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आनहुआ तिआन जियान हेइचा
Ānhuà tiān jiān hēichá · 安化天尖黑茶
तिआन जियान — "सान जियान" (三尖, Sān Jiān — "तीन नोक") प्रणाली के सबसे ऊँच श्रेणी ह, जवन हुनान प्रांत के आनहुआ जिला के ढीढ़-मोढ़ बिना दबाव के करिया चाय के एतिहासिक श्रेणीकरण ह। ई एकमात्र आनहुआ हेइ चा के प्रतिनिधि ह जेकरा खाली पहिला दर्जा के कच्चा माल से बनावल जात रहे आ जवन शाही दरबार खातिर आरक्षित रहे। आनहुआ हेइ चा के सब…
तिआन जियान — “सान जियान” (三尖, Sān Jiān — “तीन नोक”) प्रणाली के सबसे ऊँच श्रेणी ह, जवन हुनान प्रांत के आनहुआ जिला के ढीढ़-मोढ़ बिना दबाव के करिया चाय के एतिहासिक श्रेणीकरण ह। ई एकमात्र आनहुआ हेइ चा के प्रतिनिधि ह जेकरा खाली पहिला दर्जा के कच्चा माल से बनावल जात रहे आ जवन शाही दरबार खातिर आरक्षित रहे। आनहुआ हेइ चा के सब प्रकारन में — “तीन नोक” (三尖), “तीन ईंट” (三砖) अउरी “एक पुलिंदा” (一卷) — तिआन जियान अपन नरम स्वभाव, सुघ्घर चीड़-धुआँ के सुगंध अवुरी मीठ, हलका-फूल्का बाद के स्वाद के साथे सबसे अलग ह।
1. श्रेणीकरण अउरी उत्पत्ति:
- प्रकार: पश्च-किण्वित चाय (हौफाजियाओ चा, 后发酵茶, hòu fājiào chá), हेइ चा (黑茶, Hēichá — “करिया चाय”) श्रेणी के अंतर्गत। किण्वन के मात्रा — हल्का पश्च-किण्वन, जवन भंडारण के साथे बढ़त जाला।
- श्रेणी: चीन के मसहूर करिया चाय। “सान जियान” (三尖, Sān Jiān — तिआन जियान, गोंग जियान, शेंग जियान) श्रृंखला के सबसे ऊँच श्रेणी, जेकरा सिआंग जियान चा (湘尖茶, Xiāng Jiān Chá — “हुनान के नोक”) के नाँव से भी जानल जाला। सांस्कृतिक क्रांति (1967) के दौरान शास्त्रीय नाँवन के जगह नंबर दे दिहल गइल: तिआन जियान “सिआंग जियान नं. 1” (湘尖1号) बनल, गोंग जियान — “सिआंग जियान नं. 2”, शेंग जियान — “सिआंग जियान नं. 3”। एतिहासिक नाँव 1983 में बहाल भइल, लेकिन अकादमिक चीन्हा समानांतर रूप से बचल रहल।
- उत्पत्ति: चीन, हुनान प्रांत (湖南省, Húnán Shěng), इयांग शहरी जिला (益阳市, Yìyáng Shì), आनहुआ जिला (安化县, Ānhuà Xiàn)। प्रमुख उत्पादन क्षेत्र — “दू गो पहाड़, दू गो जलधारा, छह गो गुफा” (两山两溪六洞, liǎng shān liǎng xī liù dòng): युन्ताइशान (云台山, Yúntái Shān) अवुरी फुरोंगशान (芙蓉山, Fúróng Shān) पहाड़, गाओमाएर्शी (高马二溪, Gāomǎ Èr Xī) अवुरी हुआंगशाशी (黄沙溪, Huángshā Xī) जलधारा, साथ ही छह गो “गुफा” (पहाड़ी प्रकार के सूक्ष्म-घाटी)। एतिहासिक उत्पादन केंद्र — जियांगनान (江南镇), सिआओयान (小淹镇) अवुरी बाईशाशी (白沙溪) कस्बा।
- भूगोलीय निर्देशांक: लगभग 27°59′–28°38′ उत्तरी अक्षांश, 110°43′–111°59′ पूर्वी देशांतर। आनहुआ जिला सुएफेंगशान (雪峰山, Xuěfēng Shān) पर्वत श्रेणी के उत्तरी ढाल पर, ज़िशुई (资水, Zī Shuǐ) नदी के मध्य धारा में स्थित बा।
2. इतिहास अउरी सांस्कृतिक महत्व:
- आनहुआ हेइ चा के शुरुआती इतिहास। आनहुआ जिला के चाय संस्कृति तांग राजवंश (唐朝, 618–907) से जुड़ल बा। 856 में “शान्फू जिंगशौ लू” (膳夫经手录) ग्रंथ में “चूजियांग के पतला पत्तर” (渠江薄片, Qújiāng Bó Piàn) के जिक्र बा, जेकरा इतिहासकार आनहुआ चाय के शुरुआती रूप से जोड़त बाड़ें। 1391 (मिंग, होंगवू के शासन) में दरबार सालाना कोटा निर्धारित कइलस: आनहुआ से 22 जिन (लगभग 13 किलो) कोंपल वाली चाय कर के रूप में। 1524 (मिंग, जियाजिंग तीसरा बरिस) में पहिली बेर “हेइ चा” (黑茶) शब्द आनहुआ के चाय खातिर दर्ज भइल। 1595 (मिंग, वानली 23वाँ बरिस) में शाही फरमान से आनहुआ हेइ चा के उत्तर-पश्चिमी इलाकन से चाय-घोड़ा व्यापार (茶马交易, chámǎ jiāoyì) खातिर “सरकारी चाय” (官茶, guān chá) घोषित कइल गइल।
- “सान जियान” के उत्पत्ति। “जियान चा” (尖茶) श्रेणी कियानलोंग (乾隆, 1736–1795) के शासनकाल में उत्पन्न भइल, जब च्यूवो (曲沃, Qǔwò) के शानशी व्यापारी स्थानीय चाय कारखाना “जियांगनान लाओ चाहांग” (江南老茶行) के साथ मिल के नरम करिया कच्चा माल (陕引, shǎn yǐn — “शेन्शी कोटा”) के बाँस के टोकरी में हल्का-दबल चाय में बदले लगलें। शुरू में सात किसिम आवंटित रहल: या जियान (芽尖, कोंपल), बाई माओ जियान (白毛尖, “सफेद रोंआ वाली नोक”), तिआन जियान (天尖), गोंग जियान (贡尖), सिआंग जियान (乡尖), शेंग जियान (生尖), कुन जियान (捆尖)। प्राकृतिक बाजार चयन के बाद तीन मुख्य बचल: तिआन जियान, गोंग जियान अवुरी शेंग जियान, जेकरा “सान जियान चा” (三尖茶) के नाँव से एकजुट कइल गइल।
- शाही काल। 1825 (चिंग, दाओगुआंग 5वाँ बरिस) में तिआन जियान अवुरी गोंग जियान के शाही भेंट (贡品, gòngpǐn) के सूची में शामिल कइल गइल। किवदंती के अनुसार, तिआन जियान के नाँव खुद सम्राट दाओगुआंग देहले रहें, जे पूर्व लियांगजियांग गवर्नर-जनरल ताओ शू (陶澍, Táo Shù) द्वारा भेजल उपहार के ई तरह चिन्हित कइलें। खपत के कड़ा पदानुक्रम बनल: तिआन जियान (天尖 — “स्वर्गीय नोक”) सम्राट खातिर आ युचाफांग (御茶房 — शाही चाय कक्ष) में जाए; गोंग जियान (贡尖 — “भेंट के नोक”) — उच्च गणमान्य अवुरी सीमावर्ती जनजाति नेतन खातिर; शेंग जियान (生尖 — “सादा नोक”) — मझिला दर्जा के अधिकारियन खातिर। ताओ शू आनहुआ चाय के कविता में सराहलें: “才交谷雨见旗枪,安排火坑打包厢。芙蓉山顶多女伴,采得仙茶带露香” (Cái jiāo Gǔyǔ jiàn qíqiāng…) — “जइसे-जइसे गुयू आवेला — ‘झंडा-भाला’ [कोंपल] देखाई पड़ेला; भट्ठी के लगे चाय के बक्सा में रखल जाला। फुरोंगशान के चोटी पर ढेर लड़कियन — ओस के सुगंध ले के अद्भुत चाय बटोरत बाड़ीं।”
- ज़ुओ ज़ोंगतांग आ चाय नीति। ज़ुओ ज़ोंगतांग (左宗棠, Zuǒ Zōngtáng, 1812–1885), पछिला चिंग के सेनापति आ शेन्शी-गांसू के गवर्नर-जनरल, आठ साल (1840–1848) आनहुआ में रहलें आ स्थानीय चाय संस्कृति के गहिराई से आत्मसात कइलें। 1873 में उ चाय व्यापार में सुधार कइलें: “यिन” (引, लाइसेंस) के “प्याओ” (票, टिकट) से बदलल आ “दक्खिनी खंड” (南柜, nán guì) खोललें, जवन आनहुआ हेइ चा के रूस आ उत्तर-पश्चिम भेजे के बहुत सरल बना दिहलस। ई सुधार सीमावर्ती चाय आपूर्ति प्रणाली के बुनियाद बनल, जवन 20वीं सदी ले चलल।
- नवीनतम इतिहास। 1939 में आनहुआ के पैदाइशी पेंग सिआंज़े (彭先泽, Péng Xiānzé, 1902–1951), विदेशी शिक्षा वाला कृषि वैज्ञानिक, “जियांगनान लाओ चाहांग” कार्यशाला किराया पर लेके हुनान ईंट चाय कारखाना के स्थापना कइलें — आधुनिक बाईशाशी कारखाना (白沙溪茶厂, Báishāxī Cháchǎng) के पूर्वज। बाद के पूरा इतिहास में बाईशाशी “सान जियान” तकनीक के मुख्य संरक्षक रहल। 1967 में, सांस्कृतिक क्रांति के दौरान, “स्वर्गीय”, “भेंट” आ “सादा” नाँव के सामंती अवशेष मान के नंबरीकरण (सिआंग जियान नं. 1, 2, 3) से बदल दिहल गइल। 1983 में एतिहासिक नाँव बहाल भइल। 2009 में आनहुआ जिला चाय उद्योग संघ बाईशाशी के अभिलेखन के आधार पर सिआंग जियान चा खातिर उद्योग मानक बनवलस, 2010 में लागू भइल। 2016 में मानक के राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा दिहल गइल (बाईशाशी के मुख्य विकासकर्ता के रूप में अगुवाई में)। समानांतर रूप से तकनीक के गैर-भौतिक सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता मिलत रहल: 2014 में — जिला स्तर पर, 2016 — शहरी, आ 2019 में आनहुआ तिआन जियान चा के उत्पादन तकनीक हुनान के प्रांतीय गैर-भौतिक सांस्कृतिक विरासत के प्रतिनिधि परियोजनन के रजिस्टर में शामिल भइल (湖南省第四批省级非遗代表性项目名录)।
- नाँव:
- आनहुआ (安化): जिला के नाँव, शाब्दिक अरथ — “शांतिपूर्ण परिवर्तन”। पुरान नाँव — मीशान (梅山)। कहावत बा: “पहिले चाय रहे, बाद में जिला बनल” (先有茶,后建县)।
- तिआन जियान (天尖): “स्वर्गीय नोक” — शाब्दिक रूप से “सबसे ऊँच दर्जा”। चीन्हा 天 (tiān, “आकाश”) उच्चतम गुणवत्ता — सम्राट के स्तर के ओर इशारा करेला। जियान (尖) — “नोक, टिप, चोटी” — कच्चा माल के रूप में प्रयुक्त कोमल कोंपल आ ऊपरी पत्ती के आकृति के संदर्भित करेला।
- हेइ चा (黑茶): “करिया चाय” — चीनी चाय के छह बुनियादी श्रेणियन में से एक, पश्च-किण्वित चाय के एकीकृत करे वाला।
- सांस्कृतिक महत्व। तिआन जियान आनहुआ संस्कृति में खास जगह रखेला: ई अइसन चाय ह जहाँ शाही भेंट के कुलीनता आ लोक बाँस के पैकेजिंग — चीन में चाय के पात्र के सबसे पुरान बचल रूप — एक संगे मिलल बा। एतिहासिक रूप से तिआन जियान “महान चाय मार्ग” (万里茶路, Wànlǐ Chálù) पर कूटनीतिक आ व्यापारिक आदान-प्रदान के वस्तु रहे, जवन आनहुआ से हानकोउ होते क्याखता में रूसी सीमा ले जाए। आजु “सान जियान चा” आनहुआ के चाय परंपरा के प्रतीक बनल बा — एगो ही कला के तीन स्तर, “कच्चा माल — बुनियाद, कौशल — कुंजी, पुरान होखल — शिखर” (原料是基础,技术是关键,陈化是升华, yuánliào shì jīchǔ, jìshù shì guānjiàn, chénhuà shì shēnghuá) के सिद्धांत के मूर्त रूप।
3. वानस्पतिक विवरण आ कच्चा माल:
- किसिम / कल्टीवार: मुख्य कच्चा माल आनहुआ समूह किसिमन (安化群体品种, Ānhuà qúntǐ pǐnzhǒng) के पत्ती होला, सबसे पहिले युन्ताइशान दायेजोंग (云台山大叶种, Yúntáishān Dàyè Zhǒng) — बड़ा-पत्ती वाला आबादी, जेकरा 1965 में चाय झाड़ी के पहिला 21 राष्ट्रीय उत्कृष्ट किसिमन में से एक के रूप में मान्यता मिलल (नंबर GS13024-1985)। एकरा से तीन राष्ट्रीय सुधारित किसिम निकलल: झुयेची (槠叶齐, Zhūyè Qí), बाइमाओज़ाओ (白毫早, Báimáo Zǎo), सिआंगबोल्यू (湘波绿, Xiāngbō Lǜ)। युन्ताइशान दायेजोंग — बड़ा-पत्ती वाला झाड़ी (Camellia sinensis var. sinensis, जनसंख्या किसिम), बड़का, गूदेदार पत्ती से अलग (लोक कहावत: “डंठल से नाव सहारा जा सके, पत्ती में नमक लपेटल जा सके” — 梗子撑得船,叶子包得盐) आ निष्कर्षक पदार्थन के ऊँच सामग्री। तिआन जियान खातिर मुख्य रूप से झुयेची किसिम आ आनहुआ समूह के अन्य छोट-मँझिला पत्ती वाला प्रतिनिधि इस्तेमाल होलें, जे अउरी कोमल, बारीक कच्चा माल देवेलीं।
- चुनाई: चुनाई मध्य अप्रैल (गुयू — 谷雨, Gǔyǔ, “अनाज के बरखा” के मौसम के आसपास) से मई के शुरुआत ले होला। तिआन जियान खातिर सबसे जल्दी आ कोमल बसंत कच्चा माल इस्तेमाल होला, चिंगमिंग (清明, Qīngmíng) के बाद आ गुयू के दौरान चुनल जाला। बसंत के चुनाई अमीनो अम्लन के उच्चतम सांद्रता आ बारीक सुगंध सुनिश्चित करेला।
- चुनाई मानक: एक कोंपल आ दू-तीन पत्ती (一芽二三叶, yī yá èr sān yè) — पहिला वर्ग (一级, yī jí) के मानक। तिआन जियान खातिर मुख्य रूप से पहिला दर्जा के करिया माओ चा (一级黑毛茶, yī jí hēi máochá) इस्तेमाल होला जवना में थोरिके मात्रा में बढ़िया गुणवत्ता के दूसर दर्जा के माओ चा मिलावल जाला। तुलना खातिर: गोंग जियान दूसर दर्जा के माओ चा (二级) से बनेला, आ शेंग जियान — तीसरा-चउथा दर्जा से, जे अउरी मोट आ डंठलदार होला।
- कच्चा माल के आवश्यकता: पत्ती साबुत, बिना नुकसान, अच्छा कोमलता (嫩度, nèndù) वाली होखे के चाहीं। मूल रूप से आनहुआ मूल के चाय के इस्तेमाल बहुत जरूरी बा: “ई ना कहल जा सके कि बाहरी कच्चा माल से ना बनावल जा सके, लेकिन किण्वन के बाद गुणवत्ता आ स्वाद में काफी कमी आई” — ई कहावत पश्च-किण्वन के सूक्ष्मजीवी प्रक्रियन पर स्थानीय टेरुआर के अनोखा प्रभाव के बतावेला।
4. टेरुआर आ खेती के खासियत:
- उच्चावच आ स्थिति। आनहुआ जिला सुएफेंगशान (雪峰山脉, Xuěfēng Shānmài) पर्वत श्रेणी के उत्तरी ढाल पर, ज़िशुई नदी के मध्य धारा में फैलल बा। इलाका के वर्णन “आठ हिस्सा — पहाड़, आधा हिस्सा — पानी, आधा हिस्सा — खेत, एक हिस्सा — सूखा जमीन आ बस्ती” (八山半水半分田,一分旱土和庄园) सूत्र से होला। गहिर नदी घाटी आ ढेर जलधारा वाला पहाड़ी उच्चावच सूक्ष्म-जलवायु के विविधता पैदा करेला। चाय के पेड़ इहाँ मूल रूप से उपजल: “पहाड़ी चट्टानन पर आ पानी के किनारे — बिना बोवले अपने-आप उगत” (山崖水畔,不种自生, shān yá shuǐ pàn, bù zhòng zì shēng)।
- उगाई के ऊँचाई। समुद्र तल से 150 से 1400 मीटर ले। तिआन जियान खातिर सबसे नीक कच्चा माल 400–800 मीटर के ऊँचाई पर, “दू पहाड़” (युन्ताइशान, फुरोंगशान) आ “दू जलधारा” (गाओमाएर्शी) के क्षेत्रन में चुनल जाला। फुरोंगशान (1400 मीटर ले) के ऊँच पहाड़ी चाय बगीचा फूल-फल के सुगंध आ शक्तिशाली हुइगान वाला चाय देला।
- माटी। लाल-पीयर लैटेराइट माटी (红黄壤, hóng huáng rǎng) प्रधान बा, स्लेट आ अलेवरोलाइट (板页岩风化物) के नीचला चट्टानन पर बनल। pH — 4,3–6,0, जैविक पदार्थ के मात्रा — 2% से ढेर। आनहुआ के अनोखा खासियत — हिमानी टिलाइट (冰碛岩, bīngqì yán) के मौजूदगी, जवन 60–70 करोड़ साल पहिले वैश्विक “स्नोबॉल अर्थ” के दौरान बनल। आनहुआ में दुनिया के लगभग 85% हिमानी टिलाइट भंडार बा; ई चट्टान माटी के सूक्ष्म तत्वन, खासकर सेलेनियम से समृद्ध करेला। आनहुआ चाय में सेलेनियम के औसत मात्रा 0,22 ppm बा — पूरा चीन के औसत से दुगुना आ दुनिया के औसत से 7 गुना ढेर, जवना से आनहुआ हेइ चा के “सेलेनियम-समृद्ध चाय” (富硒茶, fù xī chá) कहल जाला।
- जलवायु। उपोष्णकटिबंधीय मानसूनी, चार साफ मौसम के साथ। औसत सालाना तापमान 16–17 °C, सालाना वर्षा 1600–1800 मिमी, सापेक्ष नमी ऊँच (अक्सर कुहासा)। कम समय के कड़ा ठंड आ लमहर वनस्पति मौसम (7 महीना ले) पॉलीफेनॉल आ अमीनो अम्ल के धीरे-धीरे जमा होखे खातिर आदर्श बा।
- जल संसाधन। ज़िशुई नदी आ एकर सहायक धारा घन जल-लेखा जाल बनावेलीं; साफ पहाड़ी पानी सीढ़ीनुमा चाय बगीचा के सींचेला, आ नदी घाटी के ऊँच नमी समान रूप से वृद्धि में मदद करेला।
5. उत्पादन तकनीक:
तिआन जियान के उत्पादन में लगातार दू चरण शामिल बा: करिया माओ चा (黑毛茶, hēi máochá — “प्राथमिक प्रसंस्करण”, 初制, chūzhì) बनावल आ अंतिम प्रसंस्करण (精制, jīngzhì)। प्रमुख खासियत — खुला चीड़ के आँच पर सुखावे खातिर “सात तारा भट्ठी” (七星灶, Qī Xīng Zào) के इस्तेमाल आ हाथ से दबाव के साथे खास बाँस के पैकेजिंग।
चरण I: करिया माओ चा के उत्पादन (初制):
- चुनाई (采摘, cǎi zhāi). पहिला दर्जा के पत्ती (一芽二三叶) गुयू के दौरान हाथ से चुनल जाला।
- शाचिंग — “हरियाली मारल” (杀青, shā qīng). कड़ाही में या यांत्रिक ड्रम पर उच्च तापमान भुनाई। चूँकि हेइ चा खातिर कच्चा माल हरियर चाय से बड़का होला, भुनाई से पहिले पत्ती के सतह पर कबो-कबो पानी के छिड़काव कइल जाला। मकसद — बाद के किण्वन खातिर बचल नमी के साथ एंजाइम निष्क्रिय करल।
- प्राथमिक मरोड़ (初揉, chū róu). शाचिंग के बाद गरम पत्ती के हाथ से या रोलर पर मरोड़ के लम्बर धारीदार रूप (条形, tiáo xíng) बनावल जाला आ कोशिका रस सतह पर निचोड़ल जाला। जरूरी बा कि पत्ती के गूदा नस से अलग ना होखे, ना त “पोंछा” (丝瓜瓤) दोष पैदा हो जाला।
- वोर — नम ढेरी लगावल (渥堆, wò duī). मरोड़ल पत्ती के बिना गाँठ तूरे 66–100 सेमी ऊँच ढेर में रखल जाला, गीला कपड़ा से ढंकल जाला। शर्त: कमरा के तापमान ~25 °C, नमी ≥ 85%, चाय कच्चा माल के नमी ~65%। अवधि — 18–24 घंटा। किण्वन पर्याप्त मानल जाला जब पत्ती पीयर-भूरा हो जाए, “हरियर” गंध खतम हो जाए, खमीर वाला प्रकार के मीठ सुगंध (甜酒糟香, tián jiǔzāo xiāng) आवे, आ रोशनी में देखला पर पत्ती अधपारदर्शी बाँस-हरियर लउके।
- दोहरा मरोड़ (复揉, fù róu). वोर के बाद पत्ती के हल्का-फुल्का ढीला कइल जाला आ कोशिका विनाश के मात्रा ≥ 30% ले ले जाए खातिर आकृति के संकुचित करे खातिर दोबारा मरोड़ल जाला।
- सात तारा भट्ठी पर सुखाई (七星灶松柴明火干燥, Qī Xīng Zào sōng chái míng huǒ gānzào). ई अनोखा आ सबसे जरूरी चरण ह, जवन आनहुआ हेइ चा के चरित्र निर्धारित करेला। “सात तारा भट्ठी” — ईंट के बनल ढाँचा ह जवना में झुकल तली आ सात (या ढेर) झरोखा-भट्ठी होला, सप्तऋषि तारामंडल (北斗七星) के नाँव पर रखल गइल बा। भट्ठियन में चीड़ के लकड़ी (松柴, sōng chái) खुला आँच से जरत बा; गरमी झुकल तली से उठ के बाँस के बुनल चटाई (焙摺, bèi zhé) के जालीदार फर्श के समान रूप से गरम करेला, जवना पर गीला चाय के परत लगावल जाला। फर्श के सतह पर तापमान 120–160 °C होला — ठीक एही दायरा में कैफीन गैसीकृत आ ऊर्ध्वपातित होखे शुरू हो जाला (ऊर्ध्वपातन बिंदु ~160–170 °C), जवना से तइयार चाय में एकर मात्रा काफी कम हो जाला आ शरीर पर आनहुआ हेइ चा के कोमल प्रभाव के व्याख्या करेला। चाय सात लगातार परत में रखल जाला; जब ऊपरी परत ~80% सूखल हो जाला, द्रव्यमान के पलट के अंतिम सुखाई कइल जाला। समानांतर रूप से “सुगंधन के तिगुना मिलन” (三香合一, sān xiāng hé yī) होला: चीड़ के धुआँ, बाँस के ताजगी आ अपन चाय के सुगंध — एही तरह मसहूर “चीड़-धुआँ के नोट” (松烟香, sōng yān xiāng) बनेला। एकरे अलावा, धीमा सुखाई के प्रक्रिया में चाय फ्लेविन (茶黄素) चाय भूरा रंगद्रव्य (茶褐素) में बदल जाला, सूखा पत्ती के खास करिया-तैलीय रंग के स्थायी करेला।
चरण II: अंतिम प्रसंस्करण (精制):
- छानाई आ छँटाई (筛分拣剔, shāi fēn jiǎn tī). माओ चा के छननी से छानल जाला, पंखा से हलका अंश अलग कइल जाला, हाथ से घटिया पत्ती आ बाहरी मिलावट हटावल जाला। तिआन जियान खातिर थोरिके दूसर दर्जा के साथ पहिला दर्जा के माओ चा चुनल जाला।
- उच्च तापमान भाप (高温气蒸, gāowēn qì zhēng). छँटल माओ चा के उच्च दबाव भाप से उपचारित कइल जाला। मकसद — पत्ती के नरम करल, हानिकारक सूक्ष्मजीवन के नष्ट करल, दबाव खातिर तइयार करल।
- टोकरी में भराई आ दबाई (装篓紧压, zhuāng lǒu jǐn yā). नरम चाय के बाँस के टोकरी (篾篓, miè lǒu) में भरल जाला, जेकरा एगो खास “बक्सा फ्रेम” (箱形架, xiāng xíng jià) में रखल जाला। भराई 3–5 बेर में बीच-बीच में यांत्रिक दबाव के साथ होला: फ्रेम के प्रेस में रखल जाला, दबावल जाला, निकालल जाला, अगिला हिस्सा के चाय डाल के फेर दबावल जाला।
- बाँधाई आ चिन्हांकन (捆包刷字, kǔn bāo shuā zì). दबल टोकरी के फ्रेम से निकाल के तौलल जाला, आड़ा-बेंड़ा बाँस के पट्टी से बान्हल जाला, चिन्हांकन (उत्पादन तिथि, श्रेणी, उत्पादक) लगावल जाला।
- रखाई-सुखाई (晾置, liàng zhì). पैक कइल टोकरी हवादार गोदाम में धीमा-धीमा सूखे आ प्राकृतिक पश्च-किण्वन शुरू होखे खातिर रखल जाला।
पारंपरिक पैकेजिंग। तिआन जियान के पैकेजिंग तीन-परत वाली होला: भीतरी परत ज़ोंगये (粽叶, zòng yè — बाँस के पत्ती), बीच के ज़ोंगल्यू (棕叶, zōng yè — ताड़ के पत्ती), बाहरी — बाँस के बुनल टोकरी (篾篓)। अइसन ढाँचा हवा के आवाजाही देला, जवन पश्च-किण्वन जारी राखे खातिर जरूरी बा, आ साथे-साथ बाहरी गंध से बचाव करेला। एतिहासिक आकार — 50–100 जिन (25–50 किलो) प्रति टोकरी; आधुनिक आकार — 5, 2, 1 किलो आ 500 ग्राम। सान जियान के बाँस के टोकरी दुनिया में चाय पैकेजिंग के सबसे पुरान बचल रूप मानल जाला।
6. ऑर्गेनोलेप्टिक विशेषता:
- सूखा पत्ती के बाहरी रूप (外形, wàixíng). तंग, कस के मरोड़ल लम्बर धारीदार (条索紧结, tiáo suǒ jǐn jié), अपेक्षाकृत सीधा, अच्छा कोमलता के साथ। रंग — करिया, तैलीय-चमकदार (乌黑油润, wū hēi yóu rùn), बढ़िया गुणवत्ता वाला लॉट में सुनहरा रोआँ धियान देवे जोग।
- सूखा पत्ती के सुगंध। साफ, गहिर, सुघ्घर चीड़-धुआँ के नोट (松烟香, sōng yān xiāng) के साथ। ताजा (1–3 साल) चाय में धुआँ के प्रधानता होला; पुरान होखे पर इ नरम हो जाला आ लकड़ी, शहद आ सूखा फल के स्वर के जगह देला।
- अर्क के सुगंध (香气, xiāngqì). साफ आ सामंजस्यपूर्ण (醇和, chún hé), चीड़ के धुआँ के प्रधानता के साथ। उमिर के साथ शहद, अखरोट, सूखा आलूबुखारा, मसाला के नोट से समृद्ध हो जाला।
- अर्क के रंग (汤色, tāng sè). संतरी-पीयर (橙黄, chéng huáng), साफ आ पारदर्शी। पुरान होखे पर संतरी-लाल (橙红带艳, chéng hóng dài yàn) ले गहिर हो जाला, शुद्धता बनल रहेला। काँच के गिलास में पुरान रेड वाइन के याद दिलावेला।
- स्वाद (滋味, zīwèi). भरपूर आ गाढ़ (醇厚, chún hòu), खास मिठास (甘润, gān rùn) आ सुखद चिकनाई (爽滑, shuǎng huá) के साथ। हुइगान (回甘, huí gān — वापसी के मिठास) साफ महसूस होला, गला से उठत। पहिला बहाव धुआँ आ लकड़ी के नोट जाहिर करेला; 3–4वाँ बहाव से शहद, अखरोट आ फल के रंग खुलत बा। चाय बहुत टिकाऊ होला: 10–15 पूरा बहाव।
- चाय के तली (叶底, yè dǐ). पीयर-भूरा (黄褐, huáng hè), अपेक्षाकृत कोमल आ एकसमान (尚嫩匀, shàng nèn yún)। पत्ती फइल के साबुतपन आ लचक देखावेला — कच्चा माल के गुणवत्ता आ प्रसंस्करण के सफाई के सूचक।
7. रासायनिक संरचना:
तिआन जियान, सब आनहुआ हेइ चा नियर, दोहरा किण्वन से गुजरेला: माओ चा उत्पादन में प्राथमिक वोर आ भंडारण में लमहर प्राकृतिक पश्च-किण्वन। इ एकर रासायनिक प्रोफाइल के काफी बदल देला।
- चाय पॉलीफेनॉल (茶多酚). वोर आ पश्च-किण्वन के दौरान कैटेचिन ऑक्सीकृत आ बहुलकित होके थियाफ्लेविन (茶黄素), थियारुबिगिन (茶红素) आ थियाब्राउनिन (茶褐素) बनावेलें। तइयार तिआन जियान में पॉलीफेनॉल के कुल मात्रा हरियर चाय के तुलना में कम होला, जवन स्वाद के कोमलता आ साफ कड़वाहट के अनुपस्थिति के व्याख्या करेला।
- चाय पॉलिसैकेराइड (茶多糖). हेइ चा, खासकर पक्का कच्चा माल से, पानी में घुलनशील पॉलिसैकेराइड के काफी मात्रा रखेला, जवना के, चिकित्सकीय शोध के अनुसार, कार्बोहाइड्रेट चयापचय के नियमन आ रक्त ग्लूकोज स्तर में कमी से जोड़ल जाला।
- कैफीन (咖啡碱). सात तारा भट्ठी पर 120–160 °C पर परंपरागत सुखाई से कैफीन के आंशिक ऊर्ध्वपातन होला (सुखाई कमरा के छत पर सफेद जमाव — ऊर्ध्वपातित कैफीन के क्रिस्टल)। परिणामस्वरूप तिआन जियान में कैफीन के मात्रा हरियर या लाल चाय से काफी कम होला, आ पेय नींद के गुणवत्ता पर कम प्रभाव डालेला।
- अमीनो अम्ल। पहिला दर्जा के कोमल बसंत कच्चा माल के इस्तेमाल के कारण, तिआन जियान में (हेइ चा खातिर) अमीनो अम्ल के बढ़ल हिस्सा होला, एल-थियानिन समेत, जवन खास “मीठ ताजगी” (甘润) के कारण बनेला।
- खनिज पदार्थ। पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फ्लोरीन, जस्ता, लोहा। खासकर सेलेनियम (Se) के मात्रा ऊँच — 3,8–6,4 मिलीग्राम/किलो ले, जवन माटी बनावे वाली चट्टानन के हिमानी टिलाइट से जुड़ल बा।
- अस्थिर तेल आ सुगंधित यौगिक। चीड़ के धुआँ टरपीन आ फिनोल यौगिक (गुआयाकोल, 4-मिथाइलगुआयाकोल) ले आवेला, जवन “धुआँ के नोट” बनावेला। पश्च-किण्वन प्रक्रिया मेथोक्सीफिनोल, लैक्टोन आ फ्यूरान डेरिवेटिव उत्पन्न करेला, जवन सुगंध के लकड़ी, अखरोट आ शहद के रंगन खातिर जिम्मेदार होला।
- विटामिन। समूह B, C, E, K। विटामिन C के मात्रा हरियर चाय से कम होला, लेकिन एंटीऑक्सीडेंट के स्थिर रूप (थियाब्राउनिन) एकर भरपाई कर देला।
8. फायदेमंद गुण:
आनहुआ हेइ चा, आ खासतौर पर तिआन जियान, परंपरागत रूप से उत्तर-पश्चिम चीन के लोग मांस आ दूध पर आधारित आहार में विटामिन आ सूक्ष्म तत्वन के जीवन-रक्षक स्रोत के रूप में मूल्यवान मानत रहे। आधुनिक शोध (एकेडेमिशियन लियू झोंगहुआ — 刘仲华, Liú Zhònghuá, हुनान कृषि विश्वविद्यालय के प्रयोगशाला में कइल गइल) कई कार्यात्मक गुणन के पुष्टि करेला:
- वसा चयापचय के नियमन। हेइ चा के पॉलीफेनॉल आ पॉलिसैकेराइड वसा के विघटन आ कोलेस्ट्रॉल स्तर के कम करे में मदद करेला। परंपरागत सूत्र: “चिकनाई पचावे, फुलावट हटावे में मदद करेला” (消食去腻, xiāo shí qù nì)। उत्तर-पश्चिम के खानाबदोश हेइ चा के “जीवन के चाय” ठीक भारी मांसाहार के परिणामन के क्षतिपूर्ति के क्षमता खातिर कहत रहे।
- पाचन सहायता। वोर आ बाद के पश्च-किण्वन में बने वाला माइक्रोबायोटा में दुग्ध अम्ल जीवाणु आ खमीर शामिल होला, जवन जठरांत्र क्रिया खातिर अनुकूल एंजाइम उत्पन्न करेला।
- एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि। थियाब्राउनिन आ अउरी ऑक्सीकृत पॉलीफेनॉल स्थिर एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि देखावेला।
- कार्बोहाइड्रेट चयापचय पर असर। चाय पॉलिसैकेराइड, कई शोधन के अनुसार, रक्त ग्लूकोज स्तर के नियमन में योगदान दे सकेला।
- रक्तचाप कम करे वाला असर। नियमित सेवन पर रक्तचाप में मध्यम कमी दर्ज भइल बा।
- तंत्रिका तंत्र पर कोमल प्रभाव। कम कैफीन सामग्री तिआन जियान के शाम के चाय पीये खातिर उपयुक्त बनावेला। एल-थियानिन बिना उत्तेजना के शांत एकाग्रता देवेला।
नोट: फायदेमंद गुणन के जानकारी सूचनात्मक ह आ चिकित्सकीय सलाह के जगह ना लेत।
9. पकावे के तरीका:
तिआन जियान बहाव विधि (功夫泡法, gōngfū pào fǎ) आ उबाल के (煮茶, zhǔ chá) दुन्नो तरह से नीक लागेला, आ दूध वाली चाय (奶茶, nǎi chá) बनावे खातिर बढ़िया उपयुक्त बा।
- पानी: नरम, शुद्ध; तापमान 100 °C (खदबदात उबलल)।
- चाय के मात्रा: 150–200 मिली पानी पर 5–7 ग्राम (बहाव विधि)। उबाल या बड़का केतली में पकावे खातिर — 500 मिली पर 3–5 ग्राम।
- बर्तन: इशिंग माटी के केतली (紫砂壶, zǐshā hú) — आदर्श चुनाव: माटी ऊँच तापमान बनवले राखेला आ धुआँ के नोट “सोख” के अर्क के निखारेला। गाइवान, चीनी माटी या काँच के केतली भी उपयुक्त बा। उबाले खातिर — काँच या सिरेमिक के जग।
- पकावे के प्रक्रिया (बहाव से):
- बर्तन के उबलल पानी से गरम करीं।
- चाय डालीं, एक झटपट बहाव (3–5 सेकंड) से धो के फेंक दीं। ई कदम अनिवार्य बा: धूर हटावेला आ पत्ती के “जगावेला”।
- पहिला काम के बहाव: 10–15 सेकंड। पहिला 2–3 बहाव में तेज धुआँ के चरित्र हो सकेला; अगर नरम स्वाद पसंद बा त समय कम करीं।
- बाद के बहाव: धीरे-धीरे समय 5–15 सेकंड बढ़ाईं। तिआन जियान 10–15 पूरा बहाव झेल सकेला।
- 5–7वाँ बहाव पर शहद-फल के प्रोफाइल खुलेला, धुआँपन पीछे हट जाला।
- उबाल (煮茶). 800–1000 मिली पानी में 5–7 ग्राम चाय डालीं, उबाल आवे दीं, आँच धीमा करीं आ 3–5 मिनट धीमी आँच पर पकावीं। उबालल तिआन जियान खास तैलीय बनावट, गहिर स्वाद आ लपेट लेवे वाला गरमाहट हासिल करेला। ठंडा मौसम खातिर आदर्श।
- दूध के साथ। तेज अर्क बनाईं (300 मिली पानी पर 10 ग्राम, 5 मिनट उबाल), गरम दूध 1 : 1 के अनुपात में मिलाईं। उत्तर-पश्चिम के लोगन के पारंपरिक उपभोग तरीका।
10. भंडारण:
तिआन जियान — अइसन चाय जवन सालन-साल निखरत जाला। सही भंडारण से एकर स्वाद जवान चाय के चमकीला “धुआँपन” से पक्का के गहिर शहद-अखरोट आ कपूर के स्वर ले विकसित होला। न्यूनतम अनुशंसित पुरान होखे के समय — 3 साल; 5–7 साल बाद चाय “पहिला परिपक्वता” पर पहुँच जाला।
- तापमान: 20–30 °C; तेज उतार-चढ़ाव से बचीं।
- नमी: 40–60%; मध्यम — फफूंदी के खतरा बिना सूक्ष्मजीवी गतिविधि बनवले राखे खातिर।
- हवादारी: कमरा हवादार होखे के चाहीं। पॉलीथीन बैग, पन्नी, चर्मपत्र — कवनो हवाबंद पैकेजिंग के इस्तेमाल सख्त मना बा। मूल बाँस के टोकरी — सबसे नीक पात्र, चाय के “साँस” देवे वाला।
- रोशनी से बचाव: सीधा धूप अवांछित प्रकाश-रासायनिक प्रतिक्रिया पैदा करेला।
- गंध से अलगाव: चाय तेजी से सुगंध सोख लेला। मसाला, कॉफी, इत्र, घरेलू रसायन से अलग राखीं, रसोई आ ताजा मरम्मत वाला कमरा से दूर।
- फ्रिज में मनाही। तिआन जियान फ्रिज में रखे लायक ना ह — कम तापमान फायदेमंद माइक्रोबायोटा के दबा देला आ परिपक्वता प्रक्रिया रोक देला।
- पात्र (मूल पैकेजिंग खोलला पर)। ढीला ढक्कन वाला सिरेमिक या माटी के बर्तन, प्राकृतिक सामग्री के कपड़ा या कागज के थैला।
11. कीमत आ नकली:
- कीमत के दायरा। तिआन जियान बीच के जगह लेले: बड़े पैमाना के “ईंट” (हेइ झुआंग, फू झुआंग) से महँग, लेकिन बढ़िया पुरान नमूना से सस्ता। प्रतिष्ठित कारखानन (बाईशाशी, झोंगचा आनहुआ) से जवान तिआन जियान (1–3 साल) — 500 से 2000 युआन प्रति किलो। पुरान (10+ साल) — काफी महँग, विंटेज लॉट के कीमत 5000–10000 युआन प्रति किलो से ढेर हो सकेला। छोट आकार (500 ग्राम, 1 किलो) खुदरा बिक्री खातिर लोकप्रिय बाड़ें।
- गुणवत्ता के चीन्हा: “आनहुआ हेइ चा भौगोलिक संकेत” (安化黑茶地理标志) के चीन्हा, मानक GB/T 22291 के अनुरूप प्रमाणन, माओ चा श्रेणी के उल्लेख (一级), तिथि आ उत्पादन स्थान।
- सामान्य नकली आ मिलावट:
- कच्चा माल के बदली। सस्ता बाहरी (गैर-आनहुआ) माओ चा के इस्तेमाल। अइसन चाय स्थानीय माइक्रोफ्लोरा के अनुपस्थिति के कारण खराब किण्वित होला; स्वाद गरीब, कम जटिल।
- श्रेणी बढ़ा के बतावल। तिआन जियान के लेबल पर गोंग जियान या शेंग जियान बेचल। अंतर — पत्ती के मोटापन, डंठल के मौजूदगी, चाय के तली के कम साफ कोमलता।
- कृत्रिम “पुरान करल”। नम स्थिति में तेज पुरान करके प्राकृतिक रूप से पुरान बता के बेचल। पहिचान — बासी गंध, धुँधला अर्क, “बिखरत” चाय के तली।
- धुआँपन के अनुपस्थिति। परंपरागत सात तारा भट्ठी के जगह बिजली सुखाई। अइसन चाय में चीड़-धुआँ के सुगंध ना होला आ पुरान होखे पर खराब रूपांतरित होला।
- सिफारिश: प्रमाणित डीलर से खरीदीं, भौगोलिक चीन्हा आ चिन्हांकन के जाँच करीं, चाय के तली के मूल्यांकन करीं (कोमल, साबुत, डंठल के बहुलता बिना होखे के चाहीं)।
12. रोचक तथ्य:
- दुनिया के सबसे पुरान पैकेजिंग। “सान जियान” के बाँस के टोकरी चाय पात्र के लगातार इस्तेमाल होखे वाला सबसे पुरान रूप मानल जाला। इ कागज के लपेटन से भी पहिले के बा।
- प्याला में सामंती पदानुक्रम। “तिआन — गोंग — शेंग” (स्वर्ग — भेंट — सादा) प्रणाली — दुर्लभ उदाहरण जब सामाजिक स्तरीकरण सचमुच सेवन कइल जाए वाली चाय के श्रेणी में तय रहे।
- पेंग सिआंज़े — “करिया चाय के पिता”। आनहुआ के ई पैदाइशी ना खाली पहिला औद्योगिक कारखाना के स्थापना कइलें, बलुक “आनहुआ हेइ चा” (《安化黑茶》) नाँव के मौलिक ग्रंथ भी लिखलें, जवन करिया चाय के इतिहास आ तकनीक के प्रमुख स्रोत बनल।
- सात तारा भट्ठी के तिगुना सुगंध। आनहुआ के कारीगर कहत बाड़ें कि सबसे नीक हेइ चा “तीन सुगंधन के मिलन” से जनमेला: चीड़ के धुआँ, बाँस के बुनाई के ताजगी आ चाय पत्ती के अपन आत्मा।
- बिना अनिद्रा के चाय। सात तारा भट्ठी पर कैफीन के आंशिक ऊर्ध्वपातन के कारण तिआन जियान परंपरागत रूप से अइसन चाय मानल जाला जेकरा सोए से पहिले पीयल जा सके — चीनी चायन में अनोखा गुण।
- कैफीन के पाला। पुरान सुखाई कार्यशालन में सात तारा भट्ठी के ऊपर छत के शहतीर पर सफेद क्रिस्टलीय जमाव पावल जाला — इ ऊर्ध्वपातित कैफीन ह जवन ठंडा होखे पर जम गइल। ई घटना प्रयोगशाला में पुष्ट बा: 120 °C पर कैफीन गैसीकृत होखे शुरू हो जाला, 160–170 °C पर — सक्रिय रूप से ऊर्ध्वपातित।
- “आनहुआ के पहाड़ आ पानी”। जिला अनोखा भूगर्भीय अवशेष केंद्रित करेला — 60–70 करोड़ साल पुरान हिमानी टिलाइट के दुनिया के 85% भंडार। ई चट्टान ना खाली माटी के सेलेनियम आ सूक्ष्म तत्वन से समृद्ध करेला, बलुक सुरम्य परिदृश्य भी बनावेला, चाय पर्यटकन के आकर्षित करेला।
- यूनेस्को आ आनहुआ हेइ चा। नवंबर 2022 में चियानलियांग चा आ फू झुआंग चा (आनहुआ हेइ चा के तिआन जियान से संबंधित रूप) के पारंपरिक उत्पादन तकनीक के यूनेस्को के मानवता के गैर-भौतिक सांस्कृतिक विरासत के प्रतिनिधि सूची में शामिल कइल गइल।
13. अन्य किसिमन से तुलना:
| विशेषता | तिआन जियान (天尖) | गोंग जियान (贡尖) | शेंग जियान (生尖) | फू झुआंग (茯砖) | चियानलियांग चा (千两茶) |
|---|---|---|---|---|---|
| माओ चा श्रेणी | पहिला वर्ग (कोमल कच्चा माल) | दूसर वर्ग | 3–4 वर्ग (मोट) | 2–3 वर्ग | 2–3 वर्ग |
| आकार | बाँस के टोकरी में ढीढ़ | टोकरी में ढीढ़ | टोकरी में ढीढ़ | दबल ईंट | बेलनाकार पुलिंदा |
| मुख्य नोट | चीड़ के धुआँ + मिठास | धुआँ + हल्का कसैलापन | धुआँ + साफ कसैलापन | खुमी के सुगंध (金花) | धुआँ + “माटी" |
| "सुनहरा फूल” | कबो-कबो | ना | ना | अनिवार्य (冠突散囊菌) | संभव |
| अर्क के रंग | संतरी-पीयर | संतरी-पीयर, थोरिका गहिर | पीयर-गहिर | संतरी-पीयर/लाल | संतरी-लाल |
अन्य क्षेत्रन के चाय से तुलना:
- ल्यू बाओ चा (六堡茶, Liù Bǎo Chá), गुआंगशी। दुन्नो — लमहर पुरान होखे वाला हेइ चा ह, लेकिन ल्यू बाओ गुआंगशी के उपोष्णकटिबंधीय स्थिति में नम ढेरी से गुजरेला, “माटीदार” आ “अखरोट पान” के प्रोफाइल विकसित करेला। तिआन जियान — सूखा, धुआँ में चमकदार, मिठास में अउरी सुरुचिपूर्ण।
- शू पुएर (熟普洱, Shú Pǔ’ěr), युन्नान। शू पुएर तेज गहन किण्वन (वो डुई) से गुजरेला, “माटीदार”, “खुमीदार” चरित्र देला। तिआन जियान नरम किण्वित होला: प्राथमिक वोर छोट (18–24 घंटा बनाम शू के 45–60 दिन), मुख्य रूपांतरण — भंडारण में। तिआन जियान के स्वाद शू पुएर से अउरी “लकड़ी-मसालेदार” आ “धुआँदार” होला।
- आनचा (安茶, Ānchá), चिमेन। पड़ोसी अनहुई प्रांत के आनचा भी बाँस के पात्र में पुरान होला, लेकिन एकदम अलग तकनीक इस्तेमाल करेला: “दिन के धूप — रात के ओस” (日晒夜露)। तिआन जियान में वोर आ चीड़-धुआँ सुखाई के मौजूदगी एकरा अलग करेला, जवन अउरी गाढ़, “सुलगल” चरित्र देला।
समापन में:
आनहुआ तिआन जियान हेइ चा — इ अइसन चाय ह जवना में हुनान के चाय परंपरा के पूरा गहिराई समाहित बा: युन्ताइशान के प्राचीन पहाड़ी बगीचा से ले के सात तारा भट्ठी के टिमटिमात ताप ले, शाही कक्ष से ले के साधारण व्यापारियन के बाँस के टोकरी ले। एकर चरित्र — विपरीतन के सामंजस्य ह: प्रबल चीड़-धुआँ के नोट पहिला दर्जा के कच्चा माल के कोमल मिठास से संतुलित बा, आ सामंती पदानुक्रम के कठोरता लोक शिल्प के गरमाहट से नरम भइल बा। तिआन जियान उ लोग खातिर उपयुक्त बा जे चाय में खाली पेय ना, बलुक समय के यात्रा खोजत बाड़ें — चमकीला, लगभग क्रूर जवानी से शांतिपूर्ण बुद्धिमानी के पुरान बरिस ले।
ई चाय चिंतनशील शांति के दुर्लभ अनुभव देवेला: एकरा देर रात पीयल जा सके, अनिद्रा के डर बिना; लमहर जाड़ा के शाम उबालल जा सके, घर के पहाड़ी जंगलन के सुगंध से भरत; या बहाव-बहाव पकावल जा सके, देखत कि कइसे हर बहाव के साथ स्वाद के फलक खुलेला — कैम्प फायर के धुआँ से शहद के छत्ता आ पक्का आलूबुखारा ले। तिआन जियान के हर प्याला में — “तीन सुगंधन के तिगुना मिलन” के गूँज आ महान चाय मार्ग के सदियन पुरान इतिहास बा, जहाँ ई चाय खाली माल ना रहे, बलुक संस्कृतियन आ लोगन के बीच जोड़े वाला धागा।