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गुइदिंग श्वे या

Guìdìng xuě yá · 贵定雪芽

गुइदिंग श्वे या (贵定雪芽, Guìdìng xuě yá) — गुइझोऊ परदेस के गुइदिंग जिला के एगो ऊँच पहाड़ी सर्पिल हरियर चाय हवे, जे परसिद्ध “गुइदिंग युन्वु गोंगचा” (贵定云雾贡茶, “गुइदिंग के दानी बादर चाय”) के सबसे ऊँच श्रेणी ह। ई चाय चीन के सबसे लमहर दस्तावेजी “गोंगचा” इतिहास में से एगो के मालिक ह: 1325 में पहिला उल्लेख (युआन राजवंश) से ले…

गुइदिंग श्वे या (贵定雪芽, Guìdìng xuě yá) — गुइझोऊ परदेस के गुइदिंग जिला के एगो ऊँच पहाड़ी सर्पिल हरियर चाय हवे, जे परसिद्ध “गुइदिंग युन्वु गोंगचा” (贵定云雾贡茶, “गुइदिंग के दानी बादर चाय”) के सबसे ऊँच श्रेणी ह। ई चाय चीन के सबसे लमहर दस्तावेजी “गोंगचा” इतिहास में से एगो के मालिक ह: 1325 में पहिला उल्लेख (युआन राजवंश) से ले के 1790 में सम्राट च्यानलोंग के आदेस पर खड़ा करल गइल “वांगु ल्यूफांग” (万古留芳, “दस हजार पीढ़ी के महक”) पाथर के सतंभ तक — गुइझोऊ के इकलौता अइसन पाथर के स्मारक जे शाही दानी चाय के दरजा के परमाण देला। ई चाय एगो अनोखा सथानीय किसिम “नियाओवांग” (鸟王, “चिरई के राजा”) — एगो जनसंख्या किसिम जे चीन के चाय के इतिहास के “जिउत जीवाश्म” मानल जाला — से बनल ह, जवन युन्वु पहाड़ (云雾山) पर उगावल जाला, जे मियाओलिंग (苗岭) परबत श्रेणी के मुख्य चोटी आ गुइझोऊ के तीन गो महान नदियन के जलबिभाजक ह।

1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:

  • परकार: हरियर चाय (绿茶, lǜchá), बिना किण्वन के। सर्पिल मोड़ वाली भुनल हरियर चाय (卷曲形炒青绿茶, juǎnqūxíng chǎoqīng lǜchá) के श्रेणी में आवेला। तइयार चाय के पत्ती मछरी पकड़े वाला काँटा नियर देखाई देला — एही से एकर ऐतिहासिक नाँव “युगोउचा” (鱼钩茶, “मछरी-काँटा चाय”) पड़ल।

  • श्रेणी: “गुइदिंग युन्वु गोंगचा” (贵定云雾贡茶) ब्रांड के सबसे ऊँच श्रेणी। भौगोलिक संकेत संरक्षित उत्पाद (国家地理标志保护产品, 2024)। “गुइझोऊ के दस गो परसिद्ध चाय” (贵州十大名茶) में से एगो। गुइदिंग जिला “चीन के नामी चाय के जनमभूमि” (中国名茶之乡) आ “मियाओलिंग के दानी चाय के धरती” (中国苗岭贡茶之乡) के खिताब धारण करेला। चउथा अंतरराष्ट्रीय चाय परदरसनी-मूल्यांकन (2002, सोना) के विजेता। 1990 में रास्ट्रीय नामी चाय मूल्यांकन में 99.85 अंक पावल — देस के सबसे ऊँच परिणाम, एके साथ चार गो इनाम जितलस, जेह में “सबसे नीक चाय” खातिर वाणिज्य मंत्रालय के इनाम भी सामिल ह। “युन्वु गोंगचा” के हाथ से बनावे के परंपरागत तकनीक गुइझोऊ के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर रेजिस्टर (2009) में सामिल बा।

  • उत्पत्ति: चीन, गुइझोऊ परदेस (贵州省, Guìzhōu Shěng), च्याननान बुई-मियाओ स्वशासित परदेस (黔南布依族苗族自治州), गुइदिंग जिला (贵定县, Guìdìng Xiàn)। ई चाय युन्वुशान पहाड़ (云雾山, Yúnwù Shān) — मियाओलिंग परबत श्रेणी के मुख्य चोटी (苗岭山脉主峰) पर बनेला, जवन वू (乌江), युआन (沅江) आ पान (盘江) नदियन के जलबिभाजक ह। पहाड़ के ऊँचाई 1500 मीटर से बेसी ह।

  • भूगोलीय निर्देशांक: लगभग 26°20′ उत्तरी अक्षांश, 107°14′ पूर्वी देशांतर।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • इतिहास: गुइदिंग गुइझोऊ के सबसे गहिर आ नीक दस्तावेजी चाय के इतिहास वाला इलाका ह — 2000 बरिस से बेसी चाय के खेती आ 600 बरिस से बेसी पुष्ट “गोंगचा” दरजा।

    पुरान जुग। 2000 बरिस से बेसी पहिले युन्वु पहाड़ के ढाल पर रहे वाला मियाओ लोग (苗族, Miáozú) के पूरबज जंगली चाय उगावे लगले। शुरुआती किसिम सब विकसित भइल जिनकर सथानीय नाँव रखल गइल: “नियाओवांग चा” (鸟王茶, “चिरई के राजा के चाय”), “दोंगमियाओ चा” (东苗茶), “युगोउ चा” (鱼钩茶, “मछरी-काँटा चाय”), “बाइयुन चा” (白云茶, “उज्जर बादर चाय”)। आपन भाखा में इहाँ के मियाओ चाय के “बुलाओजी” (不老几, bùlǎojī) कहत रहले। युन्वु पहाड़ पर आजो 1000 बरिस से बेसी उमिर के जंगली चाय के फेड़ बाड़ें, जिनकर तना चार गो बड़हन मरद मिलके घेर सके लें आ माठ 40 मीटर से ऊँच हवे — ई जिउत गवाह हवें कि गुइदिंग चाय के फेड़ के उत्पत्ति के केंद्र ह।

    “गोंगचा” जुग। गुइदिंग के चाय के दरबार में भेजले के पहिला दस्तावेजी उल्लेख युआन राजवंश के समय के ह: 1325 में (ताइदिंग काल के दुसरका बरिस) चाय सम्राट ताइदिंग-दी के भेजल गइल। मिंग राजवंश में (洪武五年, 1372) चाय के शाही “गोंगचा” रजिस्टर में दर्ज करा गइल। “कांगसी गुइझोउ तोंगझी” (《康熙贵州通志》, 1673) में लिखल बा: “च्यानझोउ के सब इलाका चाय पैदा करे लें, लेकिन गुइदिंग के युन्वु पहाड़ के बादर चाय सबसे परसिद्ध ह” (黔省各属皆产茶,贵定云雾最有名)। चिंग राजवंश के शुरुआत में गुइदिंग के चाय “चीन के आठ गो महान चाय” (八大名茶) में सामिल रहल।

    “वांगु ल्यूफांग” सतंभ (1790)। च्यानलोंग के राज के 55वाँ बरिस (乾隆五十五年, 1790) में युन्वु पहाड़ पर, नियाओवांग गाँव (鸟王村) के ग्वानकौझाइ (关口寨) चेकपोस्ट के पास, “युन्वु गोंगचा बेइ” (云雾贡茶碑) नाँव के पाथर के सतंभ खड़ा कइल गइल जेह पर लिखल रहल “万古留芳” (“दस हजार पीढ़ी के महक”)। सतंभ के 228 अच्छर वाला लेख में चिंग सरकार के आदेस दर्ज बा: मियाओ किसान के हालात सुधारे खातिर फिलहाल “चाय कर” वसूली रोकल जाव, सथानीय अफसरन के बेकार के दबाव डाले से रोकल जाव, आ “गोंगचा” उत्पादन के सहारा खातिर 420 ल्यांग चाँदी आवंटित कइल गइल। ई गुइझोऊ के इकलौता — आ चीन के चुनिंदा — पाथर के सतंभ ह जे शाही दानी चाय के दरजा के दस्तावेजी रूप बतावत ह। 1982 में सतंभ के गुइझोऊ परदेस के संरच्छित स्मारक रजिस्टर में सामिल कइल गइल। 1805 में (嘉庆十年) अउरी एगो सीमा सतंभ सथापित कइल गइल जे “गोंगचा” उत्पादन क्षेत्र के सीमा निर्धारित करत रहल।

    सांसारिक परसिद्धि। गुआंगशु काल में (光绪, 1904–1905) गुइझोऊ के गवर्नर लिन शाओन्यान (林绍年) आपने हाथ से गुइदिंग के चाय के दू गो डिबिया तइयार कइलन: “एक सम्राट खातिर, एक बूढ़ बुद्ध [मतलब राजमाता सिशी] खातिर।” ई लेख बीजिंग में चीन के पहिला ऐतिहासिक आरकाइव में रखल “चिंग महल के गुप्त दस्तावेज” (《清宫秘档》) में सुरच्छित बा।

    आधुनिक जुग। 1971–1982 में मास्टर ली जिन्शी (李金石) परंपरागत प्रसंस्करण तकनीक के सुव्यवस्थित कइलन आ मशीन से उत्पादन खातिर एगो नया “नौ चरण के बिधि” (九步法, jiǔ bù fǎ) विकसित कइलन। 1982 में नया चाय के नाँव “गुइदिंग श्वे या” (贵定雪芽) धराइल। 1990 में — रास्ट्रीय मूल्यांकन में सबसे ऊँच अंक (99.85) आ चार गो इनाम। 1993 में — अंतरराष्ट्रीय परदरसनी के सोना इनाम। 1997 में चाय चीनी बौद्ध संघ के अध्यक्ष झाओ पूचू (赵朴初) के परस्तुत कइल गइल, जे एकर सवाद (“清香味永” — “सुगंध शुद्ध, सवाद अनंत”) देखके आपन हाथे “佛茶” (“बुद्ध के चाय”) अच्छर लिख दिहलन।

    परसिद्ध चाय बिद्वान परो. चेन च्वान (陈椽) गुइदिंग के चाय पर एगो चौपाई लिखले बाड़े: “कीमती ह, जरूर काँटा। / उज्जर चाय — सर्वोच्च दान। / बादर समुंद्र, कुहासा सहर, / गुणवत्ता आ बहुलता के सामंजस्य” (贵哉定钩,清茗贡修。云海雾都,质量兼优).

  • नाँव:

    • “गुइदिंग” (贵定) — जिला के नाँव, जे 581 में सथापित भइल। अच्छर “贵” (“कीमती”) गुइझोऊ परदेस के नाँव के हिस्सा ह आ साथे-साथ इहाँ के चाय के बेस कीमत के संकेतो देला।
    • “श्वे या” (雪芽) — “बरफ के कोंपल”। ई बतावेला कि चाय के पत्ती पर बहुत रुपहरी रोआँ होला जे बरफ के परत नियर लउकेला। एकर कुछ अउरी ऐतिहासिक नाँव भी हवें: “युन्वु गोंगचा” (云雾贡茶, “दानी बादर चाय”), “नियाओवांग चा” (鸟王茶, “चिरई के राजा के चाय”), “युगोउ चा” (鱼钩茶, “मछरी-काँटा चाय”), “बाइयुन चा” (白云茶, “उज्जर बादर चाय”)।
  • सांस्कृतिक महत्व: गुइदिंग श्वे या खाली एगो चाय ना ह, बलुक “तिहरी धरोहर” (三重遗产) के जिउत रूप ह: ऐतिहासिक धरोहर (1790 के सतंभ, चिंग महल के दस्तावेज), जातीय-सांस्कृतिक धरोहर (मियाओ चाय खेती के सदियन पुरान परंपरा, तोड़ाई आ चढ़ावे के रस्म) आ बौद्ध धरोहर (यांबाओशान पहाड़ — दक्खिन-पच्छिम चीन के तीन गो महान बौद्ध मठ में से एगो, जहाँ सदियन से साधू “उज्जर बादर चाय” के खेती करत रहले)। हर साल गुइदिंग में “दानी चाय संस्कृति परब” (贡茶文化旅游节) मनावल जाला, जेह में मियाओ बैल लड़ाई (斗牛) होला — अइसन नजारा जे हजारन पर्यटक के खींच लेला।

3. वानस्पतिक विवरण आ कच्चा माल:

  • किसिम / कल्टीवार: मुख्य किसिम — नियाओवांग क्युन्तीचोंग (鸟王群体种, Niǎowáng Qúntǐzhǒng) — “चिरई के राजा के जनसंख्या किसिम”। ई Camellia sinensis var. sinensis के बीया से उगावल जाए वाला एगो अनोखा सथानीय जनसंख्या किसिम ह, जे गुइझोऊ के चाय इतिहास के “जिउत जीवाश्म” (活化石) आ दुनिया के सथानीय चाय किसिम में से एगो मानल जाला। खासियत: पत्ती हरियर, रोआँ बहुत, कोंपल बड़हन आ गूदेदार, “कोमलता बनल रहे” (持嫩性强) के गुण बहुत तेज। फेड़ के परकार पेड़ नियर (乔木型) ह। सबसे ऊँच श्रेणी खातिर खाली नियाओवांग इस्तेमाल होला; आम श्रेणी खातिर एकरे साथे फूदिंग दबाई चा (福鼎大白茶) भी मिलावल जाला।

    नियाओवांग किसिम के जैवरासायनिक रूपरेखा (एक कोंपल, एक पत्ती): पॉलिफेनॉल — 31.67%, अमीनो अम्ल — 2.18%, कैफीन — 3.39%, पानी में घुलनसार पदार्थ — 43.28%, कैटेचिन — 114.66 मिग्रा/ग्रा।

  • तोड़ाई: हर साल पाँचगो दौर तक तोड़ाई होला — तीन गो बसंत में, शून्य-दू गो गर्मी में। पतझड़ के तोड़ाई ना होखे। सबसे कीमती “मिंगच्यानचा” (明前茶) — चिंगमिंग (~5 अप्रैल) से पहिले के।

  • तोड़ाई के मानक:

    • सबसे ऊँच श्रेणी (特级): एक कोंपल आ मुश्किल से खुलल पत्ती (一芽一叶初展), जेकरा “फाउंटेन पेन के नोक” (钢笔尖, gāngbǐ jiān) कहल जाला — एगो रूपक जे कोंपल के नोकदार आ पतरा आकृति के बतावेला।
    • पहिला श्रेणी (一级): खुले के शुरुआती दौर में एक कोंपल आ दू गो पत्ती।
    • दूसरा श्रेणी (二级): एक कोंपल आ दू-तीन गो पत्ती।
  • कच्चा माल के जरूरत: कोंपल सब एकही नाप के होखे, साबित होखे, रोआँ बहुत होखे। लोकोक्ति कहत बा: “कोमल हाथ से तूर — जइसे [पकड़त] पियाल के जीभ” (嫩采雅雀嘴, nèn cǎi yǎ què zuǐ)।

4. टेरवार आ खेती के खासियत:

  • जलवायु: युन्वु पहाड़ उपोष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु क्षेत्र में बा जहाँ धूप बहुत कम होला — साल भर के धूप के घंटा खाली 677–1068 होला, आ धूप के अनुपात (日照率) 15–24%। ई चीन के सबसे “बदरी” चाय टेरवार में से एगो ह। सालाना औसत तापमान 13.9–15°C बा। सालाना बरखा 1100–1800 मिमी। सापेच्छ नमी ≥80%। उत्पादन के मूल इलाका में कुहासा वाला दिन के संख्या 200 से बेसी। पाला-रहित अवधि 300–340 दिन।

  • उगावे के ऊँचाई: समुंद्र तल से 800–1400 मीटर। मूल उत्पादन क्षेत्र 1200–1500 मीटर के ऊँचाई पर, लगातार बादर छाइल रहे वाला इलाका में।

  • माटी: अम्लीय पीयर माटी (酸性黄壤, suānxìng huáng rǎng) जेकर pH 4.4–4.85 बा। जैविक पदार्थ के मात्रा 3.19% (असाधारण रूप से ऊँच सूचक)। माटी खनिज से भरपूर बा।

  • प्रमुख उत्पादन क्षेत्र:

    • युन्वु गाँव (云雾镇), यांगवांग गाँव (仰望村) — ऐतिहासिक मूल उत्पादन क्षेत्र, “वांगु ल्यूफांग” सतंभ के सथान। नियाओवांग गाँव (鸟王村) — नियाओवांग किसिम के “पालना”।
    • यिंगशान गाँव (营上村) — पुरान चाय बगीचा।
    • “युन्वु हू” चाय फार्म (云雾湖茶场) — आधुनिक उत्पादन आधार। बन आच्छादन — 44%।

5. उत्पादन तकनीक:

गुइदिंग श्वे या मास्टर ली जिन्शी द्वारा 1971–1982 में पुरान “तीन भुनाई आ तीन मरोड़” (三炒三揉, sān chǎo sān róu) परंपरा के आधार पर विकसित लेखकीय “नौ चरण के बिधि” (九步法, jiǔ bù fǎ) से बनल बा। खास बात — सर्पिल “काँटा नियर” आकृति के निर्माण सीधे गरम कड़ाही में होला।

  • तोड़ाई (采摘 — cǎi zhāi): “पियाल के जीभ” मानक के अनुसार हाथ से तोड़ाई।

  • बिछौना (摊凉 — tān liáng): कोंपल बाँस के छलनी पर 2–4 घंटा खातिर बिछावल जाला।

  • “हरियरी मारल” (杀青 — shāqīng): 130–150°C पर प्रसंस्करण। एंजाइम सथिरीकरण, सुगंध के नींव रखल।

  • कड़ाही में मरोड़ — गरम मरोड़ (锅内热揉 — guōnèi rè róu): एगो अनोखा चरण: मरोड़ सीधे गरम कड़ाही में होला, ना कि अलग मेज पर। “गरम मरोड़” के तीन गो चक्र बिसेस “मछरी-काँटा” सर्पिल आकृति बनावेला।

  • आकृति दिहल — “गोल बटोरल आ रोआँ उठावल” (搓团提毫 — cuōtuán tíháo): पत्ती के कसल सर्पिल में लपेटल जाला, जबकि रुपहरी रोआँ सतह पर “उठ आवेला”।

  • सुखाई (烘焙 — hōngbèi): अंतिम रूप से धीमा आँच (文火足干, wénhuǒ zúgān) पर पूरा नमी हटे तक सुखावल जाला। सावधानी बरतले से सहद सुगंध सुरच्छित रहेला।

6. संवेदनशील गुणधर्म:

  • सूखा पत्ती के रंग-रूप: कसके लपेटल सर्पिल (紧秀如螺), मछरी के काँटा नियर (鱼钩状弯曲) — सबसे ऊँच श्रेणी में। रंग — पन्ना-हरियर, बहुत रुपहरी रोआँ के साथे (翠绿披银毫)। सबसे ऊँच श्रेणी में सतह के 80% हिस्सा रोआँ से तोपाइल होला।

  • सूखा पत्ती के सुगंध: सहद-नियर (蜜香, mìxiāng) — गुइदिंग श्वे या के सबसे खास आ बिसेस सुगंध। साथे-साथ ऊँच फूलदार सुर (花香高扬) भी होला। ठंढा प्याला 30 मिनट से बेसी (.) सुगंध बनवले रहेला — बहुत असाधारण संकेत।

  • अरक के सुगंध: सहद-फूलदार, थिर आ सुंदर। नीक से नीक बैच में — लैबडानम आ पहाड़ी सहद के संकेत।

  • सवाद: ताजगी भरल (鲜爽), साफ “रसदारपन” — बहुत ऊँच अमीनो अम्ल (कुछ आँकड़ा अनुसार 6–9%) के परिणाम। पॉलिफेनॉल (25–30%) के कारन शरीर गाढ़ (醇厚, chúnhòu)। वापसी मिठास (回甘) — लमहर आ बढ़त रहे वाला।

  • अरक के रंग: पीयर-हरियर, चमकदार आ पारदर्शी (黄绿明亮)।

  • चाय के पेंदी (भीजल पत्ती): कोमल-हरियर, एक समान, कोंपल साबित खिल जाले। काँच के गिलास में चाय बनावे पर एगो बिसेस परभाव देखे के मिलेला: कप के ऊपर भाप के बादर पहिले छतरी नियर लउकेला, ओकरा बाद बादर नियर, आ धीरे-धीरे ऊपर उठे लागेला — एही घटना के कारन चाय के “बादर चाय” (云雾茶) नाँव मिलल।

7. रासायनिक संरचना:

  • पॉलिफेनॉल: 25–30% (नियाओवांग किसिम में — 31.67% तक)। गाढ़ शरीर आ परबल एंटीऑक्सीडेंट क्षमता देला।
  • अमीनो अम्ल (जेह में L-theanine): 6–9% (कुछ स्रोत के आँकड़ा; नियाओवांग किसिम के मानक आँकड़ा — 2.18%)। असाधारण ऊँच मान, सहद नियर मिठास आ “रसदारपन” के ब्याख्या देला।
  • कैफीन: ~3.39% (नियाओवांग किसिम में)। मध्यम सतर।
  • पानी में घुलनसार पदार्थ: ≥43.28%. घुलनसार अवयव के समृद्धि।
  • कैटेचिन: 114.66 मिग्रा/ग्रा। EGCG के ऊँच मान।
  • भिटामिन: भिटामिन C, भिटामिन B समूह।
  • खनिज: पोटेशियम, मैग्नीशियम, जस्ता, मैंगनीज।

8. लाभकारी गुण:

  • तेज एंटीऑक्सीडेंट परभाव: पॉलिफेनॉल 25–30% + कैटेचिन 114.66 मिग्रा/ग्रा।
  • टॉनिक असर: कैफीन (~3.4%) L-theanine के साथे मिलके — मृदु “धीमा” ताजगी।
  • ताजगी आ गरमी उतारे के गुन: हरियर चाय के “ठंढा” तबीयत — गरम महिना में परंपरागत उपयोग।
  • पाचन के मदद: कैटेचिन आँत के माइक्रोफ्लोरा के सामान्य बनावेला।
  • हृदय-नसीय तंत्र के मदद: पॉलिफेनॉल लिपिड चयापचय सामान्य करे में मददगार।
  • सामान्य सुदृढ़ीकरण: जैविक पदार्थ से भरपूर पहाड़ी माटी से भिटामिन आ खनिज के मेल।

9. चाय बनावे के तरीका:

  • पानी के तापमान: 80–85°C।
  • चाय के मात्रा: 150 मिली खातिर 3 ग्रा।
  • बरतन: काँच के गिलास (भाप के “बादर” परभाव देखे खातिर) या चीनी माटी के गाइवान।
  • प्रक्रिया:
    1. गिलास या गाइवान गरम करीं।
    2. चाय डारीं।
    3. “नीचे डालल” बिधि (下投法): पानी के 1/3 मात्रा डारीं, चाय के “धोईं” (润茶) 30 सेकेंड, पानी फेंक दीं।
    4. पानी 7/10 मात्रा तक भरीं। 1–2 मिनट भीजे दीं।
    5. सबसे ऊँच श्रेणी 3 बेर चाय बनावे खातिर सह जाला; हर अगिला बेर — +10 सेकेंड।
    6. चखे खातिर सबसे नीक तापमान ~60°C: एह तापमान पर ताजगी सबसे तेज रहेला।

10. भंडारण:

  • बंद पैकिंग, रोसनी, नमी आ गंध से बचाव।
  • सबसे नीक — 0–5°C पर फ्रिज में।
  • खोले के बाद — 1 महिना भीतर इस्तेमाल कर लीं।
  • 3 मिनट से बेसी ना पिलावल जाव — लमहर समय तक भीजले से कड़वाहट बढ़ जाला।

11. दाम आ नकली सामान:

  • दाम के श्रेणी: गुइझोऊ के हरियर चाय वर्ग में ऊपरी खंड। नियाओवांग किसिम के सबसे ऊँच श्रेणी (特级, मिंगच्यानचा) — 500 ग्रा खातिर 600–1000 युआन से। पहिला श्रेणी — 300–500 युआन। दूसरा श्रेणी — सस्ता।
  • नकली से कइसे बचीं:
    • “贵定云雾贡茶” भौगोलिक संकेत के निसान वाला उत्पादक से खरीदीं।
    • असली चाय — बहुत रोआँ आ बिसेस सहद सुगंध वाला कसके लपेटल सर्पिल। नकली अकसर ढीला होला आ बिसेस सहद सुर बिना।
    • ठंढा प्याला कम से कम 15 मिनट सुगंध बनवले राखे — ई एगो भरोसेमंद जाँच ह।
    • बहुत कम दाम — लाल झंडा: असली नियाओवांग कच्चा माल सीमित मात्रा में बा।

12. रोचक तथ्य:

  • गुइझोऊ के इकलौता “गोंगचा” सतंभ। “युन्वु गोंगचा बेइ” (1790, 228 अच्छर) — परदेस के इकलौता पाथर स्मारक जे चाय के शाही दरजा के परमाण देला। 1982 से — संरच्छित धरोहर। “वांगु ल्यूफांग” — “दस हजार पीढ़ी के महक” — खाली चाय के दरजा दर्ज ना कइलस, बलुक सामाजिक नीति भी: मियाओ किसान के बेकार के “चाय कर” से मुक्ति।
  • सिशी खातिर दू गो डिबिया। 1904–1905 में गुइझोऊ के गवर्नर लिन शाओन्यान गुइदिंग चाय के दू गो डिबिया दरबार भेजलन: “एक सम्राट खातिर, एक बूढ़ बुद्ध खातिर।” ई रेकॉर्ड चिंग महल के गुप्त दस्तावेज (中国第一档案馆) में सुरच्छित बा।
  • “बुद्ध के चाय”। 1997 में चीनी बौद्ध संघ के अध्यक्ष झाओ पूचू यांबाओशान पहाड़ (गुइदिंग के बौद्ध तीरथ) से बनल चाय चखके आपन हाथे “佛茶” — “बुद्ध के चाय” सुलेख लिख दिहलन।
  • 99.85 अंक। 1990 में गुइदिंग श्वे या रास्ट्रीय नामी चाय मूल्यांकन में 100 में से 99.85 अंक पावल — ओह बरिस देस के सबसे ऊँच परिणाम। एह से अंतरराष्ट्रीय ख्याति के राह खुलल।
  • भाप के “बादर” परभाव। “झोंगगुओ वेन्यी जिचेंग झिशु” (《中国文艺集成志书》) में एगो अनोखा दृश्य परभाव के बरनन बा: “कप से ढक्कन हटावे पर उज्जर भाप उठेला — पहिले छतरी के आकार में, फिर बादर के आकार में, धीरे-धीरे आसमान में उठत। एही से चाय के ‘बादर चाय’ कहल जाला।”

13. गुइझोऊ के अउरी हरियर चाय से तुलना:

  • दोउयुन माओ च्यान (都匀毛尖): गुइझोऊ के प्रमुख “नामी” चाय। मरोड़दार, रोएँदार, तेज ताजगी वाला। गुइदिंग श्वे या — सीधा “सुई”, सहद मिठास, बेसी कोमल।

  • मेइतान त्सुइ या (湄潭翠芽): चपटा, अखरोट सुगंध (लोंगजिंग के करीब)। गुइदिंग — “सुई नियर”, फूल-सहद सुगंध, हजार बरिस के “गोंगचा” इतिहास।

  • लेइगोंगशान यिनच्यु चा (雷山银球茶): गोली चाय, पहाड़ मियाओलिंग से। एकदम अलग आकृति, लेकिन मिलत-जुलत टेरवार (कुहासादार पहाड़, 1200+ मी)।

13. गुइझोऊ के अउरी हरियर चाय से तुलना:

  • दोउयुन माओ च्यान (都匀毛尖): गुइझोऊ के प्रमुख “नामी” चाय। मरोड़दार, रोएँदार, तेज ताजगी। गुइदिंग श्वे या — सीधा “सुई”, सहद मिठास, बेसी बारीकी।

  • मेइतान त्सुइ या (湄潭翠芽): चपटा, अखरोट सुगंध (लोंग जिंग के करीब)। गुइदिंग — “सुई नियर”, फूल-सहद, हजार बरिस के “गोंगचा” इतिहास।

  • लेइगोंगशान इनच्यु चा (雷山银球茶): गोली चाय, ईहो मियाओलिंग पहाड़ से। बिलकुल अलग आकृति, लेकिन टेरवार मिलत-जुलत (कुहासादार पहाड़, 1200+ मी)।

निष्कर्ष:

गुइदिंग श्वे या — अइसन चाय जेकर बंसबेल के ईर्ष्या बहुत “दस गो महान” चायो करी: युआन साम्राज्य के दस्तावेज में पहिला उल्लेख (1325) से लेके च्यानलोंग के पाथर सतंभ (1790) आ सिशी खातिर डिबिया (1904) होत “बुद्ध के चाय” सुलेख (1997) आ रास्ट्रीय चखनी में सबसे ऊँच अंक (1990) तक। एह इतिहास के पीछे एगो अनोखा टेरवार — मियाओलिंग के मुख्य चोटी, जवन साल में 200+ दिन बादर में लपटाइल रहेला — आ अनोखा किसिम नियाओवांग, जेकर गुइदिंग से बाहर कतहूँ समान नइखे। प्याला में — सहद के मिठास फूलदार पुछार के साथे आ अरक के ऊपर “बादर” भाप। ई चाय उन खातिर बा जे सवाद के साथे-साथ हर घूँट में इतिहास के कदर करे लें।