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गोंगटींग पू'अर

Gōngtíng pǔ'ěr · 宫廷普洱

गोंगटींग पू'अर (宫廷普洱, gōngtíng pǔ'ěr) — 'दरबारी पूअर' — **उच्चतम ग्रेड** बिखरल शू पूअर (熟普洱散茶) के, पोस्ट-फरमेंटेड युन्नानी चाय के वर्गीकरण प्रणाली में। मेन्घाई चाय गठबंधन के मानक **T/MHC 003-2020** «मेन्घाई चा पूअरचा» के अनुसार, बिखरल शू पूअर के **13 ग्रेड** में बाँटल जाला: 宫廷 (गोंगटींग), 特级 (तेजी), 一级 (1 ग्रेड) — 十级…

गोंगटींग पू’अर (宫廷普洱, gōngtíng pǔ’ěr) — ‘दरबारी पूअर’ — उच्चतम ग्रेड बिखरल शू पूअर (熟普洱散茶) के, पोस्ट-फरमेंटेड युन्नानी चाय के वर्गीकरण प्रणाली में। मेन्घाई चाय गठबंधन के मानक T/MHC 003-2020 «मेन्घाई चा पूअरचा» के अनुसार, बिखरल शू पूअर के 13 ग्रेड में बाँटल जाला: 宫廷 (गोंगटींग), 特级 (तेजी), 一级 (1 ग्रेड) — 十级 (10 ग्रेड) आ 老茶头 (लाओ चा तोउ)। गोंगटींग — पहिला, सबसे छोट आ सबसे नाजुक ह सब 13 में। ई चाय शुद्ध कलियों आ सबसे नन्हा अंकुरन से बनल होला, जेकरा नम ढेरीकरण (渥堆, wò duī) पूरा होखले के बाद छाँटल जाला — शू-पूअर फरमेंटेशन के मुख्य प्रक्रिया, जवन 1973 साल में कुनमिंग चाय कारखाना (昆明茶厂) में तकनीशियनन के समूह द्वारा विकसित भइल रहे, जेमें वू छियिंग (吴启英), ज़ोउ बिंगलियांग (邹炳良) मेन्घाई कारखाना से आ चेन पेईरेन (陈佩仁) — अनुभवी जे ‘गुआंगचोउ उतराई’ टीम के समानांतर पारंपरिक विधि से शू पूअर के पहिला टन बनवले — शामिल रहलन।

महत्वपूर्ण: ‘गोंगटींग’ न त इतिहासिक नाम ह न कउनो गुआंग। कवनो ‘दरबारी ग्रेड’ शाही दरबार में ना भेजल जात रहे — शू पूअर तकनीक छिंग वंश के समय में ना रहे। नाम — मार्केटिंग शब्द ह, जवन 1990 के दशक — 2000 के शुरुआत में उच्चतम वाणिज्यिक ग्रेड के चिन्हित करे खातिर उभरल आ मानक T/MHC 003-2020 में सुरक्षित भइल। फिरो, ग्रेड ‘宫廷’ बाकी सब से वास्तविक रूप से अलग बा: सबसे छोट कच्चा माल, सबसे नाजुक स्वाद, सबसे ‘साफ’ सुगंध।

1. वर्गीकरण और उत्पत्ति:

  • प्रकार: पोस्ट-फरमेंटेड चाय (है चा, 黑茶)। शू पूअर (熟普洱, Shú Pǔ’ěr) — ‘तैयार’, ‘पक्का’ पूअर, जे नम ढेरीकरण (渥堆, wò duī) विधि से त्वरित माइक्रोबियल फरमेंटेशन से गुजरल होला।

  • श्रेणी: बिखरल शू पूअर के मानक T/MHC 003-2020 के अनुसार उच्चतम ग्रेड (花色档次)। मानक GB/T 22111-2008 «भौगोलिक संकेत — पूअरचा» पूअर खातिर सामान्य आवश्यकता तय करेला; मेन्घाई मानक T/MHC 003-2020 ग्रेडिंग के विस्तार से बतावेला। मेन्घाई मानक अनुसार शू पूअर खातिर जल-निष्कर्षणीय — ≥30 % (GB/T 22111 से ढेर)।

  • उत्पत्ति: चीन, युन्नान प्रांत (云南省)। मुख्य उत्पादन केंद्र: मेन्घाई (勐海), लिंचांग (临沧), पूअर (普洱)। गोंगटींग पूअर — इ भौगोलिक संकेत नइखे, बालुक छँटाई के ग्रेड ह: एकरा कउनो युन्नानी कारखाना में कउनो युन्नानी कच्चा माल से बनावल जा सकेला।

2. इतिहास और सांस्कृतिक महत्व:

  • इतिहास:

शू पूअर तकनीकी श्रेणी के रूप में 1973 साल में जनमल। पृष्ठभूमि: हांगकांग के चाय व्यापारी दसकन से शेंग पूअर के उच्च आर्द्रता वाला तहखाना में रख के ‘लाल’ काढ़ा बनावत रहलन। ‘红汤普洱’ के मांग बढ़ल, बाकिर उत्पादन गति ना पकड़त रहे। 1950 के दशक में हांगकांग के चाय व्यापारी लू झूशुन (卢铸勋) त्वरित फरमेंटेशन के विधि विकसित कइलें आ गुआंगडोंग में हस्तांतरित कइलें। 1973 में युन्नान चाय कंपनी, गुआंगचोउ प्रदर्शनी में फरमेंटेड पूअर के मांग के जानकारी पावे के बाद, सात तकनीशियनन — वू छियिंग (昆明), आन ज़ेन्ग्रोंग (安增荣, कुनमिंग कारखाना के उप निदेशक), ली गुईयिंग (李桂英), ज़ोउ बिंगलियांग (勐海), चाओ चेन्शिंग (曹振兴, मेन्घाई) आ दू जना शियागुआन कारखाना से — के गुआंगचोउ प्रशिक्षण खातिर भेजलस। समानांतर में, कुनमिंग कारखाना के अनुभवी तकनीशियन चेन पेईरेन आपन बलबूते शू पूअर के पहिला टन प्राप्त कइलें। दूनो बैच के मिला के हांगकांग निर्यात भइल — इ युन्नान के पहिला औद्योगिक शू पूअर रहे।

1974 में वू छियिंग इतिहास के पहिला उद्योग मानक बनवली: «कुनमिंग कारखाना: पूअर उत्पादन तकनीक आ गुणवत्ता आवश्यकता» (《昆明茶厂普洱茶制造工艺及其品质要求》)। 1975 में तकनीक प्रांतीय स्तर पर मानकीकृत भइल: मेन्घाई कारखाना पहिला बैच 7452 आ 7572 के उत्पादन कइलस (सात — निर्माण वर्ष, अंक — ग्रेड आ कारखाना कोड), शियागुआन कारखाना — 7663 («销法沱», xiāofǎ tuó, फ्रांस खातिर निर्यात तोचा), कुनमिंग कारखाना — 7581 (ईंट)। 1979 में वू छियिंग सहकर्मी लोग के सहभागिता से सर्व-प्रांतीय मानक «युन्नान पूअरचा चीचाओ गोंगई याओचिउ» (《云南普洱茶制造工艺要求(试行办法)》) बनवली, जेमें ‘唛号’ (màihào, ‘नंबर कोड’) प्रणाली रहे, जवन 21–27 फरवरी 1979 के सर्व-प्रांतीय निर्यात पूअर सम्मेलन में स्वीकृत भइल।

1983 में वू छियिंग युन्नान विश्वविद्यालय के साथ मिल के पहिला वैज्ञानिक शोध «पूअरचा फरमेंटेशन के सिद्धांत» (普洱茶发酵工艺原理研究) कइली, जे साबित कइलस कि ‘पूअर के पोस्ट-फरमेंटेशन में सूक्ष्मजीव प्रमुख भूमिका निभावेलन’ — इ परिणाम युन्नान प्रांत के वैज्ञानिक पुरस्कार (1984) से सम्मानित भइल। 2007 में वू छियिंग के बीजिंग में ‘आजीवन पूअर महागुरु’ (中国普洱茶终生成就大师) के उपाधि मिलल। 2008 में ब्रांड ‘吴启英’ — सुनहरी कलियाँ (金芽) — चीन के ओर से रूस के राष्ट्रपति द. आ. मेदवेदेव के राजकीय उपहार स्वरूप भेंट भइल।

गोंगटींग के अलग ग्रेड के रूप में उदय 1990 के दशक — 2000 के शुरुआत में भइल, जब शू पूअर बाजार जटिल भइल आ विस्तृत ग्रेडिंग के जरूरत पड़ल। ग्रेड ‘宫廷’ मेन्घाई चाय गठबंधन के मानक T/MHC 003-2020 में औपचारिक रूप दिहल गइल, जहाँ इ बिखरल शू पूअर के 13-ग्रेडीय वर्गीकरण में पहिला स्थान पर बा।

  • नाम: 宫廷 (Gōngtíng) — ‘दरबार’, ‘शाही दरबार’। एकरा इतिहासिक आधार नइखे: शू पूअर 1973 में आइल, अंतिम वंश के पतन के 61 साल बाद। मार्केटिंग शब्द ह।

  • सांस्कृतिक महत्व: गोंगटींग पूअर — एक विरोधाभास: ‘शाही’ नाम वाली चाय, माओ ज़ेदोंग के जुग में जनमल, गुआंगडोंग तकनीक आ युन्नान कच्चा माल के जोड़ पर। एकर कीमत कल्पित ‘दरबारीपन’ में नइखे, बालुक एह बात में बा कि इ शू-पूअर कारीगरी के सार ह: सबसे नाजुक कच्चा माल, सबसे सावधान फरमेंटेशन, सबसे बारीक छँटाई।

3. वानस्पतिक वर्णन और कच्चा माल:

  • किस्म / कल्टीवार: युन्नान दा ये चोंग (云南大叶种) — Camellia sinensis var. assamica। बड़, गुदादार कलियाँ, ताजा पत्ता में पॉलीफेनॉल के उच्च सामग्री (28–38 %)। कल्टीवार: मेन्कू दाचिया (勐库大叶种), फेंगचिंग दाचिया (凤庆大叶种), मेन्घाई दाचिया (勐海大叶种)।

  • तुड़ाई: बसंत आ पतझड़ — पसंदीदा। मानक: एक कली या एक कली + एक बिना खुलल पत्ता।

  • मुख्य विशेषता: गोंगटींग — छँटाई के ग्रेड ह। वो दूई के फरमेंटेशन मिश्रित ग्रेड के माओचा से होला; पूरा होखले के बाद सबसे छोट अंश के ‘宫廷’ के रूप में अलग कइल जाला। उपज — बैच के 5–10 %

4. टेरॉयर और उगाई के विशेषताएँ:

  • क्षेत्र: मेन्घाई (勐海, शिशुआंगबान्ना), लिंचांग (临沧), पूअर (普洱) — तीन मुख्य इलाका। मेन्घाई शू पूअर के ‘राजधानी’ मानल जाला: दसकन के लगातार फरमेंटेशन से बनल कारखाना के फर्श के अनूठा सूक्ष्मजीव-समूह (माइक्रोबायोम) अद्वितीय ‘勐海味’ (‘मेन्घाई स्वाद’) पैदा करेला — ढेर ‘माटीमय’, ‘खुम्ही के सुआद’, विशेष ‘陈香’ (चेन शियांग, ‘पुरान सुगंध’) के साथ। कुनमिंग कारखाना, जवन 1900 मी के ऊँचाई पर स्थित बा, कम तापमान आ ढेर समय (जाड़ा में 180 दिन तक) फरमेंट करत रहे, एक अलग रूपरेखा — ‘昆明味’ (‘कुनमिंग स्वाद’), ढेर ‘साफ’ आ ‘खनिजी’ — बनवत रहे।

  • ऊँचाई: 800–2000 मी। ऊँच पहाड़ी बगीचा (1400+ मी) से अइसन कच्चा माल मिलेला जेमें एमिनो एसिड आ सुगंधित पदार्थ अधिका होलन। गोंगटींग ग्रेड में ई अधिका मिठास आ सुगंध के जटिलता के रूप में सामने आवेला।

  • जलवायु: उपोष्ण मानसूनी। औसत वार्षिक तापक्रम 15–22 °C। वर्षा 1200–1800 मिमी/साल। उच्च आर्द्रता आ प्रचुर कोहरा — साल में 180 दिन से ढेर। दिन-रात के तापक्रम में भारी अंतर (>10 °C, 1400+ मी ऊँचाई पर) — सुगंधित पदार्थन के संचय के प्रोत्साहित करेला।

  • माटी: लाल-पीयर लैटेराइट (红壤, 黄壤), अम्लीय (pH 4.5–5.5), गहिर (>1 मी), जैविक पदार्थ, लोहा आ अल्युमिनियम से भरपूर। आधार चट्टान — ग्रेनाइट, बालू-पाथर, चूना-पाथर। माटी के अम्लीयता पत्ता में पॉलीफेनॉल के संचय खातिर प्रमुख कारक ह।

  • पारिस्थितिकी: युन्नान — चाय के दरखत (Camellia sinensis) के जनमभूमि। जिंगमाई पहाड़ के प्राचीन चाय बन (古茶林) — यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल (2023)। चाय उत्पादक जिला में बन-आवरण — 60–80 %। शिशुआंगबान्ना क्षेत्र — वैश्विक जैव विविधता के 25 ‘हॉटस्पॉट’ में से एगो।

5. उत्पादन तकनीक:

  • माओचा (晒青毛茶): फिक्सेशन → घुमाव → धूप में सुखाई।

  • नम ढेरीकरण (渥堆, wò duī): माओचा 0.7–1 मी ऊँच ढेरी में, नमी (潮水, cháo shuǐ) — वजन के 30–40 %। सूक्ष्मजीवन के बहिर्मुखी क्रियाकलाप से ढेरी के भीतर तापमान 50–65 °C तक पहुँच जाला। फरमेंटेशन के मुख्य कारक: Aspergillus niger (黑曲霉) — पॉलीफेनॉल ऑक्सीडेज, सेल्युलेज, ग्लूकोआमाइलेज पैदा करेला, रंग आ बनावट के ‘वास्तुकार’ ह; Rhizopus (根霉) — पेक्टिनेज पैदा करेला, ‘चिकनापन’ (顺滑) आ ‘मिठास’ बनावेला; Aspergillus oryzae (米曲霉) — सुगंध सुधारेला। साथ ही खमीर (酵母), बैसिलस (芽孢杆菌) आ एक्टिनोमाइसेट्स (放线菌) भी शामिल होलन। अवधि — 45–60 दिन, वू छियिंग के शास्त्रीय तकनीक अनुसार; आधुनिक ‘धीमी’ विधि (低温慢发酵) — 90–120 दिन तक, कम तापमान आ कम पानी के साथ, जे ‘堆味’ (ढेरी के गंध) कम करेला आ स्वाद के ‘सफाई’ बढ़ावेला। कारीगर नियमित रूप से ढेरी पलटेला (翻堆, fān duī — आमतौर पर चक्र में 3–5 बार), तापमान (65 °C से अधिका ना — नइले ‘जर जाला’) आ नमी के नियंत्रित करत। फरमेंटेशन के दौरान पॉलीफेनॉल ~60 % कम हो जाला आ थीयाब्राउनिन (茶褐素, Theabrownins — प्रमुख रंगद्रव्य वर्ग), थीयारूबिगिन (茶红素) आ गैलिक अम्ल (没食子酸) में बदल जाला। साथ-साथ सूक्ष्मजीव लोवास्टेटिन — प्राकृतिक स्टेटिन — के संश्लेषण करेलन आ सेल्युलोज के घुलनशील शर्करा आ पेक्टिन में तोड़ेलन।

  • सुखाई: आर्द्रता ≤13 % तक।

  • छँटाई (分级): निर्णायक चरण। छलनी से छानाई + हाथ से चुनाई। सबसे छोट अंश (कलियाँ + सुनहरी नोक) → ‘宫廷’। उपज — 5–10 %।

  • दबाई (वैकल्पिक): छोट तोचा, टाइल, छोट बिंग। नाजुक — जे कलियाँ न कुचल जाएँ।

6. ऑर्गेनोलेप्टिक विशेषताएँ:

  • सूखा पत्ता के बाहरी रूप: छोट, ठोस कलियाँ आ अंकुर, गहिर ललछौंह से करिया, प्रचुर सुनहरी नोक (金毫) के साथ। आकार के एकरूपता — प्रमुख पहचान चिह्न।

  • सुगंध: ‘साफ पुरानपन’ (陈香) — बिना ‘堆味’ के। काठ-अखरोट के सुर, सूखा फल, चॉकलेट, कैरमेल। सबसे नीक नमूना में — फूल आ मलाईदार झलक।

  • स्वाद: कोमल, ‘मखमली’ (醇滑)। साफ़ मिठास (甘甜)। कड़वाहट आ कसावट रहित। शरीर मध्यम, ‘रेशमी’। बाद के स्वाद — लमहर, अखरोटी।

  • काढ़ा के रंग: गहिर अम्बर से कॉग्नाक तक। पारदर्शी, माणिक आभा सहित।

  • चाय के तली: छोट एकरूप कलियाँ, गहिर ललछौंह, कोमल, लचकदार।

7. रासायनिक संरचना:

  • थीयाब्राउनिन (茶褐素): 8–14 % — प्रमुख रंगद्रव्य। रंग, बनावट आ ‘पक्का’ स्वाद तय करेला।
  • पॉलीफेनॉल: ~10–15 % (माओचा में — 28–38 %)। रूपांतरण ~60–70 %। शेष कैटेचिन न्यूनतम।
  • गैलिक अम्ल (没食子酸): काफी बढ़ल। शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट।
  • एमिनो अम्ल: ~1.5 % (सूक्ष्मजीव नाइट्रोजन स्रोत के रूप में खपत करेलन)।
  • कैफीन: ~3.5–3.8 % — शेंग से कुछु ढेर, काहेकि कैटेचिन संरचना से मुक्त हो जाला।
  • स्टेटिन (लोवास्टेटिन): अनोखा घटक — फरमेंटेशन के दौरान Aspergillus द्वारा संश्लेषित। प्राकृतिक HMG-CoA रिडक्टेज रोकथामक।
  • घुलनशील शर्करा आ पेक्टिन: बढ़ल — काढ़ा के ‘चिकनापन’ आ ‘मिठास’।
  • जल-निष्कर्षणीय: T/MHC 003-2020 अनुसार ≥30 %।

8. लाभदायक गुण:

  • रक्त-वसा घटाओ के असर: थीयाब्राउनिन + स्टेटिन (लोवास्टेटिन) — LDL-कोलेस्ट्रॉल घटावे के दोहरा तंत्र। शू पूअर — एकमात्र चाय जेमें प्राकृतिक स्टेटिन होला। शोध के अनुसार थीयाब्राउनिन रक्त चिपचिपाहट घटावे आ वसा-रूपरेखा सामान्य करे में मददगार।
  • गरम प्रभाव: पारंपरिक चीनी दवा में शू पूअर — ‘गरम’ (温性, wēn xìng), शेंग के ‘ठंढा’ के विपरीत। ‘ठंढा’ बनावट वाला लोग आ ठंढा मौसम खातिर सिफारिश।
  • पाचन सहायक: काढ़ा में मौजूद सूक्ष्मजीवी एंजाइम (पेक्टिनेज, सेल्युलेज, लाइपेज) वसा आ भारी भोजन के तोड़े में मदद करेलन। पारंपरिक रूप से शू पूअर भारी, चिकनाहट भोजन के बाद पियल जाला — खासकरि गुआंगडोंग आ हांगकांग में, जहाँ ई डिम-सम के संगे चलेला।
  • एंटीऑक्सीडेंट रक्षा: गैलिक अम्ल (फरमेंटेशन के बाद काफी बढ़ल) + शेष पॉलीफेनॉल + थीयाब्राउनिन — तिहरा एंटीऑक्सीडेंट मिश्रण।
  • हल्का तनाव: कैफीन (~3.7 %) थीयाब्राउनिन आ पेक्टिन से जुड़ल रूप में — तेज ‘कैफीन झटका’ के बिना सहज, लमहर प्रेरणा। शू पूअर शेंग आ अधिकतर हरियर चाय से नरम होला।
  • शर्करा नियमन: प्रयोग-पूर्व शोध के अनुसार शू पूअर के थीयाब्राउनिन आ पॉलीसैकेराइड रक्त ग्लूकोज स्तर के सामान्य करे में सहायक।
  • महत्वपूर्ण: इ खाद्य उत्पाद ह, दवाई ना। खाली पेट नीक ना (कैफीन + अम्लता श्लेष्मा कला में जलन पैदा कर सकेला)। रोज के खुराक — 5–8 ग्राम।

9. चाय बनावाई:

  • तापमान: 95–100 °C (उबलत पानी)। हरियर चाय के उलट, शू पूअर भारी थीयाब्राउनिन मिश्रण के खोले आ पेक्टिन के घोले खातिर अधिकतम तापमान माँगेला

  • मात्रा: 5–7 ग्राम प्रति 100–150 मिली (गोंगफू); 3–4 ग्राम प्रति 200 मिली (घरेलू बनावाई)।

  • बर्तन: यिशिंग के ज़ीशा माटी के केतली (宜兴紫砂壶) — आदर्श: छिद्रपूर्ण संरचना शू पूअर के ‘याद’ राखेले आ समय के साथ काढ़ा समृद्ध करेला। खाली शू पूअरे खातिर अलग केतली राखे के सिफारिश बा। गाइवान (盖碗) — चखाई खातिर, निचोड़ के बेहतर नियंत्रण देला। काच — सिफारिश ना (तापमान ना रोकेला; शू पूअर ठंढा हो के बनावट गँवा देला)।

  • प्रक्रिया (गोंगफू शैली):

    1. बर्तन उबलत पानी से गरम करीं। पानी फेक दीं।
    2. 5–7 ग्राम चाय डालीं।
    3. धुलाई (洗茶): 1–2 जल्दी बहाई (3–5 सेकंड)। शू पूअर खातिर अनिवार्य — धूल हटावे, पत्ता ‘जगावे’, शेष ‘堆味’ धोवे।
    4. पहिला बहाई — 5–10 सेकंड। रंग जाँचीं: गहिर अम्बर, पारदर्शी होखे के चाहीं।
    5. बहाई 2–5 — 5–15 सेकंड। मुख्य ‘कामकाजी’ दायरा — एहिजे गोंगटींग सबसे अभिव्यंजक।
    6. बहाई 6–8 — +10–15 सेकंड। स्वाद धीरे-धीरे मिठास में ‘घुले’ लागेला।
    7. गोंगटींग 5–8 बहाई टिकेला (मोट ग्रेड से कम — 10–15+ — पत्ता के छोटाई आ तेजी से निचोड़ के कारन)।
  • खासियत: छोट कच्चा माल के कारन गोंगटींग बाकी शू पूअर से बहुत जल्दी खिंच जाला। 10 सेकंड के ढिलाई से बेसी गाढ़पन आ स्वाद में ‘धुलाई’ आ सकेला। एकदम सही समय — इ ग्रेड के नाजुकता खोले के चाबी ह।

  • उबाल (煮茶, zhǔ chá): गोंगटींग के 4–5 बहाई के बाद उबालल जा सकेला — जब निचोड़ कमजोर पड़ जाय। उबाल ‘गहिन’ मिठास आ ‘सोरबे’ जइसन बनावट खोलेला, जवन बहाई से मुश्किल होला।

10. भंडारण:

  • शू पूअर शेंग के तुलना में भंडारण खातिर कम माँग करेला, आ ओही अर्थ में लमहर ‘पाके’ खातिर ना बा। फिरो, सही भंडारण स्वाद के ‘गोल’ करेला आ शेष ‘堆味’ हटावेला।
  • तापमान: कमरा के (15–30 °C)। एकदम से उतार-चढ़ाव बिना।
  • आर्द्रता: 40–70 %। बहुत सूखा — चाय ‘मर जाला’; बहुत भींजल — फफूँद।
  • पात्र: सिरेमिक, गत्ता (मूल पैकिंग), माटी के बर्तन। पूरा बंद ना — शू पूअर ‘साँस लेवेला’, आ जारी सूक्ष्मजीवी बदलाव खातिर मध्यम वायु-विनिमय जरूरी बा।
  • रोशनी: सीधा घाम से बचावल — UV रंगद्रव्य नष्ट करेला।
  • गंध: पूरा अलगाव — शू पूअर बाहरी गंध (मसाला, कॉफी, घरेलू रसायन) आसानी से सोख लेवेला।
  • मियाद: लगभग असीमित। गोंगटींग के जवान (1–2 साल — ‘堆味’ उड़ले के बाद), पक्का (3–7 साल — सबसे नीक संतुलन), या पुरान (10+ साल — अधिकतम ‘चिकनापन’) पियल जा सकेला। शेंग के विपरीत, उमिर के साथ नाटकीय बदलाव ना होला, बाकिर स्वाद ढेर ‘गोल’ आ ‘पारदर्शी’ हो जाला।

11. दाम और नकली:

गोंगटींग — बिखरल शू के सबसे महँग ग्रेड ह। ताइदीचा से जवान — 500 ग्राम/500 ग्राम से 500 चीनी युआन; गुशु से — 1500 से; पुरान (10+) — 3000 से।

  • नकली से बचे के उपाय:
    • छोट कलियन के एकरूपता — बिना बड़ पत्ता के।
    • ‘साफ’ सुगंध, बिना ‘मछरी’ या ‘फफूँद’ के गंध के।
    • पारदर्शी काढ़ा, माणिक आभा सहित।
    • प्रचुर सुनहरी नोक (金毫)।
    • दाम <200 युआन/500 ग्राम — लगभग पक्का नकली।

12. रोचक तथ्य:

  • ‘दरबारी’ बिना दरबार के। शू पूअर 1973 में आइल — अंतिम सम्राट पु यी के गद्दी छोड़ला के 61 साल बाद (1912)। कवनो ‘गोंगटींग’ कबो दरबार ना देखलस। नाम — सरासर मार्केटिंग, लेकिन ग्रेड — वास्तविक रूप से सबसे ऊँच।

  • ढेरी के 5–10 %। एक टन माओचा से फरमेंटेशन आ छँटाई के बाद मात्र 50–100 किलो ‘दरबारी’ निकलेला। बाकी — ग्रेड ‘特级’ से ‘十级’ तक। इ छलनी के भौतिक सच्चाई ह, मार्केटिंग चाल ना।

  • 1973 — शू पूअर के जनम साल। कुनमिंग, मेन्घाई आ शियागुआन कारखाना के सात तकनीशियन गुआंगचोउ फरमेंटेशन सीखे गइलन। समानांतर में, कुनमिंग कारखाना के अनुभवी चेन पेईरेन पारंपरिक विधि से आपन बलबूते शू पूअर के टन बना डाललन। दूनो बैच के मिला के हांगकांग भेजल गइल — युन्नान के इतिहास में पहिला औद्योगिक शू पूअर।

  • वू छियिंग — ‘शू पूअर के माई’। आनहुई कृषि संस्थान के चाय संकाय (安徽农学院, 1963) से स्नातक। पहिला मानक के रचयित्री (1974), पूअर के सूक्ष्मजीव-विज्ञान पर पहिला वैज्ञानिक शोध के लेखिका (1983)। 2007 में — ‘पूअर के महागुरु’। 2008 में — उनकर ब्रांड ‘吴启英’ के चाय रूस के राष्ट्रपति के राजकीय उपहार स्वरूप भेंट भइल।

  • फर्श के सूक्ष्मजीव-समूह। मेन्घाई के कारखाना में फरमेंटेशन हॉल के पक्का फर्श ‘包浆’ (बाओ जियांग, ‘पेटिना’) — दसकन से जमा लाभदायक सूक्ष्मजीवन के परत — से ढँकल बा। इ ‘जिंदा फर्श’ — हर कारखाना खातिर अनोखा ह आ ‘勐海味’ (मेन्घाई स्वाद) के मुख्य वाहक ह। नया कारखाना सालन तक इ सूक्ष्मजीव-समूह के पुनरुत्पादन ना कर पावेलन।

  • 13 ग्रेड। मेन्घाई मानक T/MHC 003-2020 बिखरल शू पूअर के 13 ग्रेड में बाँटेला — ‘宫廷’ (सबसे छोट) से ‘十级’ (सबसे मोट) + ‘老茶头’ (गोली) तक। इ चीन के सब है चा में सबसे विस्तृत ग्रेडिंग प्रणाली ह।

  • शू पूअर के ‘तीन स्वाद’। ‘कुनमिंग स्वाद’ (昆明味) — साफ, खनिजी, ‘兰花香’ (लान हुआ शियांग, ऑर्किड सुगंध) के साथ, 1900 मी ऊँचाई पर लमहर ठंढा फरमेंटेशन से। ‘मेन्घाई स्वाद’ (勐海味) — माटीमय, खुम्ही के, ‘陈香’ (चेन शियांग), ‘जिंदा फर्श’ पर गरम फरमेंटेशन से। ‘शियागुआन स्वाद’ (下关味) — ‘धूआँमय’ झलक के साथ, भाप आ मानक फरमेंटेशन के मेल से।

13. अन्य ग्रेड और शू पूअर के प्रकार सभ के साथ तुलना:

  • तेजी (特级): गोंगटींग के बाद अगिला। कुछु बड़, स्वाद घन, ढेर ‘शरीर’। गोंगटींग — नाजुक, ‘साफ’, बहाई में कम टिकाऊ।

  • 1–3 ग्रेड: मानक कच्चा माल। बड़, ‘माटी’ रूपरेखा, 8–12 बहाई। दाम कम।

  • लाओ चा तोउ (老茶头): पेक्टिन-बँधल गोली। घन, ‘सोरबा’ स्वाद। भारी बनावट। गोंगटींग — हल्लुक, ‘रेशमी’।

  • दा जिन या (大金芽): कलियन पर जोर, लेकिन बड़ सुनहरी कलियन के साथ। ढेर ‘चॉकलेटी’ आ ‘फलमय’। देखे में ढेर आकर्षक।

  • सुई यिन ज़ी (碎银子): लाओ चा तोउ से पॉलिश कइल दाना। एकदम अलग श्रेणी।

निष्कर्ष में:

गोंगटींग पूअर — ‘शाही’ नाम वाली चाय, लेकिन सर्वहारा मूल के: 1973 में गुआंगचोउ विज्ञान, युन्नान कच्चा माल आ हांगकांग माँग के जोड़ पर जनमल, इ शू पूअर के 13-ग्रेडीय पिरामिड के चोटी बन गइल — दरबारी वंशावली से ना, बालुक वास्तविक छोटाई, नाजुकता आ सफाई के कारन। एकर कुल बैच से 5–10 % उपज — मार्केटिंग चाल ना, छलनी के भौतिक वास्तविकता ह। उबलत पानी से, छोट बहाई में, यिशिंग केतली में बनाईं — आ काढ़ा देखाई कि 13 ग्रेड में इ पहिला काहे: पारदर्शी, कॉग्नाकी, माणिक आभा लिहले, मखमली मिठास आ अखरोटी समापन के साथ, बिना कड़वाहट के रत्ती भर। इ चाय साबित करेला कि ‘दरबारीपन’ लेबल पर राजचिह्न ना, बालुक छँटाईकार के कारीगरी ह।