेला। आकार — चिपटा, सूरजमुखी के बीया नियर। सुगंध — भुनल, अखरोट नियर, जादे साफ “आग के गरमी” लिहले। स्वाद अउरी भरल-पूरा आ घन। जिंगटिंग ल्यू श्वे से अलग, इहाँ सेत कुसुम के दृश्य असर ना होला।
- ताइपिंग होऊ कुई (太平猴魁, Tàipíng Hóu Kuí): ताइपिंग जिला (अब हुआंगशान जिला) के बड़ पतई वाला हरियर चाय। पत्ती — लमहर (7 सेमी ले), चिपटा, बिसेस जालीदार नमूना लिहले। सुगंध — स्थायी ऑर्किड। आकार आ रूप में जिंगटिंग ल्यू श्वे के छोट “गौरइया जीभ” के बिलकुल बिपरीत।
- ज्यूहुआ माओ फेंग (九华毛峰, Jiǔhuá Máo Fēng): पबित्र ज्यूहुआशान पहाड़ के लगे उत्पादित। तोड़ाई मानक आ तकनीक जिंगटिंग ल्यू श्वे के लगे बा, बाकिर सुगंध जादे घास नियर, चेस्टनट सुर कम साफ। सांस्कृतिक जुड़ाव — बौद्ध, जबकि जिंगटिंग ल्यू श्वे के “काव्य” पहिचान ह।
14. जिंगटिंग ल्यू श्वे के श्रेणी आ वर्गीकरण:
- बिसेस श्रेणी (特级, tèjí): खाली एकल कलिका भा “कलिका + पहिला ना खुलल पतई” मानक। आकार — सीधा, पातर, बेदाग “गौरइया जीभ”। सोनहर कुसुम कम से कम 80% सतह के ढँकेला। सुगंध — चमकीला चेस्टनट जवना में ऑर्किड सुर बा। स्वाद — सबसे ताजा, मीठ, साफ हुईगान के संगे। अर्क — कोमल-हरियर, पारदर्शी। कीमत — 1200 युआन प्रति जिन से शुरू।
- पहिला श्रेणी (一级, yī jí): मानक “एक कलिका — एक पतई”। पत्ती पन्ना-हरियर, कुसुम सहित। सुगंध — साफ, स्थायी, चेस्टनट। स्वाद — कोमल, मिलनसार।
- दूसरा श्रेणी (二级, èr jí): मानक “कलिका + दू गो खुले वाला पत्ती”। कुसुम कम साफ। सुगंध — साफ, बाकिर ढेर धीमा। स्वाद — कोमल, कम तेज हुईगान के संगे।
- तीसरा श्रेणी (三级, sān jí): बेसी पाकल पत्ती। रोज के चाय पिये आ मिश्रण खातिर उपयुक्त।
निष्कर्ष में:
जिंगटिंग ल्यू श्वे — दुर्लभ वंशावली वाला चाय ह: दक्खिन चीन के सबसे परसिद्ध “काव्य पहाड़” के ढलान पर जनमल, शिए त्याओ से गुओ मोरुओ ले के साहित्यकारन द्वारा गुणगान कइल, खतम हो के फेरु जिंदा भइल। एकर ऑर्किड सुर वाला चेस्टनट सुगंध, लमहर हुईगान वाला साफ मीठ स्वाद, आ काँच के गिलास में “बरफ के टुकड़ा के नाच” अइसन छाप छोड़ेला जवन लमहर याद रहेला। ई चाय ओह पारखी लोग के लगे लागी जे खाली स्वाद के मजा ना, बालुक सांस्कृतिक गहिराई खोजत बा: जिंगटिंग ल्यू श्वे के हर प्याला के पाछे कविता, पहाड़ आ शिल्प के डेढ़ हजार साल के इतिहास बा।