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दा जिन या शू पू-अर्ह
Dà jīn yá shú pǔ'ěr · 大金芽熟普洱
दा जिन या (大金芽, Dà Jīn Yá) — "बड़हन सोनहर कोंपल" — शू पू-अर्ह के एगो ब्यापारिक ग्रेड हवे, जेकर पहचान **दृश्य लच्छन: बड़हन-बड़हन, मांसल कोंपल, जे गाढ़ सोनहर-लाल रंग के रोम (金毫, jīn háo) से ढँकल रहेला** के आधार पर होला। अगर गोंग टिंग (宫廷) छँटाई के बाद सभसे महीन अंश हवे, त दा जिन या ऊ अंश ह जेकर चुनाव **आकार अवुरी…
दा जिन या (大金芽, Dà Jīn Yá) — “बड़हन सोनहर कोंपल” — शू पू-अर्ह के एगो ब्यापारिक ग्रेड हवे, जेकर पहचान दृश्य लच्छन: बड़हन-बड़हन, मांसल कोंपल, जे गाढ़ सोनहर-लाल रंग के रोम (金毫, jīn háo) से ढँकल रहेला के आधार पर होला। अगर गोंग टिंग (宫廷) छँटाई के बाद सभसे महीन अंश हवे, त दा जिन या ऊ अंश ह जेकर चुनाव आकार अवुरी रोमीलेपन के हिसाब से होला: सभसे बड़हन, सभसे “सोनहर” कोंपल अवुरी एक-दू गो ना खुलल पत्ती वाला अंकुर। दुन्नो शू पू-अर्ह के कोंपल वाला ग्रेड हईं, लेकिन अलग-अलग जगह घेरेलें: गोंग टिंग — “महीन, कोमल, साफ”; दा जिन या — “बड़का, आकर्षक, चॉकलेटी”।
गोंग टिंग नियर, दा जिन या भी कवनो इतिहासी नाँव नइखे: इ एगो मार्केटिंग के शब्द ह, जे 2000 के दसक के सुरुआत में शू पू-अर्ह के प्रीमियम वर्ग खातिर उपजल। T/MHC 003-2020 मानक “大金芽” के औपचारिक ग्रेड ना मानेला; इ बेसी ब्यापारिक उपवर्ग ह, जे कच्चा माल के कोमलता के हिसाब से “宫廷” आ “特级” के बीच में आवेला, बाकिर दुन्नो से दृश्य प्रभाव में बढ़-चढ़ के बा।
1. वर्गीकरण अवुरी उत्पत्ति:
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प्रकार: पोस्ट-फर्मेंटेड चाय (हइ चा, 黑茶). शू पू-अर्ह (熟普洱, Shú Pǔ’ěr) — “तइयार”, जे तेज माइक्रोबियल फर्मेंटेशन (渥堆, wò duī) से होके गुजरल बा।
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श्रेणी: शू पू-अर्ह के ब्यापारिक कोंपल ग्रेड। T/MHC 003-2020 में अलग स्तर के रूप में औपचारिक नइखे (जबकि “宫廷” आ “特级” हईं), बाकिर निर्माता आ बेचेवाला एकर इस्तेमाल उ बैच खातिर बड़ा पैमाना पर करेलें जहाँ बड़हन सोनहर कोंपल के प्रधानता होला। कच्चा माल के कोमलता में — “宫廷” (सभसे महीन) आ “特级/一级” (बड़हन पत्ती) के बीच।
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उत्पत्ति: चीन, युन्नान प्रांत (云南省). मुख्य क्षेत्र: मेंगहाई (勐海), लिंचांग (临沧), पू-अर्ह (普洱), जिंगहोंग (景洪). बड़हन रोमदार कोंपल वाला कच्चा माल — अक्सर लिंचांग आ फेंगचिंग (凤庆) इलाका से, जहाँ फेंगचिंग दायेजोंग (凤庆大叶种) किसिम खास तौर पर मांसल, फुहे अंकुर देला।
2. इतिहास अवुरी सांस्कृतिक महत्व:
- इतिहास:
सब शू पू-अर्ह नियर, दा जिन या अपन अस्तित्व वो दुई (渥堆, गीला ढेरी) तकनीक के कारण पावेला, जे 1973 में कुनमिंग चाय कारखाना में एगो समूह द्वारा विकसित भइल, जेकर नेतृत्व वू चीइंग (吴启英), मेंगहाई कारखाना के जोऊ बिंगलियांग (邹炳良) आ चेन पेईरेन (陈佩仁) कइले। शू पू-अर्ह के आविष्कार के बिस्तृत इतिहास “गोंग टिंग पू-अर्ह” लेख में दिहल बा।
“大金芽” के अलग ब्यापारिक उत्पाद के रूप में चिन्हित 2000 के दसक के सुरुआत में भइल, जब शू पू-अर्ह के बाजार सामूहिक से बदल के बिभिन्न भेद वाला हो गइल: निर्माता अब खाली “शू पू-अर्ह” ना बेचत रहे, बलुक खास ग्रेड आ दृश्य प्रकार — “宫廷” (महीन कोंपल), “金芽” आ “大金芽” (बड़हन सोनहर कोंपल), “老茶头” (डला) वगैरह। “大金芽” सभसे दृश्य-आकर्षक उत्पादन में से एक बन गइल: बड़हन-बड़हन, चमकीला सोनहर, फुहे कोंपल के ढेरी दूकान के शोकेस में आ चाय के प्याला में गहिरा छाप छोड़ेले। दा जिन या के बढ़त लोकप्रियता 2005–2007 के सामान्य “पू-अर्ह बूम” के साथे मेल खालस, जब युन्नानी चाय के दाम दस गुना बढ़ गइल आ उपभोक्ता ग्रेड आ उपवर्ग के बीच फरक समझे लगले।
दिलचस्प बात ह कि “金芽” (सोनहर कोंपल) शब्द शू पू-अर्ह से बहुत पुरान बा: टांग आ सोंग राजवंश में “金芽” सभसे नीक बसंत के कोंपल के कहल जा, जे शाही दरबार में भेंट कइल जा। शू पू-अर्ह के संदर्भ में — इ कोंपल वाला कच्चा माल के ऐतिहासिक “शाही” कीमत के ओर एगो बिपणन संकेत ह।
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नाँव: 大 (Dà) — “बड़हन, बड़का”; 金 (Jīn) — “सोना, सोनहर”; 芽 (Yá) — “कोंपल, अँखुआ”। जोर आकार (大 — “बड़हन”, गोंग टिंग के महीन से अलग) आ रंग (金 — “सोनहर” — कोंपल पर गाढ़ लालाहीं-सोनहर रोम, जे फर्मेंटेशन के बाद भी बचल रहेला) पर बा।
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सांस्कृतिक महत्व: दा जिन या — “प्रदर्शन के” शू पू-अर्ह ह: एकर आकर्षक रूप एके उपहार आ चाय प्रस्तुति खातिर लोकप्रिय बनावेला। गोंग टिंग से अलग, जेकर कीमत “अनदेखल” कोमलता में बा, दा जिन या के कीमत “देखलाए वाली” सुंदरता में बा: बड़हन सोनहर कोंपल से नजर हटा पाना मुश्किल बा।
3. वानस्पतिक बिबरन अवुरी कच्चा माल:
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किसिम / कल्टीवार: युन्नान दाये झोंग (云南大叶种) — Camellia sinensis var. assamica. दा जिन या खातिर ओह कल्टीवार के पसंद कइल जाला जे खास तौर पर बड़हन, मांसल कोंपल आ भरपूर सोनहर रोम देलें: फेंगचिंग दायेजोंग (凤庆大叶种) — “रोमीलेपन” आ कोंपल के आकार में अगुआ; मेंगकु दायेजोंग (勐库大叶种); मेंगहाई दायेजोंग (勐海大叶种). फेंगचिंग दायेजोंग के कोंपल युन्नानी कल्टीवारन में सभसे बड़हन में से एक हईं, ई सोनहर-लाल रोम लिहले रहेलें जे 45–60 दिन के फर्मेंटेशन के बाद भी बचल रहेला।
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चुनाई: बसंत के — सभसे कीमती: कोंपल अधिकतम मांसल आ रोमदार होखे। मानक — एक कोंपल भा एक कोंपल + एक-दू गो ना खुलल पत्ती (一芽一二叶初展)। गोंग टिंग से मुख्य फरक: दा जिन या खातिर सभसे बड़हन अंकुर चुनल जालें, जबकि गोंग टिंग खातिर — सभसे महीन।
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छँटाई: गोंग टिंग नियर, दा जिन या भी छँटाई वाला ग्रेड ह: फर्मेंटेशन के बाद तइयार शू पू-अर्ह के कुल ढेरी से चुनल जाला। लेकिन चुनाव के पैमाना अलग बा: महीनता ना, बलुक आकार + रोमीलेपन। पैदावार — सीमित: कवनो बैच के 10–15 % से बेसी ना (बड़हन, साबुत, रोमदार कोंपल — ढेरी के सभसे बड़ हिस्सा ना होखे)।
4. टेरवार अवुरी खेती के खासियत:
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क्षेत्र: लिंचांग (临沧) आ फेंगचिंग (凤庆) — दा जिन या खातिर कच्चा माल के पसंदीदा स्रोत, काहेंकि फेंगचिंग दायेजोंग कल्टीवार बड़हन, रोमदार कोंपल देला। फेंगचिंग युन्नान के सभसे पुरान चाय उगावे वाला जिलन में से एक ह: इहाँ “चींशियू चा जूमू” (锦绣茶祖母, Jǐnxiù Chá Zǔmǔ, “चींशियू के चाय दादी”) बा — दुनिया के सभसे पुरान किसानी-कइल चाय पेड़ (उमिर ~3200 साल अनुमानित)। फेंगचिंगे “द्यानहोंग” (滇红, युन्नानी लाल चाय) के जनमभूमि बनल: 1938 में फेंग शाओच्यू (冯绍裘) इहाँ स्थानीय बड़हन पत्ती वाला किसिम से पहिलका युन्नानी लाल चाय बनवले। फेंगचिंग के “सोनहर टिप्स” द्यानहोंग आ दा जिन या, दुन्नो के पहचान ह। मेंगहाई — फर्मेंटेशन खातिर (“जीवित फर्श” वाला कारखाना)। अक्सर एगो तरीका अपनावल जाला: लिंचांग / फेंगचिंग से कच्चा माल → मेंगहाई में फर्मेंटेशन — नीक से नीक कच्चा माल आ सूक्ष्मजीव-समूह के मेल।
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ऊँचाई: 1000–2000 मी. फेंगचिंग — मुख्य रूप से 1500–1800 मी, जवन बढ़ल अमीनो तेजाब आ सुगंधिता पैदा करेला।
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जलवायु: उपोष्णकटिबंधीय मानसूनी। फेंगचिंग: औसत सालाना तापमान ~16.5 °C, बारिस ~1400 मिमी, नमी >75 %. लिंचांग: ~17 °C, ~1200 मिमी। दुन्नो इलाका — भरपूर कोहरा आ दिन-रात के तापमान में काफी अंतर वाला।
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माटी: लाल-पीयर लैटेराइट (pH 4.5–5.5). फेंगचिंग के माटी — ग्रेनाइट के आधार पर, ढेर खनिज (लोहा, जस्ता, मैंगनीज) वाला, जे स्वाद के “खनिजीयता” में झलकेला।
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पारिस्थितिकी: फेंगचिंग — “द्यानहोंग” (滇红) किसिम के जनमभूमि, प्रांत के सभसे पुरान चाय क्षेत्रन में से एक। लिंचांग — युन्नान में पुरान चाय पेड़न (古茶树) के सभसे ढेर सघनता वाला इलाका।
5. उत्पादन तकनीक:
तकनीक मानक शू पू-अर्ह जइसने ह (बिस्तार खातिर — “गोंग टिंग पू-अर्ह” लेख देखीं)। मुख्य चरण:
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माओचा (晒青毛茶): फिक्सेशन → मरोड़ाई → धूप में सुखाई। दा जिन या खातिर — बसंत के कच्चा माल से, बड़हन कोंपल वाला।
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गीला ढेरी (渥堆): 45–60 दिन (क्लासिक) भा 90–120 दिन (धीमा फर्मेंटेशन)। सूक्ष्मजीव कारक — उहे: Aspergillus niger, Rhizopus, A. oryzae, यीस्ट, बैसिलाई। जेह बैच में कोंपल वाला माल के प्रधानता होखे, ओह ढेरी के आकार अक्सर छोट (1 टन से कम) होला, आ पलटाई बेसी होला ताकि कोमल कोंपल “जादा गरम” ना होखे।
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सुखाई: नमी ≤13 % तक।
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छँटाई: मुख्य चरण। कुल ढेरी से बड़हन, साबुत, रोमदार कोंपल 0–2 पत्ती वाला चुनल जाला। पैमाना — महीनता ना (जइसे गोंग टिंग में), बलुक आकार, साबुतपन आ सोनहर रोम के भरमार। हाथे से चुनाई — अनिवार्य।
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दबाई (बैकल्पिक): बहुधा दा जिन या ढीला (散茶) बेचल जाला — ताकि खरीददार “सोनहर कोंपल” देख सके। कबो-कबो — छोट टोचा भा छोट बिंग।
6. ऑर्गेनोलेप्टिक लच्छन:
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सूखल पत्ती के रूप: बड़हन, मांसल कोंपल, गाढ़ रूप से चमकीला सोनहर भा लालाहीं रोम से ढँकल। रंग — सोनहर-भूरा से लेके गहिरा कथई, सोनहर “पाला” लिहले। दृश्य में — शू पू-अर्ह के सब ग्रेडन में सभसे प्रभावशाली: बड़हन “सोनहर कलिका” के ढेरी गहिरा छाप छोड़ेले।
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सुगंध: गोंग टिंग से बेसी “मीठ” आ “फलदार”। मुख्य नोट: चॉकलेट (गहिरा चॉकलेट, कोको पाउडर), सूखा मेवा (छोहारा, आलूबुखारा, खूबानी), शहद, कारामेल। कम “माटीयार” आ “लकड़ीयार” — बड़हन कोंपल, जेह में अमीनो तेजाब ढेर होला, फर्मेंटेशन में “मीठ” रजिस्टर के बेसी वाष्पशील यौगिक पैदा करेला (फरफुरोल, माल्टोल — माइलर्ड प्रतिक्रिया के उत्पाद)। नीक से नीक नमूना में — हलकी “मलाईदारपन” (लैक्टोन से) आ “वैनिलापन”। चाय के अरक ठंडा होखला पर — “शहद-अखरोट” के झोंका।
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स्वाद: कोमल, मीठ, “मखमली”। गोंग टिंग से बेसी गाढ़ बदन — बड़हन कोंपल ढेर निकासी वाला पदार्थ देला। “चॉकलेटी” बुनियाद पर फल के झलक। स्पष्ट “हुई गान” (回甘, लवटत मिठास)। कम से कम कसैलापन। बाद-स्वाद — लंबा, चॉकलेटी-अखरोटी, “शहद” अंत वाला।
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अरक के रंग: गहिरा अम्बर से मानिक लाल। पारदर्शी, खास तेलियर चमक (油润) लिहले। गोंग टिंग से रंगत में तनी “गरमाहट” — बेसी रोम के मात्रा के कारण, जे अरक के “सोनहर” क देला।
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चाय के पेंदी: बड़हन, साबुत, मांसल कोंपल सोनहर-भूरा रंग के। कोमल, लचीला। सोनहर रोम साफ देखाई पड़ेला।
7. रासायनिक संरचना:
प्रोफाइल दोसर कोंपल-मूल के शू पू-अर्ह नियर बा, लेकिन बड़हन आकार के कोंपल के कारण कुछ बारीकी:
- थियाब्रोनिन (茶褐素): 8–12 % — मुख्य पिगमेंट। गोंग टिंग (8–14 %) से तनी कम, काहेंकि बड़हन कोंपल तनी कम “गहिराई” से फर्मेंट होला।
- पोलिफेनॉल: ~12–18 % — गोंग टिंग (~10–15 %) से तनी बेसी, — बड़हन कोंपल में ढेर पोलिफेनॉल होला।
- गैलिक तेजाब: बढ़ल (फर्मेंटेशन के उत्पाद)।
- अमीनो तेजाब: ~1.5–2 % — महीन ग्रेड से तनी बेसी, काहेंकि बड़हन बसंत के कोंपल में L-थिएनिन ढेर होला।
- कैफीन: ~3.5–3.8 %।
- स्टैटिन (लोवास्टैटिन): मौजूद — फर्मेंटेशन में सूक्ष्मजीव संश्लेषित करेलें।
- घुलनशील शर्करा आ पेक्टिन: बढ़ल। 1–2 पत्ती वाला बड़हन कोंपल में बेसी सेलुलोज होला — शर्करा आ पेक्टिन में सूक्ष्मजीव जल-अपघटन खातिर बेसी सब्सट्रेट। एही से — अरक के बदन बेसी “गाढ़”।
- जल-निकासी पदार्थ: T/MHC 003-2020 अनुसार ≥30 %।
8. फायदेमंद गुन:
दोसर शू पू-अर्ह नियर (बिस्तार — “गोंग टिंग पू-अर्ह” लेख देखीं):
- लिपिड घटावे के काम: थियाब्रोनिन + स्टैटिन (लोवास्टैटिन) — LDL-कोलेस्ट्रॉल घटावे के दोहरा तरीका। शू पू-अर्ह — एकलौता चाय ह जेह में प्राकृतिक स्टैटिन होला।
- गरमाहट देवे वाला: पारंपरिक चीनी दवाई में “गरम” (温性) मानल जाला। “ठंडा” तासीर वाला लोग, ठंडा मौसम में, ठंड लागला के बाद खातिर सलाह दिहल जाला।
- पाचन मदद: सूक्ष्मजीव एंजाइम (पेक्टिनेज, सेल्युलेज, लाइपेज) वसा आ प्रोटीन के टूटे में मदद करेलें। परंपरा अनुसार — चिकनाहट भरल, ढेर खाना के बाद। खास तौर पर गुआंगडोंग आ हांगकांग में “दुपहरिया के बाद” के चाय के रूप में लोकप्रिय।
- एंटीऑक्सीडेंट बचाव: गैलिक तेजाब (फर्मेंटेशन के बाद बढ़ल) + बचल पोलिफेनॉल + थियाब्रोनिन — तिहरा एंटीऑक्सीडेंट कॉम्प्लेक्स। दा जिन या, जेह में पोलिफेनॉल तनी बेसी (~12–18 % बनाम गोंग टिंग के ~10–15 %) होला, कुछ बेसी एंटीऑक्सीडेंट क्षमता रख सकेला।
- हलकी स्फूर्ति: कैफीन (~3.7 %) पेक्टिन आ थियाब्रोनिन से बाँधल रूप में रहेला — “कैफीन के झटका” बिना सहज उत्तेजना।
- जरूरी: इ दवाई नइखे। खाली पेट ना (म्यूकोसा में जलन पैदा क सकेला)। 5–8 ग्रा/दिन।
9. बनावे के तरीका:
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तापमान: 95–100 °C (खदबदात पानी)।
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मात्रा: 5–7 ग्रा प्रति 100–150 मिली (गोंगफू); 3–4 ग्रा प्रति 200 मिली (घरेलू)।
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बर्तन: यीशिंग केतली — आदर्श। गाइवान — चखनी खातिर। दा जिन या खातिर काँच के केतली भी बढ़िया — एह में पानी में “नाचत” बड़हन सोनहर कोंपल के निहारल जा सकेला।
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बिधि (गोंगफू अंदाज):
- बर्तन गरम करीं।
- 5–7 ग्रा चाय डालीं।
- धुलाई — 1–2 बहाई (3–5 सेकंड)।
- पहिलका बहाई — 10–15 सेकंड। गोंग टिंग से तनी लमहर: बड़हन कोंपल धीरे-धीरे रस छोड़ेले।
- बहाई 2–5 — 10–20 सेकंड।
- बहाई 6–10 — +10–15 सेकंड।
- दा जिन या 7–10 बहाई झेल लेला — गोंग टिंग (5–8) से बेसी, काहेंकि कच्चा माल बड़हन होला।
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खास बात: गोंग टिंग से उल्टा, दा जिन या जादा देरी पानी में रहला के प्रति बेसी “सहनशील” होला: बड़हन कोंपल निकासी पदार्थ धीरे-धीरे छोड़ेला, आ 20-सेकंड के बहाई में भी “घुट्टू” ना होखे। लेकिन अधिकतम “चॉकलेटीपन” खातिर — छोट बहाई बेहतर। 5–6 बहाई के बाद उबाल (煮茶) में बदल सकीं: बड़हन कोंपल खउलाई के बढ़िया से “थाम” के गहिरी कारामेल मिठास खोलेले।
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खाना के साथ मेल: दा जिन या — ऊ कुछेक शू पू-अर्ह में से एगो ह जेकरा के “मिठाई” चाय के रूप में सलाह दिहल जा सकेला: चॉकलेटी-फल प्रोफाइल गहिरा चॉकलेट, अखरोट, सूखा मेवा आ नरम पनीर के साथे नीक बइठेला। परंपरा से — भरपूर दुपहरिया खाना के बाद।
10. भंडारण:
दोसर शू पू-अर्ह जइसने:
- तापमान: कमरा के (15–30 °C)। एक्कम तेज अदल-बदल ना।
- नमी: 40–70 %. बहुत सूखल — चाय “सूख” जाला, “बदन” खोवेला; बहुत गीला — फफूंद।
- डिब्बा: चीनी माटी, गत्ता, माटी के बर्तन। हवाबंद ना — शू पू-अर्ह “साँस लेवेला”। दा जिन या के अक्सर सुंदरता खातिर पारदर्शी काँच के जार में रखल जाला — इ कुछ समय (1–2 महीना) खातिर चल सकेला, लेकिन लमहर भंडारण खातिर — अपारदर्शी डिब्बा बेहतर।
- रोशनी: सीधा धूप से बचाईं। पराबैंगनी किरण पिगमेंट आ रोम के नष्ट करेला।
- महक: पूरा अलग राखीं — बड़हन रोमदार कोंपल खास तौर पर गंध सोखेले।
- अवधि: असीमित। जवान (1–2 साल — “堆味” छँटला के बाद), पाकल (3–7 साल — “चॉकलेटीपन” आ “चिकनापन” के आदर्श संतुलन), पुरान (10+ साल — अधिकतम “मखमलीपन”)।
11. दाम अवुरी नकली:
दा जिन या — महँग बा, लेकिन गोंग टिंग से तनी पहुँच में। कारन: बड़हन कोंपल के पैदावार — बैच के 10–15 % (गोंग टिंग के 5–10 % के मुकाबले)। ताईदीचा के जवान — 400 युआन/500 ग्रा से; गूशू — 1200 से; उमिरदार — 2500 से।
- नकली से बचे के उपाय:
- बड़हन, साबुत कोंपल गाढ़ सोनहर रोम वाला। बिना रोम के छोट “टूटल टुकड़ा” — बदल।
- सुगंध — “चॉकलेटी”, “फलदार”, बिना “मछरी” भा “फफूंद” के नोट के।
- अरक — पारदर्शी, अम्बर-मानिक, तेलियर चमक वाला।
- चाय के पेंदी — बड़हन साबुत कोंपल, ना कि छोट टुकड़ा के “दलिया”।
- “रंगल” कोंपल: कुछ निर्माता शू पू-अर्ह में दृश्य “सोनहरपन” खातिर लाल चाय (द्यानहोंग) मिला देलें। पहचान — असामान्य चमकीला रोम + “शहद” सुगंध, जे शू खातिर अप्रारूपी बा।
12. रोचक तथ्य:
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“सोनहर” बनाम “दरबारी”। गोंग टिंग (宫廷) आ दा जिन या (大金芽) — दुन्नो शू पू-अर्ह के कोंपल ग्रेड हईं, लेकिन चुनाव बिपरीत पैमाना पर: गोंग टिंग — सभसे महीन कोंपल; दा जिन या — सभसे बड़हन। गोंग टिंग — “रेशम”; दा जिन या — “मखमल”।
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फेंगचिंग — “सोना” के जनम। कल्टीवार फेंगचिंग दायेजोंग (凤庆大叶种) — दा जिन या खातिर कच्चा माल के मुख्य स्रोत। इहे किसिम — मशहूर द्यानहोंग (滇红, युन्नानी लाल चाय) के आधार ह: फेंगचिंग के “सोनहर टिप्से” द्यानहोंग के दुनिया के सभसे दृश्य-प्रभावशाली लाल चाय में बनवले। दा जिन या — द्यानहोंग के “शू-पूअर्ह गूँज”।
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“शोकेस” वाली चाय। दा जिन या — ऊ कुछेक शू पू-अर्ह में से ह जे “आँख से” खरीदल जाला: बड़हन सोनहर कोंपल के ढेरी तुरत छाप छोड़ेले। चीनी चाय दूकान में दा जिन या के शोकेस में पारदर्शी जार में रखल जाला — शू पू-अर्ह संग्रह के “पहचान पत्र” के रूप में।
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फर्मेंटेशन के बाद रोम। कोंपल पर सोनहर रोम (金毫) — इ ट्राइकोम (बारीक बार) ह, जे जवान अंकुर के ढाँकेले। जादातर चाय में रोम प्रसंस्करण में गायब हो जाला; शू पू-अर्ह में — 45–60-दिन के फर्मेंटेशन के बाद भी आंशिक बचल रहेला, रंग चाँदी से सोनहर-लाल में बदल के (रोम में पोलिफेनॉल के ऑक्सीकरण)। तइयार चाय पर जेतना बेसी रोम — ओतने कोमल मूल कच्चा माल रहे।
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“चॉकलेटी पू-अर्ह”। दा जिन या के दोसर शू पू-अर्ह से बेसी “चॉकलेटी” बतावल जाला — एह खातिर ना कि एह में कोको डालल बा, बलुक एह खातिर कि बड़हन कोंपल, जेह में अमीनो तेजाब ढेर होला, फर्मेंटेशन में माइलर्ड प्रतिक्रिया के उत्पाद पैदा करेला, जे सुगंध प्रोफाइल में कोको बीया के करीब होला।
13. दोसर ग्रेड अवुरी शू पू-अर्ह प्रकार से तुलना:
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गोंग टिंग (宫廷): सभसे महीन कोंपल। बेसी “साफ”, “कोमल”, “रेशमी” स्वाद। कम “बदन”। 5–8 बहाई। दा जिन या — बड़हन, “चॉकलेटी”, गाढ़, 7–10 बहाई।
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तेजी (特级): कोंपल + महीन पत्ती। दा जिन या से कम रोमदार। बेसी “मानक” प्रोफाइल। दा जिन या — दृश्य में प्रभावशाली, बेसी “फलदार” चरित्र वाला।
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लाओ चा तोऊ (老茶头): एकदमे अलग उत्पाद — पेक्टिन के डला। सभसे गाढ़, “शोरबा” स्वाद। दा जिन या — “मखमली”, “चॉकलेटी”, बिना “शोरबापन” के।
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सूइ इन जी (碎银子): “चावल” सुगंध वाला पॉलिश कणिका। अलग श्रेणी। दा जिन या — बिना अतिरिक्त प्रसंस्करण के प्राकृतिक साबुत कोंपल।
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द्यानहोंग जिन या (滇红金芽): उहे फेंगचिंग के “सोनहर कोंपल” से लाल चाय। पूर्ण फर्मेंटेड (बनाम दा जिन या के पोस्ट-फर्मेंटेड)। द्यानहोंग — “शहदी”, “माल्टी”; दा जिन या — “चॉकलेटी”, “माटीयार”।
अंत में:
दा जिन या शू पू-अर्ह — अइसन चाय जे दू बेर खरीदल जाला: पहिले — आँख से, फेर — जीभ से। बड़हन सोनहर कोंपल, मेज पर बिखरल, जइसे युन्नान के पहाड़ से सोना के डला, — इ पहिला छाप ह, गुणवत्ता के दृश्य वादा। दूसरका — प्याला में: फल के झलक वाला चॉकलेटी बुनियाद, मखमली बुनावट, लमहर लवटत मिठास आ शहदी अंत। दा जिन या — गोंग टिंग के प्रतियोगी ना ह, ओकर “आइना” ह: जहाँ गोंग टिंग महीनता आ कोमलता से जीतेला, उहाँ दा जिन या बड़कई आ “चॉकलेटी गहिराई” से। दुन्नो शू-पूअर्ह पिरामिड के चोटी हईं, लेकिन अलग-अलग दिसा में देखेलें: एक — भीतर (अनदेखल परिष्कार), दूसर — बाहर (देखलाए वाली सुंदरता)। फेंगचिंग के “सोनहर कलिका”, जे 45–60 दिन के फर्मेंटेशन झेल के आपन रोम बचा लेली — ए बात के सबूत कि कोमलता मजबूत हो सकेला।