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बाई माओ हौ

Bái máo hóu · 白毛猴

बाई माओ हौ (白毛猴, bái máo hóu) — "उज्जर रोयेंदार बानर" — एगो ऐतिहासिक नाँव ह, जे फ़ुज़ियान प्रांत के दू गो मूल रूप से अलग-अलग चाय के एकही "उज्जर रोयेंदार बानर" नाँव से जोड़ेला:

बाई माओ हौ (白毛猴, bái máo hóu) — “उज्जर रोयेंदार बानर” — एगो ऐतिहासिक नाँव ह, जे फ़ुज़ियान प्रांत के दू गो मूल रूप से अलग-अलग चाय के एकही “उज्जर रोयेंदार बानर” नाँव से जोड़ेला:

(1) झेंग्हे के बाई माओ हौ (政和白毛猴) — हरियर चाय (绿茶) उत्तरी फ़ुज़ियान के झेंग्हे (政和县) जिला से। एकर निर्माण चाय ब्यापारी फ़ान चांग्यी (范昌义) 1910 में कइलें। एकर तकनीक के “介于红茶绿茶之间” — “लाल आ हरियर चाय के बीच” बतावल जाला: लमहर (16–18 घंटा) मुरझाब (萎凋) जेह में आंशिक किण्वन ऑक्सीकरण होला, ओकरा बाद स्थिरीकरण, लपेटाई आ सुखाई। स्थानीय उपनाँव — “白绿” (बाई लि, “उज्जर-हरियर”)। सुरू में एकर निर्यात गुआंगदोंग, हांगकांग आ मकाओ भइल। कच्चा माल — मशहूर किसिम झेंग्हे डाबाइचा (政和大白茶) — उहे जेकरा से उज्जर चाय “झेंग्हे बाइहाओ यिन्झेन” बनेला। झेंग्हे उत्तरी सोंग राजबंस से चाँदी के सुई बनावे खातिर प्रसिद्ध बा; इहे जिला रहल जे सम्राट हुई-ज़ोंग के शासनकाल (1111–1118) के “झेंग्हे” नाँव दिहलस, जेकरा बारे में कहल जाला कि उहाँ के चाय से प्रभावित होके ऊ पूरा शासन-युग के नाँव जिला के नाँव पर रख देलें।

(2) आन्शी के बाई माओ हौ (安溪白毛猴) — उलोंग चाय (乌龙茶) दक्खिनी फ़ुज़ियान के आन्शी से। मूल किसिम शिझू परबत (石竹岩, 700+ मी) से, जेकर विकास चिंग राजबंस के अंत में भाई लोग शे जिया आ शे बिंग (谢驾、谢冰) कइलें। प्रसंस्करण — पूरा उलोंग किण्वन आ “窨制” (यिन झी, अतिरिक्त “भीजाब”) के साथे। ई “安溪药茶” (“आन्शी के दवाई चाय”) के रूप में प्रसिद्ध रहे, एकर निर्यात ताइवान, जापान, दक्खिन-पूरुब एशिया आ यूरोप भइल। अब लगभग लुप्त हो चुकल बा — शिझू परबत पर खाली 7–8 गो पुरान पेड़ बचल बाड़ें।

ई लेख झेंग्हे के बाई माओ हौ (हरियर चाय / “उज्जर-हरियर”) खातिर समर्पित बा, काहे कि इहे संग्रह में उपलब्ध बा आ अधिक सुलभ बा। आन्शी संस्करण के तुलना खंड में बतावल गइल बा।

1. वर्गीकरण आ उत्पत्ति:

  • प्रकार: हरियर चाय (绿茶, lǜchá), औपचारिक रूप से बिना किण्वित, लेकिन लमहर मुरझाब (16–18 घंटा) के साथे — “制法介于红茶绿茶之间” (“लाल आ हरियर के बीच तकनीक”)। स्थानीय उपनाँव — “白绿” (बाई लि, “उज्जर-हरियर”)। जोर “रोयाँ के बचाब” (保毫, bǎo háo) आ “आकार देब” (做形, zuò xíng) पर बा।

  • श्रेणी: ऐतिहासिक चाय नाँव (历史名茶)। 1910 में बनल। 《中国茶经》 में हरियर चाय के रूप में वर्गीकृत, हालाँकि तकनीक में उज्जर चाय के तत्व (लमहर मुरझाब) आ हल्का उलोंग (मुरझाब में आंशिक ऑक्सीकरण) भी सामिल बा।

  • उत्पत्ति: चीन, फ़ुज़ियान प्रांत (福建省), झेंग्हे जिला (政和县, Zhènghé Xiàn), उत्तरी फ़ुज़ियान। झेंग्हे फ़ूडिंग आ जियान्औ के साथे फ़ुज़ियान के “तीन गो महान चाय जिला” में से एक ह। निर्देशांक: ~27°22′ उ.अ., 118°51′ पू.दे.।

2. इतिहास आ सांस्कृतिक महत्व:

  • इतिहास:

झेंग्हे — उत्तरी फ़ुज़ियान में सबसे पुरान चाय इतिहास वाला जिला ह। इहाँ चाँदी के सुई (银针) के उत्पादन उत्तरी सोंग (960–1127) से हो रहल बा। कथा के अनुसार, सम्राट हुई-ज़ोंग (宋徽宗, 1100–1126), कला के प्रसिद्ध संरक्षक आ ग्रंथ 《大观茶论》 (“दा गुआन चा लुन”, “दा गुआन युग के चाय पर चर्चा”) के लेखक, एह जिला के उज्जर चाय से एतना प्रभावित भइलें कि 1115 में आपन शासनकाल के नाँव बदल के “झेंग्हे” (政和, “शासन के सद्भाव”) रख देलें — जिला के नाँव पर। चीनी इतिहास में ई बहुत कम मामला बा जब कवनो शासक चाय के सम्मान में शासन-युग के नाँव रखले होखे।

एही सदियन पुरान चाय के नींव पर 1910 में स्थानीय चाय ब्यापारी फ़ान चांग्यी (范昌义, Fàn Chāngyì) एगो नया प्रकार के चाय बनवलें — बाई माओ हौ। फ़ान उज्जर चाय के लमहर मुरझाब (16–18 घंटा) के हरियर चाय के “हरियाली के मार” के साथे मिलाके एगो अनोखा तकनीक विकसित कइलें। नतीजा — “लाल आ हरियर के बीच” चाय, जेह में रोयेंदार, गोल-मटोल “लपटल बानर” नियर आकार आ कोमल, “स्वच्छ-सुगंधित” (香清味醇) स्वाद बा। बाई माओ हौ जल्दिए गुआंगदोंग, हांगकांग आ मकाओ के बाजार जीत लिहलस — अइसन इलाका जे रोयेंदार, “毫”-चाय के कोमल स्वाद के कदर करेलें।

  • नाँव: 白毛 (Bái Máo) — “उज्जर रोयाँ” (डाँठ आ जवान पत्ता पर बहुतायत से उज्जर रोयाँ); 猴 (Hóu) — “बानर”। मुड़ल-तुड़ल, लपेटल चाय के पत्ती, जे मोट उज्जर रोयाँ से ढँकल रहेला, लपटल बानर जइसन लागेला। स्थानीय उपनाँव — “白绿” (“उज्जर-हरियर”) — तकनीक के बिचवा स्वभाव के दर्शावेला। खास निकलल बैच के “王” (वांग, “राजा”) उपाधि मिलेला।

  • सांस्कृतिक महत्व: बाई माओ हौ — एगो “संकर” चाय: अइसन जिला में पैदा भइल जे सोंग राजबंस के पूरा शासन-युग के नाँव दिहलस, उज्जर आ हरियर चाय के परंपरा के जोड़ पर। एकर तकनीक — “लाल आ हरियर के बीच” — फ़ुज़ियान के प्रयोगवादी भावना के दर्शावेला, जे चीनी चाय के छहों श्रेणी पैदा कइलस।

3. वानस्पतिक वर्णन आ कच्चा माल:

  • किसिम / कल्टीवार: झेंग्हे डाबाइचा (政和大白茶, Zhènghé Dàbáichá) — “झेंग्हे के बड़का उज्जर चाय”। सबसे कीमती फ़ुज़ियान कल्टीवार में से एक: बड़-बड़, गुदगुद डाँठ आ पत्ता, उज्जर रोयाँ से भरपूर। झाड़ीनुमा किसिम (灌木型), मझिला पत्ता वाला (中叶类), मझिला मौसम में फूटे वाला (中芽种)। इहे किसिम से मशहूर उज्जर चाय “झेंग्हे बाइहाओ यिन्झेन” (政和白毫银针) आ “झेंग्हे बाई मुदान” (政和白牡丹) बनेला।

  • तोड़ाई: चिंगमिंग के बाद (清明后), बसंत। मानक — एक डाँठ + दू-तीन गो जवान पत्ता (一芽二三叶), जे मोट उज्जर रोयाँ से ढँकल होखे। खाली सूखा मौसम में बे-नुकसान कोंपल तोड़ल जाला। कोंपल बड़हन, “肥壮” (फ़ेईझुआंग, “गुदगुद आ मजबूत”) होखे के चाहीं।

  • कच्चा माल के जरूरत: रोयाँ के नुकसान बिल्कुल ना होखे — “保毫” (बाओ हाओ, “रोयाँ के बचाब”) — मुख्य सिद्धांत। कोंपल के बाँस के टोकरी में ढीला-ढाला रखल जाला, दबाब से बचावल जाला।

4. टेरुआर आ खेती के खासियत:

  • उगाब ऊँचाई: 600–900 मी (उत्तरी फ़ुज़ियान के पहाड़ी इलाका)। झेंग्हे जिला उई परबत शृंखला (武夷山脉) के उपशाखा में, फ़ुज़ियान आ झेजियांग के जोड़ पर बसल बा — प्रांत के सबसे “पहाड़ी” चाय जिला में से एक।

  • जलवायु: उपोष्णकटिबंधीय मानसूनी। औसत सालाना तापमान — लगभग 18 °C। सालाना बारिश — 1600–1800 मिमी। ढेर नमी, अक्सर कुहासा — साल में 180 दिन से जादे। दिन-रात के तापमान में खासा अंतर (>8 °C) — अमीनो एसिड आ सुगंधित पदार्थ के जमाव बढ़ावेला। बादर से छितराइल रोशनी — झेंग्हे डाबाइचा के कोंपल पर भरपूर रोयाँ खातिर जिम्मेदार प्रमुख कारक में से एक।

  • माटी: लाल-पियर (红壤, 黄壤), अम्लीय (pH 4.5–5.5)। बढ़िया जल निकासी, गहिर (60 सेमी से जादे), जैविक पदार्थ आ खनिज से भरपूर। मूल चट्टान — ग्रेनाइट आ बलुआ पत्थर, जे स्वाद के खनिज “मजबूती” देला। उत्तरी फ़ुज़ियान के पहाड़ी पेटी के ठेठ माटी — उहे माटी जेह पर उईशान के चट्टानी उलोंग उगेला, हालाँकि ऊँचाई आ सूक्ष्म-जलवायु अलग बा।

  • पारिस्थितिकी: झेंग्हे — ढेर जंगल (>70 %) वाला पहाड़ी जिला। बाँस के झुरमुट, चीड़ आ पतझड़ के जंगल चाय बागान के ऊपर “हरियर छतरी” बनावेलें। जल स्रोत — मिन नदी बेसिन के नाला-नदी। पहाड़ी इलाका में उद्योग के अभाव।

5. उत्पादन तकनीक:

बाई माओ हौ के तकनीक — एगो अनोखा “संकर”, जेह में उज्जर, हरियर आ कुछ हद तक लाल चाय के तत्व मिलल बा। मुख्य सिद्धांत: “保毫” (रोयाँ के बचाब)“做形” (“बानर” के आकार बनाब)। “अंदरूनी गुण सही मुरझाब पर निर्भर करेला” (内质重萎凋适度) — मुख्य सूत्र।

  • मुरझाब (萎凋, wěidiāo): 16–18 घंटा — मानक हरियर चाय (2–4 घंटा) से बहुत ढेर। पत्ता के पातर तह में बाँस के ट्रे या “水筛” (शुईशाई, “पानी छलनी”) पर छाया में या हवादार कमरा में फइलावल जाला। 16–18 घंटा में पॉलीफेनॉल के आंशिक किण्वन ऑक्सीकरण होला: नमी खतम — 25–30 %, पत्ता गहिर हरियर हो जाला, डाँठ सिकुड़ जाला, रोयाँ “चाँदी नियर” उभर आवेला (白毫显露, 毫毛如银), बनावट — “रुई नियर कोमल” (叶质柔软如棉), डाँठ मुड़ जाला बाकी टूटे ना (梗折不脆断)। जादा मुरझाब → लाली; कम मुरझाब → जादा “हरियर” कड़वाहट।

  • हरियाली के स्थिरीकरण (杀青, shāqīng): कड़ाही में 140–150 °C पर। पहिले “उछाल भूनाई” (扬炒, यांग चाओ), फेर “बंद” भूनाई (闷炒, मेन चाओ)। जबले रंग “青” (चिंग, नीला-हरियर) ना हो जाए, डाँठ पियर-हरियर, सुगंध — “清香” (स्वच्छ), बिना घास-सुगंध के।

  • लपेटाई-आकार बनाब (揉捻/做形): अनोखा चरण — लपेटाई आ “बानर” के आकार एक साथे। कारीगर बारी-बारी से “घुमाब-दबाब” (揉搓, रौसुओ) आ “गोला घुमाब” (茶团旋转, चा तुआन श्वानझुआन) करेला: पत्ता गोल-मटोल, मुड़ल आकार में लपट जाला जे “लपटल बानर” नियर लागेला। ई काम — “हल्का आ सावधानी से, रोयाँ पर ध्यान दे के” (操作轻巧,注意保毫)। 5–8 मिनट। गीला “चाय के गोला” (湿茶团) — हर एक 50–500 ग्राम के।

  • सुरुआती सुखाई (初烘): 100–110 °C। हर “焙笼” (बेईलोंग, बाँस के सुखाब टोकरी) पर — 10–15 गो छोट “चाय के गोला”। 50–60 % सूखल (पत्ती अंगुरी से चिपके ना) तक।

  • दोबारा सुखाई-आकार सुधार (复焙整形): 50–60 °C। साथे-साथ आकार बनाब जारी: पत्ती पूरा “छोट बानर” (小猴) के रूप ले लेला। रोयाँ झड़े ना (तापमान बहुत जादा ना होखे), आ रंग पियर-भूअर “घुटल” ना होखे (तापमान बहुत कम ना होखे)। 80–90 % सूखल पर — घटा के 40–50 °C। पूरा तइयार होखे तक सुखाब।

  • चुनाई (拣剔): डाँठ आ खराब पत्ती हटावल। पैकिंग।

6. ऑर्गनोलेप्टिक लच्छन:

  • सूखल पत्ता के रूप-रंग: बड़-बड़, मुड़ल पत्ती, “लपटल बानर” (犹如毛猴静伏, “जइसे बानर चुपचाप दुबकल होखे”)। चाँदी-उज्जर रोयाँ से मोट ढँकल। आकार — गोलाई लिहले, “肥壮卷曲” (फ़ेईझुआंग जुआनकू, “गुदगुद आ लपटल”)। रंग — चाँदी-हरियर से गहिर हरियर, चाँदी नियर “पारा” लिहले।

  • सुगंध: “रोयाँदार” (毫香, हाओ शियांग) — ताजा, हल्का मीठ। स्वच्छ (清香)। ठेठ हरियर चाय से जटिल — लमहर मुरझाब के कारण “दुग्ध” आ “शहद” सुर।

  • स्वाद: कोमल, “醇和微甘” (चुनह वेइगान, “सौहार्दपूर्ण-कोमल, हल्का मीठ”)। कसैलापन बहुत कम। साफ “回甘” (लवटत मिठास)। शरीर — मझिला, “मखमली”।

  • अर्क के रंग: “清绿泛黄” (चिंगलि फानहुआंग, “स्वच्छ-हरियर पियरपन लिहले”)। कुछ स्रोत में — “橙黄” (चेंगहुआंग, “गहर पियर”) — ई मुरझाब के मात्रा पर निर्भर बा।

  • चाय के फेंट: कोमल, पूरा-पूरा, लचकदार, चमकदार हरियर (嫩绿、完整、匀净、无杂)। कोंपल आकार बनवले बाड़ें — “保毫” आ सावधान प्रसंस्करण के परिचायक।

7. रासायनिक संघटन:

  • पॉलीफेनॉल (茶多酚): मझिला — लमहर मुरझाब (16–18 घं) कैटेचिन के आंशिक रूप से ऑक्सीकृत करके कसैलापन घटा देला। पॉलीफेनॉल के स्तर में बाई माओ हौ उज्जर चाय (15–20 %) के करीब बा, न कि मानक हरियर (20–30 %)।

  • अमीनो एसिड (氨基酸): बढ़ल — झेंग्हे डाबाइचा, फ़ुज़ियान के सबसे “अमीनो-एसिड-भरपूर” कल्टीवार में से एक, + पहाड़ी टेरुआर (कुहासा >180 दिन, दिन-रात के अंतर >8 °C) = समृद्ध अमीनो एसिड प्रोफ़ाइल। एल-थीनाइन प्रमुख — एही से ठेठ “रेशमी” मिठास आ “毫香” (रोयाँदार सुगंध) आवेला।

  • EGCG: मौजूद बा, बाकिर “नरम” रूप में — 16–18 घंटा के मुरझाब में आंशिक ऑक्सीकरण से कुछ EGCG थियाफ्लाविन आ थियारूबिगिन में बदल जाला, जे “दोहरा” एंटीऑक्सीडेंट प्रोफ़ाइल बनावेला, शुद्ध हरियर चाय खातिर असामान्य।

  • कैफ़ीन: मझिला।

  • विटामिन: C, B समूह।

  • खनिज: फ़्लोरीन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, जस्ता।

8. फ़ायदेमंद गुण:

  • एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा: पॉलीफेनॉल + EGCG + विटामिन C। लमहर मुरझाब कैटेचिन के आंशिक रूप से थियाफ्लाविन में बदल के “दोहरा” एंटीऑक्सीडेंट प्रोफ़ाइल (हरियर + आंशिक ऑक्सीकृत) देला।

  • हल्का स्फूर्तिदायक असर: कैफ़ीन + एल-थीनाइन — बेचैनी बिना ताजगी। खासकर नरम — कम पॉलीफेनॉल आ बढ़ल अमीनो एसिड के कारण।

  • पाचन समर्थन: मझिला कैटेचिन पेट-आंत के गति बढ़ावेला, श्लेष्म झिल्ली के बिना परेशान कइले (जादा “कड़क” हरियर चाय से उलट)।

  • बोध कार्य: एल-थीनाइन मस्तिष्क के अल्फ़ा-तरंग गतिविधि बढ़ावेला।

  • जरूरी: बतावल गुण सामान्य जानकारी पर आधारित बाड़ें आ चिकित्सकीय सलाह ना ह।

9. बनाबे के तरीका:

  • पानी के तापमान: 75–80 °C। नाज़ुक “बानर” खउलत पानी के प्रति संवेदनशील — रोयाँ “पक” जाला आ अर्क मटमइल हो जाला।

  • चाय के मात्रा: 150–200 मिली खातिर 3–5 ग्रा।

  • बर्तन: काँच के गिलास या चीनी मिट्टी के गाइवान — पानी में “बानर” के खिलाब आ चाँदी नियर रोयाँ देखे खातिर।

  • प्रक्रिया:

    1. बर्तन गरम करीं।
    2. चाय डालीं।
    3. धुलाई — पानी डालीं, 3 सेकेंड बाद बहा दीं। बाई माओ हौ खातिर धुलाई के सलाह दिहल जाला — एह से मुड़ल “बानर” खुल जाला आ पहिला अर्क से बारीक रोयाँ हट जाला।
    4. पहिला भिगोब — 1–2 मिनट (75–80 °C)।
    5. 3–5 बार बनाब, हर बार 15–20 सेकेंड समय बढ़ा के।
    6. चाय के फेंट देखीं: अगर कोंपल — पूरा, कोमल, चमकदार हरियर, बचल रोयाँ के साथे — चाय असली आ सही बनल बा। टूटल कोंपल झड़ल रोयाँ के साथे — जादा सुखाइल या नकली होखे के चिन्हा।
  • खासियत: लमहर मुरझाब (16–18 घं) के कारण बाई माओ हौ मानक हरियर चाय से तापमान के प्रति “सहनशील” बा: 85 °C पर भी ई कड़वाहट ना देला, बल्कि “शहद” सुर खोलेला। हालाँकि, अधिकतम “毫香” (रोयाँदार सुगंध) खातिर 75–80 °C बेहतर बा।

10. भंडारण:

  • तापमान: 0–5 °C, हवाबंद। बाई माओ हौ नमी के प्रति खास संवेदनशील बा — पत्ती पर भरपूर रोयाँ “स्पंज” नियर काम करेला, आम हरियर चाय से जल्दिए वायुमंडलीय नमी आ बाहरी गंध सोख लेला।
  • डिब्बा: हवाबंद, धुँधलका। पन्नी + वैक्यूम पैक — आदर्श। खोले से पहिले — कमरा तापमान पर आवे दीं, जेहसे रोयाँ पर संघनन ना होखे।
  • रोशनी: पूरा अलगाव — रोयाँ आ क्लोरोफिल रोशनी-संवेदनशील।
  • अवधि: 0–5 °C पर 6–8 महीना। बेहतर — तोड़ाई के साल में। लमहर भंडारण के सलाह ना: बाई माओ हौ ताजगी आ “毫香” खातिर बेशकीमती बा, जे समय के साथे उड़ जाला।

11. कीमत आ नकली:

बाई माओ हौ — दुर्लभ आ महँग चाय: सीमित इलाका (झेंग्हे), हाथ के मेहनत, माँग वाला कच्चा माल (झेंग्हे डाबाइचा), जटिल तकनीक (16–18 घं मुरझाब + हाथ से “बानर” आकार)।

  • नकली से कइसे बचीं:
    • आकार — गोल-मटोल, मुड़ल “बानर”, मोट उज्जर रोयाँ से ढँकल। चपटा ना, “सुई” ना।
    • सुगंध — “毫香 + 清香” (रोयाँदार + स्वच्छ)। बिना “घास” या “जरल” सुर के।
    • अर्क — “清绿泛黄” (स्वच्छ-हरियर पियरपन लिहले)। मटमइल अर्क — जादा सुखाइल के चिन्हा।
    • चाय के फेंट — पूरा, कोमल कोंपल बचल रोयाँ के साथे।

12. रोचक जानकारी:

  • जिला जे शासन-युग के नाँव दिहलस। झेंग्हे — चीन के अकेल जिला, जेकरे नाँव पर सोंग सम्राट हुई-ज़ोंग पूरा शासनकाल (1111–1118) के नाँव रखलें: उहाँ के उज्जर चाय से प्रभावित होके ऊ युग के नाँव “झेंग्हे” (政和) रख देलें। बाई माओ हौ एह हजार साल पुरान परंपरा के आगे बढ़ावे वाला ह।

  • “लाल आ हरियर के बीच” (介于红茶绿茶之间). अनोखा तकनीक: 16–18 घंटा मुरझाब (उज्जर चाय नियर) + स्थिरीकरण आ लपेटाई (हरियर चाय नियर)। परिणाम — औपचारिक रूप से हरियर, बाकिर स्वाद में उज्जर चाय के करीब।

  • फ़ान चांग्यी (范昌义, 1910). बाई माओ हौ के रचइता — झेंग्हे के चाय ब्यापारी, जे गुआंगदोंग आ हांगकांग के निर्यात बाजार खातिर उज्जर आ हरियर चाय के परंपरा के मिलवलें।

  • दू गो बाई माओ हौ। झेंग्हे वाला (हरियर/उज्जर-हरियर, झेंग्हे डाबाइचा) आ आन्शी वाला (उलोंग, शिझू परबत से)। आन्शी के बाई माओ हौ, भाई शे जिया आ शे बिंग द्वारा चिंग राजबंस के अंत में बनल, “安溪药茶” (“आन्शी के दवाई चाय”) के रूप में प्रसिद्ध भइल आ ताइवान, जापान, द.पू. एशिया आ यूरोप भेजल गइल। भाई शे बिंग एतना अमीर हो गइलें कि 1878 में, जब शांदोंग में सूखा पड़ल, ऊ अनाज के कारवाँ सजा के शाही मदद के पुकार पर जवाब दिहलें — एह खातिर चिंग दरबार से “奉政大夫” (फ़ेंगझेंग दाफ़ू) के उपाधि आ “花翎” (मोरपंख) पहिरे के अधिकार पवलें। अब आन्शी के बाई माओ हौ लगभग लुप्त बा — शिझू परबत पर “碗口粗” (“कटोरा-मोट” तना वाला) खाली 7–8 पुरान पेड़ बचल बाड़ें।

  • “शांत बैठल बानर” (毛猴静伏). चाय के पत्ती के आकार — पहिचान के चिन्हा: गोल-मटोल, लपटल, चाँदी रोयाँ से ढँकल, ऊ वास्तव में गोला बनल छोट बानर के याद दियावेलें।

  • झेंग्हे डाबाइचा — सर्व-उपयोगी किसिम। एकही किसिम से बनेला: उज्जर यिन्झेन, उज्जर बाई मुदान, लाल “झेंग्हे गोंगफ़ू” (政和工夫红茶), आ बाई माओ हौ। एक कल्टीवार से चार श्रेणी के चाय — कीर्तिमान।

13. झेंग्हे आ फ़ुज़ियान के दूसर चाय से तुलना:

  • झेंग्हे बाइहाओ यिन्झेन (政和白毫银针): उहे किसिम (झेंग्हे डाबाइचा) के उज्जर चाय। खाली डाँठ। मुरझाब अउरी लमहर (24–48 घं), बिना स्थिरीकरण के। बाई माओ हौ — स्थिरीकरण आ लपेटाई के साथे, डाँठ + 2–3 पत्ता से, “हरियर” स्वभाव।

  • आन्शी के बाई माओ हौ (安溪白毛猴): शिझू परबत के उलोंग चाय। पूरा उलोंग किण्वन + “窨制”। “आन्शी के दवाई चाय”। लगभग लुप्त। बिल्कुल अलग किसिम — उलोंग, हरियर ना।

  • ताइपिंग हौ कुई (太平猴魁): आन्हुई। ईहो “बानर” चाय, बाकिर चपटा, बड़ पत्ती वाला, बिना रोयाँ के। बाई माओ हौ — लपटल, गोल-मटोल, भरपूर रोयाँ के साथे। दुन्नो हरियर बाड़ें, बाकिर अलग-अलग प्रांत आ तकनीक से।

  • झेंग्हे बाई मुदान (政和白牡丹): झेंग्हे डाबाइचा के उज्जर चाय। डाँठ + 1–2 पत्ता। बिना स्थिरीकरण के। बाई माओ हौ — स्थिरीकरण आ “बानर” आकार के साथे। दुन्नो “रोयेंदार”, बाकिर अलग श्रेणी के।

अंत में:

बाई माओ हौ — हजार साल पुरान बंस-बृक्ष वाला चाय: झेंग्हे जिला, जे सोंग सम्राट के शासन-युग के नाँव दिहलस, एह “उज्जर-हरियर” संकर के जनम 1910 में दिहलस। एकर सूत्र — 16–18 घंटा मुरझाब + स्थिरीकरण + “लपटल बानर” आकार — अइसन चाय बनावेला जे औपचारिक रूप से हरियर बा, बाकिर सार में — “白绿” (“उज्जर-हरियर”): रोयाँदार सुगंध, श्रेणी के “बीच” कोमल स्वाद, प्याला में चाँदी नियर “बानर”। उहे झेंग्हे डाबाइचा किसिम से चार प्रकार के चाय बनेला — उज्जर सुई से लेके लाल “गोंगफ़ू” तक; बाई माओ हौ ओहमें से सबसे “संक्रमणकाली” ह, उज्जर आ हरियर के बीच पुल, फ़ुज़ियान के प्रयोगवादी भावना से जनमल।